
Rama Devi Sahu
79 days ago
*खाना खाना बंद करके,* *प्रसाद ग्रहण करना प्रारंभ करें।* इस्लामिक शब्द "खान" से खाना बना है! *दोहा:* *'खाना'* खाते खल सभी, संत करें *'आहार'* ! सज्जन *'भोजन'* को करे, भाषा क्रिया प्रकार! *अर्थात: *खाना* दुष्ट लोग खाते हैं, *भोजन* सज्जन लोग करते हैं और *आहार* संत लोग करते हैं। 1. खाना - खाया जाता है। 2. भोजन - किया जाता है। 3. आहार - लिया जाता है। *खाना* - काँटे चम्मच से अधिक खाया जाता है। *भोजन* - दाहिने हाथ से किया जाता है। *आहार* - दोनों हाथ से लिया जाता है। दूसरों का पेट काटकर अपना पेट भरना - *खाना* जीवन जीने के लिए पेट भरना - *भोजन* त्याग, तपस्या, संयम और साधना के लिए पेट भरना - *आहार* इन सबसे बड़ा और वैज्ञानिक रूप तो *भोजन* को *प्रसाद* में परिवर्तित करके ग्रहण करना चाहिए। *तो आज से हम सभी भोजन को भगवान को अर्पित करेंगे और कहेंगे* *"त्वदीयं वस्तु गोविंद तुभ्यमेव समर्पये"* हे गोविंद! यह वस्तु तुम्हारी है, तुम्हारे लिए ही समर्पण की जा रही है। तब आपका भोजन भगवान के प्रसाद के रूप में परिवर्तित हो जाएगा और उस प्रसाद को ग्रहण करने से हमें शक्ति के साथ-साथ भगवान का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा।🚩 आपका मंगल हो।
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