
Rama Devi Sahu
113 days ago
‼️जय श्री रघुनाथ‼️ 🌹❤️🌹❤️🌹❤️🌹 हरे चरहिं तापहिं बरे, फरें पसारहिं हाथ! तुलसी स्वारथ मीत सब, परमारथ रघुनाथ!! भावार्थ:- वृक्ष जब हरे होते हैं, तब पशु-पक्षी उन्हें चरने लगते हैं, सूख जाने पर लोग उन्हें जलाकर तापते हैं और फलने पर फल पाने के लिए लोग हाथ पसारने लगते हैं अर्थात जहाँ हरा-भरा घर देखते हैं, वहाँ लोग खाने के लिए दौड़े जाते हैं, जहाँ बिगड़ी हालत होती है, वहाँ उसे और भी जलाकर सुखी होते हैं और जहाँ संपत्ति से फला-फूला देखते हैं, वहाँ हाथ पसार कर मांगने लगते हैं तुलसीदास जी कहते है कि इस प्रकार जगत में तो सब स्वार्थ के ही मित्र हैं परमार्थ के मित्र तो एकमात्र श्री रघुनाथ जी ही हैं! . 🏵️जयश्री राम🏵️

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