Ansouya M 🍁 Oct 26, 2021

🙏🏻🙏🏻🙏🏻श्री गणेशाय नमः 🌹🙏 🙏🙏🏻🙏🏻🙏 🙏🏻🙏🙏जय श्री राधे कृष्ण 🙏🙏🕉 🙏🏻🙏🙏🏻जय सिया राम 🌹🙏🌹 🙏🙏🏻🙏🙏🙏🏻🙏🏻सिया राम मै सब जग जानी करउँ प्रनाम जोरि जुग पाणी 🙏🙏🏻🙏🙏🏻🙏🏻🙏🏻 🙏🙏🏻आप सभी भक्ततों को सादर सप्रेम प्रणाम है 🙏🙏🏻🙏🙏🙏🙏🏻🙏🙏🏻🙏🙏 🙏🌹जय श्री राम 🙏🌹🙏🌹 🙏🙏🏻आज राम जी भारद्वाज ऋषि के पास पहुँचे हैं। भारद्वाज जी प्रयागराज में रहते हैं। प्रयाग भी दो प्रकार का है, बाहर का और भीतर का। तुलसीदास जी लिखते हैं "साधु समाज प्रयाग"। एक खड़ा प्रयाग है, एक चलता फिरता प्रयाग है, वहाँ तीन नदियों का संगम है, यहाँ तीन धाराओं का संगम है। ये तीन धाराएँ कौन सी हैं? "राम भगति जहँ सुरसरि धारा।" गंगा माने भक्ति की धारा, यही वास्तविक कल्याण करती है, इसी धारा में डुबकी लगाने से पाप मिटता है। "सरसई ब्रह्म विचार प्रसारा॥" ज्ञान की, ब्रह्मविचार की धारा ही सरस्वती है, बाहर भी यह छिपी है दिखती नहीं, भीतर भी किसमें ज्ञान बह रहा है मालूम नहीं पड़ता, छिपा रहता है। "विधिनिषेधमय कलिमल हरनि। कर्मकथा रविनंदिनी बरनि॥" क्या करना, क्या न करना, ऐसी कर्म की धारा यमुना है। संत तो भक्ति ज्ञान और कर्म का संगम है, बाहर का प्रयाग कुछ देता है कि नहीं मालूम नहीं, पर संत मुक्तिदाता हैं। यहाँ भारद्वाज जी सेभगवान राम जी ने पूछा, मार्ग क्या है? कहाँ जाना है, यह नहीं पूछा।🙏🙏 भारद्वाज मुनि ने आवाज लगाई, जो जो मार्ग जानते हैं, आ जाएँ। पचास आए, 18 पुराण, 18 स्मृतियाँ, 10 उपनिषद् और 4- रामचरितमानस, श्रीमद्भागवत्, श्रीमद्भगवद्गीता और ब्रह्मसूत्र। 46 पहले वाले लौटा दिए गए, 4 को राम जी के साथ भेजा गया। पर देखें, वे चार ही कदम चले थे कि यमुना का किनारा आ गया, और राम जी ने उन्हें लौटा दिया। विचार करें क्यों?🌹🙏🌹 क्योंकि शास्त्र मार्गदर्शक है, मार्ग नहीं है। मानचित्र है, रास्ता नहीं है। वह रास्ता बता सकता है, चलना तो फिर स्वयं ही पड़ता है। सन्त कहते हैं--- शास्त्र कर्म की धारा यमुना दिखा देता है, उस धारा को पार तो हम और आपको ही करना पड़ेगा। 🙏🌹जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम 🙏🌹🙏🌹🙏

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Ansouya M 🍁 Oct 25, 2021

🌹🙏🏻श्री गणेशाय नमः 🌹🙏 🌹🙏🏻🌹🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻जय श्री राधे कृष्ण 🌷🙏🌷🙏 🌹🙏🏻🌹🌹🙏🏻🙏🏻हर हर महादेव 🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹🌹🙏🏻🙏🏻🙏🏻आदर सम्मान और प्रेम सहित शुभ प्रभात वनदन नमन आप सभी भक्ततों को जी 🌷🙏🌷🙏 🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹🌹🙏🏻🙏🏻🙏🏻 🌹🙏🏻🌹व्यक्ति स्वयं ही स्वर्ग और नर्क का निर्माण करता है ।।।।। 🙏🏻🌹आत्म ज्ञानी जहां होते हैं, उनके भीतर शान्ति की खुशबू से वहीं स्वर्ग हो जाता है । 🙏🏻🌹अहंकारी जहां होते हैं,उनके कर्मों से वहीं नर्क हो जाता है ।।।।।।🙏🏻🙏🏻🙏🏻 🌹🙏🏻🌹जय भोले नाथ 🙏🌹 🙏🏻🌹🙏🏻🙏🏻🌹🙏🏻🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🙏🏻🌹🙏🏻 🌹🙏🏻🌹सर्वे भवनतू सूखिनह, सर्वे सन्तु निरामय। 🙏🏻🌹 🌹🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 🙏🏻🌹जय सच्चिदानंद 🙏🏻🌹🙏🏻🙏🏻🌹🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻ॐ शान्ति शान्ति शान्ति ।। ।।

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Ansouya M 🍁 Oct 22, 2021

🌹🌹 ॐश्री गणेशाय नमः 🌹🙏 🌹🙏🙏🙏🙏🌹🙏🌹जय श्री राधे कृष्ण 🙏🙏🕉 🙏🌹🙏🌹🙏जय माता दी 🙏🌹 जय माता दी 🙏🌹 🌹🙏सर्व मंगल मागल्ये शिवे सर्वाथ साघिके शरणये त्रयमबके गौरी नारायणी नमोस्तुते 🙏🌹🌹🌹🌹सादर सप्रेम नमस्कार आप सभी भक्ततों को जी 🌷🙏🌷🙏 🙏🌹🙏🙏🙏🙏🌹 🙏🌹🙏|| श्री हरि: || 🙏🙏🙏🙏भगवन्नाम 🙏🙏🙏 🙏🌹🙏नाम-स्मरण 🌹🙏 🙏🌹🙏🌹🌹🌹🙏🌹 चैतन्य महाप्रभु ने कहा है – कलियुग आते ही भगवान् ने अपनी पूरी शक्ति नाम में रख दी, नाम-स्मरण में नियम नहीं रखा कि सुबह करें, दोपहर में करें, शाम को करें, रात्रि को करें, दिन में करें, कभी भी करें | आठों पहर में नाम हर समय हर-एक के लिये खुला है | 🙏🌹ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌹🙏 🌹🙏🌹जय सच्चिदानंद 🙏🌹🙏🌹🌹🙏🌹 🙏🌹सभी सुखी रहे आनंदित रहें जी 🌷🙏🌷🙏 🙏🌹🙏🙏🌹🙏🙏

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