X7skr🇮🇳 Jan 22, 2022

🕉️ namah shivay 🙏 @🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक - 23 जनवरी 2022* ⛅ *दिन - रविवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078* ⛅ *शक संवत -1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - शिशिर* ⛅ *मास - माघ (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार - पौष)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - पंचमी सुबह 09:12 तक तत्पश्चात षष्ठी* ⛅ *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी सुबह 11:09 तक तत्पश्चात हस्त* ⛅ *योग - अतिगण्ड दोपहर 12:50 तक तत्पश्चात सुकर्मा* ⛅ *राहुकाल - शाम 05:00 से शाम 06:23 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:19* ⛅ *सूर्यास्त - 18:21* ⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती (दि. अ.)* 💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *माघ मास* 🌷 🙏🏻 *माघ मास हिंदू पञ्चाङ्ग का 11 वां चंद्रमास है। इस मास में मघा नक्षत्र युक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम माघ रखा गया (मघायुक्ता पौर्णमासी यत्र मासे सः)।* ➡ *उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार माघ मास प्रारंभ हो चुका है।* 👉🏻 *माघ मास में श्रवण और मूल शून्य नक्षत्र हैं इनमें कार्य करने से धन का नाश होता है।* 🙏🏻 *माघ मास में कृष्ण पक्ष की पंचमी व शुक्ल पक्ष की षष्ठी मास शून्य तिथियां होती हैं।* ➡ *इन तिथियों शुभ काम नहीं करना चाहिए।* 🙏🏻 *महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार* *माघं तु नियतो मासमेकभक्तेन य: क्षिपेत्।* *श्रीमत्कुले ज्ञातिमध्ये स महत्त्वं प्रपद्यते।।* 👉🏻 *अर्थात जो माघ मास में नियमपूर्वक एक समय भोजन करता है, वह धनवान कुल में जन्म लेकर अपने कुटुम्बजनों में महत्व को प्राप्त होता है।* ➡ *माघ में मूली का त्याग करना चाहिए। देवता और पितर को भी मूली अर्पण न करें।* 🙏🏻 *श्री हरि नारायण को माघ मास अत्यंत प्रिय है। वस्तुत: यह मास प्रातः स्नान (माघ स्नान), कल्पवास, पूजा-जप-तप, अनुष्ठान, भगवद्भक्ति, साधु-संतों की कृपा प्राप्त करने का उत्तम मास है। माघ मास की विशिष्टता का वर्णन करते हुए महामुनि वशिष्ठ ने कहा है, ‘जिस प्रकार चंद्रमा को देखकर कमलिनी तथा सूर्य को देखकर कमल प्रस्फुटित और पल्लवित होता है, उसी प्रकार माघ मास में साधु-संतों, महर्षियों के सानिध्य से मानव बुद्धि पुष्पित, पल्लवित और प्रफुल्लित होती है। यानी प्राणी को आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है।* 🙏🏻 *पद्मपुराण, उत्तरपर्व में कहा गया है* *ग्रहाणां च यथा सूर्यो नक्षत्राणां यथा शशी* *मासानां च तथा माघः श्रेष्ठः सर्वेषु कर्मसु* 👉🏻 *अर्थात जैसे ग्रहों में सूर्य और नक्षत्रों में चन्द्रमा श्रेष्ठ है, उसी प्रकार महीनों में माघ मास श्रेष्ठ है।* 🙏🏻 *पद्मपुराण में कहा गया है की माघ मास आने पर नाना प्रकार के फूलों से भगवान की पूजा करें। उस समय कपूर से तथा नाना प्रकार के नैवेद्य एवं लड्डूओं से पूजा होनी चाहिए। इस प्रकार देवदेवेश्वर के पूजित होने पर मनुष्य निश्चय ही मनोवाञ्छित फलों को प्राप्त कर लेता है।* 🙏🏻 *पद्मपुराण में वसिष्ठजी कहते हैं कि वैशाख में जल और अन्न का दान उत्तम है, कार्तिक में तपस्या और पूजा की प्रधानता है तथा माघ में जप, होम और दान ये तीन बातें विशेष हैं। जिन लोगों ने माघ में प्रातः स्नान, नाना प्रकार का दान और भगवान विष्णु का स्तोत्र पाठ किया है, वे दिव्यधाम में आनन्दपूर्वक निवास करते हैं।* 🌷 *माघ मास में प्रातःकाल स्नान का विशेष महत्व है* *व्रतैर्दानैस्तपोभिश्च न तथा प्रीयते हरि:। माघमज्जनमात्रेण यथा प्रीणाति केशव:।।* *प्रीतये वासुदेवस्य सर्वपापापनुक्तये। माघस्नानं प्रकुर्वीत स्वर्ग लाभाय मानव:।।* 👉🏻 *पूरे माघ मास में प्रयाग में निवास तथा प्रयाग में त्रिवेणी संगम में स्नान बहुत भाग्यशाली मनुष्य को प्राप्त होता है ।* 🙏🏻 *स्कन्दपुराण वैष्णवखण्ड के अनुसार* *प्रयागो माघमासे तु पुष्करं कार्तिके तथा ।।* *अवन्ती माधवे मासि हन्यात्पापं युगार्जितम् ।।* 👉🏻 *माघ मास में प्रयाग, कार्तिक में पुष्कर और वैशाख मास में अवन्तीपुरी (उज्जैन) - ये एक युगतक उपार्जित किये हुए पापों का नाश कर डालते हैं।* 🙏🏻 *ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार* *जो व्रती पुरुष चैत्र अथवा माघ मास में शंकर की पूजा करता है तथा बेंत लेकर उनके सम्मुख रात-दिन भक्ति पूर्वक नृत्य करने में तत्पर रहता है, वह चाहे एक मास, आधा मास, दस दिन, सात दिन अथवा दो ही दिन या एक ही दिन ऐसा क्यों न करे, उसे दिन की संख्या के बराबर युगों तक भगवान शिव के लोक में प्रतिष्ठा प्राप्त हो जाती है।* 👉🏻 *माघ में तिलों का दान जरूर जरूर करना चाहिए। विशेषतः तिलों से भरकर ताम्बे का पात्र दान देना चाहिए।*

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X7skr🇮🇳 Jan 21, 2022

🕉️ namah shivay 🙏 @🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक - 22 जनवरी 2022* ⛅ *दिन - शनिवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078* ⛅ *शक संवत -1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - शिशिर* ⛅ *मास - माघ (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार - पौष)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - चतुर्थी सुबह 09:14 तक तत्पश्चात पंचमी* ⛅ *नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी सुबह 10:38 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी* ⛅ *योग - शोभन दोपहर 02:07 तक तत्पश्चात अतिगण्ड* ⛅ *राहुकाल - सुबह 10:04 से सुबह 11:27 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:19* ⛅ *सूर्यास्त - 18:21* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - 💥 *विशेष - *चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *पौष्टिक गुणों से युक्त तिल की बर्फी* 🌷 🍛 *१ – १ कटोरी तिल व मूँगफली अलग – अलग सेंकलें व एक सूखा नारियल – गोला किस लें | ५०० ग्राम गुड़ की दो तार की चाशनी बनाकर इन सबकी बर्फी जमालें |* 💪🏻 *स्वादिष्ट व पौष्टिक गुणों से युक्त यह बर्फी शीत ऋतु में बहुत लाभकारी है |* 🙏🏻 *स्त्रोत – ऋषि प्रसाद – जनवरी – २०१७ से* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *वात और पित्त सम्बन्धी बीमारियों में* 🌷 🌿 *३ नीम के पत्ते, २ बेल के पत्ते और २ काली मिर्च......उनको अच्छी तरह से पीसें और १ कप (७०-८० ml) पानी में घोल के सुबह शाम पिया करें .......तो वात और पित्त सम्बन्धी बीमारियाँ मिटेंगी और भूख भी अच्छी लगेगी l* 🙏🏻 *पूज्य पूज्य - Faridabad 1st Jan 2010* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *ग्रह दोष की शांति के लिए* 🌷 🙏🏻 *कुंडली में ग्रहों की अशुभ स्थिति हो तो दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता है। किसी एक ग्रह की वजह से भी हमारे कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। यहां जानिए ज्योतिष शास्त्र के कुछ ऐसे उपाय,जिनसे ग्रहों के दोष दूर होते हैं और बाधाएं दूर हो सकती हैं।* ▶ *सूर्य से संबंधित दोष को दूर करने के लिए शिवलिंग पर पीले फूल अर्पित करना चाहिए ।* ▶ *चंद्र से संबंधित दोष दूर करने के लिए शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं।* ▶ *मंगल दोष दूर करने के लिए शिवलिंग पर कुम -कुम और लाल पुष्प अर्पित करना चाहिए ।* ▶ *बुद्ध संबंधित दोषों से मुक्ति के लिए शिवलिंग पर बिल्ब पत्र अर्पित करें ।* ▶ *गुरु के दोषों को दूर करने के लिए शिवलिंग पर चने की दाल और बेसन के लड्डू अर्पित करें।* ▶ *शुक्र के दोष दूर करने के लिए शिवलिंग पर हर रोज जल अर्पित करें ।* ▶ *शनि, राहु और केतु से संबंधित दोषों से मुक्ति के लिए शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करना चाहिए ।* 📖 *हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर* 📒 *हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

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X7skr🇮🇳 Jan 21, 2022

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X7skr🇮🇳 Jan 21, 2022

🕉️ namah shivay 🙏 @🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक - 21 जनवरी 2022* ⛅ *दिन - शुक्रवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078* ⛅ *शक संवत -1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - शिशिर* ⛅ *मास - माघ (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार - पौष)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - तृतीया सुबह 08:51 तक तत्पश्चात चतुर्थी* ⛅ *नक्षत्र - मघा सुबह 09:43 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी* ⛅ *योग - सौभाग्य शाम 03:06 तक तत्पश्चात शोभन* ⛅ *राहुकाल - सुबह 11:27 से दोपहर 12:50 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:19* ⛅ *सूर्यास्त - 18:20* ⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - संकट चतुर्थी (चंद्रोदय रात्रि 9:25)* 💥 *विशेष - तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 🌷 👉 *21 जनवरी 2022 शुक्रवार को संकट चतुर्थी (चंद्रोदय रात्रि 9:25)* 🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :* 🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।* 🌷 *ॐ सोमाय नमः ।* 🙏🏻 *- Shri Sureshanandji Delhi Rohini 12 Sep, 2011* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *चतुर्थी तिथि विशेष* 🌷 🙏🏻 *चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश जी हैं।* 📆 *हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं।* 🙏🏻 *पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।* 🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥* ➡ *“ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷 🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |* 👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –* 🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।* 🌷 *ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।* 🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।* 🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।* 🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:* 🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:* 🙏🏻 *- Shri Sureshanandji Dewas 16th April' 2013* 📖 *हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर* 📒 *हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🏻🌷🌸🌼💐☘🌹🌻🌺🙏🏻

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