lalit mohan jakhmola
lalit mohan jakhmola Nov 25, 2021

****जय श्री राधे कृष्णा जी*** ##विज्ञान और संस्कार का अति सुन्दर वार्तालाप## @*एक माँ* अपने पूजा-पाठ से फुर्सत पाकर अपने *विदेश में रहने वाले बेटे* से विडियो चैट करते वक्त *पूछ बैठी-* *"बेटा! कुछ पूजा-पाठ भी करते हो या नहीं?"* *बेटा बोला-* *"माँ, मैं एक जीव वैज्ञानिक हूँ। मैं अमेरिका में मानव के विकास पर काम* कर रहा हूँ। *विकास का सिद्धांत, चार्ल्स डार्विन.. क्या आपने उसके बारे में सुना भी है?"* *उसकी माँ मुस्कुराई* और *बोली.....* *"मैं डार्विन के बारे में जानती हूँ बेटा.. उसने जो भी खोज की, वह वास्तव में सनातन-धर्म के लिए बहुत पुरानी खबर है।"* “हो सकता है माँ!” बेटे ने भी *व्यंग्यपूर्वक* कहा। *“यदि तुम कुछ समझदार हो, तो इसे सुनो..” उसकी माँ ने प्रतिकार किया।* *“क्या तुमने दशावतार के बारे में सुना है?* *विष्णु के दस अवतार ?”* बेटे ने सहमति में कहा... *"हाँ! पर दशावतार का मेरी रिसर्च से क्या लेना-देना?"* *माँ फिर बोली-* *"लेना-देना है..* *मैं तुम्हें बताती हूँ कि तुम और मि. डार्विन क्या नहीं जानते हो ?"* *“पहला अवतार था 'मत्स्य', यानि मछली।* ऐसा इसलिए कि *जीवन पानी में आरम्भ हुआ। यह बात सही है या नहीं?”* बेटा अब ध्यानपूर्वक सुनने लगा.. “उसके बाद आया *दूसरा अवतार 'कूर्म', अर्थात् कछुआ* क्योंकि *जीवन पानी से जमीन की ओर चला गया.. 'उभयचर (Amphibian)',* तो *कछुए ने समुद्र से जमीन की ओर के विकास को दर्शाया।”* *“तीसरा था 'वराह' अवतार, यानी सूअर।* जिसका मतलब *वे जंगली जानवर, जिनमें अधिक बुद्धि नहीं होती है*। *तुम उन्हें डायनासोर कहते हो।”* बेटे ने आंखें फैलाते हुए सहमति जताई.. *“चौथा अवतार था 'नृसिंह', आधा मानव, आधा पशु*। जिसने दर्शाया *जंगली जानवरों से बुद्धिमान जीवों का विकास।”* *“पांचवें 'वामन' हुए, बौना जो वास्तव में लंबा बढ़ सकता था*। क्या तुम जानते हो ऐसा क्यों है? *क्योंकि मनुष्य दो प्रकार के होते थे- होमो इरेक्टस(नरवानर) और होमो सेपिअंस (मानव),* और *होमो सेपिअंस ने विकास की लड़ाई जीत ली।”* बेटा दशावतार की प्रासंगिकता सुन के स्तब्ध रह गया.. माँ ने बोलना जारी रखा- *“छठा अवतार था 'परशुराम', जिनके पास शस्त्र (कुल्हाड़ी) की ताकत थी*। वे दर्शाते हैं उस *मानव* को, *जो गुफा और वन में रहा.. गुस्सैल और असामाजिक।”* *“सातवां अवतार थे 'मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम', सोच युक्त प्रथम सामाजिक व्यक्ति।* जिन्होंने *समाज के नियम बनाए और समस्त रिश्तों का आधार।”* *“आठवां अवतार थे 'भगवान श्री कृष्ण', राजनेता, राजनीतिज्ञ, प्रेमी।* जिन्होंने समाज के नियमों का आनन्द लेते हुए यह सिखाया कि *सामाजिक ढांचे में रहकर कैसे फला-फूला जा सकता है?*” बेटा सुनता रहा, चकित और विस्मित.. *माँ ने ज्ञान की गंगा प्रवाहित रखी -* *“नवां * थे 'महात्मा बुद्ध', वे व्यक्ति जिन्होंने नृसिंह से उठे मानव के सही स्वभाव को खोजा। उन्होंने मानव द्वारा ज्ञान की अंतिम खोज की पहचान की।”* “..और अंत में *दसवां अवतार 'कल्कि' आएगा।* *वह मानव जिस पर तुम काम कर रहे हो.. वह मानव, जो आनुवंशिक रूप से श्रेष्ठतम होगा।”* *बेटा अपनी माँ को अवाक् होकर देखता रह गया..* *अंत में वह बोल पड़ा-* *“ ... यह अद्भुत है माँ.. हिंदू दर्शन वास्तव में अर्थपूर्ण है!”* *मित्रों..* *वेद, पुराण, ग्रंथ, उपनिषद इत्यादि सब अर्थपूर्ण हैं। सिर्फ आपका देखने का दृष्टिकोण होना चाहिए। फिर चाहे वह धार्मिक हो या वैज्ञानिकता...🙏* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩

+6 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 8 शेयर

कामेंट्स

Renu Singh Nov 25, 2021
Jai Shree Radhe Krishna 🙏🌹 Shubh Ratri Vandan Bhai Ji Radhe Govind ji ki kripa Se Aàpka Har Din Har Pal Shubh Avam Mangalmay ho 🌸🙏

Shuchi Singhal Jan 25, 2022

+49 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 35 शेयर
Manish Tiwari Jan 26, 2022

... ︵︷︵︷︵︷︵︷︵​︷︵ ♤ एकता में ~ बहुत बल है ♤ ︶︸︶︸︶︸︶︸︶︸︶ आचार्य विनोबा भावे को किसी विद्यालय में व्याख्यान देने के लिए बुलाया गया. विनोबाजी का मानना था कि ~ छात्रों को सही दिशा दी जाए, तो .. देश का विकास भी उचित दिशा में होता है. वे खुश होकर उस विद्यालय में गए, और छात्रों को ... अत्यंत प्रेरक व्याख्यान दिया. छात्र उन्हें सुनकर काफी प्रभावित हुए. जब उनका व्याख्यान समाप्त हुआ, तो .. कुछ छात्र उनसे मिलने आए. सहज बातचीत के दौरान विनोबाजी ने छात्रों को कागज़ के कुछ टुकड़े देकर कहा ~ इन टुकड़ों से आप लोग भारत का नक्शा बनाएं. बहुत दिमागी कसरत के बाद भी छात्र भारत का नक्शा नहीं बना सके. एक युवक वहीं बैठा ... यह सब देख रहा था. वह उठकर विनोबाजी के पास आया, और बोला ~ मैं ये नक्शा बना सकता हूँ. विनोबाजी की अनुमति मिलने पर युवक ने उन टुकड़ों को जोड़कर भारत का नक्शा बना दिया. विनोबाजी ने पूछा ~ तुमने इतनी जल्दी इन टुकड़ों को कैसे जोड़ा ? युवक बोला ~ कागज़ के इन टुकड़ों में ... एक ओर भारत का नक्शा बना हुआ है, जबकि .. दूसरी ओर एक आदमी का चित्र है. जब मैंने आदमी के चित्र वाले कागज़ के टुकड़ों को जोड़ा, तो ★ भारत का नक्शा स्वत: बन गया. ★ तब विनोबाजी ने कहा ~ यदि हमें देश में एकता लानी है, तो पहले देशवासियों को एक करना होगा. जब देशवासी एक हो जायेंगे, तो देश स्वत: एक हो जायेगा. सच है कि ~ एकता में बड़ा बल है. यदि हम विभिन्न धर्म, संप्रदाय या वर्ग में विभक्त न हों, और एक दूसरे को देशबन्धु के रूप में देखें, तो हमारा राष्ट्र उन्नति के शीर्ष सोपान पर खड़ा होगा, और ... एक महाशक्ति के रूप में स्थापित होगा. हमें इस कागज़ के टुकड़े के उदाहरण को भी ठीक से समझ लेना चाहिए. सभी के एक होने से ही एकता होती है, सिर्फ बातें बनाने से नहीं. आपने देखा होगा ~ एकता की बातें तो हर कोई करता है, लेकिन ... बड़ी निराशा की बात है कि वो अपने परिवार में भी. एकता से नहीं रह पाते हैं. 🌈🌈 🌀 🌈🌈 ╲\╭┓ ╭ 🌸 ╯ ┗╯\╲☆ ● ════════❥ ❥ ❥

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 4 शेयर
anuradha mehra Jan 26, 2022

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Anita Rani Agarwal Jan 26, 2022

+9 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 0 शेयर

+6 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 16 शेयर

+17 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 62 शेयर
bksk yadav Jan 26, 2022

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 13 शेयर
Malti Bansal Jan 26, 2022

+14 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 102 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB