Seemma Valluvar
Seemma Valluvar Jan 7, 2022

एक बहुत अदभुत घटना मुझे याद आती है। बंगाल में एक बहुत अनूठे संन्यासी हुए, युक्तेश्वर गिरि। वे योगानंद के गुरु थे। योगानंद ने पश्चिम में फिर बहुत ख्याति पाई। गिरि अदभुत आदमी थे। ऐसा हुआ एक दिन कि गिरि का एक शिष्य गांव में गया। किसी शैतान आदमी ने उसको परेशान किया, पत्थर मारा, मार—पीट भी कर दी। वह यह सोचकर कि मैं संन्यासी हूं क्या उत्तर देना, चुपचाप वापस लौट आया। और फिर उसने सोचा कि जो होने वाला है, वह हुआ होगा, मैं क्यों अकारण बीच में आऊं। तो वह अपने को सम्हाल लिया। सिर पर चोट आ गई थी। खून भी थोड़ा निकल आया था। खरोंच भी लग गई थी। लेकिन यह मानकर कि जो होना है, होगा। जो होना था, वह हो गया है। वह भूल ही गया। जब वह वापस लौटा आश्रम कहीं से भिक्षा मांगकर, तो वह भूल ही चुका था कि रास्ते में क्या हुआ। गिरि ने देखा कि उसके चेहरे पर चोट है, तो उन्होंने पूछा, यह चोट कहां लगी? तो वह एकदम से खयाल ही नहीं आया उसे कि क्या हुआ। फिर उसे खयाल आया। उसने कहा कि आपने अच्छी याद दिलाई। रास्ते में एक आदमी ने मुझे मारा। तो गिरि ने पूछा, लेकिन तू भूल गया इतनी जल्दी! तो उसने कहा कि मैंने सोचा कि जो होना था, वह हो गया। और जो होना ही था, वह हो गया, अब उसको याद भी क्या रखना! अतीत भी निश्चिंतता से भर जाता है, भविष्य भी। लेकिन एक और बड़ी बात इस घटना में है आगे। गिरि ने उसको कहा, लेकिन तूने अपने को रोका तो नहीं था? जब वह तुझे मार रहा था, तूने क्या किया? तो उसने कहा कि एक क्षण तो मुझे खयाल आया था कि एक मैं भी लगा दूं। फिर मैंने अपने को रोका कि जो हो रहा है, होने दो। तो गिरि ने कहा कि फिर तूने ठीक नहीं किया। फिर तूने थोड़ा रोका। जो हो रहा था, वह पूरा नहीं होने दिया। तूने थोड़ी बाधा डाली। उस आदमी के कर्म में तूने बाधा डाली, गिरि ने कहा। उसने कहा, मैंने बाधा डाली! मैंने उसको मारा नहीं, और तो मैंने कुछ किया नहीं। क्या आप कहते हैं, मुझे मारना था! गिरि ने कहा, मैं यह कुछ नहीं कहता। मैं यह कहता हूं जो होना था, वह होने देना था। और तू वापस जा, क्योंकि तू तो निमित्त था। कोई और उसको मार रहा होगा। और बड़े मजे की बात है कि वह संन्यासी वापस गया। वह आदमी बाजार में पिट रहा था। लौटकर वह गिरि के पैरों में पड़ गया। और उसने कहा कि यह क्या मामला है? गिरि ने कहा कि जो तू नहीं कर पाया, वह कोई और कर रहा है। तू क्या सोचता है, तेरे बिना नाटक बंद हो जाएगा! तू निमित्त था। बड़ी अजीब बात है यह। और सामान्य नीति के नियमों के बड़े पार चली जाती है। कृष्ण अर्जुन को यही समझा रहे हैं। वे यह कह रहे हैं कि जो होता है, तू होने दे। तू मत कह कि ऐसा करूं, वैसा करूं, संन्यासी हो जाऊं, छोड़ जाऊं। कृष्‍ण उसको रोक नहीं रहे हैं संन्यास लेने से। क्योंकि अगर संन्यास होना ही होगा, तो कोई नहीं रोक सकता, वह हो जाएगा। इस बात को ठीक से समझ लें। अगर संन्यास ही घटित होने को हो अर्जुन के लिए, तो कृष्ण रोकने वाले नहीं हैं। वे सिर्फ इतना कह रहे हैं कि तू चेष्टा करके कुछ मत कर। तू निश्चेष्ट भाव से, निमित्त मात्र हो जा और जो होता है, वह हो जाने दे। अगर युद्ध हो, तो ठीक। और अगर तू भाग जाए और संन्यास ले ले, तो वह भी ठीक। तू बीच में मत आ, तू स्रष्टा मत बन। तू केवल निमित्त हो। जय माता दी 🙏🌺🌺🌺🌺🌺🚩

एक बहुत अदभुत घटना मुझे याद आती है। 
     बंगाल में एक बहुत अनूठे संन्यासी हुए, युक्तेश्वर गिरि। वे योगानंद के गुरु थे। योगानंद ने पश्चिम में फिर बहुत ख्याति पाई। गिरि अदभुत आदमी थे। 

ऐसा हुआ एक दिन कि गिरि का एक शिष्य गांव में गया। किसी शैतान आदमी ने उसको परेशान किया, पत्थर मारा, मार—पीट भी कर दी। वह यह सोचकर कि मैं संन्यासी हूं क्या उत्तर देना, चुपचाप वापस लौट आया। और फिर उसने सोचा कि जो होने वाला है, वह हुआ होगा, मैं क्यों अकारण बीच में आऊं। तो वह अपने को सम्हाल लिया। सिर पर चोट आ गई थी। खून भी थोड़ा निकल आया था। खरोंच भी लग गई थी। लेकिन यह मानकर कि जो होना है, होगा। जो होना था, वह हो गया है। वह भूल ही गया।

जब वह वापस लौटा आश्रम कहीं से भिक्षा मांगकर, तो वह भूल ही चुका था कि रास्ते में क्या हुआ। गिरि ने देखा कि उसके चेहरे पर चोट है, तो उन्होंने पूछा, यह चोट कहां लगी? तो वह एकदम से खयाल ही नहीं आया उसे कि क्या हुआ। फिर उसे खयाल आया। उसने कहा कि आपने अच्छी याद दिलाई। रास्ते में एक आदमी ने मुझे मारा। तो गिरि ने पूछा, लेकिन तू भूल गया इतनी जल्दी! तो उसने कहा कि मैंने सोचा कि जो होना था, वह हो गया। और जो होना ही था, वह हो गया, अब उसको याद भी क्या रखना! 

अतीत भी निश्चिंतता से भर जाता है, भविष्य भी। लेकिन एक और बड़ी बात इस घटना में है आगे।

गिरि ने उसको कहा, लेकिन तूने अपने को रोका तो नहीं था? जब वह तुझे मार रहा था, तूने क्या किया? तो उसने कहा कि एक क्षण तो मुझे खयाल आया था कि एक मैं भी लगा दूं। फिर मैंने अपने को रोका कि जो हो रहा है, होने दो। तो गिरि ने कहा कि फिर तूने ठीक नहीं किया। फिर तूने थोड़ा रोका। जो हो रहा था, वह पूरा नहीं होने दिया। तूने थोड़ी बाधा डाली। उस आदमी के कर्म में तूने बाधा डाली, गिरि ने कहा।

उसने कहा, मैंने बाधा डाली! मैंने उसको मारा नहीं, और तो मैंने कुछ किया नहीं। क्या आप कहते हैं, मुझे मारना था! गिरि ने कहा, मैं यह कुछ नहीं कहता। मैं यह कहता हूं जो होना था, वह होने देना था। और तू वापस जा, क्योंकि तू तो निमित्त था। कोई और उसको मार रहा होगा।

और बड़े मजे की बात है कि वह संन्यासी वापस गया। वह आदमी बाजार में पिट रहा था। लौटकर वह गिरि के पैरों में पड़ गया। और उसने कहा कि यह क्या मामला है?

गिरि ने कहा कि जो तू नहीं कर पाया, वह कोई और कर रहा है। तू क्या सोचता है, तेरे बिना नाटक बंद हो जाएगा!
तू निमित्त था।

बड़ी अजीब बात है यह। और सामान्य नीति के नियमों के बड़े पार चली जाती है।

कृष्ण अर्जुन को यही समझा रहे हैं। वे यह कह रहे हैं कि जो होता है, तू होने दे। तू मत कह कि ऐसा करूं, वैसा करूं, संन्यासी हो जाऊं, छोड़ जाऊं। कृष्‍ण उसको रोक नहीं रहे हैं संन्यास लेने से। क्योंकि अगर संन्यास होना ही होगा, तो कोई नहीं रोक सकता, वह हो जाएगा।

इस बात को ठीक से समझ लें।

अगर संन्यास ही घटित होने को हो अर्जुन के लिए, तो कृष्ण रोकने वाले नहीं हैं। वे सिर्फ इतना कह रहे हैं कि तू चेष्टा करके कुछ मत कर। तू निश्चेष्ट भाव से, निमित्त मात्र हो जा और जो होता है, वह हो जाने दे। 

अगर युद्ध हो, तो ठीक। और अगर तू भाग जाए और संन्यास ले ले, तो वह भी ठीक। 

तू बीच में मत आ, तू स्रष्टा मत बन। तू केवल निमित्त हो।

जय माता दी 🙏🌺🌺🌺🌺🌺🚩

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कामेंट्स

RAKESH SHARMA Jan 7, 2022
OM SERV MANGAL MANGELEYA SHIVE SARVARTH SADHIKE SHRANY TRAMABAKE GAURI NARAYANI NAMOSTUTE NAMOSTUTE NAMO NAMH MATAJI AP AUR PARIWAR KI SABHI MANOKAMANA PURN KARE 🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🙏

RAKESH SHARMA Jan 7, 2022
AANANDMAY SWASTH BHAKTIMAY PRAGATISHEEL RAHE HARDIK SHUBHKAMANA SE MANGALMAY KRISHINMAY SUPRABHATAM VANDAN AVM SNEHIL SHAT SHAT SADAR NAMAN 🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏

Vijay Sharma_9737329188 Jan 7, 2022
जय माता दी🚩🥀🙏 सुप्रभात🌞स्नेहवंदन जी🌷❇️🛐 आप व आपके परिवार पर मातारानी जी की कृपादृष्टि सदैव बनी रहे🌿😇🌸🤗 आपका दिन शुभ एवम मंगलमय हो🥀✴️💮🌺

Thakur Jan 7, 2022
jai shree radhe Krishna ji beautiful good morning ji my sweet sister have a nice day ji sister 🌷🙏🏻🌷

SANTOSH YADAV Jan 7, 2022
जय श्री गणेश जय माता दी शुभ शुक्रवार वंदन जी

kamala Maheshwari Jan 7, 2022
🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹🙏🚩🙏 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩

kamala Maheshwari Jan 7, 2022
🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹Jai Mata Di 🌹🙏🙏🌹🙏🚩🙏 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩

madan pal 🌷🙏🏼 Jan 7, 2022
जय माता दी शूभ प्रभात वंदन जी माता रानी जी की कृपा आप व आपके परिवार पर बनीं रहे जी 🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🌷🌷🌷👌🏼👌🏼

Bhaskar Datta Tiwari Jan 7, 2022
जय श्री राम जय जय श्री हनुमान जी महराज शुभ दोपहर वंदन जी आपका हर पल मंगलमय हो,

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Jan 7, 2022
Good Morning My Sister ji 🙏🙏 Jay Mata di 🙏🙏🌹💐🌹🌹 Mata Rani 🙏🙏🌹🌹 Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐.

Anil Jan 7, 2022
good afternoon 🙏🌺💐🌺🙏

Anup Kumar Sinha Jan 7, 2022
जय माता दी 🙏🙏 शुभ दोपहर वंदन,बहना । माता रानी आपको सुख, शांति, स्वास्थ्य और प्रसन्नता प्रदान करें ।आपका दिन शुभ और मंगलमय हो 🙏🌻

Runa Sinha Jan 7, 2022
🌿💕Jai Mata Di 💕🌿 💕🌿Jai Maa Laxmi 🌿💕 🌿💕Good afternoon bahan🙏💕🌿

Anup Kumar Sinha Jan 7, 2022
जय श्री राधे कृष्ण 🙏🙏 शुभ रात्रि वंदन, बहना 🙏💐

Rajesh Rajesh Jan 7, 2022
JAI SHREE KRISHNA RADHE RADHE SHUBH RATRI BEHENA AAP KA AANE WALA HAR PAL SHUBH OR MANGAL MAY HO THAKOR JI AAP KO OR AAP KE PARIVAR KO HAMESA KHUS RAKHE SWATH RAKHE BEHENA JAI SHREE KRISHNA

Rajesh Rajesh Jan 7, 2022
JAI SHREE RAM JAI SHREE HANUMAN SHUBH PRABHAT BEHENA PAVAN PUTRA HANUMAN JI MAHARAJ OR SURYA PUTRA SHANI DEV KI KRUPA AAP PER OR AAP KE PARIVAR PER SADA BANI RAHE AAP KA DIN SHUBH OR MANGAL MAY HO AAP OR AAP KA PARIVAR HAMESA KHUS RAHE SWATH RAHE BEHENA

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