विजयादशमी

my mandir Oct 15, 2021

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PRABHAT KUMAR Oct 15, 2021

🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *#जय__श्री__राम* 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *सभी आदरणीय साथियों को बुराई पर अच्छाई की जीत पर मनाया जाने वाला पर्व विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#दशहरा_मनाने_के_पीछे_का_कारण* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *हिंदू पंचांग के अनुसार नवरात्रि के समापन वाले दिन दशहरा मनाया जाता है। दशहरे का त्योंहार बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय पर मनाया जाने वाला पर्व है। ऐतिहासिक मान्यताओं और सबसे प्रसिद्ध हिंदू ग्रंथ रामायण में यह उल्लेख किया गया है कि भगवान राम ने शक्तिशाली राक्षस रावण का वध किया था इसीलिए दशहरा मनाया जाता है। वैसे यह कहानी तो सबको ही पता है लेकिन क्या आप जानते है दशहरे से जुड़ी हुई पौराणिक कहानियों के बारे में। जिसके बारे में आज हम जानेंगे।* 🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 *दशहरे के दिन पूजन को लेकर देश के विभिन्न इलाकों और समुदायों में अलग-अलग तरह की परंपराएं है। शस्त्र का प्रयोग करने वालों के लिए इस दिन शस्त्र पूजन का बड़ा महत्व है। वहीं कई लोग इस दिन अपनी पुस्तकों, वाहन इत्यादि की भी पूजा करते हैं। अश्विन महीने की शुरुआत माता के नौ रूपों की भक्ति के नौ दिनों के साथ होती है। इसी अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी के दिन दशहरे का त्योहार मनाया जाता है। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने लंकेश रावण पर विजय प्राप्त की थी, इसलिए इस दिन को विजयादशमी कहा जाता है। इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। दशहरे पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले के दहन की परंपरा है। साथ ही इस दिन शस्त्र पूजन का भी बड़ा महत्व है।* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *#दशहरे_से_जुड़ी_पौराणिक_कहानियाँ* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *#राम_रावण_की_कहानी* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *भगवान श्री राम ने अपनी पत्नी को रावण के चुंगुल से मुक्त कराने हेतु भाई लक्षमण, हनुमानजी एवं वानरों की सेना के साथ मिल कर नौ दिन तक रावण के साथ युद्ध किया और दशमी के दिन रावण का वध कर दिया और माता सीता को रावण के बंधन से मुक्त कराया। ऐसा भी कहा जाता हैं कि रावण बहुत ही बुद्धिमान ब्राह्मण था और वह ये बात अच्छी तरह से जानता था की ईश्वर के हाथो मरने से सीधा उसे मोक्ष की प्राप्ति होती इसी कारणवश उसने माता सीता का हरण किया।* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *#माँ_दुर्गा_और_महिषासुर_की_कहानी* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महिषासुर नामक एक राक्षस था जिसे ब्रह्माजी से वरदान मिला था कि पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति उसे नहीं मार सकता है। इस आशीर्वाद के कारण उसने तीनों लोक में हाहाकार मचा रखा था। इसके बढ़ते पापों को रोकने के लिए ब्रह्मा, विष्णु और शिव ने अपनी शक्ति को मिलाकर माँ दुर्गा का सृजन किया। माँ दुर्गा ने नौ दिनों तक महिषासुर का मुकाबला किया और दसवें दिन माँ दुर्गा ने इस असुर का वध कर किया। जिसके फलस्वरूप लोगों को इस राक्षस से मुक्ति मिल गई और चारों तरफ हर्ष का मौहाल हो गाया। क्योंकि माँ दुर्गा को दसवें दिन विजय प्राप्त हुई थी इस कारण इस दिन को दशहरा या विजयादशमी के रूप में मनाया जाने लगा।* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *#दशहरे_की_पूजा_विधि_और_उपाय* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *नवरात्री के नव दिनों तक माँ दुर्गा ने अपने विविध नौ रूपों से महिसासुर की पूर्ण दैत्य सेना का नाश किया। इसीलिए माँ दुर्गा का शक्ति के रूप में दशहरा के दिन पूजन किया जाता है। माँ दुर्गा की पूजा के साथ आयुध पूजा यानि की शस्त्र पूजा की भी प्रथा सदियों पुरानी है। आज के आधुनिक युग में जब हम बात करते हैं शस्त्रों की, तो यह बताना जरूरी है की आप जो भी कार्यक्षेत्र से जुड़े हुए हैं, उस कार्यक्षेत्र में उपयोग में लिए जाने वाले कोई भी उपकरण या किसी भी प्रकार के साधन आपका शस्त्र ही गिना जायेगा जैसे की वाहन, कंप्यूटर, डॉक्टर के लिए उनके उपयोगीदा साधन या फिर किसी फैक्ट्री के मशीन्स इत्यादि।* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *आइये अब जानते हैं #शस्त्र_पूजा_की_विधि के बारे में* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *जिस शस्त्र या मशीन की पूजा करनी है उस पर दूर्वा से गंगाजल से छींटकाव करें। तत्पश्च्यात कुमकुम, हल्दी, अक्षत और पुष्प चढ़ाएं। उसके बाद शस्त्र या मशीन को अगरबत्ती का धुप दिखाएं और मिठाई एवं फलादि का भोग लगाएं। अंत में आरती कर के शक्ति रूपी शस्त्र या मशीन्स को इस मंत्र के साथ नमस्कार करें।* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *#या_देवी_सर्वभूतेषु_शक्ति_रूपेण_संस्थिता।* *#नमस्तस्यै_नमस्तस्यै_नमस्तस्यै_नमो_नमः।।* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *#शक्ति_स्वरूपाय_विद्महे।* *#महायंत्राय_धीमहि।* *#तन्नो_यन्त्र_प्रचोदयात।।* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *आइये अब जानते हैं कुछ ऐसे विशिष्ट प्रयोग जिसको दशहरा के दिन पर करने से आपके जीवन से संबंधित बहुत विविध दुविधाओं में से आपको निजात मिल सकता है।* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *#विशेष_उपाय* 🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔 *शनि, राहू या केतु जनित कोई समस्या हो, कोई ऊपरी बाधा हो, बनता काम बिगड़ रहा हो, कोई अनजाना भय आपको भयभीत कर रहा हो अथवा ऐसा लग रहा हो कि किसी ने आपके परिवार पर कुछ कर दिया है, तो इसके निवारण के लिए दशहरे के दिन एक पानी वाला और चोटी वाला नारियल लेकर उसे काले कपड़े में लपेटें। काले तिल, उड़द की दाल तथा 1 कील के साथ उसे बहते जल में प्रवाहित करें।* 🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 *#नोट : उक्त जानकारी सोशल मीडिया से प्राप्त किया गया है।* 📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰 *( इस आलेख में दी गई जानकारियाँ धार्मिक आस्था और लौकिक मान्यताओं पर आधारित है जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। )* 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️

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