
Rama Devi Sahu
4 days ago
🚩 सत्य की महिमा ........✍️ 🚩 एक बार राजा सत्यदेव अपने महल के दरवाज़े पर बैठे हुए थे। तभी एक स्त्री उनके सामने से महल के बाहर जाती हुई दिखाई दी। 🚩 राजा ने उस स्त्री से पूछा :-- हे देवी! आप कौन हैं और इस समय आप कहां जा रही हैं ? स्त्री ने बताया मैं लक्ष्मी हूं और मैं आपके यहां से जा रही हूं। राजा ने कहा :-- "शौक से जाइए"। 🚩 कुछ देर बाद राजा को एक और स्त्री उसी दरवाजे से बाहर जाती हुई दिखाई दी। 🚩 राजा ने उस स्त्री से भी पूछा :-- हे देवी ! आप कौन हैं और आप कहां जा रही है ? उस स्त्री ने कहा :-- मैं कीर्ति हूं, मैं भी आपके यहां से जा रही हूं। राजा ने एक गहरी सांस छोड़ते हुए कहा :-- "जैसी आपकी इच्छा"। 🚩 थोड़ी देर बाद एक पुरुष भी राजा के सामने से होकर जाने लगा। राजा ने उस से भी यही प्रश्न पूछा ::-- कि आप कौन हैं ? पुरुष ने उत्तर दिया :-- मैं सत्य हूं और मैं भी अब यहां से जा रहा हूं। 🚩 राजा ने तुरंत ही सत्य के पैर पकड़ लिए और प्रार्थना करने लगा कि कृपया आप तो ना जाएं। राजा ने बहुत विनती की तो सत्य मान गया और राजा को न जाने का आश्वासन दिया। 🚩 कुछ देर बाद राजा सत्यदेव ने ने देखा लक्ष्मी और कीर्ति दोनों ही वापस लौट आई। 🚩 राजा सत्यदेव ने पूछा :-- देवी आप कैसे लौट आई ? दोनों देवियों ने कहा :-- "हम उस स्थान से दूर नहीं रह सकती जहां पर सत्य रहता है। 🚩 हमेशा सत्य की ही शरण में रहिए, सुख शांति हमेशा बनी रहेगी और जहां सुख शांति बनी रहेगी वहां लक्ष्मी और कीर्ति दोनों भी बनी रहती है। 🌿🌹🌿🙏🙏🌿🌹🌿
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