
Rama Devi Sahu
221 days ago
एक बार सूरदास जी कहीं जा रहे थे, चलते-चलते मार्ग में एक गढ्ढा आ गया और सूरदास जी उसमें गिर गए और जैसे ही गढ्ढे में गिरे तो किस को पुकारते ? अपने कान्हा को ही पुकारने लगे, भक्त जो ठहरे। एक भक्त अपने जीवन में मुसीबत के समय में प्रभु को ही पुकारता है, और पुकारने लगे की अरे मेरे प्यारे छोटे से कन्हैया आज तूने मुझे यहाँ भेज दिया और अब क्या तू यहाँ नहीं आएगा मुझे अकेला ही छोड़ देगा ? सूरदास जी ने कान्हा को याद किया तो आज प्रभु भी उनकी पुकार सुने बिना नहीं रह पाए। और उसी समय एक बाल गोपाल के रूप में वहाँ प्रकट हो गए, और प्रभु के पांव की नन्ही-नन्ही सी पैजनियाँ जब छन-छन करती हुई सूरदास जी के पास आई तो सूरदास जी को समझते देर न लगी। कान्हा उनके समीप आये और बोले अरे बाबा नीचे क्या कर रहे हो, लो मेरा हाथ पकड़ो और जल्दी से ऊपर चले आओ। जैसे ही सूरदास जी ने इतनी प्यारी सी मिश्री सी घुली हुई वाणी सुनी तो जान गए की मेरा कान्हा आ गया, और बहुत प्रसन्न हो गए, तथा कहने लगे की अच्छा कान्हा, बाल गोपाल के रूप में आए हो। बाल गोपाल कहने लगे अरे कौन कान्हा ? किसका नाम लेते जा रहे हो, जल्दी से हाथ पकड़ो और ऊपर आ जाओ।

Comments (2)

Rakesh Kumar
Jan 22, 2026
kya hal h aap ka?

Radhe Radhe
Jan 21, 2026
‼️बुधवार दोपहर की राधे कृष्णा राधे राधे जी जय श्री कृष्ण जी।।‼️
