🍀⚛️ शुभ सोमवार ⚛️🍀🌺 🚩🔱 🛕ॐ नमः शिवाय🛕🔱🚩 🙏🌀🌹शुभरात्रि🌹🌀🙏 🔱ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् , उर्वारुकमिव बन्‍धनान् मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ 🌿 🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾 🎎आदि तुम्ही अनादि तुम्ही🌹 💐तुम ही अनंत का सार हो 💐 🥀साज तुम्ही श्रृंगार तुम्ही🥀 👏तुम ही जीवन का आधार हो👏 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱 🌹*ऊँ नमः शिवाय शब्द में, 🌹 🌺 *सारा जग समाए,🌺 🏵️*हर इच्छा पूरी कर जाए, 🏵️ 🚩*भोले बाबा वो कहलाए,🚩 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀 🙏आपको सपरिवार शिवमय सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏 🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯 🙏 आप और आपके पूरे परिवार पर बाबा भोलेनाथ की आशिर्वाद सदा बनी रहे और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो🍑 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🎭आपका सोमवार का रात्रि शुभ अतिसुन्दर💐 🌹 शिवमय और मंगलमय व्यतीत हो 🍑 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀 🚩🔱 हर हर महादेव 🔱🚩 🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯 🚩🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🚩

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🏵️💫🌹शुभ रक्षा बंधन🌹💫🏵️ 🔥🥗🌹शुभ रविवार🌹🥗🔥 🎎रक्षाबंधन की पौराणिक कथा🎎 💫सबसे पहले मां लक्ष्मी ने बांधी थी अपने भाई को राखी💫 💫 रविवार 22 / 8 / 2021अगस्त को रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया जाएगा। हर साल सावन मास में पूर्णिमा तिथि पर भाई- बहन का यह पवित्र त्योहार मनाया जाता है। इस दि बहन भाई को राखी बांधती है और भाई बहन को उपहार देता है और जीवनभर बहन की रक्षा करने का वचन भी देता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार रक्षाबंधन के पावन पर्व को मनाने की शुरुआत माता लक्ष्मी ने की थी। सबसे पहले माता लक्ष्मी ने ही अपने भाई को राखी बांधी थी। 🎎धार्मिक कथाओं के अनुसार जब राजा बलि ने अश्वमेध यज्ञ करवाया था तब भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर राजा बलि से तीन पग धरती दान में मांग ली थी। राजा ने तीन पग धरती देने के लिए हां बोल दिया था। राजा के हां बोलते ही भगवान विष्णु ने आकार बढ़ा कर लिया है और तीन पग में ही पूरी धरती नाप ली है और राजा बलि को रहने के लिए पाताल लोक दे दिया। 🙍तब राजा बलि ने भगवान विष्णु से एक वरदान मांगा कि भगवन मैं जब भी देखूं तो सिर्फ आपको ही देखूं। सोते जागते हर क्षण मैं आपको ही देखना चाहता हूं। भगवान ने राजा बलि को ये वरदान दे दिया और राजा के साथ पाताल लोक में ही रहने लगे। 🌹भगवान विष्णु के राजा के साथ रहने की वजह से माता लक्ष्मी चिंतित हो गईं और नारद जी को सारी बात बताई। तब नारद जी ने माता लक्ष्मी को भगवान विष्णु को वापस लाने का उपाय बताया। नारद जी ने माता लक्ष्मी से कहा कि आप राजा बलि को अपना भाई बना लिजिए और भगवान विष्णु को मांग लिजिए। 🌺नारद जी की बात सुनकर माता लक्ष्मी राजा बलि के पास भेष बदलकर गईं और उनके पास जाते ही रोने लगीं। राजा बलि ने जब माता लक्ष्मी से रोने का कारण पूछा तो मां ने कहा कि उनका कोई भाई नहीं है इसलिए वो रो रही हैं। राजा ने मां की बात सुनकर कहा कि आज से मैं आपका भाई हूं। माता लक्ष्मी ने तब राजा बलि को राखी बांधी और उनके भगवान विष्णु को मांग लिया है। ऐसा माना जाता है कि तभी से भाई- बहन का यह पावन पर्व मनाया जाता है। 🌺🌲🌹जय मां लक्ष्मी🌲🌹🌺

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🚩🏹🌹जय श्री राम🌹🏹🚩 🌹🏵️🚩जय श्री हनुमान जी🚩🏵️🌹 🚩🩸🏵️जय श्री शनिदेव🏵️🩸🚩 🌺🔥🌻सुप्रभात🌻🔥🌺 🙏आपको सपरिवार पवित्र सावन माह के अंतिम शुभ शनिवार की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏 👏आप और आपके पूरे परिवार पर श्री राम भक्त हनुमान जी और श्री शनिदेव जी की कृपा हमेशा बनी रहे🔥 👏आपका का दिन शुभऔर मंगलमय हो🌺 🌹#कथा#🌹 *********** 🎎एक बार की बात है , वीणा बजाते हुए नारद मुनि भगवान श्रीराम के द्वार पर पहुँचे। नारायण नारायण !! नारदजी ने देखा कि द्वार पर हनुमान जी पहरा दे रहे है। ⚛️हनुमान जी ने पूछा: नारद मुनि ! कहाँ जा रहे हो? नारदजी बोले: मैं प्रभु से मिलने आया हूँ। नारदजी ने हनुमानजी से पूछा प्रभु इस समय क्या कर रहे है? हनुमानजी बोले: पता नहीं पर कुछ बही खाते का काम कर रहे है, प्रभु बही खाते में कुछ लिख रहे है। नारदजी: अच्छा?? क्या लिखा पढ़ी कर रहे है? हनुमानजी बोले: मुझे पता नहीं मुनिवर आप खुद ही देख आना। ❄️नारद मुनि गए प्रभु के पास और देखा कि प्रभु कुछ लिख रहे है। नारद जी बोले: प्रभु आप बही खाते का काम कर रहे है? ये काम तो किसी मुनीम को दे दीजिए। प्रभु बोले: नहीं नारद, मेरा काम मुझे ही करना पड़ता है। ये काम मैं किसी और को नही सौंप सकता। नारद जी: अच्छा प्रभु ऐसा क्या काम है? ऐसा आप इस बही खाते में क्या लिख रहे हो? प्रभु बोले: तुम क्या करोगे देखकर, जाने दो। नारद जी बोले: नही प्रभु बताईये ऐसा आप इस बही खाते में क्या लिखते हैं? 🌹प्रभु बोले: नारद इस बही खाते में उन भक्तों के नाम है जो मुझे हर पल भजते हैं। मैं उनकी नित्य हाजिरी लगाता हूँ। नारद जी: अच्छा प्रभु जरा बताईये तो मेरा नाम कहाँ पर है? नारदमुनि ने बही खाते को खोल कर देखा तो उनका नाम सबसे ऊपर था। नारद जी को गर्व हो गया कि देखो मुझे मेरे प्रभु सबसे ज्यादा भक्त मानते है। पर नारद जी ने देखा कि हनुमान जी का नाम उस बही खाते में कहीं नही है? नारद जी सोचने लगे कि हनुमान जी तो प्रभु श्रीराम जी के खास भक्त है फिर उनका नाम, इस बही खाते में क्यों नही है? क्या प्रभु उनको भूल गए है? नारद मुनि आये हनुमान जी के पास बोले: हनुमान ! प्रभु के बही खाते में उन सब भक्तों के नाम हैं जो नित्य प्रभु को भजते हैं पर आप का नाम उस में कहीं नहीं है? हनुमानजी ने कहा कि: मुनिवर,! होगा, आप ने शायद ठीक से नहीं देखा होगा? नारदजी बोले: नहीं नहीं मैंने ध्यान से देखा पर आप का नाम कहीं नही था। 🎎हनुमानजी ने कहा: अच्छा कोई बात नहीं। शायद प्रभु ने मुझे इस लायक नही समझा होगा जो मेरा नाम उस बही खाते में लिखा जाये। पर नारद जी प्रभु एक अन्य दैनंदिनी भी रखते है उसमें भी वे नित्य कुछ लिखते हैं। नारदजी बोले:अच्छा? हनुमानजी ने कहा: हाँ! नारदमुनि फिर गये प्रभु श्रीराम के पास और बोले प्रभु ! सुना है कि आप अपनी अलग से दैनंदिनी भी रखते है! उसमें आप क्या लिखते हैं? प्रभु श्रीराम बोले: हाँ! पर वो तुम्हारे काम की नहीं है। नारदजी: ''प्रभु ! बताईये ना, मैं देखना चाहता हूँ कि आप उसमें क्या लिखते हैं? प्रभु मुस्कुराये और बोले मुनिवर मैं इनमें उन भक्तों के नाम लिखता हूँ जिन को मैं नित्य भजता हूँ। नारदजी ने डायरी खोल कर देखा तो उसमें सबसे ऊपर हनुमान जी का नाम था। ये देख कर नारदजी का अभिमान टूट गया। कहने का तात्पर्य यह है कि जो भगवान को सिर्फ जीव्हा से भजते है उनको प्रभु अपना भक्त मानते हैं और जो ह्रदय से भजते है उन भक्तों के वे स्वयं भक्त हो जाते हैं। ऐसे भक्तों को प्रभु अपनी हृदय रूपी विशेष सूची में रखते हैं। 🚩🌿🌹जय श्री राम 🌹🌿🚩 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚

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