Jasbir Singh nain
Jasbir Singh nain Nov 21, 2021

सौभाग्य सुंदरी ... शुभ प्रभात जी 🪔🪔🪔🪔🪴🙏🙏 हर हर महादेव जी 🪔🪴🙏🙏🙏 ये है असली सौभाग्य सुंदरी व्रत कथा, मात्र पढ़ने से मिलता है अखण्ड सौभाग्यवती का वरदान सौभाग्य सुंदरी व्रत में माता पार्वती की पूजा की जाती हैं। सौभाग्य सुंदरी व्रत कथा सौभाग्य सुंदरी व्रत में पढ़नी चाहिए, वरना व्रत का फल नहीं मिलता हैं। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से अखण्ड सौभाग्यवती का वरदान प्राप्त होता हैं। इस बार सौभाग्य सुंदरी व्रत 22 नवंबर 2021, सोमवार को किया जाएगा। ये है असली सौभाग्य सुंदरी व्रत कथा, मात्र पढ़ने से मिलता है अखण्ड सौभाग्यवती का वरदान सौभाग्य सुंदरी व्रत सौभाग्य सुंदरी व्रत में माता पार्वती की पूजा की जाती हैं। सौभाग्य सुंदरी व्रत कथा सौभाग्य सुंदरी व्रत में पढ़नी आवश्यक होती हैं, वरना व्रत का फल नहीं मिलता हैं। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से अखण्ड सौभाग्यवती का वरदान प्राप्त होता हैं। इस बार सौभाग्य सुंदरी व्रत 22 नवंबर 2021 सोमवार को किया जाएगा। सौभाग्य सुंदरी व्रत कथा पार्वती माता की दो जया-विजया नाम की सखियां थी। एक दिन मुनि कन्याओं ने उनसे पूछा कि आप दोनों तो सदा देवी पार्वती के साथ रहती हैं। आपको तो सब पता होगा कि उनको क्या प्रिय है और किस मंत्र, कथा और उपाय से वो प्रसन्न होती हैं। इसका जवाब देते हुए जया बोली कि मैं तुम दोनों को इस विषय में सब बताती हूं। सौभाग्य सुंदरी व्रत के दिन प्रातः काल सभी कार्यों से निवृत होकर स्वच्छ, वस्त्र आभूषणों को धारण करें। मंदिर में देवी पार्वती के लिए एक वेदी बनाएं फिर उसे सुन्दर और सुगंधित पुष्पों से सजाएं। सर्वप्रथम वहां अपने पित्रों को नमन करें। फिर गणेश व नवग्रह आदि के पूजन से पूजा का आरम्भ करें। फिर देवी के आठ नामों से उनका पूजन करें। हल्दी-कुमकुम, कपूर और चन्दन का लेप लगाएं। इसके बाद देवी का रात्रि जागरण करें। अगले दिन सुबह उठकर स्नानादि कर पवित्र हो देवी को अर्पित की हुई सारी सामग्री सुहागिन स्त्रियों में बांट दें। इस प्रकार सौभाग्य सुंदरी व्रत को करने वाली स्त्रियां अखण्ड सौभाग्यवती होने का वरदान देवी से प्राप्त करती है। मान्यता है कि जो भी स्त्री इस प्रकार व्रत करती हैं, उसके सुहाग की रक्षा स्वयं माता पार्वती करती हैं। इस व्रत का प्रभाव इतना अधिक है कि इस व्रत को करने से दांपत्य दोष के साथ ही मांगलिक दोष भी दूर होता हैं।

सौभाग्य सुंदरी ... शुभ प्रभात जी 🪔🪔🪔🪔🪴🙏🙏 हर हर महादेव जी 🪔🪴🙏🙏🙏
ये है असली सौभाग्य सुंदरी व्रत कथा, मात्र पढ़ने से मिलता है अखण्ड सौभाग्यवती का वरदान
सौभाग्य सुंदरी व्रत में माता पार्वती की पूजा की जाती हैं। सौभाग्य सुंदरी व्रत कथा सौभाग्य सुंदरी व्रत में पढ़नी चाहिए, वरना व्रत का फल नहीं मिलता हैं। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से अखण्ड सौभाग्यवती का वरदान प्राप्त होता हैं। इस बार सौभाग्य सुंदरी व्रत 22 नवंबर 2021, सोमवार को किया जाएगा।

ये है असली सौभाग्य सुंदरी व्रत कथा, मात्र पढ़ने से मिलता है अखण्ड सौभाग्यवती का वरदान



 सौभाग्य सुंदरी व्रत

सौभाग्य सुंदरी व्रत में माता पार्वती की पूजा की जाती हैं। सौभाग्य सुंदरी व्रत कथा सौभाग्य सुंदरी व्रत में पढ़नी आवश्यक होती हैं, वरना व्रत का फल नहीं मिलता हैं। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से अखण्ड सौभाग्यवती का वरदान प्राप्त होता हैं। इस बार सौभाग्य सुंदरी व्रत 22 नवंबर 2021 सोमवार  को किया जाएगा।

सौभाग्य सुंदरी व्रत कथा 
पार्वती माता की दो जया-विजया नाम की सखियां थी। एक दिन मुनि कन्याओं ने उनसे पूछा कि आप दोनों तो सदा देवी पार्वती के साथ रहती हैं। आपको तो सब पता होगा कि उनको क्या प्रिय है और किस मंत्र, कथा और उपाय से वो प्रसन्न होती हैं।


इसका जवाब देते हुए जया बोली कि मैं तुम दोनों को इस विषय में सब बताती हूं। सौभाग्य सुंदरी व्रत के दिन प्रातः काल सभी कार्यों से निवृत होकर स्वच्छ, वस्त्र आभूषणों को धारण करें। मंदिर में देवी पार्वती के लिए एक वेदी बनाएं फिर उसे सुन्दर और सुगंधित पुष्पों से सजाएं।

सर्वप्रथम वहां अपने पित्रों को नमन करें। फिर गणेश व नवग्रह आदि के पूजन से पूजा का आरम्भ करें। फिर देवी के आठ नामों से उनका पूजन करें। हल्दी-कुमकुम, कपूर और चन्दन का लेप लगाएं। इसके बाद देवी का रात्रि जागरण करें।

अगले दिन सुबह उठकर स्नानादि कर पवित्र हो देवी को अर्पित की हुई सारी सामग्री सुहागिन स्त्रियों में बांट दें। इस प्रकार सौभाग्य सुंदरी व्रत को करने वाली स्त्रियां अखण्ड सौभाग्यवती होने का वरदान देवी से प्राप्त करती है।



मान्यता है कि जो भी स्त्री इस प्रकार व्रत करती हैं, उसके सुहाग की रक्षा स्वयं माता पार्वती करती हैं। इस व्रत का प्रभाव इतना अधिक है कि इस व्रत को करने से दांपत्य दोष के साथ ही मांगलिक दोष भी दूर होता हैं।

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कामेंट्स

योगेश जानी Nov 22, 2021
ॐ नमः शीवाय शुभ सोमवार आप का दिन शुभहो नमस्ते

Brajesh Sharma Nov 22, 2021
🚩🙏🇮🇳🎋🌞🎋👌🇮🇳🙏🚩 ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव खुश रहें मस्त रहें स्वस्थ रहें व्यस्त रहें 💥🎋🇮🇳🙏🚩💥🎋🌞🇮🇳🙏🚩 राम राम जी

madan pal 🌷🙏🏼 Nov 22, 2021
ओम नम शिवाय जी शूभ प्रभात वंदन जी भोले नाथ जी की कृपा आप व आपके परिवार पर बनीं रहे जी 🌹🌹🌹🌹🙏🏼🙏🏼🙏🏼🔱🔱

Munesh Tyagi Nov 22, 2021
Om namah shivaya har har mahadev shubh prabhat vandan Ji

Shivsanker Shukla Nov 22, 2021
सुप्रभात भैया जी हर हर महादेव

Renu Singh Nov 22, 2021
Om Namah Shivaya 🌹🌿🙏 Bhai Ji Bhole Nath ki Anant kripa Aap aur Aàpke Samast Pariwar Pr Sadaiv Bani Rahe Aàpka Har Pal Mangalmay ho 🌸🙏

kanchi Nov 23, 2021
jai Sri Ram 🙏🌺🙏

my mandir Nov 25, 2021

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Sajjan Singhal Nov 26, 2021

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Garima Gahlot Rajput Nov 25, 2021

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Ramesh agrawal Nov 25, 2021

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my mandir Nov 24, 2021

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Anju Mishra Nov 25, 2021

जय श्री राधे कृष्णा *हे कृष्ण.... 🌸* 🌸जब छोड़ चलु इस दुनिया को, होठों पर नाम तुम्हारा हो, जब छोड़ चलु इस दुनिया को, होठों पर नाम तुम्हारा हो 🌸चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, हृदय में वास तुम्हारा हो तन श्याम नाम की चादर हो, जब गहरी नींद में सोयी रहूँ कानो में मेरे गुंजित हो, कान्हा बस नाम तुम्हारा हो 🌸रस्ते में तुम्हारा मंदिर हो, जब मंजिल को प्रस्थान करूँ चौखट पे तेरी मनमोहन, अंतिम प्रणाम हमारा हो 🌸उस वक्त कन्हैया आ जाना, जब चिता पर जाके शयन करूँ मेरे मुख में तुलसी दल देना, इतना बस काम तुम्हारा हो 🌸गर सेवा की मैंने तेरी, तो उसका ये उपहार मिले इस तुच्छ भगत का साँवरिये, नहीं आना कभी भी दुबारा हो 🌸जब छोड़ चलु इस दुनिया को, होठों पर नाम तुम्हारा हो चाहे स्वर्ग मिले या नर्क मिले, ह्रदय में वास तुम्हारा हो. *⛅ राधे राधे*

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Jasbir Singh nain Nov 23, 2021

बुधवार को करें गणेशजी का व्रत शुभ प्रभात जी 🪔 जय श्री गणेश जी 🪔🪴🙏🙏🙏🙏🙏 हिन्दू ज्योतिषशास्त्र के अनुसार बुधवार को अगर कोई व्यक्ति व्रत रखता है तो उसके ज्ञान में वृद्धि होती है। जो लोग व्यापार से जुड़े हैं और इस क्षेत्र में आने वाली बाधाओं से बचना चाहते हैं तो ऐसे लोगों के लिए भी यह व्रत बहुत लाभकारी सिद्ध होता है। इसके अलावा जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है और इसके अच्छे परिणाम उनको नहीं मिलते तो ऐसे लोगों के लिए भी बुधवार का व्रत करना बहुत फलदायी माना जाता है। अगर कुंडली में बुध अशुभ भाव का स्वामी है तो ऐसे जातकों को भी बुधवार का व्रत रखना चाहिए। बुधवार व्रत का महत्व जो लोग बुधवार को सच्चे मन से व्रत लेते हैं उनको इसके कई अच्छे फल मिलते हैं। बुधवार को व्रत रखने से मनुष्य का बौद्धिक विकास होता है और साथ ही उन्हें सोचने-समझने की क्षमता में भी वृद्धि होती है। बुधवार का व्रत बुध ग्रह के शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिए भी रखा जाता है। इसके अलावा इस व्रत को रखने से घर में धन और सुख समृद्धि आती है। बुध एक सौम्य ग्रह है जिसके अच्छे प्रभाव इंसान को कई उपलब्धियाँ दिलाते हैं इसलिए कई लोग इस व्रत का पालन करते हैं। बुध को मजबूत करने के लिए बुध यंत्र को बुध की होरा और बुध के नक्षत्र के समय करें स्थापित। बुधवार व्रत की संपूर्ण विधि बुधवार के दिन व्रत रखें और भगवान बुध की पूजा करें। इस दिन पूजा के वक्त बुधवार व्रत कथा का पाठ करें और उसके बाद आरती करें। उपवास में दिन के वक्त न सोए व किसी से वाद-विवाद करने से बचें। सूर्यास्त के बाद पूजा करें और भगवान बुध को दीप, धूप, गुड़ और दही चढ़ाएं। पूजा समाप्ति के बाद सबको प्रसाद बांटें और अंत में खुद प्रसाद का सेवन करें। बुधवार व्रत की पूजा सामग्री बुधवार व्रत की पूजा को करने के लिए कुछ चीजें बहुत महत्वपूर्ण हैं। जिनके बिना पूजा अधूरी रहती है। ये चीजें हैं:- भगवान बुध की मूर्ति कांस्य का एक पात्र हरा वस्त्र पंचामृत (गाय का कच्चा दूध, दही, घी, शहद एवं शर्करा मिला हुआ) पान, सुपारी, लौंग, इलाइची कपूर और पूजा के पात्र गणेशजी की व्रत कथा एक बुढ़िया थी। वह बहुत ही ग़रीब और अंधी थीं। उसके एक बेटा और बहू थे। वह बुढ़िया सदैव गणेश जी की पूजा किया करती थी। एक दिन गणेश जी प्रकट होकर उस बुढ़िया से बोले- ‘बुढ़िया मां! तू जो चाहे सो मांग ले।’ बुढ़िया बोली- ‘मुझसे तो मांगना नहीं आता। कैसे और क्या मांगू?’ तब गणेशजी बोले - ‘अपने बहू-बेटे से पूछकर मांग ले।’ तब बुढ़िया ने अपने बेटे से कहा- ‘गणेशजी कहते हैं ‘तू कुछ मांग ले’ बता मैं क्या मांगू?’ पुत्र ने कहा- ‘मां! तू धन मांग ले।’ बहू से पूछा तो बहू ने कहा- ‘नाती मांग ले।’ तब बुढ़िया ने सोचा कि ये तो अपने-अपने मतलब की बात कह रहे हैं। अत: उस बुढ़िया ने पड़ोसिनों से पूछा, तो उन्होंने कहा- ‘बुढ़िया! तू तो थोड़े दिन जीएगी, क्यों तू धन मांगे और क्यों नाती मांगे। तू तो अपनी आंखों की रोशनी मांग ले, जिससे तेरी ज़िन्दगी आराम से कट जाए।’ इस पर बुढ़िया बोली- ‘यदि आप प्रसन्न हैं, तो मुझे नौ करोड़ की माया दें, निरोगी काया दें, अमर सुहाग दें, आंखों की रोशनी दें, नाती दें, पोता, दें और सब परिवार को सुख दें और अंत में मोक्ष दें।’ यह सुनकर तब गणेशजी बोले- ‘बुढ़िया मां! तुने तो हमें ठग दिया। फिर भी जो तूने मांगा है वचन के अनुसार सब तुझे मिलेगा।’ और यह कहकर गणेशजी अंतर्धान हो गए। उधर बुढ़िया माँ ने जो कुछ मांगा वह सबकुछ मिल गया। हे गणेशजी महाराज! जैसे तुमने उस बुढ़िया माँ को सबकुछ दिया, वैसे ही सबको देना।

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