
Rama Devi Sahu
46 days ago
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे 🙏 🗓️ आषाढ़ गुप्त नवरात्रि आरंभ: 15 जुलाई 2026, बुधवार 🗓️ घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 06:12 से 10:29 बजे तक 🗓️ 23 जुलाई - नवरात्रि व्रत का पारण आषाढ़ गुप्त नवरात्रि माँ भगवती की गहन और शांत साधना का पावन समय है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह यह भी शक्ति आराधना से जुड़ी है, लेकिन इसका भाव अधिक अंतर्मुखी, संयमित और साधना-प्रधान माना जाता है। देवी भागवत के अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्र आते हैं और जिस प्रकार नवरात्रि में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है, ठीक उसी प्रकार गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। इस वर्ष चतुर्थी तिथि का क्षय और नवमी तिथि की वृद्धि हो रही है, इसी कारण तीसरा और चौथा नवरात्र एक ही दिन मनाया जाएगा। जिससे नवरात्रि की अवधि आठ दिनों की रह जाएगी। हालांकि नवमी तिथि की वृद्धि के कारण 23 जुलाई को विधि-विधान से व्रत का पारण किया जाएगा। गुप्त नवरात्र में मां काली, तारादेवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी माता, छिन्न माता, त्रिपुर भैरवी मां, धुमावती माता, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी का पूजन करते हैं।

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