
Rama Devi Sahu
302 days ago
राधे - राधे ॥ आज का भगवद् चिन्तन ॥ 02 - 11 - 2025 🪷 || शुभ देवोत्थान एकादशी || 🪷 मनुष्य के भीतर दैवीय गुणों को एवं मानवीय चेतना में सुषुप्त देवत्व को जागृत करना ही देवोत्थान एकादशी व्रत का मुख्य उदेश्य है। चतुर्मास पश्चात भगवान श्रीनारायण हरि के निद्रा से जागरण का पावन दिवस ही देवोत्थान एकादशी के रूप में मनाया जाता है। भारतीय सनातन परंपरा में अनेकों पर्व-त्यौहार मनाए जाते हैं एवं सभी पर्व-त्यौहार अपने आप में कुछ विशिष्ट सीखों को भी धारण किए हुए हैं। भगवान नारायण ही धर्म स्वरूप हैं। यदि हृदय में सत्कर्म करने की भावना जग जाए, सत्य के मार्ग पर चलने का भाव जग जाए तो यही जीव की वास्तविक जागृति है और यही मानव जीवन का वास्तविक जागरण भी है। हमारे भीतर भी धर्म का जागरण होना चाहिए। भगवान का बैकुंठ में जागना तो महत्व रखता ही है साथ ही प्रभु से प्रार्थना करें कि वे हमारे हृदय रूपी बैकुंठ में भी जग कर हमारे इस मानव जीवन को श्रेष्ठता की ओर अग्रसर करें। श्री देवोत्थान एकादशी का पावन पर्व आप सभी के लिए शुभ एवं मंगलमय हो। *जय श्री राधे कृष्णा जी* ===========================

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Nov 2, 2025
🙏🌞🌺 Om Surya Devay Namah 🌺🌞🙏 Aap or Aap ke Pure Parivar ko Devuthani Ekadashi or Tulsi Vivah ki Hardik Shubhkamnaye ke Sath Suprabhat Jii 🙏🌹🌹

Ramprakash pandre
Nov 2, 2025
शुभप्रभात जय श्री राधे कृष्णा जी 🙏
