🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷 🕉🇮🇳 *卐 सत्यराम सा 卐* 🇮🇳🕉 🌹🙏 *ॐ नमो नारायण* 🙏🌹 🌿🌷🌻 *शुभ~दिवस* 🌻🌷🌿 🇮🇳🦚🇮🇳.🇮🇳🦚🇮🇳.🇮🇳🦚🇮🇳 *स्वर, संगीत ~ @श्री दास जी* *सौजन्य : अखिल भारतीय श्रीदादू सेवक समाज* 🕉🌻🕉🌻🕉🌻🕉🌻🕉 . *दादू जब दिल मिली दयालु सौं, तब अंतर नांही रेख ।* *नाना विधि बहु भूषणां, कनक कसौटी एक ॥३०८॥* टीका - हे जिज्ञासुओं ! जैसे स्वर्ण के नाना आभूषणों को अग्नि कसौटी देवे, तो केवल स्वर्ण शेष रहता है, उसी प्रकार संसार में जीवों के जो नानात्वरूप हैं, सो भी स्वर्ण के आभूषणों की भाँति संसार - दृष्टि से भिन्न - भिन्न प्रतीत होते हैं, किन्तु सत्य कसौटी ब्रह्मज्ञान होने पर उनमें किंचित् भी द्वैतभाव नहीं रहता है ॥३०८॥ *(#श्रीदादूवाणी ~ परिचय का अंग)* https://youtu.be/EN00yTrfvwc https://youtu.be/EN00yTrfvwc

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🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷 🇮🇳🕉 *卐 सत्यराम सा 卐* 🕉🇮🇳 🌹🙏 *ॐ नमो नारायण* 🙏🌹 🌿🌷🌻 *शुभ~दिवस* 🌻🌷🌿 🇮🇳🦚🇮🇳.🇮🇳🦚🇮🇳.🇮🇳🦚🇮🇳 *साभार स्वर, संगीत ~ Baba Govind Das* . *उस सतगुरु की बलिहारी हो !* *बन्धन काट किये जिन मुकता,* *अरु सब विपति निवारी हो ।* *बानी सुनत परम सुख पायौ,* *दुरमति गई हमारी हो ।* *भरम करम के संसै खोलैं,* *दिये कपाट उघारी हो ॥१॥* *माया ब्रह्म भेद समझायौ,* *सौ हम लियौ विचारी हो ।* *आदि-पुरुष अभिअन्तर राखे,* *डायन दूर विडारी हो ॥२॥* *दया करी उन सब सुखदाता,* *अबके लियै उबारी हो ।* *भवसागर में बूडत काढै,* *ऐसे पर उपगारी हो ॥३॥* *गुरु दान के चरन कँवल पर,* *मेल्हौं, सीस उतारी हो ।* *और कहा ले आगे राखौं,* *'सुन्दर' भेट तुम्हारी हो ॥४॥* https://youtu.be/_yvjf82mx8A https://youtu.be/_yvjf82mx8A

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🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷 🇮🇳🕉 *卐 सत्यराम सा 卐* 🕉🇮🇳 🌹🙏 *ॐ नमो नारायण* 🙏🌹 🌿🌷🌻 *शुभ~दिवस* 🌻🌷🌿 🇮🇳🇮🇳🇮🇳.🇮🇳🇮🇳🇮🇳.🇮🇳🇮🇳🇮🇳 *स्वर, संगीत ~* 🙏 *संत श्री @रामभजनदास जी महाराज* 🙏 🕉🌻🕉🌻🕉🌻🕉🌻🕉 . *अवधू ! बोल निरंजन बाणी,* *तहँ एकै अनहद जाणी ॥टेक॥* *तहँ वसुधा का बल नाहीं,* *तहँ गगन घाम नहिं छाहीं ।* *तहँ चंद सूर नहिं जाई,* *तहँ काल काया नहिं भाई ॥१॥* *तहँ रैणि दिवस नहिं छाया,* *तहँ बाव वर्ण नहिं माया ।* *तहँ उदय अस्त नहिं होई,* *तहँ मरै न जीवै कोई ॥२॥* *तहँ नाहीं पाठ पुराना,* *तहँ आगम निगम नहिं जाना ।* *तहँ विद्या वाद न ज्ञाना,* *नहिं तहाँ जोग अरु ध्याना ॥३॥* *तहँ निराकार निज ऐसा,* *तहँ जाण्या जाइ न जैसा ।* *तहँ सब गुण रहिता गहिये,* *तहँ दादू अनहद कहिये ॥४॥* *(श्री दादूवाणी ~ पद. २०८)* https://youtu.be/GyNIGaMWBU8 https://youtu.be/GyNIGaMWBU8

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🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷 🕉🇮🇳 *卐 सत्यराम सा 卐* 🕉🇮🇳 🌹🙏 *ॐ नमो नारायण* 🙏🌹 🌿🌷🌻 *शुभ~दिवस* 🌻🌷🌿 🇮🇳🦚🇮🇳.🇮🇳🦚🇮🇳.🇮🇳🦚🇮🇳 *साभार ऑडियो ~ @Kamini Agarwal* . *कबहूं तौ पांख कौ परेवा कै दिखावै न,* *कबहूं क धूरि के चांवर करि लेत है ।* *कबहूं तौ गोटिका उछारत आकाश ओर,* *कबहूं क राते पीरे रंग श्याम शेत है ॥* *कबहूं तौ आंब कौ उगाइ करि ठाडौ करै,* *कबहूं तौ शीस धर जुदे कर देत है ।* *बाजीगर कौ सौ ख्याल सुन्दर करत मन,* *सदाई भ्रमत रहै ऐसौ कोऊ प्रेत है ॥१८॥* *मन बाजीगर के सदृश : यह हमारा मन बाजीगर की तरह कभी अपने शरीर पर पक्षी के पंख लगा कर दिखाता है, कभी धूल के कणों से चाँवल के कण बनाने लगता है ।* *कभी आकाश में गोलियाँ उछालने लगता है, कभी लाल पीले काले या सफ़ेद रंग की चीजें दिखाने लगता है ।* *कभी कृत्रिम आम्रवृक्ष खड़ा कर देता है, कभी किसी के शरीर के निचले भाग(धड़) से शिर को पृथक् कर दिखाता है ।* *श्री सुन्दरदास जी कहते हैं - हमारे मन के ये सभी समग्र क्रियाकलाप किसी बाजीगर या भूत - प्रेत के समान ही हैं । और यह भूत प्रेत के समान ही सदा इधर उधर घूमता रहता है ॥१८॥* *(सवैया ग्रंथ ~ मन को अंग.११/१८)* https://youtu.be/SUOjXQdB-lA https://youtu.be/SUOjXQdB-lA

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