Jasbir Singh nain
Jasbir Singh nain Dec 17, 2021

मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत 18 दिसंबर, 2021 (शनिवार) 🙏🙏शुभ प्रभात जी 🪔🪴🙏🙏 जय श्री ब्रह्मा विष्णु महेश🙏🙏🪔🪔🙏🙏 हिन्दू धर्म में हर एक मास का अपने आप में एक अलग महत्व होता है वैसे ही मार्गशीर्ष मास का भी अलग महत्व है। इस माह में दान-धर्म और भक्ति करने का विशेष महत्वा है। श्रीमदभागवत गीता में भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं कहा है कि महीनों में मैं मार्गशीर्ष का पवित्र महीना हूं। पौराणिक मान्याताओं के अनुसार मार्गशीर्ष माह से ही सतयुग काल आरंभ हुआ था। इस माह में आने वाली पूर्णिमा को मार्गशीर्ष पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन स्नान, दान और तप का विशेष महत्व होता है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन हरिद्वार, बनारस, मथुरा और प्रयागराज आदि जगहों पर श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान और तप आदि करते हैं। शुभ मुहूर्त दिसंबर 18, 2021 को 07:26:35 से पूर्णिमा आरम्भ दिसंबर 19, 2021 को 10:07:20 पर पूर्णिमा समाप्त मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर पवित्र नदी, सरोवर या कुंड में स्नान करने से भगवान विष्ण की विशेष कृपा होती है। इस दिन किए जाने वाले दान का फल अन्य पूर्णिमा की तुलना में 32 गुना अधिक मिलता है इसलिए इसे बत्तीसी पूर्णिमा भी कहा जाता है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के अवसर पर भगवान सत्यनारायण की पूजा व कथा भी कही जाती है। कथा के बाद इस दिन सामर्थ्य के अनुसार गरीबों व ब्राह्मणों को भोजन और दान-दक्षिणा देने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। पूजा विधि मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी भगवान नारायण का मन ही मन में ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। स्नान के समय जल में थोड़ा गंगाजल और तुलसी के पत्ते डालें फिर जल को मस्तक पर लगाकर भगवान को याद कर प्रणाम करें। इसके बाद स्नान करें और पूजा स्थान पर चौक वगैरह बनाकर श्रीहरि की माता लक्ष्मी के साथ वाली तस्वीर स्थापित करें। अब उन्हें याद करें फिर रोली, चंदन, फूल, फल, प्रसाद, अक्षत, धूप, दीप आदि अर्पित करें। इसके बाद पूजा स्थान पर वेदी बनाएं और हवन के लिए अग्नि प्रज्जवलित करें। इसके बाद ‘ॐ नमो: भगवते वासु देवाय नम: स्वाहा इदं वासु देवाय इदं नमम’ बोलकर हवन सामग्री से 11, 21, 51, या 108 आहुति दें। हवन खत्म होने के बाद भगवान का ध्यान करें। उनसे अपनी गलती की क्षमायाचना करें। पूजा के बाद करें ये काम पूजन के बाद अपने सामर्थ्य के अनुसार दान करें। अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमजोर है तो इस दिन सफेद चीजों जैसे दूध, खीर, चावल, मोती आदि का दान करें। अगर आपने व्रत रखा है तो पूर्णिमा की रात को नारायण भगवान के मूर्ति के पास ही सोएं और दूसरे दिन स्नान करके पूजा करने के बाद जरूरतमंद व्यक्ति या किसी ब्राह्मण को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा देने के बाद व्रत का पारण करें।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत
18 दिसंबर, 2021 (शनिवार)
🙏🙏शुभ प्रभात जी 🪔🪴🙏🙏 जय श्री ब्रह्मा विष्णु महेश🙏🙏🪔🪔🙏🙏

हिन्दू धर्म में हर एक मास का अपने आप में एक अलग महत्व होता है वैसे ही मार्गशीर्ष मास का भी अलग महत्व है। इस माह में दान-धर्म और भक्ति करने का विशेष महत्वा है। श्रीमदभागवत गीता में भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं कहा है कि महीनों में मैं मार्गशीर्ष का पवित्र महीना हूं। पौराणिक मान्याताओं के अनुसार मार्गशीर्ष माह से ही सतयुग काल आरंभ हुआ था। इस माह में आने वाली पूर्णिमा को मार्गशीर्ष पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन स्नान, दान और तप का विशेष महत्व होता है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन हरिद्वार, बनारस, मथुरा और प्रयागराज आदि जगहों पर श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान और तप आदि करते हैं।



शुभ मुहूर्त
दिसंबर 18, 2021 को 07:26:35 से पूर्णिमा आरम्भ
दिसंबर 19, 2021 को 10:07:20 पर पूर्णिमा समाप्त

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर पवित्र नदी, सरोवर या कुंड में स्नान करने से भगवान विष्ण की विशेष कृपा होती है। इस दिन किए जाने वाले दान का फल अन्य पूर्णिमा की तुलना में 32 गुना अधिक मिलता है इसलिए इसे बत्तीसी पूर्णिमा भी कहा जाता है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के अवसर पर भगवान सत्यनारायण की पूजा व कथा भी कही जाती है। कथा के बाद इस दिन सामर्थ्य के अनुसार गरीबों व ब्राह्मणों को भोजन और दान-दक्षिणा देने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।



पूजा विधि
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी भगवान नारायण का मन ही मन में ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। स्नान के समय जल में थोड़ा गंगाजल और तुलसी के पत्ते डालें फिर जल को मस्तक पर लगाकर भगवान को याद कर प्रणाम करें। इसके बाद स्नान करें और पूजा स्थान पर चौक वगैरह बनाकर श्रीहरि की माता लक्ष्मी के साथ वाली तस्वीर स्थापित करें। अब उन्हें याद करें फिर रोली, चंदन, फूल, फल, प्रसाद, अक्षत, धूप, दीप आदि अर्पित करें। इसके बाद पूजा स्थान पर वेदी बनाएं और हवन के लिए अग्नि प्रज्जवलित करें। इसके बाद ‘ॐ नमो: भगवते वासु देवाय नम: स्वाहा इदं वासु देवाय इदं नमम’ बोलकर हवन सामग्री से 11, 21, 51, या 108 आहुति दें। हवन खत्म होने के बाद भगवान का ध्यान करें। उनसे अपनी गलती की क्षमायाचना करें।



पूजा के बाद करें ये काम
पूजन के बाद अपने सामर्थ्य के अनुसार दान करें। अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कमजोर है तो इस दिन सफेद चीजों जैसे दूध, खीर, चावल, मोती आदि का दान करें। अगर आपने व्रत रखा है तो पूर्णिमा की रात को नारायण भगवान के मूर्ति के पास ही सोएं और दूसरे दिन स्नान करके पूजा करने के बाद जरूरतमंद व्यक्ति या किसी ब्राह्मण को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा देने के बाद व्रत का पारण करें।

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कामेंट्स

Brajesh Sharma Dec 18, 2021
राम राम जी जय जय श्री राम 🔔🚩🙏🇮🇳💥🌺🌞🙏🚩 श्री राम भक्त वीर हनुमान की जय ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव वीर बजरंगबली की जय...जय श्री राम ॐ शं शनैश्चराय नमः ॐ शं शनैश्चराय नमः 🌞🙏❤🌞🌺🙏🎋🌹🙏🌞🚩

꧁༒︎Kavita Sharma༒︎꧂ Dec 19, 2021
🌞🌞🌞जय सुर्यदेव🌞🌞🌞 💫💫☘️शुभ रविवार☘️💫💫 🌟🌟ॐ आदित्याय नमः🌟🌟 🌻🌻ॐ भास्कराय नमः🌻🌻 🌟🌟🔶🔶🔶🔶🌟🌟 सारे संसार को प्रकाशित करने वाले भगवान सुर्यदेव आप सभी के जीवन में हमेशा प्रकाशवान बनाये रखें!! ⚜️🔥🔥🔥🔥🔥🔥⚜️

꧁༒︎Kavita Sharma༒︎꧂ Dec 19, 2021
🦚🦚🦚𝙍𝙖𝙙𝙝𝙚 𝙍𝙖𝙙𝙝𝙚 𝙅𝙞 🦚🦚🦚 𝙅𝙖𝙞 𝙎𝙝𝙧𝙚𝙚 𝙆𝙧𝙞𝙨𝙝𝙣𝙖 𝙋𝙧𝙖𝙗𝙝𝙪 ༒︎༒︎🦚🦚🦚🦚🦚༒︎༒︎

🅰️NU🅿️🅰️♏️ R🅰️J🅿️UT Dec 19, 2021
जय जय श्री राम🚩🙏शुभमंगल🙏 जगतहिं कल्याणकारी🚩।। माँ अन्नपूर्णा पार्वतिरुपिणी🚩 ।। समस्तप्रणि विश्वकेहिं अमृतवर्षायनि।। नमोस्तुते 🙏🙏🙏🙏🙏

Munesh Tyagi Dec 20, 2021
Om namah shivaya har har mahadev shubh prabhat vandan Ji

MADHUBEN PATEL Dec 20, 2021
ॐ नमः शिवाय जी शुभ सोमवार सुबह की शिववंदना भाईजी

Brajesh Sharma Dec 20, 2021
👌🎋🇮🇳🙏🚩🌞🙏🇮🇳🌹💥 🌞🚩सुप्रभात 🌹🙏 ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव खुश रहें मस्त रहें स्वस्थ रहें *ज़िन्दगी में कुछ दोस्ती, *नादानों से भी ज़रूर रखना,* *क्योंकि जरुरत पड़ने पर,..*समझदार लोग,* *अक्सर व्यस्त रहते हैं..!! राम राम जी जय जय श्री राम 🚩🙏🎋🇮🇳🌞🥀🌹🙏

N K Pandey Dec 20, 2021
Om Namah Shivay Subh Prabhat Vandan Bhai Ji

Seema Sharma (Himachal) Dec 20, 2021
ऊँ नमः शिवाय 🌹 हर हर महादेव 🙏🌹🙏 *ॐ महाकाल महाकाल महाकाल जगत्पते महाकाल महायोगिन महाकाल नमोस्तुते महाकाल महादेव महाकाल महाप्रभो* *महाकाल महारुद्र महाकाल नमोस्तुते महाकाल महाज्ञान महाकाल तमोपहन* शुभ प्रभात वंदन जी 🌷🌹🌺🌺🌺🌺 🙏🙏🙏🙏🙏🙏

my mandir Jan 25, 2022

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Garima Gahlot Rajput Jan 25, 2022

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PRABHAT KUMAR Jan 25, 2022

🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 🔛🔛 *#जय_श्री_राम_जय_जय_महावीर_हनुमान* 🔛🔛 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *🌜 मधुर सपनों के साथ शुभ रात्रि प्रिय आदरणीय साथियों 🌛* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 🚩🚩 *#महावीर_हनुमान_ऐसे_बने_महाशक्तिशाली* 🚩🚩 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 *वाल्मीकि रामायण के अनुसार, बाल्यकाल में जब हनुमान सूर्यदेव को फल समझकर खाने को दौड़े और सूर्य को निगल लिया तो हनुमान से अपरिचित तो घबराकर देवराज इंद्र ने हनुमानजी पर वज्र का वार किया। वज्र के प्रहार से हनुमान निश्तेज हो गए। यह देखकर वायुदेव बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने समस्त संसार में वायु का प्रवाह रोक दिया। संसार में हाहाकार मच गया। तब परमपिता ब्रह्मा ने हनुमान को स्पर्श कर पुन: चैतन्य किया। उस समय सभी देवताओं ने हनुमानजी को वरदान दिए। इन वरदानों से ही हनुमानजी परम शक्तिशाली बन गए।* 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 *1. भगवान सूर्य ने हनुमानजी को अपने तेज का सौवां भाग दिया । उन्होंने कहा की शास्त्रों का यह बहुत बड़ा ग्यानी होता और इसका यश सभी लोको में फैलेगा | बाद में सूर्य हनुमान जी के गुरु भी बने |* 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 *2. धर्मराज यमराज ने हनुमानजी को वरदान दिया कि यह मेरे दण्ड से अवध्य और निरोग होगा।* 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 *3. धन के देवता कुबेर ने वरदान दिया कि इस बालक को युद्ध में कभी विषाद नहीं होगा तथा मेरी गदा संग्राम में भी इसका वध न कर सकेगी।* 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 *4. भगवान शंकर ने यह वरदान दिया कि यह मेरे और मेरे शस्त्रों द्वारा भी अवध्य रहेगा।* 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 *5. देवशिल्पी विश्वकर्मा ने वरदान दिया कि मेरे बनाए हुए जितने भी शस्त्र हैं, उनसे यह अवध्य रहेगा और चिंरजीवी होगा।* 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 *6. देवराज इंद्र ने हनुमानजी को यह वरदान दिया कि यह बालक आज से मेरे वज्र द्वारा भी अवध्य रहेगा।* 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 *7. जलदेवता वरुण ने यह वरदान दिया कि दस लाख वर्ष की आयु हो जाने पर भी मेरे पाश और जल से इस बालक की मृत्यु नहीं होगी।* 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 *8. परमपिता ब्रह्मा ने हनुमानजी को वरदान दिया कि यह बालक दीर्घायु, महात्मा और सभी प्रकार के ब्रह्दण्डों से बचा रहेगा | यह अपने अनुसार अपने आकार और छोटा और बड़ा कर पायेगा | युद्ध में कोई भी इसे जीत नहीं पाएगा। यह अपनी गति को भी तीव्र या मंद कार्य पायेगा ।* 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 *9. इसके अलावा जब हनुमान ने श्री राम की दीर्घआयु की कामना से सम्पूर्ण शरीर पर सिंदूर लगा लिया तब उन्हें माता सीता ने अमर होने का आशीर्वाद दे दिया | तब से बालाजी अष्ट चिरंजीवी में से एक है |* 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛 *#नोट : उक्त जानकारी सोशल मीडिया से प्राप्त किया गया है।* 📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰 *( इस आलेख में दी गई जानकारियाँ धार्मिक आस्था और लौकिक मान्यताओं पर आधारित है जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। )* 🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛🔛

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Garima Gahlot Rajput Jan 25, 2022

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Dheeraj Shukla Jan 25, 2022

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Deepak Jan 25, 2022

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