प्र. महमूद गजनवी ने सोमनाथ का मंदिर क्यों तोड़ा ? उ. वह नुपुर शर्मा के बयान से नाराज था प्र. बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्व विद्यालय को क्यों जलाया था ? उ. उसे नुपुर शर्मा की बात से गुस्सा आ गया था प्र. अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर हमला क्यों किया था ? उ. वह नुपुर शर्मा को सबक सिखाना चाहता था प्र. बाबर ने अयोध्या में राम मंदिर को क्यों तोड़ा था ? उ. नुपुर शर्मा की बातों से उसका दिल टूट गया था प्र. औरंगजेब ने काशी और मथुरा के मंदिर क्यों तोड़े थे ? उ. वह नुपुर शर्मा की गुस्ताखी का बदला लेना चाहता था प्र. अब्दाली ने भारत पर हमला क्यों किया था ? उ. नुपुर शर्मा ने उसकी भावनाओं को आहत किया था प्र. जिन्ना ने अलग पाकिस्तान का निर्माण क्यों कराया था ? उ. वो ऐसे देश में नही रहना चाहता था जहां नुपुर शर्मा रहती हो प्र. कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को क्यों मारा भगाया गया ? उ. क्योंकि नुपुर शर्मा भी पंडित थी ? प्र. कसाब ने मुंबई के ताज होटल पर हमला क्यों किया था ? उ. उसे खबर मिली थी कि नुपुर शर्मा वहां ठहरी हुई हैं

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🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *********|| जय श्री राधे ||********* 🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺 🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏 *********ll जय श्री राधे ll********* 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक:-02/07/2022, शनिवार* तृतीया, शुक्ल पक्ष, आषाढ """"""""""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि----------- तृतीया 15:16:25 तक पक्ष------------------------- शुक्ल नक्षत्र-------- आश्लेषा 30:28:58 योग------------ हर्शण 11:30:54 करण-------------- गर 15:16:25 करण--------- वणिज 28:13:55 वार----------------------- शनिवार माह------------------------ आषाढ चन्द्र राशि-------------------- कर्क सूर्य राशि------------------ मिथुन रितु-------------------------- ग्रीष्म सायन------------------------- वर्षा आयन----------------------- ग्रीष्म सायन----------------- दक्षिणायण संवत्सर----------------------- नल संवत्सर (उत्तर)----------------- राक्षस विक्रम संवत---------------- 2079 विक्रम संवत (कर्तक)---------- 2078 शक संवत----------------- 1944 वृन्दावन सूर्योदय--------------- 05:28:59 सूर्यास्त---------------- 19:17:27 दिन काल------------- 13:48:27 रात्री काल------------- 10:11:55 चंद्रोदय---------------- 07:57:56 चंद्रास्त---------------- 21:55:26 लग्न----मिथुन 15°58' , 75°58' सूर्य नक्षत्र------------------ आर्द्रा चन्द्र नक्षत्र---------------- आश्लेषा नक्षत्र पाया------------------- रजत *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* डी---- आश्लेषा 10:34:59 डू---- आश्लेषा 17:14:07 डे---- आश्लेषा 23:52:08 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ========================== सूर्य=मिथुन 15:12 आर्द्रा , 3 ड चन्द्र = कर्क 17°23, अश्लेषा, 1 डी बुध =वृषभ 29 ° 07' मृगशिरा ' 2 वो शुक्र=वृषभ 16°05, रोहिणी ' 2 वा मंगल=मेष 03°30 ' अश्विनी ' 2 चे गुरु=मीन 13°30 ' उ o भा o, 4 ञ शनि=कुम्भ 00°33 ' उ o भा o ' 3 गु राहू=(व) मेष 25°40' भरणी , 4 लो केतु=(व) तुला 25°40 विशाखा , 2 तू *🚩💮🚩 मुहूर्त प्रकरण 🚩💮🚩* राहू काल 08:56 - 10:40 अशुभ यम घंटा 14:07 - 15:50 अशुभ गुली काल 05:29 - 07:13 अशुभ अभिजित 11:56 - 12:51 शुभ दूर मुहूर्त 07:19 - 08:15 अशुभ 🚩गंड मूल अहोरात्र अशुभ 💮चोघडिया, दिन काल 05:29 - 07:13 अशुभ शुभ 07:13 - 08:56 शुभ रोग 08:56 - 10:40 अशुभ उद्वेग 10:40 - 12:23 अशुभ चर 12:23 - 14:07 शुभ लाभ 14:07 - 15:50 शुभ अमृत 15:50 - 17:34 शुभ काल 17:34 - 19:17 अशुभ 🚩चोघडिया, रात लाभ 19:17 - 20:34 शुभ उद्वेग 20:34 - 21:50 अशुभ शुभ 21:50 - 23:07 शुभ अमृत 23:07 - 24:23* शुभ चर 24:23* - 25:40* शुभ रोग 25:40* - 26:56* अशुभ काल 26:56* - 28:13* अशुभ लाभ 28:13* - 29:29* शुभ 💮होरा, दिन शनि 05:29 - 06:38 बृहस्पति 06:38 - 07:47 मंगल 07:47 - 08:56 सूर्य 08:56 - 10:05 शुक्र 10:05 - 11:14 बुध 11:14 - 12:23 चन्द्र 12:23 - 13:32 शनि 13:32 - 14:41 बृहस्पति 14:41 - 15:50 मंगल 15:50 - 16:59 सूर्य 16:59 - 18:08 शुक्र 18:08 - 19:17 🚩होरा, रात बुध 19:17 - 20:08 चन्द्र 20:08 - 20:59 शनि 20:59 - 21:50 बृहस्पति 21:50 - 22:41 मंगल 22:41 - 23:32 सूर्य 23:32 - 24:23 शुक्र 24:23* - 25:14 बुध 25:14* - 26:05 चन्द्र 26:05* - 26:56 शनि 26:56* - 27:47 बृहस्पति 27:47* - 28:38 मंगल 28:38* - 29:29 *🚩💮 उदयलग्न प्रवेशकाल 💮🚩* मिथुन > 04:36 से 05:52 तक कर्क > 05:52 से 08:16 तक सिंह > 08:16 से 10:20 तक कन्या > 10:20 से 12:36 तक तुला > 12:36 से 14:51 तक वृश्चिक > 14:51 से 17:06 तक धनु > 17:06 से 19:16 तक मकर > 19:16 से 20:58 तक कुम्भ > 20:58 से 22:32 तक मीन > 22:32 से 23:02 तक मेष > 23:02 से 01:42 तक वृषभ > 01:42 से 04:36 तक *🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार* (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 3 + 7 + 1 = 11 ÷ 4 = 3 शेष मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩* सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है बुध ग्रह मुखहुति *💮 शिव वास एवं फल -:* 3 + 3 + 5 = 11 ÷ 7 = 4 शेष सभायां = संताप कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* रात्रि 28:11 से प्रारम्भ मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशीनी *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* * बुध मिथुने *गुप्त नवरात्रि तृतीय दिवस चंद्रघंटा पूजन *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* प्रलये भिन्नमर्यादा भवन्ति किल सागराः । सागरा भेदमिच्छान्ति प्रलयेऽपि न साधवः ।। ।। चा o नी o।। जब प्रलय का समय आता है तो समुद्र भी अपनी मयारदा छोड़कर किनारों को छोड़ अथवा तोड़ जाते है, लेकिन सज्जन पुरुष प्रलय के सामान भयंकर आपत्ति अवं विपत्ति में भी आपनी मर्यादा नहीं बदलते. *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: मोक्षसान्यांसयोग अo-18 एतान्यपि तु कर्माणि सङ्‍गं त्यक्त्वा फलानि च ।, कर्तव्यानीति में पार्थ निश्चितं मतमुत्तमम्‌ ॥, इसलिए हे पार्थ! इन यज्ञ, दान और तपरूप कर्मों को तथा और भी सम्पूर्ण कर्तव्यकर्मों को आसक्ति और फलों का त्याग करके अवश्य करना चाहिए, यह मेरा निश्चय किया हुआ उत्तम मत है॥,6॥, *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। विवेक से कार्य करें। विरोधी सक्रिय रहेंगे। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। आय में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। प्रमाद न करें। 🐂वृष प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। आय में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। किसी बड़े काम को करने में रुझान रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रशंसा प्राप्त होगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। चोट व रोग से बचें। सुख के साधन जुटेंगे। घर में तनाव रह सकता है। 👫मिथुन पुराना रोग उभर सकता है। किसी बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। लेन-देन में विशेष सावधानी रखें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। दु:खद समाचार मिल सकता है। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। व्यर्थ भागदौड़ होगी। कार्य में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। 🦀कर्क किसी गलती का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। जल्दबाजी व लापरवाही न करें। अज्ञात भय सताएगा। पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। 🐅सिंह लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी अपरिचित पर अतिविश्वास न करें। आय में वृद्धि होगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। कोई बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। भाग्य बेहद अनुकूल है, लाभ लें। चोट व रोग से बचें। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। 🙍‍♀️कन्या शत्रु परास्त होंगे। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। सुख के साधन जुटेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेशादि शुभ रहेंगे। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। स्त्री पक्ष से लाभ होगा। अज्ञात भय रहेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। ⚖️तुला वाहन व मशीनरी आदि के प्रयोग में सावधानी रखें, विशेषकर स्त्रियां रसोई में ध्यान रखें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। धनलाभ के अवसर प्राप्त होंगे। आय में निश्चितता होगी। ऐश्वर्य पर व्यय होगा। 🦂वृश्चिक कुसंगति से हानि होगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। परिवार के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबार अच्छा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्नता रहेंगे। भाइयों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। 🏹धनु नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। नए व्यापारिक अनुबंध होंगे। धनार्जन होगा। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शत्रु परास्त होंगे। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। 🐊मकर पुराने शत्रु परेशान कर सकते हैं। थकान व कमजोरी रह सकती है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ रहेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं। निवेश शुभ रहेगा। आय होगी। प्रमाद न करें। 🍯कुंभ अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों से अपेक्षा पूर्ण नहीं होने से खिन्नता रहेगी। कार्य में विलंब होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। व्यस्तता रहेगी। 🐟मीन रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। निवेश के सुखद परिणाम आएंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। किसी बड़ी बाधा के दूर होने से प्रसन्नता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। पुराना रोग उभर सकता है। विवाद से क्लेश संभव है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺 *आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)* (व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य) 09897565893,09412618599 ऐसे और पोस्ट देखने के लिए और महर्षि पाराशर वेद वेदाङ्ग संस्कृत संस्थानम् (रजि०) से जुड़ने के लिए क्लिक करें 👇👇 https://kutumbapp.page.link/EaQ2Ddkp5Kp7LLEa9?ref=X432V

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