
Srikumar महाराज🇮🇳☸️
20 days ago
✅35–40 के बाद सफलता देने वाले योग ✅ दशम भाव या दशमेश पर मजबूत शनि की शुभ युति या दृष्टि हो तो शुरुआती करियर में संघर्ष और देरी रहती है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ पद, जिम्मेदारी और स्थिरता बढ़ती है। ✅ शनि स्वराशि, उच्च राशि या मित्र राशि में होकर दशम भाव/दशमेश से संबंध बनाए तो सफलता जल्दी नहीं मिलती, लेकिन लगातार मेहनत के बाद 35–40 के आसपास या उसके बाद करियर मजबूत होने लगता है। ✅ दशमेश मजबूत होकर तृतीय, षष्ठ, दशम या एकादश जैसे उपचय भावों से संबंध बनाए तो व्यक्ति अपने प्रयास और अनुभव के साथ आगे बढ़ता है तथा मध्य आयु के बाद सफलता अधिक स्पष्ट होती है। ✅ लग्नेश और दशमेश का शुभ संबंध हो, लेकिन उन पर शनि का प्रभाव भी हो तो शुरुआती जीवन में मेहनत अधिक करनी पड़ती है, पर समय के साथ व्यक्ति अपनी अलग पहचान और मजबूत करियर बना सकता है। K Kumar ✅ दशम भाव/दशमेश मजबूत हो और एकादश भाव या लाभेश से शुभ संबंध बनाए तो पहले किए गए प्रयास आगे चलकर पद, आय और आर्थिक लाभ में बदल सकते हैं। ✅ नवमेश और दशमेश की शुभ युति, दृष्टि या राशि परिवर्तन हो और इन ग्रहों की दशा मध्य आयु में आए तो 35–40 के बाद भाग्य और कर्म दोनों का सहयोग मिलने से बड़ी उन्नति हो सकती है। ✅ बृहस्पति मजबूत होकर दशम या एकादश भाव/भावेश से शुभ संबंध बनाए तो उचित दशा में अनुभव बढ़ने के साथ पद, प्रतिष्ठा, आय और अवसरों में वृद्धि हो सकती है। ✅ राहु दशम या एकादश भाव में हो, उसका राशि स्वामी मजबूत हो और राहु पर गंभीर अशुभ प्रभाव न हो तो राहु की अनुकूल दशा में अचानक करियर ग्रोथ, बड़े संपर्क, विदेशी क्षेत्र, तकनीक, मीडिया या राजनीति से सफलता मिल सकती है। ✅ जन्मकुंडली में दशमेश सामान्य हो, लेकिन दशांश कुंडली में मजबूत स्थिति प्राप्त करे तो शुरुआती करियर में उतार-चढ़ाव के बाद सही दशा आने पर पेशेवर स्थिति तेजी से सुधर सकती है। ✅ जब कुंडली में शनि, दशम भाव, दशमेश और उपचय भाव मजबूत हों, लेकिन इनके फल देने वाली दशा जीवन के मध्य भाग में आए तो व्यक्ति को शुरुआती वर्षों की तुलना में 35–40 के बाद अधिक स्थायी सफलता मिल सकती है। ✅ अंतिम निर्णय पूरी जन्मकुंडली, दशांश तथा महादशा-अंतर्दशा देखकर।
Comments (1)

Pannalal panchal
Aug 17, 2026
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
