ramesh kumar May 26, 2022

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ramesh kumar May 26, 2022

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ramesh kumar May 26, 2022

🌺 *स्वस्थ्य और निरोगी जीवन जीने की आहार चिकित्सा* 🌺 🌺 *योगिक आहार विधि* 🌺 🌺 *चूना का सेवन कर कैल्शियम लीजिए* जीरा दाना के बराबर चुना - पानी या सब्जी / दाल में मिलाकर *सुबह* ग्रीन जूस लीजिए - पालक, धनिया पत्ता, मेथी पत्ता, लौकी, आवला का जूस को गर्म पानी में मिला कर लेना है। 🌺 *इनमें निम्नलिखित चूर्ण मिलाना है* ⤵️ काला नमक, सौंठ, हिंग का चूर्ण (1 चमच काला नमक : 2 चमच सौंठ : 2 चुटकी हिंग की मात्रा में) 🌺 *नास्ते में फल* शरीर के वजन का 10 गुना ग्राम में, यानी यदि 70 किलो वजन है तो = 700 ग्राम फल। पपीता, सेव, चीकू, अनार, अमरूद, संतरा, मौसमी - आदि, मौसम के अनुसार फल। उपर्युक्त चूर्ण डाल कर। एक बार में एक ही फल खाना है। 🌺 *सलाद* भोजन से पहले सलाद खाइए (पानी में बेकिंग सोडा मिलाकर 20 -30 मिनट तक डालकर disinfect करने के बाद )। शरीर की वजन का 5 गुना ग्राम में। जैसे 70 किलो वजन वाले को 350 ग्राम । सूर्यास्त के बाद , सलाद में खीरा , मुली नहीं खाना है। टमाटर और खीरा एक साथ नहीं खाना है । सलाद पर भी यह चूर्ण स्वाद अनुसार डालिये। 🌺 *भोजन* लता में लगने वाली हरी सब्जी जैसे लौकी, तोरी, टिंडा, बीन्स, परवल, पत्ते वाली हरी साग, आदि की सब्जी। छिलके वाली मूंग दाल, गेहूं में ज्वार, बाजरा, जौ मिलाकर रोटी लीजिए। जौ की मात्रा ज्यादा अच्छा है। चावल भी थोड़ा ले सकते हैं। मूंग दाल की खिचड़ी, या गेहूं + जौ का दलिया हरी सब्जी मिलाकर लेना सुपाच्य है। 🌺रात का खाना में जौ मिलाकर रोटी, उबली हरी सब्जी (हल्दी , धनिया, सेंधा नमक डालकर) या जौ का दलिया या मूंग दाल की खिचड़ी लॉकी या अन्य लता वाली हरी सब्जी मिलाकर लीजिए। *रात को दाल और पत्ते वाली सब्जी नहीं खाना है* 👉 चीनी, मैदा, तेल और सफेद नमक का कोइ चीज नहीं खाना है । 🌺 दूध या दूध के उत्पाद यदि वह देशी गाय का हो अन्यथा न लेना अच्छा है। 🌺 तेल कच्ची घानी का ही लें, सब्जी बनाने में 1-2 चम्मच। देशी गाय की घी ज्यादा अच्छा है। दाल में देशी गाय की घी का ही छौंक / तड़का लगाएं। *रिफाइंड और बाजार का सफेद नमक घर से निकाल दे हमेशा सेंधा नमक ही इश्तेमाल करे* 🙏 🌺नारियाल का दूध लीजिए और दुध निकालने के बाद, सुखे नारियल को सब्जी में मिलाकर लीजिए या खजूर, बादाम मिलाकर मिठाई बना लीजिए और घर वालों को खिलाइए, खुद भी कभी कभी खा सकते हैं। *नोट* नारियल का दूध बनाना बहुत आसान है असुविधा हो तो काल7905231174पर काल कर ले🙏 🌺 रात का भोजन सूर्यास्त से 1 घण्टे के अंदर कर लें। रात्रि भोजन के बाद चलना अच्छा है, चाहे कमरे के अंदर ही चलें। भोजन के 2, 3 घंटे बाद ही सोना है भोजन शाम का जितनी जल्द हो सके कर ले 🙏 🌺सोने से पहले त्रिफला चूर्ण गर्म पानी के साथ लें। 🌺गैस या कब्ज होता होता हो तो त्रिफला चूर्ण के साथ गर्म पानी में 1 चमच अरण्डी का तेल मिलाकर लें अजवाइन तवा पर गर्म करके बारीक पीस ले भोजन के मध्य में एक चमच्च ले थोड़ा गुड़ खा कर गरम पानी एक कप पी ले फिर पूरा भोजन करे 🌺गैस / कब्ज न हो उसके लिए दिन और रात दोनों भोजन के बाद अजवायन और सौंफ लें या देशी घी या अरण्डी तेल में भुनी हुई छोटी हरड़ चूस कर लें 🙏 🌺नासिका में नासिका घृत( औषधीय घी ) डालेंआयुर्वेदिक स्टोर से लाये 🌺सुबह उठते साथ बिस्तर छोड़ने से पहले उत्क्षेप क्रिया करें - पवनमुक्तासन की तरह दोनों पैरों को मोरे , छाती से घुटनों के ऊपर हाथ बांध कर दबाएं और सीधा कर दें - 4 बार। फिर बैठ कर गर्म पानी पीएं और पेट का मालिस करते हुए शौच जाएं। यदि कब्ज हो तो रात्रि में ही 1 लीटर पानी में 1, 1 चमच अजवायन, मेथी , सौंफ भीगा दें और सुबह उसे गर्म करके छान कर पियें फिर शौच जाएं। या निम्बू सेंधा नमक गर्म पानी पिएं। इसके बाद भी कब्ज रहे तो त्रिफला या पेट साफ करने का चूर्ण ले हल्का और सुपाच्य भोजन ले शुद्धि क्रिया करें। *समूह के सदस्य बनने के लिए9651316471पर मैसेज करे* 🙏 *नियमित योगासन, प्राणायाम , ध्यान, कीर्तन, सत्संग करें और जिये जी भर* *आयुर्वेदिक उपचार पद्धति समूह* 🙏🙏🌺🌺🙏🙏🤝

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ramesh kumar May 26, 2022

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ramesh kumar May 26, 2022

🚩जय श्री बाग वाले बालाजी की🚩 📜 *दैनिक पंचांग* 📜 ☀ 26 - मई - 2022 गुरुवार ☀ मकराना, राजस्थान 🚩 *सुनहू भरत भावी प्रबल।* *बिलख कहेउ मुनिनाथ।।* *हानि, लाभ, जीवन, मरण।* *यश, अपयश विधि हाथ।।* 🚩 *आज का योग:-*🚩 भारतीय वर्ष का पचपनवां दिन, अंग्रेजी वर्ष का 146 वां दिन, ज्येष्ठ बदी एकादशी 10.45 बजे तक तत्पश्चात द्वादशी तिथि, *अपरा एकादशी*, भद्रकाली एकादशी (पंजाब), जलक्रीड़ा एकादशी (उड़ीसा), पंचक 24.38 बजे तक, गण्डमूल सम्पूर्ण दिन रात, गृहारंभ (नींव) मुहूर्त (नैर्ऋत्य कोण), गृहप्रवेश मुहुर्त, देवप्रतिष्ठा मुहुर्त, वाहन क्रय विक्रय मुहुर्त, सगाई मुहुर्त, सूतिका स्नान मुहूर्त, चूड़ा पहनने का मुहूर्त, नामकरण संस्कार मुहूर्त, मुंडन संस्कार मुहूर्त, अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त, विद्यारंभ संस्कार मुहूर्त, उद्योग (मशीनरी) मुहूर्त, भूमि भवन क्रय विक्रय मुहुर्त, कूपारम्भ (बोरिंग कुआं आदि) मुहूर्त, भट्टी या बायलर का मुहूर्त, हलप्रवहण/बीजारोपण मुहूर्त, होली थर्सडे (ईसाई)। 🚩 *आज का विचार* जीवन कितना भी कठिन क्यों न लगे, हमारे पास कुछ ना कुछ करने और सफल होने की गुंजाइश हमेशा रहती है। हां "अपने कर्म पर और अपने ईश्वर पर विश्वास अवश्य रखें।" 🚩☀ *पंचांग* 🔅 तिथि एकादशी 10:55 AM 🔅 नक्षत्र रेवती +00:38 AM 🔅 करण : बालव 10:55 AM कौलव 11:18 PM 🔅 पक्ष कृष्ण 🔅 योग आयुष्मान 10:13 PM 🔅 वार गुरूवार ☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ 🔅 सूर्योदय 05:38 AM 🔅 चन्द्रोदय +03:36 AM 🔅 चन्द्र राशि मीन 🔅 सूर्यास्त 07:17 PM 🔅 चन्द्रास्त 03:39 PM 🔅 ऋतु ग्रीष्म ☀ हिन्दू मास एवं वर्ष 🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत 🔅 कलि सम्वत 5124 🔅 दिन काल 01:39 PM 🔅 विक्रम सम्वत 2079 🔅 मास अमांत वैशाख 🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ ☀ शुभ और अशुभ समय ☀ शुभ समय 🔅 अभिजित 12:00:52 - 12:55:28 ☀ अशुभ समय 🔅 दुष्टमुहूर्त 10:11 AM - 11:06 AM 🔅 कंटक 03:39 PM - 04:33 PM 🔅 यमघण्ट 06:33 AM - 07:27 AM 🔅 राहु काल 02:10 PM - 03:52 PM 🔅 कुलिक 10:11 AM - 11:06 AM 🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 05:28 PM - 06:23 PM 🔅 यमगण्ड 05:38 AM - 07:21 AM 🔅 गुलिक काल 09:03 AM - 10:45 AM ☀ दिशा शूल 🔅 दिशा शूल दक्षिण 🚩 📜 *चोघडिया* 📜 *दिन का चोघडिया* 🔅शुभ 05:38:39 - 07:21:01 🔅रोग 07:21:01 - 09:03:24 🔅उद्वेग 09:03:24 - 10:45:47 🔅चल 10:45:47 - 12:28:10 🔅लाभ 12:28:10 - 14:10:33 🔅अमृत 14:10:33 - 15:52:56 🔅काल 15:52:56 - 17:35:19 🔅शुभ 17:35:19 - 19:17:42 *रात का चोघडिया* 🔅अमृत 19:17:42 - 20:35:16 🔅चल 20:35:16 - 21:52:51 🔅रोग 21:52:51 - 23:10:26 🔅काल 23:10:26 - 24:28:01 🔅लाभ 24:28:01 - 25:45:35 🔅उद्वेग 25:45:35 - 27:03:10 🔅शुभ 27:03:10 - 28:20:45 🔅अमृत 28:20:45 - 29:38:20 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि लगभग डेढ़ घंटा होती है। सुर्योदय एवं सुर्यास्त के बीच के समय को आठ भागो मे विभक्त कर एक चोघड़िया का समय ज्ञात किया जाता हैं। *चर* में चक्र चलाइये , *उद्वेगे* थलगार। *शुभ* में स्त्री श्रृंगार करे, *लाभ* में करो व्यापार॥ *रोग* में रोगी स्नान करे, *काल* करो भण्डार। *अमृत* में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार॥ अर्थात- *चर:* में वाहन,मशीन आदि कार्य करें। *उद्वेग:* में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें। *शुभ:* में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें। *लाभ:* में व्यापार करें। *रोग:* में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें। *काल:* में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है। *अमृत:* में सभी शुभ कार्य करें। 🙏 *जय श्री बाग वाले बालाजी की*🙏

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ramesh kumar May 26, 2022

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