
Rama Devi Sahu
435 days ago
🙏‼️ Radhey Radhey ‼️🙏 Dt.22.Jun.2025 (Sunday) *************************** 🙏❤️ MAA❤️🙏 ❤️❤️❤️❤️❤️❤️ सुबह की पहली किरण के साथ, मां आंखों में नींद लिए सबसे पहले जगती है और फिर रसोई में चूल्हा नहीं, उसका ध्यान जलता है हरबार सावधानी से छौंक लगाना उसके लिए एक आसन ही तो है... बच्चों की किताबें सबके टिफिन लगाना पानी की बोतल भरना ये सब उसका ध्यान योग ही तो है क्योंकि ये सब करते उसकी सांसें बेशक तेज़ चलती हैं, लेकिन मन शांत रहता है... कभी वो झाड़ू हाथ में लिए वज्रासन में टिक जाती है कभी बर्तन घिसते हुए उसका चित्त त्राटक कर लेता है... आग, पानी, हवा, मिट्टी परिवार, समाज, सबसे जुड़ कर भी वो खुद से जुड़ी रहती है... दोपहर की थकान में भी उसके होठों पर मुस्कान पसरी रहती है कभी बच्चों के होमवर्क में ध्यान बंटता है तो कभी सबकी बातें सुनते वह प्राणायाम करती है.. मां के लिए योग सिर्फ़ चटाई पर बैठ कर आंखें बंद करना नहीं है, उसके लिए योग है हर रिश्ते को सहजता से निभाना, हर काम को पूजा मान आंतरिक संतुलन बनाए रखना रात ढलती है, सब सो जाते हैं तब कहीं जाकर मां एक लंबा श्वास भरती है मानो संपूर्ण दिन का योग अब विश्रामासन में विश्रांति मांग रहा हो... मां दिनभर सबकी एक पुकार पर घर के एक कोने से दूसरे कोने तक निरंतर चलती रहती है, रूकती नहीं, टूटती नहीं उसका हर काम, हर सांस योग से बंधा रहता है... वो खुद चलती-फिरती योग है, और वो ही घर का शांति मंत्र है ! मां — जो अनजाने ही योग का सबसे सुंदर और जीवंत रूप जीती है। 🙏❤️🙏
Comments (1)

प्रेम कुमार
Jun 22, 2025
🌹🌹 राधे राधे जी 🌹 शुभ प्रभात वंदन 🌹🌹
