Davinder Rana Jan 18, 2022

*हरि ॐनमो नारायण* 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* 🌞 ⛅ *दिनांक - 18 जनवरी 2022* ⛅ *दिन - मंगलवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078* ⛅ *शक संवत -1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - शिशिर* ⛅ *मास - माघ (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार - पौष)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - प्रतिपदा 19 जनवरी सुबह 06:53 तक तत्पश्चात द्वितीया* ⛅ *नक्षत्र - पुष्य 19 जनवरी सुबह 06:43 तक तत्पश्चात अश्लेशा* ⛅ *योग - विषकंभ शाम 04:09 तक तत्पश्चात प्रीति* ⛅ *राहुकाल - शाम 03:34 से शाम 04:57 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:19* ⛅ *सूर्यास्त - 18:18* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* *राणा जी खेड़ांवाली🚩* ⛅ *व्रत पर्व विवरण* - 💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *गुरुमूर्ति पूजा में कैसी हो* 🌷 🙏🏻 *पूजा में गुरु की चरण सहित की तस्वीर हो..... पूरी, वो पूजा में रखनी चाहिये |* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 *राणा जी खेड़ांवाली🚩* 🌷 *सर्वफलप्रदायक माघ मास व्रत* 🌷 👉🏻 *17 जनवरी से लेकर 16 फरवरी तक (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार माघ मास दिनांक 02 फरवरी से) माघ महिना रहेगा |* 🙏🏻 *पुण्यदायी स्नान सुधारे स्वभाव* *माघ मास में प्रात:स्नान (ब्राम्हमुहूर्त में स्नान) सब कुछ देता है | आयुष्य लम्बा करता है, अकाल मृत्यु से रक्षा करता है, आरोग्य, रूप, बल, सौभाग्य व सदाचरण देता है | जो बच्चे सदाचरण के मार्ग से हट गये हैं उनको भी पुचकारके, इनाम देकर भी प्रात:स्नान कराओ तो उन्हें समझाने से, मारने-पीटने से या और कुछ करने से वे उतना नहीं सुधर सकते हैं, घर से निकाल देने से भी इतना नहीं सुधरेंगे जितना माघ मास में सुबह का स्नान करने से वे सुधरेंगे |* 🙏🏻 *तो माघ स्नान से सदाचार, संतानवृद्धि, सत्संग, सत्य आचरण उदारभाव आदि का प्राकट्य होता है | व्यक्ति की सुंदरता माने समझ उत्तम गुणों से सम्पन्न हो जाती है | उसकी दरिद्रता और पाप दूर हो जाते हैं | दुर्भाग्य का कीचड़ सूख जाता है | माघ मास में सत्संग-प्रात:स्नान जिसने किया, उसके लिए नरक का डर सदा के लिए खत्म हो जाता है | मरने के बाद वह नरक में नहीं जायेगा | माघ मास के प्रात:स्नान से वृत्तियाँ निर्मल होती हैं, विचार ऊँचे होते हैं | समस्त पापों से मुक्ति होती है | ईश्वरप्राप्ति नहीं करनी हो तब भी माघ मास का सत्संग और पुण्यस्नान स्वर्गलोक तो सहज में ही तुम्हारा पक्का करा देता है | माघ मास का पुण्यस्नान यत्नपूर्वक करना चाहिए |* 🙏🏻 *यत्नपूर्वक माघ मास के प्रात:स्नान से विद्या निर्मल होती है | मलिन विद्या क्या है ? पढ़-लिखके दूसरों को ठगो, दारु पियो, क्लबों में जाओ, बॉयफ्रेंड – गर्लफ्रेंड करो – यह मलिन विद्या है | लेकिन निर्मल विद्या होगी तो इस पापाचरण में रूचि नहीं होगी | माघ के प्रात:स्नान से निर्मल विद्या व कीर्ति मिलती है | ‘अक्षय धन’ की प्राप्ति होती है | रूपये – पैसे तो छोड़के मरना पड़ता है | दूसरा होता है ‘अक्षय धन’, जो धन कभी नष्ट न हो उसकी भी प्राप्ति होती है | समस्त पापों से मुक्ति और इन्द्रलोक अर्थात स्वर्गलोक की प्राप्ति सहज में हो जाती है |* 🙏🏻 *‘पद्म पुराण’ में भगवान राम के गुरुदेव वसिष्ठजी कहते हैं कि ‘वैशाख में जलदान. अन्नदान उत्तम माना जाता है और कार्तिक में तपस्या, पूजा लेकिन माघ में जप, होम और दान उत्तम माना गया है |’* *राणा जी खेड़ांवाली🚩* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग*🌞 🙏🏻🌷🍀🌹🌻🌺🌸🍁🙏🏻

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Davinder Rana Jan 18, 2022

🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄श्री गणेशाय नम:🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻मंगलवार, १८ जनवरी २०२२🌻 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 सूर्योदय: 🌄 ०७:१४ सूर्यास्त: 🌅 ०५:४५ चन्द्रोदय: 🌝 १७:५८ चन्द्रास्त: 🌜०७:३७ अयन 🌕 उत्तरायने (दक्षिणगोलीय ऋतु: 🌫️ शिशिर शक सम्वत: 👉 १९४३ (प्लव) विक्रम सम्वत: 👉 २०७८ (आनन्द) मास 👉 माघ पक्ष 👉 कृष्ण तिथि 👉 प्रतिपदा (३०:५३ तक) नक्षत्र 👉 पुष्य (३०:४२ तक) योग 👉 विष्कुम्भ (१६:०९ तक) प्रथम करण 👉 बालव (१८:०८ तक) द्वितीय करण 👉 कौलव (३०:५३ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 मकर चंद्र 🌟 कर्क मंगल 🌟 धनु (उदित, पश्चिम, मार्गी) बुध 🌟 मकर (अस्त, पश्चिम, वक्री) गुरु 🌟 कुंम्भ (उदय, पूर्व, मार्गी) शुक्र 🌟 धनु (उदित, पूर्व, वक्री) शनि 🌟 मकर (अस्त, पश्चिम, मार्गी) राहु 🌟 वृष केतु 🌟 वृश्चिक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 १२:०६ से १२:४८ अमृत काल 👉 २३:४५ से २५:२९ सर्वार्थसिद्धि योग 👉 ३०:४२ से ३१:१३ विजय मुहूर्त 👉 १४:१२ से १४:५४ गोधूलि मुहूर्त 👉 १७:३१ से १७:५५ निशिता मुहूर्त 👉 २४:०० से २४:५४ राहुकाल 👉 १५:०४ से १६:२३ राहुवास 👉 पश्चिम यमगण्ड 👉 ०९:५० से ११:०९ होमाहुति 👉 चन्द्र (३०:४२ तक) दिशाशूल 👉 उत्तर अग्निवास 👉 पृथ्वी (३०:५३ तक) चन्द्रवास 👉 उत्तर शिववास 👉 गौरी के साथ (३०:५३ से सभा में) 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - रोग २ - उद्वेग ३ - चर ४ - लाभ ५ - अमृत ६ - काल ७ - शुभ ८ - रोग ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - काल २ - लाभ ३ - उद्वेग ४ - शुभ ५ - अमृत ६ - चर ७ - रोग ८ - काल नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 उत्तर-पश्चिम (धनिया अथवा दलिया का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️〰️〰️〰️ तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ माघ कृष्ण पक्ष आरम्भ, शनि पश्चिम में अस्त ३१:१५ से, उपनयन (जनेऊ) संस्कार मुहूर्त प्रातः ०९:५८ से दोपहर ०१:५५ तक आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 राणा जी खेड़ांवाली🚩 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 आज ३०:४२ तक जन्मे शिशुओ का नाम पुष्य नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमश (हू, हे, हो, डा) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओं का नाम आश्लेषा नक्षत्र के प्रथम चरण अनुसार क्रमश: (डी) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त मकर - ३१:०३ से ०८:४४ कुम्भ - ०८:४४ से १०:१० मीन - १०:१० से ११:३३ मेष - ११:३३ से १३:०७ वृषभ - १३:०७ से १५:०२ मिथुन - १५:०२ से १७:१७ कर्क - १७:१७ से १९:३८ सिंह - १९:३८ से २१:५७ कन्या - २१:५७ से २४:१५ तुला - २४:१५ से २६:३६ वृश्चिक - २६:३६ से २८:५५ धनु - २८:५५ से ३०:५९ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त मृत्यु पञ्चक - ०७:१३ से ०८:४४ अग्नि पञ्चक - ०८:४४ से १०:१० शुभ मुहूर्त - १०:१० से ११:३३ मृत्यु पञ्चक - ११:३३ से १३:०७ अग्नि पञ्चक - १३:०७ से १५:०२ शुभ मुहूर्त - १५:०२ से १७:१७ रज पञ्चक - १७:१७ से १९:३८ शुभ मुहूर्त - १९:३८ से २१:५७ चोर पञ्चक - २१:५७ से २४:१५ शुभ मुहूर्त - २४:१५ से २६:३६ रोग पञ्चक - २६:३६ से २८:५५ शुभ मुहूर्त - २८:५५ से ३०:४२ मृत्यु पञ्चक - ३०:४२ से ३०:५३ अग्नि पञ्चक - ३०:५३ से ३०:५९ शुभ मुहूर्त - ३०:५९ से ३१:१३ राणा जी खेड़ांवाली🚩 आज का राशिफल🚩 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज का दिन आपके लिए अशुभ रहेगा। प्रातः काल से ही शरीर अस्वस्थ रहने से आलस्य छाया रहेगा अति क्रोध एवं पेट की समस्याओं से ग्रसित रहेंगे जिससे कार्य करने का मन नही करेगा। घर अथवा कार्य क्षेत्र पर किसी से पुरानी बात को लेकर विरोध उभरेगा। मानसिक अशांति का असर कार्य-व्यवसाय पर पड़ेगा आस पास के लोग भी आपकी सोच के विपरीत कार्य कर गुस्से को बढ़ाएंगे व्यवसाय में लाभ हाथ आते आते अंत समय मे आगे के लिये टलने से मन मे नकारात्मक भाव आएंगे। आज एकांत वास का सहारा ले व्यर्थ की बहस बाजी से बचे रहेंगे। विशेषकर महिलाए बेतुकी बयानबाजी से बचें। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज का दिन आपको धन लाभ कराएगा। आज दिन भर स्वास्थ्य उत्तम रहने से कार्यो को ज्यादा गंभीर होकर करेंगे। सहयोग भी बिना मांगे मिलने से अधूरे कार्य सरलता से पूर्ण होंगे। मध्यान के समय नए अनुबंध मिलेंगे चौकन्ने रहे अन्यथा कोई अन्य आपकी लापरवाही का फायदा उठा सकता है। भविष्य की आर्थिक योजनाओं में निवेश करने से आगे लाभ के मार्ग बनेंगे लेकिन किसी की सलाह के बाद ही निर्णय लें। सरकारी कार्यो में लेदेकर सफलता मिलेगी। घर में वातावरण पल पल में बदलेगा सन्तानो की जिद दुविधा में डालेगी कुछ समय के लिये अशांति होगी लेकिन रिश्तेदारो से भेंट होने पर आनंद का वातावरण बनेगा। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज के दिन आपका संतोषि स्वभाव केवल दिखावा मात्र ही रहेगा अंदर ही अंदर उथल पुथल लगी रहेगी। आज अधिकांश कार्य बेमन से ही करेंगे जिसके फलस्वरूप परिणाम भी उसी अनुसार मिलेंगे। धन पाने के लिये मन बेचैन रहेगा लेकिन ज्यादा तामझाम में नही पड़ेंगे आज की स्थिति को देखते हुए यह आपके लिए हितकर ही रहेगा। आज जितना लाभ मिलना है बैठे बिठाये भी मिल सकता है ज्यादा उठापटक करने पर आगे के लिये भी मार्ग बंद हो सकते है। सहकर्मी एवं परिजन आपको शंकालु दृष्टि से देखेंगे जिससे स्वभाव में चिड़चिड़ा पन रहेगा फिर भी स्थिति को संभाल लेंगे। खर्च भी आज नियंत्रण में रहने से निश्चिन्त रहेंगे। सेहत मामूली बातो को छोड़ सामान्य रहेगी। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज के दिन आपका स्वभाव अटपटा रहेगा कहेंगे कुछ करेंगे उसके विपरीत। शारीरिक चुस्ती दिन भर बनी रहेगी फिर भी बिना स्वार्थ के किसी कार्य को करने के लिये तैयार नही होंगे मध्यान बाद परिस्थिति वश स्वभाव में गंभीरता स्वतः ही आ जायेगी आपकी यश, कीर्ति और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में उच्च पदाधिकारी खुश रहने से पदोन्नति की संभावना बढ़ेगी। किसी बहुप्रतीक्षित कार्य के पूर्ण होने से ख़ुशी बढ़ेगी। परिवार में आनंद का वातावरण रहेगा। संतान के ऊपर खर्च करेंगे। संध्या का समय थकान से भरा रहेगा फिर भी मनोरंजन के साधन खोज लेंगे। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज का दिन भी आपके प्रतिकूल रहने वाला है प्रत्येक कार्य में सावधानी बरतें हानि आज किसी न किसी रूप में अवश्य होगी। कार्य क्षेत्र पर जो भी निर्णय लेंगे परिणाम उसके एकदम विपरीत जाएगा। आज मजबूरी में भी किसी के ऊपर आँख बंद कर विश्वाश ना करें धोखा हो सकता है। प्रातः काल अथवा संध्या के समय किसी प्रियजन से ग़लतफ़हमी के कारण तीखी बहस होगी। दुर्घटना में चोट का भय है, वाहन सावधानी से चलाएं। संभव हो तो आज यात्रा टालें। व्यर्थ बहस से बच कर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। प्रयास के बाद निकट भविष्य में सफलता अवश्य मिलेगी। शरीर मे नई पुरानी समस्या लगी रहेगी। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज का दिन भी आपके अनुकूल रहेगा। आज आपके व्यवहार कुशलता से सामाजिक व्यक्तित्त्व निखरेगा जिसका प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष लाभ शीघ्र ही देखने को मिलेगा परन्तु आज बोलचाल में सतर्कता भी बरतनी पड़ेगी आवश्यकता के समय ही अपने विचार रखें। कार्य क्षेत्र पर लाभ अर्जित करेंगे आशा से कम होने पर हतोत्साहित ना हो निकट भविष्य में स्थिति समान ही बनी रहेगी। किसी पुराने मित्र से आनंददायक भेंट होने पर कुछ समय के लिये अतीत की यादों में डूबेंगे। सन्ध्या के समय अकस्मात धन लाभ का योग है। पारिवारिक जीवन मे मधुरता बनी रहेगी। पर्यटन का अवसर भी मिल सकता है। ठंडी वस्तुओ के सेवन का परहेज करें। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज का दिन आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा बीते दिनों से जिस कार्य को लेकर भागदौड़ कर रहे थे आज उसके पूर्ण होने की संभावना है लेकिन आरम्भ में आज भी कुछ न कुछ व्यवधान आएंगे फिर भी निराश ना हो विजय आपकी ही होगी। व्यवसायियों को नए लाभ के अनुबंध मिलेंगे लेकिन नए कार्य के आरम्भ के लिए थोड़ी प्रतीक्षा करें। किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति से प्रलोभन दिया जा सकता है सतर्क रहें अन्यथा धन एवं मान हानि हो सकती है। मातृ पक्ष से लाभ की सम्भवना है। स्वास्थ्य उत्तम बना रहेगा। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज के दिन के कुछ भाग को छोड़कर शेष शांति से बिताएंगे रहेगा। आज आपका ध्यान आध्यात्मिक एवं गूढ़ रहस्यों को जानने के लिये प्रेरित होगा लेकिन अन्य व्यस्तता के चलते इसके लिये ज्यादा समय नही निकाल पाएंगे। आज जमीन सम्बंधित अधूरे कार्य पूरे होने से राहत की सांस लेंगे। किसी बुजुर्ग के सहयोग से लाभ होगा। नौकरी पेशा जातको को आज अधिक कार्य भार से असहजता अनुभव होगी। स्त्री-पुत्र का सुख-सहयोग मिलेगा। किसी के ऊपर अतिविश्वास हानि करा सकता है। पुराना रोग उभरने से परेशानी होगी। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज का दिन आपको प्रतिकूल फल देगा। आज आपका अथवा किसी परिजन का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने से मानसिक चिंता बढ़ेगी अतिरिक्त भागदौड़ होने से कार्य व्यवसाय को उचित समय नही दे पाएंगे। जल्दबाजी में कार्य करने पर कुछ न कुछ त्रुटि होने से किसी से विवाद हो सकता है। आकस्मिक खर्च बढ़ने से आर्थिक स्थिति बिगड़ेगी। परिजनों का व्यवहार भी अनापेक्षित रहने के कारण मन दुखी होगा फिर भी महत्त्वपूर्ण कार्यो में मार्गदर्शन लेकर ही करें। नौकरी वालो को अन्य दिनों की तुलना में अधिक संघर्ष करना पड़ेगा फिर भी उचित लाभ न मिलने से निराशा होगी। व्यर्थ बहस से स्वयं को दूर ही रखें। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज का दिन आपके अनुकूल रहेगा। आज आप अपने कुशल व्यवहार से हानि को भी लाभ में बदलने की क्षमता रखेंगे परन्तु आज आपका दिमाग आर्थिक विषयो में अधिक भटकने के कारण सार्वजनिक क्षेत्र पर सम्मान में कमी भी आ सकती है। नौकरी-व्यवसाय में किसी स्त्री के सहयोग से लाभ होगा महिला वर्ग से व्यवहारिक रहें कुछ दिनों से परेशान कर रहे प्रतिस्पर्धी परास्त होंगे। विद्यार्थी वर्ग प्रतियोगि परीक्षा में सफल होंगे। छोटी यात्रा के योग बनेंगे टालने के प्रयास में ना रहे इससे लाभ ही होगा। धन लाभ आज किसी भी समय हो सकता है सतर्क रहे। सेहत के प्रति भी सावधानी बरतें लापरवाही आगे गंभीर रूप ले सकती है। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आपका आज का दिन मिश्रित फलदायक रहेगा। आज दिन के पूर्वार्ध में प्रत्येक कार्य उत्साह से करेंगे धन संबंधित आवश्यकताओं की पूर्ति भी समय से होने पर कार्य करने में दिलचस्पी बढ़ेगी। मध्यान पश्चात स्थिति विपरीत होने से महत्त्वपूर्ण कार्य के वादे पूरे करने में पसीना छूटेगा समय पर पूर्ण ना होने पर किसी की आलोचना सुनने को मिलेगी।संध्या के समय किसी समारोह में सम्मिलित होने पर अतिरीक्त खर्च करना पड़ेगा। घर एवं कार्य क्षेत्र पर भी सुविधा बढ़ाने पर कुछ न कुछ खर्च लगा ही रहेगा आज किसी भी प्रकार के लोभ में ना पढ़ें। पारिवारिक वातावरण स्थिर रहेगा। सेहत भी ठीक ठाक ही रहेगी। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज का दिन शुभफल प्रदान करने वाला रहेगा। आज आपको अपने आस पास के लोगो से अति महत्त्वपूर्ण बाते सीखने को मिलेंगी लेकिन स्वभाव में जल्दबाजी रहने के कारण कम समय मे अधिक ज्ञान पाने के चक्कर मे प्राप्त किया ज्ञान भी भूल सकते है इसलिये ध्यान से सभी की बातों को सुने आगे बहुत काम आने वाली है। आज आपका मन कार्य व्यवसाय को छोड़ परिवार के प्रति समर्पित रहेगा। कार्य क्षेत्र पर अधीनस्थों पर आश्रित रहना पड़ेगा। मित्र-संबंधियों के मांगलिक आयोजन में सम्मिलित होंगे। सन्ध्या बाद का समय बाहर ही बीतेगा। ज्यादा तले भुने खाने से बचे अन्यथा बाद में परेशानी होगी। राणा जी खेड़ांवाली🚩

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Davinder Rana Jan 16, 2022

🙏🏻जय सिया राम🙏🏻 🌸 *आज का मानस विचार एवम् चिंतन:-* *शिव शिवा चरित* चौपाई:- 🌸 *तौ मैं बिनय करउँ कर जोरी।* *छूटउ बेगि देह यह मोरी॥* *जौं मोरें सिव चरन सनेहू।* *मन क्रम बचन सत्य ब्रतु एहू॥* भावार्थ:- 🌸 सती श्रीरामचन्द्र जी से विनती करती हुई कहती हैं:- आप तो दुःख को हरने वाले हैं। तो मैं हाथ जोड़कर विनती करती हूँ कि मेरी यह देह जल्दी छूट जाए। यदि मेरा शिवजी के चरणों में प्रेम है और मेरा यह (प्रेम का) व्रत मन, वचन और कर्म (आचरण) से सत्य है। टिप्पणी:- 🌸 *कथयामास सुप्रीत्या कथा बह्वीर्मनोरमाः।* *निश्शोका कृतवान्सद्यो लीलां कृत्वा च तादृशीम्।।* *पूर्ववत्सा सुखं लेभे तत्याज स्वपणं न सः।* *नेत्याश्चर्यं शिवे तात मंतव्यं परमेश्वरे।।* *इत्थं शिवाशिवकथां वदन्ति मुनयो मुने।* *किल केचिदविद्वांसो वियोगश्च कथं तयोः।।* *शिवाशिवचरित्रं को जानाति परमार्थतः।* *स्वेच्छया क्रीडतस्तो हि चरितं कुरुतस्सदा।।* (शिव पु. रु.सं सती खण्ड २५.६५-६८) उन्होंने वैसी ही लीला करके सतीके शोकको तत्काल दूर कर दिया। वे पूर्ववत् सुखी हो गयीं। फिर भी शिवने अपनी प्रतिज्ञाको नहीं छोड़ा। तात! परमेश्वर शिवके विषयमें यह कोई आश्चर्यकी बात नहीं समझनी चाहिये । मुने! मुनिलोग शिवा और शिवकी ऐसी ही कथा कहते हैं। कुछ मनुष्य उन दोनोंमें वियोग मानते हैं। परंतु उनमें वियोग कैसे सम्भव है। शिवा और शिवके चरित्रको वास्तविकरूपसे कौन जानता है। वे दोनों सदा अपनी इच्छासे खेलते और भाँति-भाँतिकी लीलाएँ करते हैं। 🌸🌸🙏🏻🌸🌸🙏🏻🌸🌸🙏🏻🌸🌸 *चरण शरण में राख सदाशिव* *तेरी है दरकार।* *कब से आस लगाये बैठे,* *सुन लो मेरी पुकार।।* *राणा जी खेड़ांवाली🚩* 🌸🌸🙏🏻🌸🌸🙏🏻🌸🌸🙏🏻🌸🌸

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Davinder Rana Jan 16, 2022

श्रीरामचरितमानस 🚩🚩🚩🚩🚩 ——— मुखिया धर्म —- मुखिआ मुखु सो चाहिऐ खान पान कहुँ एक । पालइ पोषइ सकल अंग तुलसी सहित बिबेक ।। ( अयोध्याकाण्ड, दो. 315) राम राम बंधुओं, भरत जी अयोध्या वापस जाने को तैयार हैं । राम जी उनसे कहते हैं कि आप वशिष्ठ जी , माताओं व मंत्रियों की शिक्षा मानकर प्रजा का पालन करिएगा । राम जी आगे कहते हैं कि मुखिया को तो मुख जैसा होना चाहिए जो ग्रहण करने को तो अकेला है परंतु शरीर के सब अंगों का विवेकपूर्वक पालन करता है । मित्रों, विवेक तो उसी का जाग्रत होता है जो राम जी के साथ हैं और तब वह सबके साथ उचित ब्यवहार करता है । अतएव जीवन में विवेकपूर्ण आचरण हेतु राम संग करें , रघुनाथ संग करें अस्तु जय राम , जय राम , जय जय राम राणा जी खेड़ांवाली 🚩🚩🚩

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Davinder Rana Jan 16, 2022

*भोजन सम्बंधित कुछ नियम 〰〰〰〰〰〰〰〰〰 कुछ सूत्र जो याद रखे एक साथ नहीं खानी चाहिए चाय के साथ कोई भी नमकीन चीज नहीं खानी चाहिए। दूध और नमक, दूध और मछली , का संयोग सफ़ेद दाग ( ल्युकोर्डमा ) या किसी भी स्किन डीजीज को जन्म दे सकता है । बाल असमय सफ़ेद होना या बाल झड़ना भी स्किन डीजीज ही है। सर्व प्रथम यह जान लीजिये कि कोई भी आयुर्वेदिक दवा खाली पेट खाई जाती है और दवा खाने से आधे घंटे के अंदर कुछ खाना अति आवश्यक होता है, नहीं तो दवा की गरमी आपको बेचैन कर देगी। दूध या दूध की बनी किसी भी चीज के साथ दही ,नमक, इमली, खरबूजा,बेल, नारियल, मूली, तोरई,तिल ,तेल, कुल्थी, सत्तू, खटाई, नहीं खानी चाहिए। दही के साथ खरबूजा, पनीर, दूध और खीर नहीं खानी चाहिए। गर्म जल के साथ शहद कभी नही लेना चाहिए। ठंडे जल के साथ घी, तेल, खरबूज, अमरूद, ककड़ी, खीरा, जामुन ,मूंगफली कभी नहीं। शहद के साथ मूली , अंगूर, गरम खाद्य या गर्म जल कभी नहीं। खीर के साथ सत्तू, शराब, खटाई, खिचड़ी , कटहल कभी नहीं। घी के साथ बराबर मात्र1 में शहद भूल कर भी नहीं खाना चाहिए ये तुरंत जहर का काम करेगा। तरबूज के साथ पुदीना या ठंडा पानी कभी नहीं। चावल के साथ सिरका कभी नहीं। चाय के साथ ककड़ी खीरा भी कभी मत खाएं। खरबूज के साथ दूध, दही, लहसून और मूली कभी नहीं। कुछ चीजों को एक साथ खाना अमृत का काम करता है 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 खरबूजे के साथ चीनी इमली के साथ गुड गाजर और मेथी का साग बथुआ और दही का रायता मकई के साथ मट्ठा अमरुद के साथ सौंफ तरबूज के साथ गुड मूली और मूली के पत्ते अनाज या दाल के साथ दूध या दही आम के साथ गाय का दूध चावल के साथ दही खजूर के साथ दूध चावल के साथ नारियल की गिरी केले के साथ इलायची कभी कभी कुछ चीजें बहुत पसंद होने के कारण हम ज्यादा बहुत ज्यादा खा लेते हैं। ऎसी चीजो के बारे में बताते हैं जो अगर आपने ज्यादा खा ली हैं तो कैसे पचाई जाये। केले की अधिकता में दो छोटी इलायची आम पचाने के लिए आधा चम्म्च सोंठ का चूर्ण और गुड खाये। - जामुन ज्यादा खा लिया तो 3 - 4 चुटकी नमक खा लें। सेब ज्यादा हो जाए तो दालचीनी का चूर्ण एक ग्राम खा लें। खरबूज के लिए आधा कप चीनी का शरबत। तरबूज के लिए सिर्फ एक लौंग। अमरूद के लिए सौंफ। नींबू के लिए नमक। बेर के लिए सिरका। गन्ना ज्यादा चूस लिया हो तो 3 - 4 बेर खा लीजिये। चावल ज्यादा खा लिया है तो आधा चम्म्च अजवाइन पानी से निगल लीजिये। बैगन के लिए सरसो का तेल एक चम्म्च। मूली ज्यादा खा ली हो तो एक चम्म्च काला तिल चबा लीजिये। बेसन ज्यादा खाया हो तो मूली के पत्ते चबाएं। खाना ज्यादा खा लिया है तो थोड़ी दही खाइये। मटर ज्यादा खाई हो तो अदरक चबाएं। इमली या उड़द की दाल या मूंगफली या शकरकंद या जिमीकंद ज्यादा खा लीजिये तो फिर गुड खाइये। मुंग या चने की दाल ज्यादा खाये हों तो एक चम्म्च सिरका पी लीजिये। मकई ज्यादा खा गये हो तो मट्ठा पीजिये। घी या खीर ज्यादा खा गये हों तो काली मिर्च चबाएं। खुरमानी ज्यादा हो जाए तो ठंडा पानी पीयें। पूरी कचौड़ी ज्यादा हो जाए तो गर्म पानी पीजिये। अगर सम्भव हो तो भोजन के साथ दो नींबू का रस आपको जरूर ले लेना चाहिए या पानी में मिला कर पीजिये या भोजन में निचोड़ लीजिये 80% बीमारियों से बचे रहेंगे । राणा जी खेड़ांवाली🚩 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰*

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Davinder Rana Jan 16, 2022

*अशोक वृक्ष के प्रभावशाली उपाय 〰️〰️🌼〰️〰️〰️〰️🌼〰️〰️ अशोक वृक्ष धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन में अन्य पावन वृक्षों, जैसे वट-पीपल आदि की भांति भारतीयों के लिए श्रद्धा का पात्र है। शुभ एवं मंगलकारी वृक्ष के रूप में इसका वर्णन ब्रह्मवैवर्त पुराण में किया गया है। यह वृक्ष पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में प्रभावी भूमिका निभाता है। धर्मावलंबी इसको किसी न किसी रूप में पावन वृक्ष के रूप में श्रद्धा के साथ मान्यता देते हैं।  प्राचीन मूर्तियों में अशोक वृक्ष की अर्चना अंकित है। बौद्ध धर्म के अनुयायी इस वृक्ष को इसलिए पूजते हैं क्योंकि महात्मा बुद्ध का अशोक वृक्ष के नीचे जन्म हुआ था। वैसे तो इस वृक्ष की पूजा का प्रचलन, गन्धर्वों और यक्षों के काल से रहा है। श्री राम ने अशोक के पेड़ से ही सीता जी के दर्शन की अभिलाषा की थी। तो कालान्तर में राम भक्त हनुमान की सीता को अशोक पेड़ के नीचे बैठी देखकर ही शोक की समाप्ति हुई थी। इससे इस पेड़ के शोक रहित होने की बात चरितार्थ सिद्ध होती है। भगवान वाल्मीकि ने रामायण में वर्णित, पंचवटी में लगे प्रमुखत: पांच वृक्षों को शुभ माना है। उनमें अशोक वृक्ष भी है। यह पेड़ इंद्र देव को अत्यधिक प्रिय है क्योंकि यह कामदेव का प्रतीक माना गया है। इस पेड़ को पूजने की परंपरा राजा भोज के समय से है। अशोक वृक्ष को विभिन्न भाषाओं में विभिन्न नामों से संबोधित किया जाता है। जैसे संस्कृत में महापुष्प, अपशोक मंजरी, मारवाड़ी में आसापाली, गुजराती में आसोपालव, देववाणी में अशोक, बञजुली शोक, उडिय़ा, गढ़वाली, बंगाली, मराठी व कन्नड़ में अशोक, तमिल में आर्सीगम वनस्पति शास्त्रियों के अनुसार सराका इंडिका अशोक एवं लैटिन में जानेसिया अशोक।  ज्योतिष शास्त्र में व्यवसाय बाधा निवारण, विवाह बाधा निवारण एवं धन की कामना के लिये अशोक वृक्ष के कई उपाय बताए गए है आज हम उनमें से कुछ प्रमुख उपायों को आप लिये प्रस्तुत कर रहे है। 1👉 किसी भी शुद्ध मुर्हूत में जैसे कि गुरु+रवि पुष्य योग या जिसे उपाय करना है उसकी जन्म तिथि के दिन पड़ने वाला अभिजीत मुहूर्त, होली, दीपावली, धनतेरस, अक्षय तृतीया, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा या अन्य मासिक शुभ मुहूर्त में अशोक वृक्ष की जड़ को निकाल लें। जड़ को निकाल उसे स्वच्छ जल अथवा गंगा जल से शुद्ध करके। अपने पूजा के स्थल में माँ दुर्गा के बीज मन्त्र से 1008 बार या यथा सामर्थ्य इससे अधिक जाप करें। इसके बाद इस मूल जड़ को लाल कपड़े या लाल धागें में शरीर पर धारण करने से कार्यो में शीघ्र ही सफलता मिलने लगती है। इसकी मूल जड़ को शुद्ध करके तकिये के अन्दर रखने से वैवाहिक जीवन में परस्पर प्रेम बना रहता है। 2👉 अशोक के पेड़ पर यदि प्रतिदिन जल चढ़ाया जाये तो उस गृह में माँ भगवती कृपा विद्यमान रहती है। उस मकान में रोग, शोक, गृह कलेश अशान्ति आदि समस्यायें न के बराबर रहती है। इस पेड़ पर जो जातक नित्य जल अर्पित करता है। उस पर माँ लक्ष्मी की कृपा बरसती है। प्रत्येक शुक्रवार को अशोक के वृक्ष के नीचे घी एवं कपूर मिश्रित दीपक जलाने से घर में नकारात्मबक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती है। 3👉जो जातक निरन्तर व्यवसाय में हानि उठा रहे एवं उनका व्यवसाय बन्द होने की कगार पर है। वह जातक निम्न प्रयोग करके लाभ प्राप्त कर सकते है। अशोक वृक्ष के बीजों को प्राप्त कर उन्हें स्वच्छ करके धूप व अगरबत्ती दे और आँखे बन्द करके अपनी समस्या से मुक्ति देने की प्रार्थना करें तद्नन्तर इन बीजों में से एक बीज को किसी ताबीज में भरकर अपने गले में धारण कर लें। शेष बीजों को धन रखने के स्थान पर रख दें। यह उपाय शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार को करना अति उत्तम रहेंगा। 4👉 किसी भी शुभ मुर्हूत में अशोक के पेड़ की जड़ को पूर्व निमन्त्रण देकर निकाल लायें। उस समय आप मौन रहें। घर में लाकर इसे गंगा जल से शुद्ध करके तिजोरी या धन रखने के स्थान रखें। इस प्रकार का उपाय करने से उस घर में धन की स्थिति पहले की अपेक्षा काफी सुदृढ़ हो जाती है। 5👉 अशोक वृक्ष के फलों को मंगलवार के दिन हनुमान जी को अर्पित करने से मंगल ग्रह की पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है। 6👉 यदि किसी कन्या का विवाह नहीं हो रहा है। और परिवार के लोग काफी चिन्तित एवं परेशान है। वह लोग यह उपाय कर सकते है। अशोक वृक्ष की जड़ तथा पत्ते प्राप्त कर,उस कन्या के स्नान करने वाले जल में डाल दें। तत्पश्चात उस जल में कान्या स्नान करें। ध्यान रखें कि पत्ते व जड़ जल से बाहर न गिरे। स्नान करने के पश्चात इन पत्तों को परिवार का कोई भी सदस्य पीपल वृक्ष की जड़ पर डाल दे। यह प्रयोग कम से कम 41 दिन तक अवश्य करें। यह उपाय शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार से ही प्रारम्भ करें। ऐसा करने से शीघ्र ही उस कन्या का विवाह निश्चित हो जायेगा। अशोक वृक्ष का वास्तु में प्रयोग 👉 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ अशोक का वृक्ष घर में उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। जिससे गृह में सकारात्मक ऊर्जा का संचारण बना रहता है। घर में अशोक के वृक्ष होने से सुख,शन्ति एवं समृद्धि बनी रहती है एंव अकाल मृत्यु नहीं होती है। परिवार की महिलाओं को शारीरिक व मानसिक ऊर्जा में वृद्धि होती है। यदि महिलायें अशोक के वृक्ष पर प्रतिदिन जल अर्पित करती रहे तो उनकी इच्छायें एवं वैेवाहिक जीवन में सुखद वातारण बना रहता है। जो छात्र पढ़ते बहुत है। परन्तु कुछ समय बाद वह सब भूल जाते है। वह लोग अशोक की छाल तथा ब्रहमी समान मात्रा में सुखाकर उसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को 1-1 चम्मच सुबह शाम एक गिलास हल्के गर्म दूध के साथ सेवन करने से शीर्घ ही लाभ मिलेगा। राणा जी खेड़ांवाली🚩 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️

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Davinder Rana Jan 16, 2022

*कौन सी धातु के बर्तन में भोजन करने से क्या क्या लाभ और हानि होती है। *सोना* सोना एक गर्म धातु है। सोने से बने पात्र में भोजन बनाने और करने से शरीर के आन्तरिक और बाहरी दोनों हिस्से कठोर, बलवान, ताकतवर और मजबूत बनते है और साथ साथ सोना आँखों की रौशनी बढ़ता है। *चाँदी* चाँदी एक ठंडी धातु है, जो शरीर को आंतरिक ठंडक पहुंचाती है। शरीर को शांत रखती है इसके पात्र में भोजन बनाने और करने से दिमाग तेज होता है, आँखों स्वस्थ रहती है, आँखों की रौशनी बढती है और इसके अलावा पित्तदोष, कफ और वायुदोष को नियंत्रित रहता है। *कांसा* काँसे के बर्तन में खाना खाने से बुद्धि तेज होती है, रक्त में शुद्धता आती है, रक्तपित शांत रहता है और भूख बढ़ाती है। लेकिन काँसे के बर्तन में खट्टी चीजे नहीं परोसनी चाहिए खट्टी चीजे इस धातु से क्रिया करके विषैली हो जाती है जो नुकसान देती है। कांसे के बर्तन में खाना बनाने से केवल ३ प्रतिशत ही पोषक तत्व नष्ट होते हैं। *तांबा* तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से व्यक्ति रोग मुक्त बनता है, रक्त शुद्ध होता है, स्मरण-शक्ति अच्छी होती है, लीवर संबंधी समस्या दूर होती है, तांबे का पानी शरीर के विषैले तत्वों को खत्म कर देता है इसलिए इस पात्र में रखा पानी स्वास्थ्य के लिए उत्तम होता है. तांबे के बर्तन में दूध नहीं पीना चाहिए इससे शरीर को नुकसान होता है। *पीतल* पीतल के बर्तन में भोजन पकाने और करने से कृमि रोग, कफ और वायुदोष की बीमारी नहीं होती। पीतल के बर्तन में खाना बनाने से केवल ७ प्रतिशत पोषक तत्व नष्ट होते हैं। *लोहा* लोहे के बर्तन में बने भोजन खाने से शरीर की शक्ति बढती है, लोह्तत्व शरीर में जरूरी पोषक तत्वों को बढ़ता है। लोहा कई रोग को खत्म करता है, पांडू रोग मिटाता है, शरीर में सूजन और पीलापन नहीं आने देता, कामला रोग को खत्म करता है, और पीलिया रोग को दूर रखता है. लेकिन लोहे के बर्तन में खाना नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसमें खाना खाने से बुद्धि कम होती है और दिमाग का नाश होता है। लोहे के पात्र में दूध पीना अच्छा होता है। *स्टील* स्टील के बर्तन नुक्सान दायक नहीं होते क्योंकि ये ना ही गर्म से क्रिया करते है और ना ही अम्ल से. इसलिए नुक्सान नहीं होता है. इसमें खाना बनाने और खाने से शरीर को कोई फायदा नहीं पहुँचता तो नुक्सान भी नहीं पहुँचता। *एलुमिनियम* एल्युमिनिय बोक्साईट का बना होता है। इसमें बने खाने से शरीर को सिर्फ नुक्सान होता है। यह आयरन और कैल्शियम को सोखता है इसलिए इससे बने पात्र का उपयोग नहीं करना चाहिए। इससे हड्डियां कमजोर होती है. मानसिक बीमारियाँ होती है, लीवर और नर्वस सिस्टम को क्षति पहुंचती है। उसके साथ साथ किडनी फेल होना, टी बी, अस्थमा, दमा, बात रोग, शुगर जैसी गंभीर बीमारियाँ होती है। एलुमिनियम के प्रेशर कूकर से खाना बनाने से 87 प्रतिशत पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। *मिट्टी* मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने से ऐसे पोषक तत्व मिलते हैं, जो हर बीमारी को शरीर से दूर रखते थे। इस बात को अब आधुनिक विज्ञान भी साबित कर चुका है कि मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से शरीर के कई तरह के रोग ठीक होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, अगर भोजन को पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाना है तो उसे धीरे-धीरे ही पकना चाहिए। भले ही मिट्टी के बर्तनों में खाना बनने में वक़्त थोड़ा ज्यादा लगता है, लेकिन इससे सेहत को पूरा लाभ मिलता है। दूध और दूध से बने उत्पादों के लिए सबसे उपयुक्त हैमिट्टी के बर्तन। मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से पूरे १०० प्रतिशत पोषक तत्व मिलते हैं। और यदि मिट्टी के बर्तन में खाना खाया जाए तो उसका अलग से स्वाद भी आता है। पानी पीने के पात्र के विषय में 'भावप्रकाश ग्रंथ' में लिखा है.... *जलपात्रं तु ताम्रस्य तदभावे मृदो हितम्।* *पवित्रं शीतलं पात्रं रचितं स्फटिकेन यत्।* *काचेन रचितं तद्वत् वैङूर्यसम्भवम्।* (भावप्रकाश, पूर्वखंडः4) अर्थात् पानी पीने के लिए ताँबा, स्फटिक अथवा काँच-पात्र का उपयोग करना चाहिए। सम्भव हो तो वैङूर्यरत्नजड़ित पात्र का उपयोग करें। इनके अभाव में मिट्टी के जलपात्र पवित्र व शीतल होते हैं। टूटे-फूटे बर्तन से अथवा अंजलि से पानी नहीं पीना चाहिए।* राणा जी खेड़ांवाली🚩

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Davinder Rana Jan 16, 2022

*(मांस का मूल्य ) 〰〰🌼〰〰 मगध के सम्राट् श्रेणिक ने एक बार अपनी राज्य-सभा में पूछा कि- "देश की खाद्य समस्या को सुलझाने के लिए सबसे सस्ती वस्तु क्या है? " मंत्रि-परिषद् तथा अन्य सदस्य सोचमें पड़ गये। चावल, गेहूं, आदि पदार्थ तो बहुत श्रम बाद मिलते हैं और वह भी तब, जबकि प्रकृति का प्रकोप न हो। ऐसी हालत में अन्न तो सस्ता हो नहीं सकता। शिकार का शौक पालने वाले एक अधिकारी ने सोचा कि मांस ही ऐसी चीज है, जिसे बिना कुछ खर्च किये प्राप्त किया जा सकता है। उसने मुस्कराते हुए कहा- "राजन्! सबसे सस्ता खाद्य पदार्थ तो मांस है। इसे पाने में पैसा नहीं लगता और पौष्टिक वस्तु खाने को मिल जाती है।" सबने इसका समर्थन किया, लेकिन मगध का प्रधान मंत्री अभय कुमार चुप रहा। श्रेणिक ने उससे कहा, "तुम चुप क्यों हो? बोलो, तुम्हारा इस बारेमें क्या मत है?" प्रधान मंत्री ने कहा, "यह कथन कि मांस सबसे सस्ता है, एकदम गलत है। मैं अपने विचार आपके समक्ष कल रखूंगा।" रात होने पर प्रधानमंत्री सीधे उस सामन्त के महल पर पहुंचे, जिसने सबसे पहले अपना प्रस्ताव रखा था। अभय ने द्वार खटखटाया। सामन्त ने द्वार खोला। इतनी रात गये प्रधान मंत्री को देखकर वह घबरा गया। उनका स्वागत करते हुए उसने आने का कारण पूछा। प्रधान मंत्री ने कहा - "संध्या को महाराज श्रेणिक बीमार हो गए हैं। उनकी हालत खराब है। राजवैद्य ने उपाय बताया है कि किसी बड़े आदमी के हृदय का दो तोला मांस मिल जाय तो राजा के प्राण बच सकते हैं। आप महाराज के विश्ववास-पात्र सामन्त हैं। इसलिए मैं आपके पास आपके हृदय का दो तोला मांस लेने आया हूं। इसके लिए आप जो भी मूल्य लेना चाहें, ले सकते हैं। कहें तो लाख स्वर्ण मुद्राएं दे सकता हूं।" यह सुनते ही सामान्त के चेहरे का रंग फीका पड़ गया। वह सोचने लगा कि जब जीवन ही नहीं रहेगा, तब लाख स्वर्ण मुद्राएं भी किस काम आएगी! उसने प्रधान मंत्री के पैर पकड़ कर माफी चाही और अपनी तिजौरी से एक लाख स्वर्ण मुद्राएं देकर कहा कि इस धन से वह किसी और सामन्त के हृदय का मांस खरीद लें। मुद्राएं लेकर प्रधानमंत्री बारी-बारी से सभी सामन्तों के द्वार पर पहुंचे और सबसे राजा के लिए हृदय का दो तोला मांस मांगा, लेकिन कोई भी राजी न हुआ। सबने अपने बचाव के लिए प्रधानमंत्री को एक लाख, दो लाख और किसी ने पांच लाख स्वर्ण मुद्राएं दे दी। इस प्रकार एक करोड़ से ऊपर स्वर्ण मुद्राओं का संग्रह कर प्रधान मंत्री सवेरा होने से पहले अपने महल पहुंच गए और समय पर राजसभा में प्रधान मंत्री ने राजा के समक्ष एक करोड़ स्वर्ण मुद्राएं रख दीं। श्रेणिक ने पूछा, "ये मुद्राएं किसलिए हैं?" प्रधानमंत्री ने सारा हाल कह सुनाया और बोले - " दो तोला मांस खरीदने के लिए इतनी धनराशी इक्कट्ठी हो गई किन्तु फिर भी दो तोला मांस नहीं मिला। अपनी जान बचाने के लिए सामन्तों ने ये मुद्राएं दी हैं। अब आप सोच सकते हैं कि मांस कितना सस्ता है?" जीवन का मूल्य अनन्त है। हम यह न भूलें कि जिस तरह हमें अपनी जान प्यारी होती है, उसी तरह सभी जीवों को अपनी जान प्यारी होती है । जियो और जीने दो प्राणी मात्र की रक्षा हमारा धर्म है..!! . शाकाहार अपनाओ… राणा जी खेड़ांवाली🚩 ✏✏✏✏✏*

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