Meenu
Meenu Nov 29, 2021

💖Shree Radhe Radhe 💖

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कामेंट्स

santoshi thakur Nov 29, 2021
Good afternoon sister🙏 *Om* *namah* *Shivay* sister 🙏 aapka har pal mangalmay ho *bhole* *baba* bless you and your family always be happy 🙏🌹 Radhey Radhey Krishna 🙏🏵️

🌷Amar gaur🌷 Nov 29, 2021
🌹🌹 jai shree krishna ji shree Radhey Radhey ji good night ji Always be happy ji 🌹🌹🙏🏻🙏🏻

Sudha Mishra Jan 16, 2022

+46 प्रतिक्रिया 23 कॉमेंट्स • 63 शेयर
Sudha Mishra Jan 16, 2022

+29 प्रतिक्रिया 10 कॉमेंट्स • 41 शेयर

🙏 *हरे कृष्णा हरे राम* 🙏 🌹🌺 *सुदामा दरिद्र क्यों*🌺🌹 🌺🌺 *शुभ रात्रि वंदन* 🌺🌺 मेरे मन में सुदामा के सम्बन्ध में एक बड़ी शंका थी कि एक विद्वान् ब्राह्मण अपने बाल सखा *कृष्ण से छुपाकर चने कैसे खा सकता है* आज भागवत के इस प्रसंग में छुपे रहस्य को आपसे साझा करना जरुरी समझता हूँ ताकि आप भी समाज में फैली इस भ्रान्ति को दूर कर सकें। *गुरुदेव बताते हैं सुदामा की दरिद्रता, और चने की चोरी के पीछे एक बहुत ही रोचक और त्याग-पूर्ण कथा है* - एक अत्यंत गरीब निर्धन बुढ़िया भिक्षा माँग कर जीवन यापन करती थी। एक समय ऐसा आया कि पाँच दिन तक उसे भिक्षा नही मिली वह प्रति दिन पानी पीकर भगवान का नाम लेकर सो जाती थी। छठवें दिन उसे भिक्षा में दो मुट्ठी चने मिले। कुटिया पे पहुँचते-पहुँचते उसे रात हो गयी। बुढ़िया ने सोंचा *अब ये चने रात मे नही, प्रात:काल वासुदेव को भोग लगाकर खाऊँगी ।* यह सोंचकर उसने चनों को कपडे में बाँधकर रख दिए और *वासुदेव* का नाम जपते-जपते सो गयी। बुढ़िया के सोने के बाद कुछ चोर चोरी करने के लिए उसकी कुटिया मे आ गये। *चोरों ने चनों की पोटली देख कर समझा* इसमे सोने के सिक्के हैं अतः उसे उठा लिया। चोरो की आहट सुनकर बुढ़िया जाग गयी और शोर मचाने लगी ।शोर-शराबा सुनकर गाँव के सारे लोग चोरों को पकडने के लिए दौडे। चने की पोटली लेकर भागे चोर पकडे जाने के डर से *श्री संदीपन मुनि* के आश्रम में छिप गये। इसी संदीपन मुनि के आश्रम में *भगवान श्री कृष्ण और सुदामा शिक्षा ग्रहण कर रहे थे।* चोरों की आहट सुनकर गुरुमाता को लगा की कोई आश्रम के अन्दर आया है गुरुमाता ने पुकारा- कौन है ?? गुरुमाता को अपनी ओर आता देख चोर चने की पोटली छोड़कर वहां से भाग गये। *इधर भूख से व्याकुल बुढ़िया ने जब जाना ! कि उसकी चने की पोटली चोर उठा ले गए हैं तो उसने श्राप दे दिया* मुझ दीनहीन असहाय के चने जो भी खायेगा वह दरिद्र हो जायेगा उधर प्रात:काल आश्रम में झाडू लगाते समय गुरुमाता को वही चने की पोटली मिली। गुरु माता ने पोटली खोल के देखी तो उसमे चने थे। उसी समय सुदामा जी और श्री कृष्ण जंगल से लकडी लाने जा रहे थे। *गुरुमाता ने वह चने की पोटली सुदामा को देते हुए कहा बेटा !* जब भूख लगे तो दोनो यह चने खा लेना । *सुदामा जन्मजात ब्रह्मज्ञानी थे।* उन्होंने ज्यों ही चने की पोटली हाथ मे ली सारा *रहस्य* जान गए। सुदामा ने सोचा- गुरुमाता ने कहा है यह चने दोनो लोग बराबर बाँट के खाना, लेकिन ये चने अगर मैने *त्रिभुवनपति श्री कृष्ण को खिला दिये तो मेरे प्रभु के साथ साथ तीनो लोक दरिद्र हो जाएंगे।* नही-नही मै ऐसा नही होने दूँगा। मेरे जीवित रहते मेरे प्रभु दरिद्र हो जायें मै ऐसा कदापि नही करुँगा। मै ये चने स्वयं खा लूँगा लेकिन कृष्ण को नही खाने दूँगा और सुदामा ने कृष्ण से छुपाकर सारे चने खुद खा लिए। *अभिशापित चने खाकर सुदामा ने स्वयं दरिद्रता ओढ़ ली* लेकिन अपने मित्र श्री कृष्ण को बचा लिया। अद्वितीय त्याग का उदाहरण प्रस्तुत करने वाले सुदामा, चोरी-छुपे चने खाने का अपयश भी झेलें तो यह बहुत अन्याय है परंतु मित्र धर्म निभाने का इससे बड़ा अप्रतिम उदाहरण नहीं मिल सकता। वास्तव में *यही सच्चे मित्र की पहचान है यही सीख हमें इस प्रसंग से लेनी चाहिए ।* 🌺🌺 *जय श्री राधे कृष्ण*🌺🌺 🙏 *हरे कृष्णा हरे राम* 🙏 एक अच्छी *रहस्यमय* जानकारी है इस लिए ग्रुप में भेज रहा हु 2 मिनिट plz *माँसाहारी या शाकाहारी* - *कैसे पहचानेंगे??* #असम में एक शिशु मन्दिर में जाना हुआ तो बच्चों में बड़ा उत्साह था जैसे किसी जादूगर के आने पर होता है,, *बात शुरू हुई तो मैंने बच्चों से पूछा – आप लोग कहीं जा रहे हैं, सामने से कोई कीड़ा मकोड़ा या कोई साँप छिपकली या कोई गाय भैंस या अन्य कोई ऐसा विचित्र जीव दिख गया जो आपने जीवन में पहले कभी नहीं देखा, तो प्रश्न यह है कि आप कैसे पहचानेंगे कि वह जीव *अंडे* देता है *या बच्चे*? क्या पहचान है उसकी? बच्चे मौन रहे बस आंतरिक खुसर फुसर चलती रही..... मिनट दो मिनट बाद मैंने ही बताया कि बहुत आसान है,, जिनके भी *कान बाहर* दिखाई देते हैं *वे सब बच्चे देते हैं* और जिन जीवों के *कान बाहर नहीं* दिखाई देते *वे अंडे* देते हैं.... फिर दूसरा प्रश्न पूछा – ये बताइए आप लोगों के सामने एकदम कोई प्राणी आ गया,, आप कैसे पहचानेंगे की यह *शाकाहारी है या मांसाहारी?* क्योंकि आपने तो उसे भोजन करते देखा नहीं है, बच्चों में फिर वही कौतूहल और खुसर फ़ुसर की आवाजें..... मैंने कहा – देखो भाई बहुत आसान है,, जिन जीवों की *आँखों की बाहर की यानी ऊपरी संरचना गोल है वे सब माँसाहारी हैं* जैसे कुत्ता, बिल्ली, बाज, चिड़िया, शेर, भेड़िया, चील,, या अन्य कोई भी आपके आस पास का जीव जंतु जिसकी आँखे गोल हैं वह माँसाहारी है,, ठीक उसी तरह जिसकी *आँखों की बाहरी संरचना लंबाई लिए हुए है, वे सब शाकाहारी हैं* जैसे हिरन,, गाय, हाथी, बैल, भैंस, बकरी,, इनकी आँखे बाहर की बनावट में लंबाई लिए होती है .... अब ये बताओ कि मनुष्य की आँखें गोल हैं या लंबाई वाली,,, सब बच्चों ने कहा कि लंबाई वाली,, मैंने फिर पूछा कि यह बताओ इस हिसाब से *मनुष्य शाकाहारी जीव हुआ* या माँसाहारी??सबका उत्तर था #शाकाहारी,, फिर दूसरी बात यह बताई कि जिन भी *जीवों के नाखून तीखे नुकीले होते हैं वे सब माँसाहारी* होते हैं जैसे शेर बिल्ली, कुत्ता बाज गिद्ध या अन्य कोई तीखे नुकीले नाखूनों वाला जीव.... जिनके *नाखून चौड़े चपटे होते हैं वे सब शाकाहारी* होते हैं जैसे गाय, घोड़ा, गधा, बैल, हाथी, ऊँट, बकरी..... अब ये बताओ बालकों कि मनुष्य के नाखून तीखे नुकीले हैं या चौड़े चपटे?? बालकों ने कहा कि चौड़े चपटे,, अब ये बताओ इस हिसाब से मनुष्य कौनसे जीवों की श्रेणी में हुआ??सब बालकों ने कहा कि शाकाहारी,,, फिर तीसरी बात बताई,, जिन भी *जीवों पशु प्राणियों को पसीना आता है वे सब शाकाहारी* होते हैं जैसे घोड़ा बैल गाय भैंस खच्चर आदि अनेकों प्राणी... *माँसाहारी जीवों को पसीना नहीं आता है, इसलिए कुदरती तौर पर वे जीव अपनी #जीभ निकालकर लार टपकाते हुए हाँफते रहते हैं* इस प्रकार वे अपनी शरीर की गर्मी को नियंत्रित करते हैं.... तो प्रश्न यह है कि *मनुष्य* को पसीना आता है या जीभ से एडजस्ट करता है?? बालकों ने कहा कि *पसीना आता है,* अच्छा यह बताओ कि इस बात से मनुष्य कौनसा जीव सिद्ध हुआ, सबने एकसाथ कहा – *शाकाहारी...* ऐसे ही अनेकों विषयों पर बच्चों से बात की, आनंद आ गया.... *#सभी लोग विशेषकर अध्यापन से जुड़े भाई बहन चाहें तो बच्चों को सीखने पढ़ाने के लिए इस तरह बातचीत की शैली विकसित कर सकते हैं, इससे जो वे समझेंगे सीखेंगे वह उन्हें जीवनभर काम आएगा याद रहेगा, पढ़ते वक्त बोर भी नहीं होंगे..* इसी के साथ मेरी एक बात मत भूलना 👇👇 🙏🙏 जय श्री कृष्णा *ॐ नमः भगवतेय वासुदेवाय नमः* हर वक्त हरे कृष्णा ओर इस महामंत्र का जाप करते रहिऐ *108 *बार* हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे *राधे राधे जी* 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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N S Yadav GoldMine Jan 16, 2022

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