Singh N
Singh N Nov 10, 2021

देशहित एक अति आवश्यक सुझाव.... जब कभी भी भण्डारे का आयोजन करें तो कृपया उसमें एक ऐसा व्यक्ति जरूर रखें जो भण्डारे में प्रसाद ग्रहण करने आने वालों को पहले तिलक लगाए। इस प्रकार से भंडारे मेंआने वाला हर आदमी आदर पाकर बहुत गर्वित होगा एवं हर हिन्दू में तिलक लगाने की परम्परा फैलेगी। मैंने अपने शहर में देखा है कि- मंगलवार या शनिवार को बहुत जगह एक साथ भंडारा होता है, जिसमें मुसलमान के अनगिनत बच्चे पॉलिथीन बैगलेकर बहुत सारा भोजन इकट्ठा कर अपनी मुर्गी, बकरी को खिलाने के लिए संग्रह करते हैं। अधिकांश मुसलमान काफिर का प्रसाद नहीं खाते* बल्कि उसे घर ले जाकर पशुओं को खिलाते हैं। यदि तिलक लगाने की परंपरा की शुरुआत कर दी जाए और तिलक लगने के बाद भंडारा प्रसाद दिया जाए तो . दो अच्छी बातें होंगी:- १. प्रथम- गाय खाने वाला मुसलमान या अन्य कुपात्र भंडारे से प्रसाद लेने के लिए तिलक लगवाने से दूर भागेगा, इससे पवित्र प्रसाद (अन्नपूर्णा) का अपमान नहीं होगा। २. दूसरा- दुबारा लाइन में लग कर बैग भरकर* घर ले जाकर दुरूपयोग करने वाले तिलक लगा रहने से पहचान में आ जाएंगे। 3 प्रसाद उन सभी तक पहुचेगा जो आदर सत्कार से ग्रहण करेगा । 4 ओर हिन्दू समाज में धीरे धीरे जागृति का भाव भी जागेगा। अपने हिंदुत्व की रक्षा व पहचान के लिए एक बहुत ही सामान्य उपाय करो- तिलक लगाने और चोटी रखने की परंपरा को पुनर्जीवित करो। कई लोग सोशल मीडिया को बहुत हल्के में लेते हैं। लेकिन मैं आपको परिणाम बताता हूं। इसे पढ़ने के लिए एक मिनट का समय दें 1: हिंदुओं की एकता से पूरा बॉलीवुड दबाव में है 2: हिन्दू एकता की वजह से सीता माता का किरदार निभाने वाली करीना की जगह अब कंगना को लेने जा रहे हैं 3: हिंदू एकता ने ईसाई धर्म अपनाने की साजिश का खुलासा किया और अमित शाह ने 4 प्रमुख ईसाई संगठनों पर प्रतिबंध लगाया। 4: हिंदुओं की एकता के कारण लव जिहाद को 50% तक सीमित कर दिया गया और यह कई राज्यों में कानून बन गया। 5: हिंदुओं की एकता के कारण अब विपक्ष भी हिंदू बनने के लिए जद्दोजहद कर रहा है 6: हिंदुओं की एकता के कारण कई जगहों पर जिहादी कारोबार बंद हुआ है। 7: हिंदू एकता के कारण व्हाट्सएप, फेसबुक पर हमारे त्योहारों और संस्कृति के बारे में चुटकुले 80% बंद हो गए 8: हिंदू एकता के कारण हिंदू धर्म के खिलाफ बोलने वाले 70% लोग शांत हो गए हैं 9: हिंदू उतने शांत नहीं हैं जितने पहले हुआ करते थे, वे हर बात का विरोध कर रहे हैं फेसबुक और व्हाट्सएप पर भले ही हर हिंदू के कम से कम 200 हिंदू दोस्त हों, उसके हिसाब से आप अपने विचारों को 10 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंचा रहे हैं। इसलिए अगर लिख नहीं सकते तो कम से कम जो बोल और लिख रहा है उसके विचारों को फॉरवर्ड, शेयर, कॉपी करते रहें। आपके सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म के प्रति जागरूकता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है इसलिए धर्मनिरपेक्ष हिंदू भी अपने धर्म के बारे में सोच रहे हैं विरोधियों ने भी हिंदुओं की ताकत पर ध्यान दिया है। सोशल मीडिया पर मेहनत करते रहें, आपकी ताकत बढ़ रही है। मैं पूरा श्रेय मोदी, योगी और अमित शाह को दूंगा इससे हिंदुओं को एक अदृश्य शक्ति मिली है ध्यान दें कि विदेशों से भी लाखों लोग हमारे धर्म में आ रहे हैं अपने लोगों को जोड़ते रहें और ऐसी धार्मिक जागरूकता पैदा करें। जाति भेद को भूल जाना एक दूसरे की मदद करें यदि आप एक हैं, तो भारत स्वतः ही एक हिंदू राष्ट्र घोषित हो जाएगाl यदि यह मैसेज अच्छा लगे तो ज्यादा से ज्यादा फॉरवर्ड करें। 🚩 जय श्रीराम 🚩

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Sarita Choudhary Jan 25, 2022

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ramesh kumar Jan 25, 2022

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Babbu Bhai Jan 25, 2022

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शिवजी का पंचमुख पूजन निराकार ब्रह्म शिवजी के प्रथम साकार पंचतत्व के पंच देवता सूर्य , गणपति , नारायण , महाशकित ओर रुद्र की पूजा शिवलिंग पर की जाती है। उच्च उपासना के साधक बड़े विद्वान ऋषिमुनियो ओर शंकराचार्य परम्परा के साधक सालमे आनेवाले महाशिवरात्र ओर श्रावण मास के अवसर पर तंत्र बीज मुद्रा सह पूजन करते है । आम लोगो केलिए यही पूजा वैदिक पूजा पद्धति से यहा प्रस्तुत कर रहे । इस दिव्य पूजन से शिवजी की प्रसन्नता प्राप्त होती है । पूजा विधान :- देहशुद्धि , प्राणायाम , आचमन , संकल्प 1 गुरु और गणपति का ध्यान और पूजा 2 शिवपूजा , आह्वाहन , अभिषेक :- जल , गाय का दुग्ध , दही , घी , मधु , शर्करा ओर संभव हो तो गंगाजल सह अभिषेक ओर षोडशोपचार पूजा 3 प्रथममुख पूजा शिवलिग की पूर्व दिशा ( ॐ तत्पुरुषाय नमः ) रुद्र के सूर्य स्वरूप की पूजा केशर चनद का तिलक बिलपत्र 11 रक्त कुसुम ( लाल कलर का पुष्प ) घी गुड़ मिश्रित रोटी ( पूरण पोली ) घी का दिया दशांग धूप आरती ॐ तत्पुरुषाय विद्महे । महादेवाय धीमहि । तन्नो रुद्र प्रचोदयात ।। ( ये 10 गायत्री पाठ ) 4 द्वितीयमुख ( पश्चिम दिशा ) ॐ सद्योजाताय नमः रुद्र के महागणपति ( ब्रह्मा ) स्वरूप की पूजा रक्त चंदन का तिलक ( चन्दनमे अष्टगंध भी मिला सकते ) 11 बिल्व पत्र जासूद का पुष्प ( किसी भी लाल कलर का पुष्प ) गूगल का धूप घी का दिया चूरमा लड्डू प्रसाद आरती ॐ सद्योजाताय विद्महे । महादेवाय धीमहि । तन्नो रुद्र प्रचोदयात ।। ( 10 गायत्री पाठ ) 5 तृतीय मुख पूजा ( शिवलिंग की उत्तर दिशा ) ॐ वामदेवाय नमः रुद्र के नारायण स्वरूप की पूजा हल्दी चंदन का तिलक 11 बिल्व पत्र कनेर या अन्य पिले कलर के पुष्प सुखड का धूप घी का दिया बेसन का पाक प्रसाद आरती ॐ वामदेवाय विदमहे । महादेवाय धीमहि । तन्नो रुद्र प्रचोदयात ।। ( 10 गायत्री ) 6 चतुर्थ मुख ( दक्षिण दिशा ) ॐ अघोरेश्वराय नमः रुद्र का अघोर स्वरूप जिनके हाथों की हथेली पर भगवती बिराजमान है कि पूजा भस्म का तिलक 11 बिल्व पत्र धतूरा का पष्प ( कोई भी सफेद या निल पुष्प भी ले सकते ) घी का दिया अगर का धूप ( दशांग धूप भी कर सकते ) सुखड़ी प्रसाद आरती ॐ अघोरेश्वराय विद्महे । महादेवाय धीमहि । तन्नो रुद्र प्रचोदयात ।। ( 10 गायत्री ) 7 पंचम मुख ( शिवलिंग के ऊपर का मुख ) ॐ ईशानाय नमः रुद्र के महादेब स्वरूप का पूजन श्वेत चंदन या स्वेत भस्म का तिलक 11 बिल्व पत्र सफेद पुष्प घी का दिया अष्टगंध धूप ( नवरत्न मिश्र धूप भी मिलता है ) गाय के दुग्ध चावल की क्षीर प्रसाद आरती ॐ ईशानाय विद्महे । महादेवाय धीमहि । तन्नो रुद्र प्रचोदयात ।। ( 10 गायत्री ) आरती करें क्षमापना ॐ ह्रीं नमः शिवाय ( एक माला जाप ) दंडवत प्रणाम

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Anita Jangra Jan 25, 2022

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DK PANCHAL Jan 25, 2022

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Rama Devi Sahu Jan 25, 2022

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Rama Devi Sahu Jan 25, 2022

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K. Rajan Jan 25, 2022

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