
बद्रीप्रसादअसाटी
291 days ago
*ब्राम्हण ही क्यों* ? ************** रावण को सीता का हरण करना था, उसने वेष बनाया ब्राह्मण का। "हनुमानजी को राम का भेद लेना था, उन्होंने वेष बनाया ब्राह्मण का।" "कालनेमी ने हनुमान जी को उनके मार्ग से भटकाने की कोशिश की, उसने वेष बनाया ब्राह्मण का।" "कर्ण को परशुराम जी से धनुर्वेद का ज्ञान लेना था, वेश बनाया ब्राह्मण का।" "श्रीकृष्ण को कर्ण को छलना था, वेश बनाया ब्राह्मण का।" "श्रीकृष्ण सहित भीमादि पांडवों को छल से जरासंध का वध करना था, वेश बनाया ब्राह्मण का।" "वरुण को राजा हरिश्चंद्र की परीक्षा लेनी थी, वेश बनाया ब्राह्मण का।" "विश्वामित्र को राजा हरिश्चंद्र को छलना था , वेश बनाया ब्राह्मण का।" "विष्णु को राजा बलि को छलना था, वेश बनाया ब्राह्मण का।" "अश्विनी कुमारों को च्यवन ऋषि की पत्नी सत्यवती की परीक्षा लेनी थी, वेश बनाया ब्राह्मण का।" "अपने अज्ञातवास के दौरान पांडव सहित कुंती तथा द्रौपदी ने कई बार ब्राह्मण का वेश धारण किया।" *जब जब किसी को कोई समाज विरोधी, राष्ट्र विरोधी, पाप और क्रूर कर्म करना हुआ तो उसने ब्राह्मण का वेश ही धारण किया।* क्यों??? *क्योंकि ब्राह्मण नाम है एक भरोसे का।* ब्राह्मण नाम है एक विश्वास का।। *ब्राह्मण नाम है सत्य का।* ब्राह्मण नाम है धर्म का। *ब्राह्मण नाम है सबका कल्याण चाहने वाले का।* ब्राह्मण नाम है सबको सुखी देखने वाले का। *ब्राह्मण नाम है सबको साथ लेकर सन्मार्ग पर चलाने वाले का।* ब्राह्मण नाम है राष्ट्रभक्ति, दूरदर्शिता, अध्ययन, लगन, ज्ञान, त्याग, तप, बलिदान, शील, धैर्य, निष्पक्षता, संतोष और संयम का। *इसलिए ब्राह्मण का नाम, ब्राह्मण की प्रतिष्ठा का लाभ उठाना बहुत आसान था। उसके वेश से, उसके नाम से लोगों को मूर्ख बनाना आसान था। उसके नाम से लोगों को ठगना आसान था। आज भी यही हो रहा है...* *ब्राह्मण कोई जाति नहीं है, इस ब्रह्माण्ड की परिभाषा है। भरोसा तथा विश्वास का नाम है ब्राह्मण।* *🔱जय परशुराम🔱*

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