महादेव

आज के गंगादर्शन स्वर्गआश्रम,ऋषिकेश, हरिद्वार* *आज की शुभ तिथि* *माह श्रावण मासे : शुक्लपक्ष* *तिथि : 12/द्वादशी (मंगलवार)* *विक्रम संवत* २०७९(2079) तदनुसार 09 अगस्त 2022 आज 12/द्वादशी शाम के 17:45 तक तत्पश्चात 13/त्रयोदशी 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *आज का विशेष दिन* प्रदोष व्रत,गण्डमूल,दामोदर द्वादशी , चतुर्थ मंगला गौरी व्रत,सोमवार व्रत,पुत्रदा एकादशी व्रत पारण 8:37 ➖➖➖➖➖➖➖ *सूर्यराशि* कर्क *चंद्रराशि* धनु *दिशाशूल* उत्तर *अग्निवास* पृथ्वी *नक्षत्र* मूल ➖➖➖➖➖➖➖ *राहुकाल का समय* दोपहर 03:00  से 04:30 तक रहेगा *अभिजित मुहूर्त :-* प्रातः 11:54  से 12:44 तक रहेगा ➖➖➖➖➖➖➖ 11अगस्त रक्षाबंधन, राखी, अन्वाधान 12 अगस्त गायत्री जयंती, वरलक्ष्मी व्रत,श्रावण पूर्णिमा, इष्टी,

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X7skr Aug 9, 2022

🕉️ namah shivay 🙏 @*आज का श्लोक भगवद्गीता से* *अध्याय 4 : दिव्य ज्ञान* *श्लोक 4.20* त्यक्त्वा कर्मफलासङगं नित्य तृप्तो निराश्रयः | कर्मण्यभिप्रवृत्तोऽपि नैव किञ्चित्करोति सः || २० || *भावार्थ* *अपने कर्मफलों की सारी आसक्ति को त्याग कर सदैव संतुष्ट तथा स्वतन्त्र रहकर वह सभी प्रकार के कार्यों में व्यस्त रहकर भी कोई सकाम कर्म नहीं करता |* *तात्पर्य* कर्मों के बन्धन से इस प्रकार की मुक्ति तभी सम्भव है, जब मनुष्य कृष्णभावनाभावित होकर कर कार्य कृष्ण के लिए करे | कृष्णभावनाभावित व्यक्ति भगवान् के शुद्ध प्रेमवश ही कर्म करता है, फलस्वरूप उसे कर्मफलों के प्रति कोई आकर्षण नहीं रहता | यहाँ तक कि उसे अपने शरीर-निर्वाह के प्रति भी कोई आकर्षण नहीं रहता, क्योंकि वह पूर्णतया कृष्ण पर आश्रित रहता है | वह न तो किसी वस्तु को प्राप्त करना चाहता है और न अपनी वस्तुओं की रक्षा करना चाहता है | वह अपनी पूर्ण सामर्थ्य से अपना कर्तव्य करता है और कृष्ण पर सब कुछ छोड़ देता है | ऐसा अनासक्त व्यक्ति शुभ-अशुभ कर्मफलों से मुक्त रहता है | अतः कृष्णभावनामृत से रहित कोई भी कार्य कर्ता पर बन्धनस्वरूप होता है और विकर्म का यही असली रूप है, जैसा कि पहले बताया जा चुका है |

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