smt neelam sharma Nov 29, 2021

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 . *"प्रिया-प्रियतम की लीला"* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 एक बार राधाजी के मन में कृष्ण दर्शन की बड़ी लालसा थी, ये सोचकर महलन की अटारी पर चढ़ गईं और खिडकी से बाहर देखने लगीं कि शायद श्यामसुन्दर यहीं से आज गईया लेकर निकलें। (अब हमारी प्यारी जू के ह्रदय में कोई बात आये और लाला उसे पूरा न करें ऐसा तो हो ही नहीं सकता।) जब राधा रानी जी के मन के भाव श्याम सुन्दर ने जाने तो आज उन्होंने सोचा क्या क्यों न साकरीखोर से (जो कि लाडली जी के महलन से होकर जाता है) होते हुए जाएँ, अब यहाँ महलन की अटारी पे लाडली जी खड़ी थीं। तब उनकी मईया कीर्ति रानी उनके पास आईं और बोली- "अरी राधा बेटी ! देख अब तू बड़ी है गई है, कल को दूसरे घर ब्याह के जायेगी, तो सासरे वारे काह कहेंगे, जा लाली से तो कछु नाय बने है, बेटी कुछ नहीं तो दही बिलोना तो सीख ले।" अब लाडली जी ने जब सुना तो अब अटारी से उतरकर दही बिलोने बैठ गईं, पर चित्त तो प्यारे में लगा है। लाडली जी खाली मथानी चला रही हैं, घड़े में दही नहीं है इस बात का उन्हें ध्यान ही नहीं है, बस बिलोती जा रही हैं। उधर श्याम सुन्दर नख से शिख तक राधारानी के इस रूप का दर्शन कर रहे हैं, बिल्वमंगल जी ने इस झाँकी का बड़ा सुन्दर चित्रण किया है। *👣श्री राधा चरण 👣* ¸.•*""*•.¸  *Զเधे Զเधे .......*  लाला गईया चराके लौट तो आये हैं पर लाला भी प्यारी जू के ध्यान में खोये हुए हैं, और उनका मुखकमल पके हुए बेर के समान पीला हो गया है। पीला इसलिए हो गया है, क्योंकि राधा रानी गोरी हैं और उनके श्रीअंग की काँति सुवर्ण के समान है, इसलिए उनका ध्यान करते-करते लाला का मुख भी उनके ही समान पीला हो गया है। इधर जब एक सखी ने देखा कि राधा जी ऐसे दही बिलो रही हैं, तो वह झट कीर्ति मईया के पास गई और बोली मईया जरा देखो, राधा बिना दही के माखन निकाल रही है, अब कीर्ति जी ने जैसे ही देखा तो क्या देखती हैं, श्रीजी का वैभव देखो, मटकी के ऊपर माखन प्रकट है। सच है लाडली जी क्या नहीं कर सकतीं, उनके के लिए फिर बिना दही के माखन निकलना कौन सी बड़ी बात है। इधर लाला भी खोये हुए है नन्द बाबा बोले लाला- जाकर गईया को दुह लो। अब लाला पैर बाँधने की रस्सी लेकर गौ शाला की ओर चले है, गईया के पास तो नहीं गए वृषभ (सांड) के पास जाकर उसके पैर बाँध दिए और दोहनी लगाकर दूध दुहने लगे। अब बाबा ने जब देखा तो बाबा का तो वात्सल्य भाव है बाबा बोले- देखो मेरो लाला कितनो भोरो है, इत्ते दिना गईया चराते है गए, पर जा कू इत्तो भी नाय पता है, कि गौ को दुहो जात है कि वृषभ को, मेरो लाल बडो भोरो है। और जब बाबा ने पास आकर देखा तो दोहनी दूध से लबालब भरी है, बाबा देखते ही रह गए, सच है हमारे लाला क्या नहीं कर सकते, वे चाहे गईया तो गईया, वृषभ को भी दुह सकते हैं। *"जय जय श्री राधे"*

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vandana Nov 29, 2021

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Sudha Mishra Nov 29, 2021

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Daksha Vaishya Nov 29, 2021

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X7skr🇮🇳 Nov 29, 2021

🕉️ namah shivay 🙏 @🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞 ⛅ दिनांक - 30 नवंबर 2021 ⛅ दिन - मंगलवार ⛅ विक्रम संवत - 2078 ⛅ शक संवत -1943 ⛅ अयन - दक्षिणायन ⛅ ऋतु - हेमंत ⛅ मास - मार्ग शीर्ष मास (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार कार्तिक) ⛅ पक्ष - कृष्ण ⛅ तिथि - एकादशी 01 दिसम्बर रात्रि 02:13 तक तत्पश्चात द्वादशी ⛅ नक्षत्र - हस्त रात्रि 08:34 तक तत्पश्चात चित्रा ⛅ योग - आयुष्मान 12:03 तक तत्पश्चात सौभाग्य ⛅ राहुकाल - शाम 03:12 से शाम 04:34 तक ⛅ सूर्योदय - 07:00 ⛅ सूर्यास्त - 17:54 ⛅ दिशाशूल - उत्तर दिशा में ⛅ व्रत पर्व विवरण - उत्पत्ति एकादशी, आलंदी यात्रा (पुणे) 💥 विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।। 💥 आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l 💥 एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए। 💥 एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है। 💥 जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं। 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞 🌷 उत्पत्ति एकादशी 🌷 ➡️ 30 नवम्बर 2021 मंगलवार को प्रातः 04:14 से रात्रि 02:13 तक (यानी 30 नवम्बर, मंगलवार को पूरा दिन) एकादशी है। 💥 विशेष - 30 नवम्बर, मंगलवार को एकादशी का व्रत उपवास रखें । 🙏🏻 उत्पत्ति एकादशी ( व्रत करने से धन, धर्म और मोक्ष की प्राप्ति होती है | - पद्म पुराण ) 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞 🌷 स्नान के साथ पायें अन्य लाभ 🌷 🐄 गोमय से ( देशी गौ-गोबर को पानी में मिलाकर उससे ) स्नान करने पर लक्ष्मीप्राप्ति होती है तथा गोमूत्र से स्नान करने पर पाप-नाश होता है | गोदुग्ध से स्नान करने पर बलवृद्धि एवं दही से स्नान करने पर लक्ष्मी की वृद्धि होती है | ( अग्निपुराण : २६७.४-५) 🙏🏻 ऋषिप्रसाद – दिसम्बर 2020 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞 🌷 पौष्टिक खजूर 🌷 🔹 १३२ प्रकार की बीमारियों को जड़ से उखाडनेवाला, त्रिदोषनाशक खजूर तुरंत शक्ति – स्फूर्ति देनेवाला, रक्त – मांस व वीर्य की वृद्धि करनेवाला, कब्जनाशक, कान्तिवर्धक, ह्रदय व मस्तिष्क का टॉनिक है | 💥 सेवन - विधि : बच्चों के लिए २ से ४ और बड़ों के लिए ४ से ७ | 🙏🏻 स्त्रोत – लोककल्याण सेतु – नवम्बर २०१६ से 📖 हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर 📒 हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात) 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞 🙏🏻🌷🍀🌹🌻🍁🌺💐🌸🙏🏻 T.me/HinduPanchang

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Radhe Krishna Nov 29, 2021

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Mamta Chauhan Nov 29, 2021

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SnehLata Mishra Nov 29, 2021

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