
Rakesh Kumar
26 days ago
🙏🙏🙏🙏🙏
Comments (14)

Saumya Sharma
Aug 17, 2026
ॐ नमः शिवाय 🙏🌹🙏 ॐ त्र्यंबकं यजामहि सुगंधि पुष्टि वर्धनम, उर्वारुक्मिवबंधना मृत्योर्मुक्षीयमामृताम 🙏🌹☺️ बाबा भोलेनाथ की कृपा से आपकी हर इच्छा पूरी हो 🙏 इसी शुभकामना के साथ शुभ रात्रि विश्राम भाई जी 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Aug 15, 2026
स्वतंत्रता दिवस की आपको हार्दिक शुभकामनाएं भाई जी 🙏🌹🇮🇳🌹🇮🇳🌹🇮🇳🌹🇮🇳

Saumya Sharma
Aug 15, 2026
जय श्री राम 🙏 जय बजरंगबली 🙏 जय शनिदेव 🙏 ठाकुर जी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे 🙏 इसी शुभकामना के साथ शुभ रात्रि विश्राम भाई जी 🙏🌹☺️

Rama Devi Sahu
Aug 8, 2026
. *‘ॐ नमः शिवाय’ मन्त्र की महिमा* *[दाशार्ह राजा की कथा]* मथुरा-नगर में दाशार्ह नामक एक यदुवंशी राजा राज करता था। वह बड़ा ही गुणवान्, उदार और शूर था। उसके राज्य में प्रजाजन बहुत ही सुख-शान्ति से रहते थे। पड़ोस के राजा उसका लोहा मानते थे। राजा की स्त्री भी अत्यन्त रूपवती और परम पतिव्रता थी। उसका नाम कलावती था। एक दिन राजा सकाम भाव से अपनी रानी के पास रंगमहल में गया। रानी उस दिन व्रत करके शिव की उपासना में रत थी। उसने राजा को अपने पास आने से मना किया; क्योंकि शास्त्र का आदेश है कि व्रतस्थ स्त्री का संग नहीं करना चाहिये। परन्तु राजा ने न माना, वह रानी का आलिंगन करने के लिये आगे बढ़ा, किन्तु जैसे ही रानी के समीप पहुँचा, उसके (रानी के) शरीर के ताप से वह जलने लगा। तब उसने चकित होकर इस ताप का कारण पूछा ! रानी ने उत्तर दिया–‘महाराज! मैंने शिव-मन्त्र की दीक्षा ली है, उसी के जप की यह महिमा है कि कोई भी मनुष्य मुझे व्रत से च्युत नहीं कर सकता। आप भी चाहें तो गर्ग-मुनि से इस मन्त्र की दीक्षा ले अपने को निष्पाप और सुरक्षित बना सकते हैं।’ कलावती के मुख से इस बात को सुनते ही राजा बहुत प्रसन्न हुआ और गर्ग-मुनि के आश्रम में पहुँचा। मुनि को साष्टांग प्रणामकर राजा ने शिव-षडक्षरी मन्त्र के उपदेश के लिये उनसे प्रार्थना की। मुनि ने राजा को यमुना में स्नान करवाकर शिव की षोडशोपचार पूजा करवायी। तत्पश्चात् राजा ने मुनि का दिव्य रत्नों से अभिषेक किया। तदुपरान्त मुनि ने अपना वरद हस्त राजा के मस्तक पर रखा और उसे षडक्षरी मन्त्र का उपदेश दिया। मन्त्र के कान में पड़ते ही राजा के हृदयाकाश में ज्ञान-सूर्य का उदय हुआ और उनका अज्ञानान्धकार नष्ट हो गया। उस मन्त्र का ऐसा विलक्षण प्रभाव दिखलायी दिया कि क्षण भर में राजा के सारे पाप उसके शरीर से कौओं के रूप में बाहर निकल पड़े। उनमें से कितनों के पंख जले हुए थे और कितने तड़फड़ाकर जमीन पर गिरते जाते थे। जिस प्रकार दावाग्नि से कण्टक-वन दग्ध हो जाता है, वैसे ही पापरूप कौओं के भस्मीभूत होने से राजा को महान् आश्चर्य हुआ। उसने गर्ग-मुनि से पूछा कि ‘एकाएक मेरा शरीर ऐसा दिव्य कैसे हो गया ?’ मुनि बोले–‘वे जो कौए तुम्हारे देह से निकले हैं, वे जन्म-जन्मान्तर के पाप हैं।’ राजा ने शिव-मन्त्र के उपदेश के द्वारा निष्पाप बनाने वाले उन परमगुरु गर्ग मुनि को बारम्बार प्रणामकर उनसे विदा माँग अपने घर को प्रस्थान किया। ~~~०~~~ 🔱🙏“ॐ नमः शिवाय्” 🙏🔱

Saumya Sharma
Aug 8, 2026
शिव शंभू को जिसने पूजा,उसका ही उद्धार हुआ 🙏, जो भी शरण में आया इनके, उसका बेड़ा पार हुआ 🙏, हर हर महादेव 🙏 जय शिव शक्ति 🙏 बाबा भोलेनाथ और मां आदिशक्ति भवानी जी की कृपा आप पर सदैव ही बनी रहे 🙏 आप सदैव स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और अपनों के साथ हँसते मुस्कुराते रहें ☺️ इसी शुभकामना के साथ शुभ संध्या वंदन भाई जी 🙏🌹☺️

Rama Devi Sahu
Aug 6, 2026
🙏🔱 Om Shree Parvati Pataye Namah 🙏🔱 Har Har Mahadev 🔱🙏

Saumya Sharma
Aug 4, 2026
हर हर महादेव 🙏 जय शिव शक्ति 🙏 बाबा भोलेनाथ और मां आदिशक्ति भवानी जी की कृपा से आप सदैव स्वस्थ और खुशहाल रहें 🙏 शुभ रात्रि विश्राम भाई जी 🙏🌹☺️

My Mandir good by
Aug 1, 2026
har har Mahadev radhe radhe 🙏
