laltesh kumar sharma May 20, 2022

*ना जाने किसकी रचना है ? *बहुत ही उम्दा लिखा है, झिंझोड कर रख दिया 😥 ︵︷︵︷︵︷︵︷︵​︷︵ ❓​ कुछ रह तो नहीं गया ❓ ︶︸︶︸︶︸︶︸︶︸︶ तीन महीने के बच्चे को दाई के पास रखकर जॉब पर जाने वाली माँ को दाई ने पूछा ~ कुछ रह तो नहीं गया ? पर्स, चाबी सब ले लिया ना ? अब वो कैसे हाँ कहे ? पैसे के पीछे भागते-भागते सब कुछ पाने की ख्वाहिश में वो जिसके लिये सब कुछ कर रही है, वही रह गया है ! 😑 शादी में दुल्हन को बिदा करते ही शादी का हॉल खाली करते हुए दुल्हन की बुआ ने पूछा ~ भैया, कुछ रह तो नहीं गया ना ? चेक करो ठीक से ..! बाप चेक करने गया, तो दुल्हन के रूम में कुछ फूल सूखे पड़े थे. सब कुछ तो पीछे रह गया. 21 साल जो नाम लेकर जिसको आवाज देता था, लाड़ से, वो नाम पीछे रह गया, और उस नाम के आगे गर्व से जो नाम लगाता था, वो नाम भी पीछे रह गया अब. भैया, देखा ? कुछ पीछे रह तो नहीं गया ? बुआ के इस सवाल पर आँखों में आये आँसू छुपाता बाप जुबाँ से तो नहीं बोला, पर दिल में एक ही आवाज थी ~ सब कुछ तो यहीं रह गया .! 😔 बड़ी तमन्नाओं के साथ बेटे को पढ़ाई के लिए विदेश भेजा था, और वह पढ़कर वहीं सैटल हो गया. पौत्र जन्म पर बमुश्किल 3 माह का वीजा मिला था, और चलते वक्त बेटे ने प्रश्न किया ~ सब कुछ चेक कर लिया ना ? कुछ रह तो नहीं गया ? क्या जबाब देते, कि अब अब छूटने को बचा ही क्या है ..! 😔 सेवानिवृत्ति की शाम पी.ए. ने याद दिलाया ~ चेक कर लें सर ..! कुछ रह तो नहीं गया ? थोड़ा रूका, और सोचा कि पूरी जिन्दगी तो यहीं आने-जाने में बीत गई. अब और क्या रह गया होगा ? 😔 श्मशान से लौटते वक्त बेटे ने ... फिर से गर्दन घुमाई, एक बार पीछे देखने के लिए ... पिता की चिता की सुलगती आग देखकर मन भर आया. भागते हुए गया पिता के चेहरे की झलक तलाशने की असफल कोशिश की .... और वापिस लौट आया. दोस्त ने पूछा ~ कुछ रह गया था क्या ? भरी आँखों से बोला ~ नहीं , कुछ भी नहीं रहा अब. और जो कुछ भी रह गया है, वह सदा मेरे साथ रहेगा .! 😌 एक बार ... समय निकालकर सोचें, शायद ... पुराना समय याद आ जाए, आँखें भर आएं, और आज को जी भर जीने का !!.. मकसद मिल जाए ..!! यारों ! क्या पता ? कब इस जीवन की शाम हो जाये. इससे पहले कि ऐसा हो सब को गले लगा लो, दो प्यार भरी बातें कर लो. ताकि ... कुछ छूट न जाये ..!!! •┈┈┈•✦✿

+36 प्रतिक्रिया 22 कॉमेंट्स • 126 शेयर
laltesh kumar sharma May 19, 2022

+49 प्रतिक्रिया 18 कॉमेंट्स • 1 शेयर
laltesh kumar sharma May 17, 2022

*एक तौलिया से पूरा घर नहाता था।* *दूध का नम्बर बारी-बारी आता था।* *छोटा माँ के पास सो कर इठलाता था।* *पिताजी से मार का डर सबको सताता था।* *बुआ के आने से माहौल शान्त हो जाता था।* *पूड़ी खीर से पूरा घर रविवार व् त्यौहार मनाता था।* *बड़े भाई के कपड़े छोटे होने का इन्तजार रहता था।* *स्कूल मे बड़े भाई की ताकत से छोटा रौब जमाता था।* *बहन-भाई के प्यार का सबसे बड़ा नाता था।* *धन का महत्व कभी कोई सोच भी न पाता था।* *बड़े का बस्ता किताबें साईकिल कपड़े खिलोने पेन्सिल स्लेट स्टाईल चप्पल सब से छोटे का नाता था।* *मामा-मामी नाना-नानी पर हक जताता था।* *एक छोटी सी संदुक को अपनी जान से ज्यादा प्यारी तिजोरी बताता था।* *~~ अब ~~* *तौलिया अलग हुआ, दूध अधिक हुआ,* *माँ तरसने लगी, पिता जी डरने लगे,* *बुआ से कट गये, खीर की जगह पिज्जा बर्गर मोमो आ गये,* *कपड़े भी व्यक्तिगत हो गये, भाईयो से दूर हो गये,* *बहन से प्रेम कम हो गया,* *धन प्रमुख हो गया,अब सब नया चाहिये,* *नाना आदि औपचारिक हो गये।* *बटुऐ में नोट हो गये।* *कई भाषायें तो सीखे मगर संस्कार भूल गये।* *बहुत पाया मगर काफी कुछ खो गये।* *रिश्तो के अर्थ बदल गये,* *हम जीते तो लगते है* *पर संवेदनहीन हो गये।* *कृपया सोचें ,* *कहांँ थे, कहां पहुँच गये।* *बदलने की कोशिश न करे दूसरो को खुद को बदलिए वही जरूरी है ।* 🛕📿🪔🛕📿🌻🪔 *धर्म की जय हो।* *अधर्म का नाश हो॥* *प्राणियों में सद्भावना हो।* *विश्व का कल्याण हो।* *वंदेभारत । शुभ दिवस* 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 *2022*

+7 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 3 शेयर
laltesh kumar sharma May 15, 2022

+16 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 7 शेयर