
Rama Devi Sahu
203 days ago
🙏राम राम जी 🙏 *तीन बातें* ~~~~~~~ सुदूर दक्षिण में किसी प्रतापी राजा का राज्य था। राजा के तीन पुत्र थे, *एक दिन राजा के मन में आया कि पुत्रों को कुछ ऐसी शिक्षा दी जाये कि समय आने पर वो राज-काज सम्भाल सकें।* इसी विचार के साथ राजा ने सभी पुत्रों को दरबार में बुलाया और बोला, *"पुत्रों, हमारे राज्य में नाशपाती का कोई वृक्ष नहीं है, मैं चाहता हूँ तुम सब चार-चार महीने के अंतराल पर इस वृक्ष की तलाश में जाओ और पता लगाओ कि वो कैसा होता है ?"* राजा की आज्ञा पाकर तीनों पुत्र बारी-बारी से गए और वापस लौट आये। सभी पुत्रों के लौट आने पर राजा ने पुनः सभी को दरबार में बुलाया और उस पेड़ के बारे में बताने को कहा। *पहला पुत्र बोला, पिताजी वह पेड़ तो बिलकुल टेढ़ा-मेढ़ा, और सूखा हुआ था।* *_नहीं-नहीं वो तो बिलकुल हरा-भरा था, लेकिन शायद उसमें कुछ कमी थी क्योंकि उस पर एक भी फल नहीं लगा था। दूसरे पुत्र ने_* पहले को बीच में ही रोकते हुए कहा। फिर तीसरा पुत्र बोला, *भैया, लगता है आप भी कोई गलत पेड़ देख आये क्योंकि मैंने सचमुच नाशपाती का पेड़ देखा, वो बहुत ही शानदार था और फलों से लदा पड़ा था।* और तीनों पुत्र अपनी-अपनी बात को लेकर आपस में विवाद करने लगे। तभी राजा अपने सिंहासन से उठे और बोले, "पुत्रों, तुम्हे आपस में बहस करने की कोई आवश्यकता नहीं है, *दरअसल तुम तीनो ही वृक्ष का सही वर्णन कर रहे हो। मैंने जानबूझ कर तुम्हे अलग-अलग मौसम में वृक्ष खोजने भेजा था और तुमने जो देखा वो उस मौसम के अनुसार था।"* मैं चाहता हूँ कि इस अनुभव के आधार पर तुम तीन बातों को गाँठ बाँध लो... _पहली बात_ *किसी चीज के बारे में सही और पूर्ण जानकारी चाहिए तो तुम्हे उसे लम्बे समय तक देखना- परखना चाहिए। फिर चाहे वो कोई व्यवसाय, विषय, वस्तु हो या फिर कोई व्यक्ति ही क्यों न हो।* _दूसरी_ हर मौसम एक सा नहीं होता, *जिस प्रकार वृक्ष मौसम के अनुसार सूखता, हरा-भरा या फलों से लदा रहता है उसी प्रकार ब्यवसाय तथा मनुष्य के जीवन में भी उतार चढाव आते रहते हैं, अतः अगर तुम कभी भी बुरे दौर से गुजर रहे हो तो अपनी हिम्मत और धैर्य बनाये रखो, समय अवश्य बदलता है।* और _तीसरी बात_ *अपनी बात को ही सही मान कर उस पर अड़े मत रहो, अपना दिमाग खोलो, और दूसरों के विचारों को भी जानो।* दोस्तों, *यह संसार ज्ञान से भरा पड़ा है, चाह कर भी तुम अकेले सारा ज्ञान अर्जित नहीं कर सकते, इसलिए भ्रम की स्थिति में किसी ज्ञानी व्यक्ति से सलाह लेने में संकोच मत करो।*

Comments (4)

Rama Devi Sahu
Feb 9, 2026
Ji Namaste 🙏 Shubha Somavar ki Subha Kamanayen ke Sath Suprabhat Jii 🙏🌿🌿 Om Namah Shivay 🙏🌿

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 8, 2026
🙏 ji namaste bacha sab se bada uttar to khamoshi Hai 🙏🏻 dhanyawad deta hu aapko waje se brain ka excercise hota hai aapka post itna sundar mature hai

Rama Devi Sahu
Feb 8, 2026
Ji Namaste 🙏, Sahi Kaha hai... Mai kya Uttar du... mujhe tho itna Gyan malum nhi...😂

Srikumar महाराज🇮🇳☸️
Feb 8, 2026
बुद्धि की अहमियत: चार ब्राह्मण बालकों की कहानी, जो यह सिखाती है कि केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है; जीवन में व्यवहारिक बुद्धि का होना अत्यंत आवश्यक है। ज्ञान की कीमत: एक ज्ञानी की कहानी, जहाँ यह समझाया गया है कि सही ज्ञान का महत्व उसकी कीमत से कहीं अधिक होता है। अभिमान का अंत: चार करदम नरक की कथा, जो यह सिखाती है कि ज्ञानी होने का अभिमान करने वाले को अंत में नुकसान ही उठाना पड़ता है। उपदेश का पात्र: एक बंदर और गौरैया की कहानी, जो बताती है कि उपदेश हमेशा सही पात्र को ही दिया जाना चाहिए। ये कहानियाँ न केवल मनोरंजन करती हैं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से लड़ने का आत्मबल भी प्रदान करती हैं। 🙏
