Anupam Mohanta Aug 16, 2022

अपनी पत्नी के साथ करे गुप्त भाव से योनि साधना आपकी सारे मनोकामना पूर्ण होगी। घर मे सुख शांति बना रहेगा, कर्झ से मुक्ति , पति-पत्नी में अनबन दूर होगी, समाज में मान सम्मान व प्रतिष्टा मिलेगी । अपनी गुरु की निर्देश से पूरा कार्य सम्पन्न करना चाहिए , क्यों कि बिना गुरु के कोई भी कार्य सफल नही होता है। अतः पहले ॐ गुरु ब्रम्हा गुरु विष्णु गुरुदेव महेश्वर गुरदेव परम् ब्रम्हा तस्मै श्री गुरूबे नमः इस मंत्र से अपनी गुरु की चरण बंधना करते हुए उनके चरण कमलों में कुछ देर तक पड़े रहे, जब वो प्रसन्न हो जाएंगे तब उनके समक्ष अपनी अभिलाषा व्यक्त करें एवं उनकी निर्देशनुसार पहले उनके दुयारा या किसी विद्यान तांत्रिक के दोवारा योनि पूजा सम्पन्न करबाए। उसके पश्चात खुद अपनी पत्नी के साथ मिलके #योनि #साधना करे एवं माँ की ॐ नमो शक्तिरूपेण संस्थिता धनं देहि यशं देहि मुक्ति देहि माँ अम्बिका नमोस्तुते इस मंत्र का एक माला रात को जप करे। बिधि बहुत ही सरल है कोई भी भक्त आसानी से कर सकता है इसमें सिर्फ मन मे भक्ति भाव रहना चाहिए बाकी सब तो गुरु ही कृपा कर देंगे अर जब गुरु की कृपा व भक्त की भक्ति संमिलित हो जाता है एबं शक्तिरूपिणी पत्नी का साथ मिल जाता है तब तो भगवान की भी कृपा मिल जाता है। कोरोना के चलते ऐसे ही आर्थिक स्थिति ज्यादातर लोगों की बहुत खराब है इसलिए समय व्यर्थ जाने न दे, गुप्त तरीके से करे माँ की आराधना पत्नी वशीकरण के साथ साथ आर्थिक हालत भी सुधरेगी।। ॐ शांति ॐ।। जय माँ अम्बे।। More information, visit: www.swamijee.in/blog

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Anupam Mohanta Aug 14, 2022

अपने प्रेमी/प्रेमिका को वशीकरण करने के उपायों से यदि आप किसी का अहित करने की सोचेंगे तो निश्चय ही आप खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी मार लेंगे प्रेम प्रसंगों में किसी पर भी (चाहे वह लड़का हो या लड़की) वशीकरण अथवा सम्मोहन का प्रयोग तभी करना चाहिए जब आपका प्रेम सच्चा हो तथा आपकी भावना सामने वाले के प्रति निश्छल हो। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि आप उसके योग्य हो तथा उसे प्रसन्न रख पाएंगे तभी आपको यहां दिए वशीकरण के प्रयोग काम में लेने चाहिए। यदि इनकी सहायता से आप किसी का अहित करने की सोचेंगे तो निश्चय ही आप खुद का अहित करेंगे। स्वयं की जन्मकुंडली में सप्तमेश या सप्तम भाव में विराजमान ग्रह की शांति अवश्य करा लें। इससे न केवल प्रेम प्रसंग वरन अन्य स्थानों पर भी सफलता की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। अपने प्रेमी या प्रेमिका का मन ही मन ध्यान करते हुए उपरोक्त मंत्र से राधा-कृष्ण की प्रतिमा, तस्वीर या मंदिर में जाकर सच्चे मन से 108 बार भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करें तथा "ॐ क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा:" मंत्र का जाप करें। प्रत्येक शुक्रवार नजदीक के किसी भी राधाकृष्ण मंदिर में जाकर उनकी प्रतिमा का दर्शन कर, फूल माला चढ़ाएं तथा मिश्री का भोग लगाएं। आपके प्रेम विवाह में आ रही हर अड़चन शीघ्र ही दूर होगी तथा आपका वैवाहिक जीवन सफलता और शांति से बीतेगा। ध्यान रखें इस उपाय से वशीकरण नहीं होता वरन यह उपाय केवल प्रेम विवाह के निमित्त है। प्रेमी युगल को यथासंभव प्रयास करना चाहिए कि वे दोनों शुक्रवार और पूर्णिमा के दिन अवश्य मिलें। यदि शुक्रवार के दिन पूर्णिमा हो प्रेमियों के लिए वह दिन अत्यंत शुभ रहता है, इस दिन मिलने से परस्पर प्रेम व आकर्षण बढ़ता है। प्रेम में सफलता पाने के लिए प्रेमी युगल को शनिवार और अमावस्या के दिन नहीं मिलना चाहिए। इन दिनों में मिलने से आपस में किसी भी बात पर विवाद हो सकता है। ये दोनों ही दिन प्रेमियों के बीच झगड़ा तथा नफरत पैदा करते हैं। बहुत संभव है कि आपके प्रेम संबंध ही टूट जाएं। #vashikaran #TANTRIK #tantrikbabasolution #Vashikaran #vashikaranremove #vashikaranmantra #vashikaranspecialistHusbandwifeproblemsolution #vashikaranastrologer #VashikaranForLove #vashikaran_mantra_secialist #vashikaranam #vashikaranspecialist

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Anupam Mohanta Aug 13, 2022

साधनाएं दो प्रकार की होती हैं सात्विक और तामसिक lतामसिक साधनाएं जल्दी सिद्ध होती हैं और सात्विक देर मेंl तामसिक साधना के द्वारा स्वार्थ सिद्धि और सात्विक साधना से परमार्थ होता है lपरमार्थ का मार्ग धर्म का मार्ग है जो कि लोक और परलोक दोनों के लिए लाभकारी है । इसलिए इसमें समय लगता है , किंतु तामसिक साधना सिर्फ इसी लोक के लोगों को रिझाने और स्वार्थ सिद्धि तक सीमित रहती हैl #लिंग_भैरवी और संभोग शक्ति एक दूसरे से आत्मिक रूप से जुडे हैं। लिंगम् शक्ति के बिना संभोग संभव नही है। योनि, नारी शक्ति का ज्वालामुखी है जबकि लिंग, नर ऊर्जा का प्रचंड वेग है। #सम्भोग क्रिया के द्वारा ही ये दोनों ऊर्जा एक हो जाती हैं और सृष्टि में नया सृजन करते हैं। सृष्टि मे सम्भोग और सृजन निरन्तर चलता रहता है। सम्भोग परमानन्द का क्षणिक भाग है और इसे आनन्द कहते हैं। जब ये आनन्द अनन्त हो जाता है तो परमानन्द कहलाता है। स्वयं को इस परमानन्द में स्थापित करना ही मोक्ष है। जब कोई भी आत्मा परमानन्द में लीन होती है तो वो अन्तहीन आनन्द में डूब जाती है। वो सदैव सम्भोग में रत है। वो अनन्त सम्भोग में डुबी है। यही पुर्ण समाधि है। परमपुरुष प्रकृति के साथ सदैव सम्भोगरत है। लिंग भैरवी लिंगम् शक्ति है। इस शक्ति के बिना सम्भोग का आनन्द प्राप्त नही किया जा सकता। नारी ऊर्जा, प्रेम और सम्भोग पर टिकी है। सम्भोग प्रेम का उच्चतम बिन्दु है। जो नर, नारी को प्रेम और सम्भोग मे संतुष्ट नही कर सकता, नारी उसका त्याग कर देती है। जो पुरूष, नारी को सम्भोग में पूर्ण संतुष्ट कर सकता है, नारी उसके वशीभूत हो जाती है। नारी को नर ऊर्जा लिंग से सम्भोग क्रिया के द्वारा प्राप्त होती है। नारी सदैव प्रेम की भूखी है। नारी को प्रेम से ही अपने आधीन किया जाता है। लिंग भैरवी की उपासना से लिंगम् शक्ति बढती है। ये नर ऊर्जा को और ज्यादा बलवान बना देती है जिससे नर, नारी को रति क्रिया में संतुष्ट कर, खुद भी लम्बे समय तक सम्भोग आनन्द प्राप्त करता है। लेकिन एक बात सदैव ध्यान रखें कि नारी भोग की वस्तु नही है बल्कि जननी है। याद रखिये कि आप स्वयं भी नारी से ही पैदा हुए है। नारी सदैव आदरणीय है। ऑनलाइन तन्त्र साधना सीखने के लिए संपर्क करे: बेसिक: 11000/- पूर्ण: 25000/- www.swamijee.in #OnlineTantraCourses #LearnTantra

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Anupam Mohanta Aug 12, 2022

#कामाख्या_देवी 52 सिद्ध पीठों तथा समस्त ब्रम्हाण्ड के तंत्र , सम्मोहन, वशीकरण, स्तंभन , की अधिष्ठात्री देवी माँ कामाख्या के श्री चरणों में हम कोटी कोटी प्रणाम करते हैं , पूर्वोत्तर भारत के राज्य असाम में गुवाहाटी क्षेत्र के अंतर्गत नीलाञ्चल पर्वत के शिखर पर विराजमान भगवती कामाख्या 52 सिद्ध पीठ तथा सम्पूर्ण तंत्र विद्या की अधिष्ठात्री देवी हैं, यहाँ मनुष्य कुछ वर्ष माता की साधना करके तुरित तंत्र माया को प्राप्त कर लेता है परंतु साधना करते वक्त मनुष्य का भाव निष्काम होना चाहिए , माँ कामाख्या देवी का प्रादुर्भाव माता शती के शरीर छोड़ जाने के उपरांत भगवान शंकर जी के द्वारा उनके शरीर को अपने कंधे पर रख कर समस्त ब्रम्हांड में व्योग एवं करुणक्रंदना करते वक्त श्री हरी विष्णु जी के सुदर्शन चक्र के द्वारा माता कामाख्या के साथ साथ 51 सिद्ध पीठों का प्रादुर्भाव हुआ ।। यदी कोई स्त्री किसी पुरूष को अपने पती के रूप में प्राप्त करना चाहती हो तो बह माता कामाख्या की आराधना करे Visit: www.swamijee.in

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Anupam Mohanta Aug 11, 2022

क्या आपको जीवन में हर ओर रुकावटें और मुश्किलों का सामना हो रहा है?? सही ज्योतिषीय सलाह के लिए, आपका स्वागत है - For Solution Of Problems Relating To Career, Finance, love/Married life, Children Etc.- GENUINE & QUALITY ASTRO CONSULTATION, क्या आपको अपने व्यापार, या नौकरी में परेशानी आ रही है, या आर्थिक तंगी, क़र्ज़ आदि, या वैवाहिक जीवन में रुकावटें है ? अगर ऊपर वाले ने रुकावटें बनाई है, तो हल भी दिया है, रोग हैं, तो चिकित्सा शास्त्र हैं, जीवन में अड़चनें हैं, तो ज्योतिष का ज्ञान भी है. ज्योतिष को पूर्णतया समर्पित है. सच्ची और सही ज्योतिषीय सलाह के लिए हमारे ज्योतिष केंद्र में आपको एक नया अनुभव होगा. प्रभु-कृपा से सही ज्योतिषीय सलाह से आपके जीवन को एक नई दिशा मिलेगी. भाग्य तो कोई नहीं बदल सकता, पर जीवन की राह को कम कठिन और सुखदः बनाने में ज्योतिष बहुत सहायता कर सकता है. प्रत्येक व्यक्ति के आगे दुविधा रहती है, कि सही ज्योतिषीय सलाह के लिए, वह कहाँ जाये ? लोगों की जितनी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, उतनी ही ज्योतिष की दुकाने खुल गई हैं. बहुत से व्यक्ति, जो न तो ढंग से पढ़ लिख पाए, न ही कोई नौकरी/व्यापार में सफल हो पाए, लोगों के डर और वहमों को हवा दे कर यह धन्धा चमका रहे हैं, उलटे-सीधे, टेढ़े और महंगे उपायों से लूट रहे हैं. कुछ तो वैसे ही अनाड़ी हैं, कुछ अच्छे जानकार तो हैं, पर लालच में पढ़कर व्यक्ति की समस्याओं की ओर कम ध्यान देते हैं और अपना ध्यान उसे लूटने की ओर अधिक केंद्रित करते हैं. हम ज्योतिष अपने शौक और सेवा-भाव से करते हैं, अपनी आजीविका के लिए नहीं. क्योंकि इतने पेज को चलाने के लिए स्टाफ भी है, ज्योतिषीय परामर्श के लिए सहयोग राशि मात्र 500/- रुपये है, आमतौर पर ज्योतिष की सलाह/रीडिंग (Consultation/Horoscope Reading) केवल फ़ोन पर ही देते हैं. फ़ोन पर रीडिंग के लिए समय और टेलीफोन नम्बर एक दिन पहले भेज दिए जाते हैं. उपाए हम लिखित में देते हैं, पर जो फ़ोन पर नहीं ले सकते, उन्हें लिखित फलादेश भी दिया जा सकता है. हम कुण्डली का फलादेश बिलकुल मौलिक देते हैं, जो कि किसी भी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से नहीं होता, हालाँकि कुण्डली कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से ही बनाई जाती है. अगर आप भी इस सेवा का लाभ लेना चाहते हैं, तो कृपया इस पेज के मेसेज बॉक्स में अपने जन्म की तारीख, समय व् स्थान (Birth Date, Time & Place) लिख दें। जिनको हाथ दिखाना हो, अपने दोनों हाथों और चेहरे की फोटो भी भेज दें. अंकशास्त्र (Numerlogy) की सलाह जन्म तारीख के आधार पर भी दी जा सकती है. शत प्रतिशत (100%) असली रत्न : हमारे पास सभी प्रकार के 100% असली रत्न (ORIGINAL GEMSTONES) - हीरा/ओपल, पन्ना, पुखराज, नीलम, माणिक, मूंगा, मोती, सभी प्रकार के रुद्राक्ष (RUDRAKSH), श्वेतार्क गणेश (SHWETARK GANESH), सुलेमानी हकीक (SULEMANI HAKIK), टाइगर आई (TIGER EYE), देवी देवताओं की अष्टधातु में बनी हुई मूर्तियां आदि, बिलकुल सही कीमत पर उपलब्ध हैं. हमारा दावा है, कि सूर्य भले ही पश्चिम से निकल आये, हमारी कोई भी चीज नकली नहीं होगी, क्योंकि यह हमारे लिए व्यापार नहीं, सेवा है। जिनको कोई भी रत्न/रुद्राक्ष आदि चाहिए, हमारे इस पेज के मेसेज बॉक्स/इनबॉक्स (Message box) पर अपना पता भेजें.

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