Preeti Jain
Preeti Jain Nov 3, 2021

मित्रों,आज का नरक चौदस का यह त्योहार नर्क चतुर्दशी या नर्का पूजा के नाम से भी जाना जाता है, दीपावली को एक दिन का पर्व कहना उचित नहीं होगा, इस पर्व का जो महत्व और महात्मय है उस दृष्टि से भी नर्क चतुर्दशी व दीपावली काफी महत्वपूर्ण हिन्दुओं का त्यौहार है, यह पांच पर्वों की श्रृंखला के मध्य में रहने वाला त्यौहार है,जैसे मंत्री समुदाय के बीच राजा। दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस फिर नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली फिर दीपावली और गोधन पूजा एवम् भाईदूज, इसे छोटी दीपावली इसलिये कहा जाता है, क्योंकि दीपावली से एक दिन पहले रात के वक्त उसी प्रकार दीये की रोशनी से रात के तिमिर को प्रकाश पुंज से दूर भगा दिया जाता है, जैसे दीपावली की रात। आज की रात दीप जलाने की प्रथा के संदर्भ में कई पौराणिक कथायें और लोकमान्यतायें हैं, शास्त्रों के अनुसार प्रागज्योतिषपुर नगर का राजा नरकासुर नामक दैत्य था, उसने अपनी शक्ति से इंद्र, वरुण, अग्नि, वायु आदि सभी देवताओं को परेशान कर दिया, वह संतों को भी त्रास देने लगा, महिलाओं पर अत्याचार करने लगा, उसने राज कन्याओं की सोलह हजार कन्याओं को भी बंदी बना लिया। जब उसका अत्याचार बहुत बढ़ गया तो देवता व ऋषिमुनि भगवान् श्रीकृष्ण की शरण में गये, भगवान् श्रीकृष्ण ने उन्हें नराकासुर से मुक्ति दिलाने का आश्वसान दिया, लेकिन नरकासुर को स्त्री के हाथों मरने का श्राप था, इसलिये भगवान् श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा को सारथी बनाया, तथा उन्हीं की सहायता से नरकासुर का वध कर दिया। इस प्रकार श्रीकृष्ण ने कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को यानी आज ही के दिन नरकासुर का वध कर देवताओं व संतों को उसके आतंक से मुक्ति दिलायी, और सोलह हजार एक सौ कन्याओं को नरकासुर के बंदी गृह से मुक्त कर उन्हें सम्मान प्रदान किया था, इस उपलक्ष में दीयों की बारत सजायी जाती है, तभी से नरक चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाने लगा। आज के दिन के व्रत और पूजा के संदर्भ में एक अन्य कथा यह है कि रन्तिदेव नामक एक पुण्यात्मा और धर्मात्मा राजा थे, उन्होंने अनजाने में भी कोई पाप नहीं किया था, लेकिन जब मृत्यु का समय आया तो उनके समक्ष यमदूत आ खड़े हुये, यमदूत को सामने देख राजा अचंभित हुए और बोले मैंने तो कभी कोई पाप कर्म नहीं किया फिर आप लोग मुझे लेने क्यों आए हो। क्योंकि आपके यहां आने का मतलब है कि मुझे नर्क जाना होगा, आप मुझ पर कृपा करें और बतायें कि मेरे किस अपराध के कारण मुझे नरक जाना पड़ रहा है? पुण्यात्मा राजा की अनुनय भरी वाणी सुनकर यमदूत ने कहा, हे राजन् एक बार आपके द्वार से एक ब्राह्मण भूखा लौट गया यह उसी पापकर्म का फल है। दूतों की इस प्रकार कहने पर राजा ने यमदूतों से कहा कि मैं आपसे विनती करता हूं कि मुझे एक वर्ष का समय और दे, यमदूतों ने राजा को एक वर्ष की मोहलत दे दी, राजा अपनी परेशानी लेकर ऋषियों के पास पहुंचा, और उन्हें सब वृतान्त कहकर उनसे पूछा कि कृपया इस पाप से मुक्ति का क्या उपाय है। ऋषि बोले हे राजन् आप कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का व्रत करें, और ब्रह्मणों को भोजन करवा कर उनसे उनके प्रति हुये अपने अपराधों के लिए क्षमा याचना करें, राजा ने वैसा ही किया जैसा ऋषियों ने उन्हें बताया, इस प्रकार राजा पाप मुक्त हुये और उन्हें विष्णु लोक में स्थान प्राप्त हुआ। उस दिन से पाप और नर्क से मुक्ति हेतु भूलोक में कार्तिक चतुर्दशी के दिन का व्रत प्रचलित है, आज के विष्णु मंदिर और कृष्ण मंदिर में भगवान् का दर्शन करना अत्यंत पुण्यदायक कहा गया है, इससे पाप कटता है और रूप सौन्दर्य की प्राप्ति भी होती है, भाई-बहनों!आज नरक चतुर्दशी और कल दीपावली की बहुत बहुत हार्दिक बधाई, माँ लक्ष्मीजी एवं भगवान् श्री कृष्णजी आप सभी को आरोग्य और सौभाग्य प्रदान करें, आप सभी के मंगलमय जीवन की ढेरों शुभ कामनायें। जय श्री माँ लक्ष्मीजी! हरि ओऊम् तत्सत्

मित्रों,आज का नरक चौदस का यह त्योहार नर्क चतुर्दशी या नर्का पूजा के नाम से भी जाना जाता है, दीपावली को एक दिन का पर्व कहना उचित नहीं होगा, इस पर्व का जो महत्व और महात्मय है उस दृष्टि से भी नर्क चतुर्दशी व दीपावली काफी महत्वपूर्ण हिन्दुओं का त्यौहार है, यह पांच पर्वों की श्रृंखला के मध्य में रहने वाला त्यौहार है,जैसे मंत्री समुदाय के बीच राजा। 

दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस फिर नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली फिर दीपावली और गोधन पूजा एवम् भाईदूज, इसे छोटी दीपावली इसलिये कहा जाता है, क्योंकि दीपावली से एक दिन पहले रात के वक्त उसी प्रकार दीये की रोशनी से रात के तिमिर को प्रकाश पुंज से दूर भगा दिया जाता है, जैसे दीपावली की रात।

आज की रात दीप जलाने की प्रथा के संदर्भ में कई पौराणिक कथायें और लोकमान्यतायें हैं, शास्त्रों के अनुसार  प्रागज्योतिषपुर नगर का राजा नरकासुर नामक दैत्य था, उसने अपनी शक्ति से इंद्र, वरुण, अग्नि, वायु आदि सभी देवताओं को परेशान कर दिया, वह संतों को भी त्रास देने लगा, महिलाओं पर अत्याचार करने लगा, उसने राज कन्याओं की सोलह हजार कन्याओं को भी बंदी बना लिया। 

जब उसका अत्याचार बहुत बढ़ गया तो देवता व ऋषिमुनि भगवान् श्रीकृष्ण की शरण में गये, भगवान् श्रीकृष्ण ने उन्हें नराकासुर से मुक्ति दिलाने का आश्वसान दिया, लेकिन नरकासुर को स्त्री के हाथों मरने का श्राप था, इसलिये भगवान् श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा को सारथी बनाया, तथा उन्हीं की सहायता से नरकासुर का वध कर दिया।

इस प्रकार श्रीकृष्ण ने कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को यानी आज ही के दिन नरकासुर का वध कर देवताओं व संतों को उसके आतंक से मुक्ति दिलायी, और सोलह हजार एक सौ कन्याओं को नरकासुर के बंदी गृह से मुक्त कर उन्हें सम्मान प्रदान किया था, इस उपलक्ष में दीयों की बारत सजायी जाती है, तभी से नरक चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाने लगा।

आज के दिन के व्रत और पूजा के संदर्भ में एक अन्य कथा यह है कि रन्तिदेव नामक एक पुण्यात्मा और धर्मात्मा राजा थे, उन्होंने अनजाने में भी कोई पाप नहीं किया था, लेकिन जब मृत्यु का समय आया तो उनके समक्ष यमदूत आ खड़े हुये, यमदूत को सामने देख राजा अचंभित हुए और बोले मैंने तो कभी कोई पाप कर्म नहीं किया फिर आप लोग मुझे लेने क्यों आए हो।

क्योंकि आपके यहां आने का मतलब है कि मुझे नर्क जाना होगा, आप मुझ पर कृपा करें और बतायें कि मेरे किस अपराध के कारण मुझे नरक जाना पड़ रहा है? पुण्यात्मा राजा की अनुनय भरी वाणी सुनकर यमदूत ने कहा, हे राजन् एक बार आपके द्वार से एक ब्राह्मण भूखा लौट गया यह उसी पापकर्म का फल है।

दूतों की इस प्रकार कहने पर राजा ने यमदूतों से कहा कि मैं आपसे विनती करता हूं कि मुझे एक वर्ष का समय और दे, यमदूतों ने राजा को एक वर्ष की मोहलत दे दी, राजा अपनी परेशानी लेकर ऋषियों के पास पहुंचा, और उन्हें सब वृतान्त कहकर उनसे पूछा कि कृपया इस पाप से मुक्ति का क्या उपाय है। 

ऋषि बोले हे राजन् आप कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का व्रत करें, और ब्रह्मणों को भोजन करवा कर उनसे उनके प्रति हुये अपने अपराधों के लिए क्षमा याचना करें, राजा ने वैसा ही किया जैसा ऋषियों ने उन्हें बताया, इस प्रकार राजा पाप मुक्त हुये और उन्हें विष्णु लोक में स्थान प्राप्त हुआ। 

उस दिन से पाप और नर्क से मुक्ति हेतु भूलोक में कार्तिक चतुर्दशी के दिन का व्रत प्रचलित है, आज के विष्णु मंदिर और कृष्ण मंदिर में भगवान् का दर्शन करना अत्यंत पुण्यदायक कहा गया है, इससे पाप कटता है और रूप सौन्दर्य की प्राप्ति भी होती है, भाई-बहनों!आज नरक चतुर्दशी और कल दीपावली की बहुत बहुत हार्दिक बधाई, माँ लक्ष्मीजी एवं भगवान् श्री कृष्णजी आप सभी को आरोग्य और सौभाग्य प्रदान करें, आप सभी के मंगलमय जीवन की ढेरों शुभ कामनायें।

जय श्री माँ लक्ष्मीजी!
हरि ओऊम् तत्सत्

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कामेंट्स

🔴 Suresh Kumar 🔴 Nov 21, 2021
राधे राधे जी 🙏 शुभ प्रभात वंदन मेरी बहन।

🔴 Suresh Kumar 🔴 Nov 21, 2021
राधे राधे जी 🙏 शुभ रात्रि वंदन मेरी बहन। 🥀🥀🌼🙏🌼🥀🥀

Anup Kumar Sinha Nov 21, 2021
जय श्री राधे कृष्ण 🙏🙏 शुभ रात्रि वंदन, बहना । आनेवाला कल आपके लिए ढेर सारी खुशियाँ लाये 🙏🌺

🌷Amar gaur🌷 Nov 21, 2021
🙏🏻🌹 श्री सुर्य नारायण भगवान कि जय 🌹🙏🙏🏻🌹sweet good night ji 🌷 🌹 जय श्री राम जी जय बजरंग बली जी🙏🌹 🙏🌹 🙏🌷जय श्री महाकाल जी जय श्री कृष्णा श्री राधे राधे जी भगवान भोले नाथ की कृपा आप ओर आप के परिवार पर सदा बनी रहे जी 🌷🌷आप सदा ही मुस्कुराते रहो जी ..🌷💐🌹आप का हर पल शुभ मंगलमय हो जी 🌷🌹💐🙏🙏आप सदा खुश रहो जी ...🌹🌹🌹🌹🌹🌹💐💐🌷🌷

🌷Amar gaur🌷 Nov 21, 2021
🙏🏻🌷जय जिनेन्द्र जी सादर आभार जी राधे राधे जी 🌹🙏🏻

santoshi thakur Nov 21, 2021
Ram Ram sister 🙏 good night sweet dreams Radhe Radhe Ram Ji 🙏 aapka har pal mangalmay ho jiiiiii God Bless You Radhe Radhe sister 🙏🏵️

🔴 Suresh Kumar 🔴 Nov 21, 2021
प्रीति बहन..... जय जिनेन्द्र शुभ रात्रि वंदन मेरी बहन। आप कैसी हो मेरी बहन सासू मां अब कैसी है और आप कब तक रेगुलर हो सकती हो राधे राधे जी 🙏 ओम् शांति

GOVIND CHOUHAN Nov 21, 2021
Jai Shree Radhe Radhe Krishan Mohan Murari Jiii 🌷🌷🙏🙏 Shubh Raatri Vandan Pranaam Jai Jinendra Jiii Didi 👏👏

Ashwinrchauhan Nov 21, 2021
ॐ सूर्य देवाय नमः शुभ रविवार भगवान सूर्य नारायण देव की कृपा आप पर आप के पुरे परिवार पर सदेव बनी रहे आप का हर पल मंगल एवं शुभ रहे आरोग्य के देवता सूर्य नारायण देव आप की हर मनोकामना पूरी करे आप का आने वाला दिन शुभ रहे गुड नाईट जय जिनेन्द जय महावीर जय श्री कृष्ण

Ashwinrchauhan Nov 21, 2021
जय श्री कृष्ण राधे राधे जी राधारानी की कृपा आप पर आप के पुरे परिवार पर सदेव बनी रहे आप का हर पल मंगल एवं शुभ रहे बंसी वाले कान्हा जी आप की हर मनोकामना पूरी करे आप का आने वाला दिन शुभ रहे गुड नाईट जय जिनेन्द जय महावीर जय श्री कृष्ण

Preeti Jain Nov 21, 2021
@sureshkumar224 bus bhai ji bahut jaldi mere Ghar mein shaadi tha devar ka is vajah se Biji thi jiom shanti 💐 bhaiya ji

Preeti Jain Nov 21, 2021
@sureshkumar224 miss you too bhai ji god bless you Shiv Baba bless you 💐🌹 main bhi aapko miss Karti hun aur main Mandir ke sabhi logon Ko ji 🙏🙏💐🌹🌹

Ravi Kumar Taneja Nov 21, 2021
🌴🙏🙏🙏🕉🙏🙏🙏🌴 सच्ची मानवता की सोच हमेशा यही होगी कि मुझे मिला हुआ *दुःख* किसी को नही मिले और मुझे मिला हुआ *सु:ख* सबको मिले🙏🌹🙏 आपका दिन मंगलमय हो🙏 प्रभु की करुणामई कृपा आप पर सदैव बनी रहे इसी मंगल कामना के साथ शुभ रात्रि वंदन जी 🙏🌹🙏 *🌷श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,* *हे नाथ नारायण वासुदेवाय!!!🌷* *꧁!!🌹Զเधॆ Զเधॆ 🌹!!꧂*

dhruvwadhwani Nov 22, 2021
jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi jaimatadi

dhruvwadhwani Nov 22, 2021
jai shree Ram jai shree Ram jai shree Ram jai shree Ram jai shree Ram jai shree Ram jai shree Ram jai shree Ram jai shree Ram jai shree Ram

dhruvwadhwani Nov 22, 2021
jai Bajrangbali jai bajrangbali jai bajrangbali jai bajrangbali jai bajrangbali jai bajrangbali jai bajrangbali jai bajrangbali jai bajrangbali jai bajrangbali

Mamta Chauhan Jan 20, 2022

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Sudha Mishra Jan 20, 2022

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Kanta Kamra Jan 20, 2022

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Archana Singh Jan 20, 2022

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Runa Sinha Jan 20, 2022

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Babbu Bhai Jan 20, 2022

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rαnjít chαvdα Jan 20, 2022

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