Sharda Dubey
Sharda Dubey Jul 3, 2022

🏝️🌄🏝️ 🙏🕉️🙏 श्री गणेशाय नमः 🙏🏻🌺🙏🏻🌺🙏🏻🌺🙏🏻🌺🙏🏻🌺🙏🏻 **भक्त प्रहलाद जी के पौत्र राजा बलि सदाचारी विष्णु भक्त थे, उन्होंने सातों द्वीपों के पृथ्वी पर राज्य करते थे,** एकं बार उनके राज्य सभा में उनकी जय जय जयकार हो रही थी, श्रुति स्मृति की वार्ता चल रही थी, ऋषि दैत्य दानव,सिद्ध नाग गंधर्व यक्ष किन्नर आए हुए थे, तभी देवर्षि नारद जी का आगमन हुआ सभी सभासद् खड़े होकर नारद जी को प्रणाम किए,राजा बलि ने सत्कार करके कुशल समाचार पुछा।** तब आनंद पुर्वक देवर्षि नारद ने कहा-हे दैत्य राज! तुम अपने पितरों और पितामहो की परंपरा से चली आ रही पृथ्वी को जीत लिया है,अब तीनों लोकों के स्वामी हो जाओ,यह सुनकर बलि ने इन्द्र सहित सब देवता ओं को जीत कर अपने वश में कर लिया। उस समय सब देवता ब्रह्मा जी के शरण में गए और इस प्रकार बोले--ब्रह्मन!बलि ने हमें देवलोक से अलग कर दिया है, क्या करें? कहां जाएं? ब्रह्मा जी ने कहा--देवताओं! तुम लोग परम मनोहर पद्मावती पुरी को जाओ। वहां श्रेष्ठ उत्तर मानस नामक तीर्थ है,उसी के दक्षिण भाग में उत्तम विष्णु तीर्थ है, वहां जाकर भगवान विष्णु जी की आराधना करो।वे तुम्हारी दुखों से रक्षा करेंगे। ***ब्रह्मा जी के बात सुनकर देवताओं ने पूछा___ब्रह्मन!किस विधि से भगवान विष्णु की आराधना में तत्पर होना चाहिए,? ••••~~ब्रह्माजी बोले___ ,🙏शुक्लाम्बरधरम् विष्णुं शशिवर्ण चतुर्भुजं प्रसन्न वदनं ध्यायेत् सर्व विघ्नोपशांतये। लाभस्तेषां जयस्तेषां कुतस्तेषां पराजय; येषामिन्दीवरश्यामो हृदयस्थो जनार्दन:।। ~~**~~हे, देवताओं, भगवान विष्णु जी श्वेत वस्त्र धारण किए हुए चार भुजाओं से सुशोभित हैं। उनके श्री अंगों की कांति चन्द्रमा के समान गौर है। उनके मुख पर सदैव प्रसन्नता छायी रहती है। ऐसे श्री हरि का सब विघ्नों की शांति के लिए ध्यान करें! नीलकमल के समान श्यामसुंदर श्री विष्णु जी जिनके हृदय में विराजमान हैं,उन्ही को लाभ मिलता है, उन्हीं को विजय होती है, उनकी पराजय कैसे हो सकती है? भगवान विष्णु जी का जो सहस्रनाम स्तोत्र हैं,वह अत्यंत शुभ और श्री विष्णु भक्ति प्रदान करने वाला है। *********विनियोग:******** ॐ अस्य श्री विष्णु सहस्रनाम स्त्रोत्रमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिविष्णुर्देवता अनुष्टुप्छन्द:सर्वकामावाप्यर्थं जपे विनियोग: ****इस श्री विष्णुसहस्त्रनाम स्त्रोत्र का मै ब्रह्मा ऋषि हूं, भगवान विष्णु देवता हैं,अनुष्टुप छन्द हैं,और सब कामनाओं की प्राप्ति के लिए जप अथवा पाठ करने में इसका विनियोग किया जाता है। ********ध्यानम्*****"" सजलजलदनीलं दर्शितोदारशीलं करतल धृतशैलं वेणुवाद्ये रसालम्। व्रजजनकुलपालं कामिनीकेलिलोलं तरुणतुलसिमालं नौमि गोपालबालम्।। ***ब्रह्मा जी कहते हैं__इसप्रकारविनियोग करके ध्यान करना चाहिए। जिनके श्रीअंगों की कांति नूतन जलधर के समान श्याम है, जिन्होंने सदा उदार स्वभाव का परिचय दिया है, अपने हाथ पर गिरिराज गोवर्ध्दन को उठाया है,जो बड़ी रसीली बांसुरी बजाते हैं, ब्रजवासियों के समूह का पालन करते हैं ,ब्रजाङगनाओं की प्रसन्नता के लिए भांति भांति की बाल लीलाएं करते डोलते है, तथा जिनके गले में नूतन तुलसी की माला शोभा पा रही है,उन गोपाल बालक भगवान् श्रीकृष्ण को मैं नमस्कार करता हूं। *******अथ विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र**** विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र पाठ अगले भाग में,""**"""आप सभी पर श्री हरि विष्णु जी की आशीर्वाद सदा सर्वदा बनी रहें 🙌🌹🌹🌹🌹 जय श्री कृष्ण जी 👏🌹🌹 शुभ दोपहर वंदन 👏👏🌹🌹

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              🙏🕉️🙏 श्री गणेशाय नमः 🙏🏻🌺🙏🏻🌺🙏🏻🌺🙏🏻🌺🙏🏻🌺🙏🏻
**भक्त प्रहलाद जी के पौत्र राजा बलि सदाचारी विष्णु भक्त थे, उन्होंने सातों द्वीपों के पृथ्वी पर राज्य करते थे,**
एकं बार उनके राज्य सभा में उनकी जय जय जयकार हो रही थी, श्रुति स्मृति की वार्ता चल रही थी, ऋषि दैत्य दानव,सिद्ध नाग गंधर्व यक्ष किन्नर आए हुए थे,
तभी देवर्षि नारद जी का आगमन हुआ सभी सभासद् खड़े होकर नारद जी को प्रणाम किए,राजा बलि ने सत्कार करके कुशल समाचार पुछा।**
तब आनंद पुर्वक देवर्षि नारद ने कहा-हे दैत्य राज! तुम अपने पितरों और पितामहो की परंपरा से चली आ रही पृथ्वी को जीत लिया है,अब तीनों लोकों के स्वामी हो जाओ,यह सुनकर बलि ने इन्द्र सहित सब देवता ओं को जीत कर अपने वश में कर लिया।
उस समय सब देवता ब्रह्मा जी के शरण में गए और इस प्रकार बोले--ब्रह्मन!बलि ने हमें देवलोक से अलग कर दिया है, क्या करें? कहां जाएं?
     ब्रह्मा जी ने कहा--देवताओं! तुम लोग परम मनोहर पद्मावती पुरी को जाओ।
वहां श्रेष्ठ उत्तर मानस नामक तीर्थ है,उसी के दक्षिण भाग में उत्तम विष्णु तीर्थ है, वहां जाकर भगवान विष्णु जी की आराधना करो।वे तुम्हारी दुखों से रक्षा करेंगे।
***ब्रह्मा जी के बात सुनकर देवताओं ने पूछा___ब्रह्मन!किस विधि से भगवान विष्णु की आराधना में तत्पर होना चाहिए,?
••••~~ब्रह्माजी बोले___
,🙏शुक्लाम्बरधरम् विष्णुं शशिवर्ण चतुर्भुजं
प्रसन्न वदनं  ध्यायेत् सर्व विघ्नोपशांतये।
   लाभस्तेषां जयस्तेषां  कुतस्तेषां पराजय;
येषामिन्दीवरश्यामो हृदयस्थो जनार्दन:।।
~~**~~हे, देवताओं, भगवान विष्णु जी श्वेत वस्त्र धारण किए हुए चार भुजाओं से सुशोभित हैं। उनके श्री अंगों की कांति चन्द्रमा के समान गौर है। उनके मुख पर सदैव प्रसन्नता छायी रहती है। ऐसे श्री हरि का सब विघ्नों की शांति के लिए ध्यान करें!
नीलकमल के समान श्यामसुंदर श्री विष्णु जी जिनके हृदय में विराजमान हैं,उन्ही को लाभ मिलता है, उन्हीं को विजय होती है,
उनकी पराजय कैसे हो सकती है? भगवान विष्णु जी का जो सहस्रनाम स्तोत्र हैं,वह अत्यंत शुभ और श्री विष्णु भक्ति प्रदान करने वाला है।
*********विनियोग:********
ॐ अस्य श्री विष्णु सहस्रनाम स्त्रोत्रमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिविष्णुर्देवता अनुष्टुप्छन्द:सर्वकामावाप्यर्थं जपे विनियोग:
****इस श्री विष्णुसहस्त्रनाम स्त्रोत्र का मै ब्रह्मा ऋषि हूं, भगवान विष्णु देवता हैं,अनुष्टुप छन्द हैं,और सब कामनाओं की प्राप्ति के लिए जप अथवा पाठ करने में इसका विनियोग किया जाता है।
********ध्यानम्*****""
सजलजलदनीलं   दर्शितोदारशीलं
करतल धृतशैलं वेणुवाद्ये रसालम्।
व्रजजनकुलपालं    कामिनीकेलिलोलं
तरुणतुलसिमालं नौमि गोपालबालम्।।
***ब्रह्मा जी कहते हैं__इसप्रकारविनियोग करके ध्यान करना चाहिए।
जिनके श्रीअंगों की कांति नूतन जलधर के समान श्याम है, जिन्होंने सदा उदार स्वभाव का परिचय दिया है, अपने हाथ पर गिरिराज गोवर्ध्दन को उठाया है,जो बड़ी रसीली बांसुरी बजाते हैं, ब्रजवासियों के समूह का पालन करते हैं ,ब्रजाङगनाओं की प्रसन्नता के लिए भांति भांति की बाल लीलाएं करते डोलते है, तथा जिनके गले में नूतन तुलसी की माला शोभा पा रही है,उन गोपाल बालक भगवान् श्रीकृष्ण को मैं नमस्कार करता हूं।
*******अथ विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र****


विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र पाठ अगले भाग में,""**"""आप सभी पर श्री हरि विष्णु जी की आशीर्वाद सदा सर्वदा बनी रहें 🙌🌹🌹🌹🌹 जय श्री कृष्ण जी 👏🌹🌹 शुभ दोपहर वंदन 👏👏🌹🌹

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कामेंट्स

GD Bansal Jul 3, 2022
जय श्री लक्ष्मी नारायण

Sharda Dubey Jul 3, 2022
@siddharthverma1 जय श्री कृष्ण बंधु जी 👏 शुभ अपराह्न वंदन बन्धु 👏 आप का हर एक क्षण मंगलमय हो श्री कृष्ण जी की कृपा बनी रहे, सदा सर्वदा 🙌🌹💐🌻🌻

Sharda Dubey Jul 3, 2022
@घनश्यामबंसल जय श्री कृष्ण बंधु जी 👏 शुभ अपराह्न वंदन बंधु 🙌🌹 आपका हर पल मंगलकारी हो 🌹🌹 ‌श्री कृष्ण जी की कृपा बनी रहे सदा सर्वदा 🙌🌹💐🌻💐

LALAN KUMAR Jul 3, 2022
जय श्री राधे राधे जी। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि आप परिवार सहित स्वस्थ और खुश रहे जी।

GOVIND CHAUHAN Jul 3, 2022
Om Namo Lakshmi Narayanayah Namah 🌸🥀🌸🥀🌸🥀🌸🥀👏 Shubh Raatri Vishram Jii 🙏🙏

Sanjay Singh Jul 28, 2022

+22 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 25 शेयर

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