Uma shankar Pandey Sep 20, 2021

ब्रह्रमा मुरारी सुरार्चितलिग्ंम् निर्मल भाषित शोभित लिंग्डःम्। जन्मजदुःख बिनाशकलिंग्म़ तत्प्रणमामि सदाशिव लिग्डःम्।। 1।। देवमुनिप्रववार्चित लिग्डःम्। कामदहम् करुणाकर लिंग्डःम्। रावणदर्प बिनाशन लिंग्डःम् तत्प्रणमामि सदाशिव लिंग्डःम्।। 2।। सर्बसुगंन्धिसुलेपितलिंग्डःम् बुध्दिबिबर्धन कारण लिंग्डःम्। सिध्दसुरासुर बन्दित् लिंग्डःम्।। तत्प्रणमामि सदाशिव लिंग्डःम्।। 3।। कनकंहारमणि भूषितलिंग्डःम् फणिपति बेष्टित् शोभित लिंग्डःम्। दक्ष सुयज्ञ बिनाशक लिंग्डःम्। तत्प्रणमामि सदाशिव लिंग्डःम्।। 4।। कुंकुमचन्दन लेपितलिंग्डःम् पंकजहारसुशोभित। संन्चितपाप बिनासन लिग्डःम् तत्प्रणमामि सदा शिव लिंग्डःम्।। दिनकरकोटिप्रभाकरलिंग् तत्प्रणमामि सदाशिव लिंग्डःम्।। 6।। अष्टदरिद्रबिनाशित लिग्डःम् सर्वसमुद्भवकारण लिंग्डःम् अष्टदरिद्रबिनाशित लिग्डःम् तत्प्रणमामि सदाशिव लिंग्डःम् 7।। सुरगुरुसुरुवर पूजितलिंग्डःम् सुरुबनपुष्पसदार्चित लिंग्डःम् परात्मक परमात्कलिंगम् तत्प्रणमामि सदाशिव लिंग्डःम्।। 8।। लिग्षटकमिदम् पुण्यं यः पठेच्छिवसान्निधो। शिवलोकम्वाप्नोति शिवेनि सह मोदते।। 9।। 🌹🌲🌹🌲🌹🍇🌹🌲🌹🌲🌹🌲🌹🌲🌹🌲🌹🌲🌹🍇🕉नमः शिवाय 🌹🌹🌲🌹🌲🌹🌲🌹🌲🌹🌲🌹शुभ दोप़हर बन्दन 🌲🙏🌲🌹

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