
Rama Devi Sahu
63 days ago
🙏🌹🌻!!जय श्री कृष्ण!!🌻🌹🙏 चरण कमल बंदौ हरि राई। जाकी कृपा पंगु लांघें, अंधे को सब कछु दरसाई।। बहिरो सुनै मूक पुनि बोलै, रंक चले छत्र धराई। सूरदास स्वामी करुणामय, बार-बार बंदौं तेहि पाई।। व्याख्या :- इस पद के माध्यम से सूरदास जी ने कान्हा की महिमा का वर्णन किया है। वह कहते है जिस पर श्री कृष्ण की कृपा हो जाए वह लंगड़ा व्यक्ति भी पहाड़ लांघ सकता है, अंधे को सब कुछ दिखाई देने लगता है, बहरे को सब कुछ सुनाई देने लगता है और गूंगा व्यक्ति बोलने लगता है। गरीबा धनवान हो जाता है। मनुष्य ईश्वर को पाने के लिए तमाम जतन करता है लेकिन जो पूरी निष्ठा के साथ कृष्ण को याद करते हैं सिर्फ उन्हें ही ये लाभ मिल पाता है। मुख्य संदेश भक्ति की शक्ति: यह पद संदेश देता है कि सच्चे मन से की गई भक्ति में अपार शक्ति होती है। ईश्वर की शरण में जाने से जीवन के सभी दुःख दूर हो जाते हैं। अहंकार का त्याग: चाहे कोई कितना भी लाचार हो, ईश्वर की कृपा उसे सर्वशक्तिमान बना सकती है। इसलिए मनुष्य को कभी अपनी स्थिति पर निराश नहीं होना चाहिए और न ही सफलता पर अहंकार करना चाहिए। ईश्वर के प्रति कृतज्ञता: हमें अपने जीवन में मिलने वाली हर खुशी और शक्ति के लिए उस परमेश्वर के प्रति हमेशा आभारी और कृतज्ञ रहना चाहिए। 🙏महान कृष्ण भक्त वात्सल्य🥰 कवि सूरदास द्वारा रचित दोहा पद ✍️ 🙏🌹🌻!!जय श्री कृष्ण!!🌻🌹🙏
Comments (2)

Mayank S
Jun 29, 2026
Jay Shri Mahakal kya hua ji comment Nahin Ki post per Aaj Hamare

Riya Riya 💖💖
Jun 28, 2026
🙏🌹 प्रातः काल की पहली हाजिरी करुणामयी श्री किशोरी जी के चरणों में जय श्री राधे राधे जी🌹🙏
