Shyam Yadav Oct 26, 2021

. *।। ॐ ।।* 🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩 📜««« *आज का पंचांग* »»»📜 कलियुगाब्द.......................5123 विक्रम संवत्......................2078 शक संवत्.........................1943 रवि............................दक्षिणायन मास..............................कार्तिक पक्ष..................................कृष्ण तिथी................................पंचमी प्रातः 08.23 पर्यंत पश्चात षष्ठी सूर्योदय..........प्रातः 06.28.19 पर सूर्यास्त..........संध्या 05.53.33 पर सूर्य राशि............................तुला चन्द्र राशि..........................मिथुन गुरु राशि............................मकर नक्षत्र................................आर्द्रा दुसरे दिन प्रातः 07.05 पर्यंत पश्चात पुनर्वसु योग..................................शिव रात्रि 01.21 पर्यंत पश्चात सिद्ध करण...............................तैतिल प्रातः 08.23 पर्यंत पश्चात गरज ऋतु..................................शरद दिन.............................मंगलवार 🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-* 26 अक्तूबर सन 2021 ईस्वी । ⚜️ *अभिजीत मुहूर्त :-* दोप 11.47 से 12.33 तक । 👁‍🗨 *राहुकाल :-* दोप 02.59 से 04.24 तक । ☸ शुभ अंक............ .........8 🔯 शुभ रंग...................सफ़ेद 🌞 *उदय लग्न मुहूर्त :-* *तुला* 05:51:51 08:11:42 *वृश्चिक* 08:11:42 10:30:40 *धनु* 10:30:40 12:35:01 *मकर* 12:35:01 14:17:37 *कुम्भ* 14:17:37 15:45:19 *मीन* 15:45:19 17:10:30 *मेष* 17:10:30 18:45:58 *वृषभ* 18:45:58 20:41:49 *मिथुन* 20:41:49 22:56:48 *कर्क* 22:56:48 25:17:30 *सिंह* 25:17:30 27:35:11 *कन्या* 27:35:11 29:51:51 🚦 *दिशाशूल :-* उत्तरदिशा - यदि आवश्यक हो तो गुड़ का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें । ✡ *चौघडिया :-* प्रात: 09.20 से 10.45 तक चंचल प्रात: 10.45 से 12.09 तक लाभ दोप. 12.09 से 01.34 तक अमृत दोप. 02.59 से 04.23 तक शुभ रात्रि 07.23 से 08.59 तक लाभ । 📿 *आज का मंत्र :-* ।। ॐ भूवराय नम: ।। 📯 *संस्कृत सुभाषितानि :-* दत्तमिष्टं तपस्तप्तं तीर्थसेवा तथा श्रुतम् । सर्वेऽप्यभय दानस्य कलां नार्हन्ति षोडशीम् ॥ अर्थात :- इच्छित वस्तु का दान, तप का आचरण, तीर्थसेवा, ज्ञान – ये सब अभयदान की शोभा के सोलहवें भाग जितने भी नहीं । 🍃 *आरोग्यं :*- *घरेलू उपाय -* *13. फोड़े -* नीम की मुलायम पत्तियों को पीसकर गो-घृत में उसे पकाकर (कुछ गरम रूप में) फोड़े पर हल्के कपड़े के सहारे बांधने से भयंकर एवं पुराने तथा असाध्य फोड़े भी ठीक हो जाते हैं। *14. सिरदर्द -* सोंठ को बहुत महीन पीसकर बकरी के शुद्ध दूध में मिलाकर नाक से बार-बार खींचने से सभी प्रकार के सिरदर्द में आराम होता है। *15. पेशाब में चीनी (शकर)-* जामुन की गुठली सुखाकर महीन पीस डालें और उसे महीन कपड़े से छान लें। अठन्नीभर प्रतिदिन 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) ताजे जल के साथ लेने से पेशाब के साथ चीनी आनी बंद हो जाती है। इसके अतिरिक्त ताजे करेले का रस 2 तोला नित्य पीने से भी उक्त रोग में लाभ होता है। *16. मस्तिष्क की कमजोरी -* मेहंदी का बीज अठन्नीभर पीसकर शुद्ध शहद के साथ प्रतिदिन 3 बार (सुबह, दोपहर और शाम) सेवन करने से मस्तिष्क की कमजोरी दूर हो जाती है और स्मरण शक्ति ठीक होती है तथा सिरदर्द में भी आराम हो जाता है। ⚜ *आज का राशिफल :-* 🐐 *राशि फलादेश मेष :-* *(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)* नई योजना बनेगी जिसका लाभ तुरंत नहीं मिलेगा। सामाजिक कार्य करने में रुचि रहेगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। चिंता तथा तनाव हावी रहेंगे। सभी तरफ से सफलता प्राप्त होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। आय बढ़ेगी। घर में प्रसन्नता रहेगी। ऐश्वर्य पर व्यय हो सकता है। 🐂 *राशि फलादेश वृष :-* *(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* विवाद को बढ़ावा न दें। बनते काम बिगड़ सकते हैं। भाइयों से कहासुनी हो सकती है। आय बनी रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। नौकरी में सहकर्मी विरोध कर सकते हैं। जोखिम व जमानत के कार्य टालें, धैर्य रखें। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। 👫🏻 *राशि फलादेश मिथुन :-* *(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)* कोई बड़ी बाधा आ सकती है। राजभय रहेगा। जल्दबाजी से काम बिगड़ेंगे। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। किसी के व्यवहार से स्वाभिमान को चोट पहुंच सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। व्यापार में वृद्धि होगी। 🦀 *राशि फलादेश कर्क :-* *(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* यात्रा में सावधानी रखें। जल्दबाजी से हानि होगी। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों के कार्य में दखल न दें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। आय में निश्चितता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। लाभ बढ़ेगा। 🦁 *राशि फलादेश सिंह :-* *(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। 🙎🏻‍♀️ *राशि फलादेश कन्या :-* *(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। सुख के साधन जुटेंगे। पराक्रम बढ़ेगा। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। किसी पारिवारिक आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। शत्रु परास्त होंगे। ⚖ *राशि फलादेश तुला :-* *(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* पारिवारिक समस्याओं में इजाफा होगा। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। भागदौड़ रहेगी। दूर से बुरी खबर मिल सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। दूसरों से अपेक्षा न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। मातहतों से अनबन हो सकती है। कुसंगति से हानि होगी। 🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-* *(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* नौकरी और व्यापार में लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। व्यापार में अधिक लाभ होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। लेन-देन में सावधानी रखें। शत्रुओं का पराभव होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। भय रहेगा। प्रमाद न करें। 🏹 *राशि फलादेश धनु :-* *(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)* प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। जीवनसाथी से अनबन हो सकती है। स्थायी संपत्ति खरीदने-बेचने की योजना बन सकती है। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। संचित कोष में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें। 🏹 *राशि फलादेश मकर :-* *(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)* पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। अनहोनी की आशंका रहेगी। शत्रुभय रहेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। रुके हुए कार्यों में गति आएगी। घर-बाहर सभी अपेक्षित कार्य पूर्ण होंगे। दूसरों के कार्य की जवाबदारी न लें। 🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-* *(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* मित्रों की सहायता कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। किसी बड़े काम करने की योजना बनेगी। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। भाइयों का सहयोग मिलेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। पुराने किए गए प्रयासों का लाभ मिलना प्रारंभ होगा। 🐋 *राशि फलादेश मीन :-* वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। जरा सी लापरवाही से अधिक हानि हो सकती है। पुराना रोग बाधा का कारण बन सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। पार्टनरों से मतभेद संभव है। व्यवसाय ठीक चलेगा। समय नेष्ट है। नए कार्य में लाभ मिलेगा। नौकरी और व्यापार के लिए समय अच्छा रहेगा। ☯ *आज मंगलवार है अपने नजदीक के मंदिर में संध्या 7 बजे सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में अवश्य सम्मिलित होवें |* ।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।। 🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

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Shyam Yadav Oct 26, 2021

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Shyam Yadav Oct 14, 2021

*👩🏻‍🦱👩🏻 जिन बहनों को ससुराल में तकलीफ हो तो 👇* 🌷 *नवरात्रि के इन आखिरी 3 दिनों में विशेष जपने हेतु मंत्र* 🗓️ अष्टमी तिथि ▶️ विशेष 🌹🌹गौरी माता का पूजन का दिन है l 📀 *वीडियो : 1:40 मिनट* 👆👆 ➖➖➖➖➖➖➖➖ 1️⃣👩🏻 *ससुराल में तकलीफ हो तो* 🌷 👩🏻 *जिनको शादी के बाद कठिनाई आती है... ससुराल में ....उनको अष्टमी तिथि को* ( 🌹 *ॐ ह्रीं गौरिये नम: | ॐ ह्रीं गौरिये नम: |* *का जप करे | और प्रार्थना करे "की शिवजी की अति प्रिय हो माँ... हमारे परिवार में ये समस्या न रहें |* 🙏🏻🙏 आपके परिचितों में किसी को भी बेटी, बहन शादी के बाद दिक्कते आती हो तो आप इनको बता दें | ऐसा करें बेटी न कर पाये तो बाप तो करे, भाई करें, बहन करें की मेरी बेटी, बहन को ऐसी तकलीफ न हो ऐसा संकल्प करें, नाम और गोत्र का उच्चारण करके | ➖➖➖➖➖➖➖➖ 2️⃣🔱💫 *नवरात्रि के इन आखिरी 3 दिनों में जपने हेतु विशेष मंत्र 👇* 🌷ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा l ➖➖➖➖➖➖➖➖ 📕 *देवी भागवत में लिखा है कि* 🌹🌼 इस मंत्र का फायदा *भगवान श्री रामजी के गुरु वशिष्ठ जी* ने भी लिया था l 🌹🌼 इसी मंत्र के प्रभाव से *श्रीकृष्ण कहते हैं कि मैंने सोने की द्वारका* बना ली l 🌹🌼 रावण कहता है कि *मैं इसी मंत्र से सोने की लंका बनाने में सफल* हुआ l 🌹🌼 *कुबेर भंडारी ने भी इसी मंत्र से संपदा पाई थी l* ➖➖➖➖➖➖➖➖ 🌹

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Shyam Yadav Oct 14, 2021

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Shyam Yadav Oct 14, 2021

*🚩दशहरा में शस्त्र पूजा क्यों किया जाता है?* 14 अक्टूबर 2021 azaadbharat.org *🚩दशहरा अर्थात विजयादशमी भगवान राम की विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गापूजा के रूप में, दोनों ही रूपों में यह शक्ति-पूजा का पर्व है, शस्त्र पूजन की तिथि है। रामचन्द्रजी रावण के साथ युद्ध में इसी दिन विजयी हुए। अपनी सीमा के पार जाकर औरंगजेब के दाँत खट्टेे करने के लिए शिवाजी ने दशहरे का दिन चुना था। दशहरे के दिन कोई भी वीरतापूर्ण काम करनेवाला सफल होता है।* *🚩दशहरा हर्ष और उल्लास तथा विजय का पर्व है। भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है, शौर्य की उपासक है। व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो, इसलिए दशहरे का उत्सव रखा गया है।* *🚩विजयादशमी के दिन लोग नया कार्य प्रारम्भ करते हैं, शस्त्र-पूजा की जाती है। प्राचीनकाल में राजा लोग इस दिन विजय की प्रार्थना कर रण-यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे।* *🚩हिंदू के सभी देवी-देवताओं के हाथ में शास्त्र के साथ शस्त्र भी होता है। इसका अर्थ है कि जो दुष्ट लोग हैं शास्त्रों की बात नहीं मानते हैं, उनके लिए शस्त्र का उपयोग कर सकते हैं।* *🚩शस्त्र निष्क्रिय होते हुए भी सक्रिय होता है... मतलब अगर वो कहीं किसी आलमारी में पड़ा पड़ा जंग खा रहा हो तो भी अपना काम करता रहता है उसकी मौजूदगी ही शत्रुओं के बुरे और कुत्सित विचारों को नष्ट करने के लिए काफी होती है ।* *🚩दुनिया में अशांति इसलिए है क्योंकि सज्जनों ने शस्त्रों का त्याग कर दिया है और दुर्जन सदैव की तरह शस्त्रों से लैस हैं। यही वजह है कि दुर्जन हावी हैं और धरती पर अनाचार फैलता जा रहा है।* *🚩 दुनिया को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है एक जिनके पास शस्त्र होता है और दूसरा जिनके पास शस्त्र नहीं होता है। जिनके पास शस्त्र होता है वो सदैव निडर और वीर बने रहते हैं और जिनके पास शस्त्र नहीं होते हैं वो सदैव भयभीत होते हैं और कायर पुरुष बने रहते हैं।* *🚩जिस घर में अस्त्र शस्त्र होते हैं उस घर की स्त्रियों पर कभी किसी की कुदृष्टि डालने की हिम्मत भी नहीं होती है। जिनके घर में अस्त्र शस्त्र नहीं होते हैं उनकी स्त्रियों के साथ राह चलते छेड़खानी होती है, लव जिहाद जैसी घटनाएं होती हैं और वो सदैव थाने के चक्कर ही लगाते रह जाते हैं; उन्हें बदनामी के सिवाय कभी कुछ हासिल नहीं होता है।* *🚩 सत्यमेव जयते... यानी सत्य की ही विजय होती है इस तरह की सूक्तियों के भरोसे बैठने से कोई फायदा नहीं है। सत्य तो हिंदुओं के साथ ही है फिर उनका पलायन क्यों हो रहा है? सत्य तो युधिष्ठिर के साथ था लेकिन फिर भी वन वन भटकते रहे। जब युधिष्ठिर ने शस्त्र उठाया तभी सत्यमेव जयते हुआ। इसीलिए अब कहावतें बदल गई हैं। ये कलियुग है और कलियुग में सदैव शस्त्रमेव जयते होता है... यानी जिसके पास शस्त्र होगा उसीकी विजय होगी। इसलिए शस्त्र की खरीद करो... अपने पास सदैव शस्त्र रखो।* *🚩 ज्योतिष के हिसाब से भी ध्यान दें... शस्त्र का मतलब है... मंगल ग्रह... अगर आपके पास शस्त्र है तो आपका मंगल मजबूत है और अगर आपका मंगल मजबूत है तो आप शत्रुओं पर सदैव विजय प्राप्त करते रहेंगे... इसलिए अपनी भुजाओं को शस्त्रों से मजबूत करें।* *🚩 एक बार अपने हाथ में शस्त्र लेकर देखो... तब आपको ये महसूस होगा कि देशद्रोही शत्रु चींटियों के समान हैं। शस्त्र का होना ही आत्मविश्वासवर्द्धक महान मानसिक औषधि है इसको नित्य ग्रहण करते रहो।* *🚩 राष्ट्र के शत्रुओं की संख्या गिनकर चिंता में मत पड़ो... चिंता सदैव इस बात की करो कि तुम्हारे पास कितने अस्त्र शस्त्र हैं... सदैव सुनिश्चित करो कि तुम्हारे अस्त्र शस्त्रों की संख्या तुम्हारे शत्रुओं की संख्या से ज्यादा हो!* *🚩 जैसे को तैसा जवाब देना सीखना चाहिए। शिकायत मत करो... शिकायत लेकर किसके पास जा रहे हो? ये संविधान... कानून... प्रशासन और व्यवस्था सिर्फ उनके लिए है जो शक्तिशाली हैं। कायर लोगों का साथ तो भगवान भी नहीं देता। कायर लोग सिर्फ शिकायत करते रह जाते हैं। इतने दिनों में आपको ये अवश्य महसूस हुआ होगा कि प्रशासन भी सदैव अत्याचार करने वाले शक्तिशालियों का साथ ही देता है।* *🚩 अपनी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी खुद लो... कोई सेना... कोई सरकार तुमको बचाने नहीं आएगी...जब तुम पर संकट आएगा तो उस वक्त तुम और सिर्फ तुमको ही उसका सामना करना होगा...तुम्हारे सिवाय कोई तुम्हारी प्राणरक्षा नहीं कर सकेगा।* *🚩 इसीलिए नियमानुसार शस्त्रों का संचय करो... सदैव पराक्रमी बनो... सज्जन बनो लेकिन कायर नहीं... शस्त्र धारण करके सज्जन बनो तभी तुम्हारी सज्जनता सुशोभित होगी।* *🚩 इस सूक्ति का नित्य पठन करते रहें- “कोई सिंह को, वन के राजा के रूप में अभिषेक या संस्कार नहीं करता है अपने पराक्रम के बल पर सिंह स्वयं जंगल का राजा बन जाता है।”* *🚩दशहरा आएगा तो कम से कम एक करोड़ हिंदुओं की तस्वीरें शस्त्र के साथ पूजा करते हुए सोशल मीडिया पर होनी चाहिए। हमारे शूरवीरों की इन तस्वीरों को देखकर ही देशद्रोहियों के हौंसले पस्त हो जाएंगे, ऐसा मेरा विश्वास है।* *- सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट से साभार* *🚩स्वयं, समाज, देश व धर्म की रक्षा के लिए दशहरा पर सभी हिंदुओं को शस्त्र पूजा करनी चाहिए।* 🚩

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Shyam Yadav Oct 14, 2021

🌹 *दशहरे के दिन* 🌹 *दशहरा (15 अक्तूबर 2021) के दिन शाम को जब सूर्यास्त होने का समय और आकाश में तारे उदय होने का समय हो वो सर्व सिद्धिदायी विजय काल कहलाता है । उस समय घूमने-फिरने मत जाना । दशहरा मैदान मत खोजना ... रावण जलता हो देखकर क्या मिलेगा ? धूल उड़ती होगी, मिटटी उड़ती होगी रावण को जलाया उसका धुआं वातावरण मे होगा .... गंदा वो श्वास में लेना .... धूल, मिटटी श्वास में लेना पागलपन है ।* 🌹 *ये दशहरे के दिन शाम को घर पे ही स्नान आदि करके, दिन के कपडे बदल के शाम को धुले हुए कपडे पहनकर ज्योत जलाकर बैठ जाये |* *थोडा "राम रामाय नम: । "* 🌹 *मंत्र जपते, विजयादशमी है ना तो रामजी का नाम और फिर मन-ही-मन गुरुदेव को प्रणाम करके गुरुदेव सर्व सिद्धिदायी विजयकाल चल रहा है की हम विजय के लिए ये मंत्र जपते है - "ॐ अपराजितायै नमः "* *ये मंत्र १ - २ माला जप करना और इस काल में श्री हनुमानजी का सुमिरन करते हुए इस मंत्र की एक माला जप करें* *"पवन तनय बल पवन समाना, बुद्धि विवेक विज्ञान निधाना ।* *कवन सो काज कठिन जग माहि, जो नहीं होत तात तुम पाहि ॥"* 🌹 *पवन तनय समाना की भी 1 माला कर ले उस विजय काल में, फिर गुरुमंत्र की माला कर ले । फिर देखो अगले साल की दशहरा तक गृहस्थ में जीनेवाले को बहुत-बहुत अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते है।* Sureshanandji ।*

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Shyam Yadav Oct 14, 2021

🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *स्वास्थ्य संबंधी जानकारी* 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *🌷कुछ उपयोगी बातें-* *घी, दूध, मूँग, गेहूँ, लाल साठी चावल, आँवले, हरड़े, शुद्ध शहद, अनार, अंगूर, परवल – ये सभी के लिए हितकर हैं।* *अजीर्ण एवं बुखार में उपवास हितकर है।* *दही, पनीर, खटाई, अचार, कटहल, कुन्द, मावे की मिठाइयाँ – से सभी के लिए हानिकारक हैं।* *अजीर्ण में भोजन एवं नये बुखार में दूध विषतुल्य है। उत्तर भारत में अदरक के साथ गुड़ खाना अच्छा है।* *मालवा प्रदेश में सूरन(जमिकंद) को उबालकर काली मिर्च के साथ खाना लाभदायक है।* *अत्यंत सूखे प्रदेश जैसे की कच्छ, सौराष्ट्र आदि में भोजन के बाद पतली छाछ पीना हितकर है।* *मुंबई, गुजरात में अदरक, नींबू एवं सेंधा नमक का सेवन हितकर है।* *दक्षिण गुजरात वाले पुनर्नवा(विषखपरा) की सब्जी का सेवन करें अथवा उसका रस पियें तो अच्छा है।* *दही की लस्सी पूर्णतया हानिकारक है। दहीं एवं मावे की मिठाई खाने की आदतवाले पुनर्नवा का सेवन करें एवं नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग करें तो लाभप्रद हैं।* *शराब पीने की आदवाले अंगूर एवं अनार खायें तो हितकर है।* *आँव होने पर सोंठ का सेवन, लंघन (उपवास) अथवा पतली खिचड़ी और पतली छाछ का सेवन लाभप्रद है।* *अत्यंत पतले दस्त में सोंठ एवं अनार का रस लाभदायक है।* *आँख के रोगी के लिए घी, दूध, मूँग एवं अंगूर का आहार लाभकारी है।* *व्यायाम तथा अति परिश्रम करने वाले के लिए घी और इलायची के साथ केला खाना अच्छा है।* *सूजन के रोगी के लिए नमक, खटाई, दही, फल, गरिष्ठ आहार, मिठाई अहितकर है।* *यकृत (लीवर) के रोगी के लिए दूध अमृत के समान है एवं नमक, खटाई, दही एवं गरिष्ठ आहार विष के समान हैं।* *वात के रोगी के लिए गरम जल, अदरक का रस, लहसुन का सेवन हितकर है। लेकिन आलू, मूँग के सिवाय की दालें एवं वरिष्ठ आहार विषवत् हैं।* *कफ के रोगी के लिए सोंठ एवं गुड़ हितकर हैं परंतु दही, फल, मिठाई विषवत् हैं।* *पित्त के रोगी के लिए दूध, घी, मिश्री हितकर हैं परंतु मिर्च-मसालेवाले तथा तले हुए पदार्थ एवं खटाई विषवत् हैं।* *अन्न, जल और हवा से हमारा शरीर जीवनशक्ति बनाता है। स्वादिष्ट अन्न व स्वादिष्ट व्यंजनों की अपेक्षा साधारण भोजन स्वास्थ्यप्रद होता है। खूब चबा-चबाकर खाने से यह अधिक पुष्टि देता है, व्यक्ति निरोगी व दीर्घजीवी होता है। वैज्ञानिक बताते हैं कि प्राकृतिक पानी में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के सिवाय जीवनशक्ति भी है। एक प्रयोग के अनुसार हाइड्रोजन व ऑक्सीजन से कृत्रिम पानी बनाया गया जिसमें खास स्वाद न था तथा मछली व जलीय प्राणी उसमें जीवित न रह सके।* *बोतलों में रखे हुए पानी की जीवनशक्ति क्षीण हो जाती है। अगर उसे उपयोग में लाना हो तो 8-10 बार एक बर्तन से दूसरे बर्तन में उड़ेलना (फेटना) चाहिए। इससे उसमें स्वाद और जीवनशक्ति दोनों आ जाते हैं। बोतलों में या फ्रिज में रखा हुआ पानी स्वास्थ्य का शत्रु है। पानी जल्दी-जल्दी नहीं पीना चाहिए। चुसकी लेते हुए एक-एक घूँट करके पीना चाहिए जिससे पोषक तत्त्व मिलें।* *वायु में भी जीवनशक्ति है। रोज सुबह-शाम खाली पेट, शुद्ध हवा में खड़े होकर या बैठकर लम्बे श्वास लेने चाहिए। श्वास को करीब आधा मिनट रोकें, फिर धीरे-धीरे छोड़ें। कुछ देर बाहर रोकें, फिर लें। इस प्रकार तीन प्राणायाम से शुरुआत करके धीरे-धीरे पंद्रह तक पहुँचे। इससे जीवनशक्ति बढ़ेगी, स्वास्थ्य-लाभ होगा, प्रसन्नता बढ़ेगी।*

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