🕉️🌹Jai shree Ram 🌹🕉️

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umeshfatfatwale Dec 21, 2021
जय माता दी जय श्री हनुमान शुभ मंगलवार सुप्रभात गुड मॉर्निंग राम राम

kirshna kirshna Dec 21, 2021
see all friends good morning Jai shree krishna krishna krishna 🙏🙏 ahemdabad Gujratसुप्रभात

kirshna kirshna Dec 21, 2021
see all friends good morning Jai shree krishna krishna krishna krishna 🙏🙏 ahemdabad Gujratसुप्रभात

kirshna kirshna Dec 21, 2021
see all friends good morning Jai shree krishna krishna krishna krishna 🙏🙏 ahemdabad Gujratसुप्रभात

A B S Dec 21, 2021
ॐ श्री हनुमंते नमः आप एवं आपके संपूर्ण परिवार पर श्री प्रभु जी की कृपा दृष्टि सदैव बनी रहे🙏 शुभ प्रभात बंदन् 🙏

Archana Singh Dec 21, 2021
🙏🌹जय श्री राम 🌹🙏जय हनुमान🙏🌹 मंगल सुप्रभात जी 🙏🌹 श्री राम भक्त हनुमान जी का शुभ आशीर्वाद आप सभी भाई बहनों के साथ सदैव बना रहे 🙏आपका दिन शुभ व मंगलमय हो🙏🌹🌹🙏

Brajesh Sharma Dec 21, 2021
शिव नंदन गौरी तनय,प्रथम पूज्य गणराज सकल अमंगल को हरो,पूरण हो हर काज राम लक्ष्मण जानकी जय बोलो हनुमान की राम राम जी जय जय श्री राम ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव खुश रहें मस्त रहें स्वस्थ रहें

Anil Dec 21, 2021
good night 🙏💐🙏💐🙏

Santosh Shukla Dec 23, 2021
जय जय श्री राम जय जय श्री राम जय जय श्री राम जय जय श्री राम जय जय श्री राम जय जय श्री राम

ravi.thakur 8958970130 Dec 25, 2021
🌞💞जय सिया राम जी💞🌞 श्री राम जय राम जय जय राम 🙏🌹सुप्रभात वंदन जी🌹🙏

Rakesh Sharma Jan 25, 2022

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Davinder Rana Jan 24, 2022

श्रीरामचरितमानस 🚩🚩🚩🚩🚩 ————-परमार्थ—— जल भरि नयन कहहिं रघुराई । तात कर्म निज ते गति पाई । परहित बस जिन्ह के मन माहीं । तिन्ह कहुँ जग दुर्लभ कछु नाहीं ।। ( अरण्यकांड :30/4-5) राम राम बंधुओं, रावण से युद्ध करते हुए जटायु जी घायल पड़े हैं । राम जी सीताजी को खोजते हुए जटायु से मिलते हैं । राम जी जटायु से अपना शरीर बनाए रखने को कहते हैं । जटायु जी कहते हैं आपका दर्शन पाकर किसकी पूर्ति के लिए अब इस शरीर रखूँ । राम जी कहते हैं कि आपने मेरा दर्शन ( यह गति ) अपने श्रेष्ठ कर्मों के कारण पाई है । जिनके मन दूसरे का हित करने में लगे रहते हैं उनके लिए जग में कुछ भी दुर्लभ ( अप्राप्य )नहीं है । मित्रों, अपने ही हित के बारे में सोच कर हम बहुत कुछ नहीं पा सकते हैं परंतु दूसरे का हित कर हम बहुत कुछ पा सकते हैं ।अस्तु परहित में लगें ।परहित ही स्वहित है , परहित ही रामहित है अतएव जय जय राम , जय जय राम राणा जी खेड़ांवाली 🚩🚩🚩

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Davinder Rana Jan 24, 2022

श्रीरामचरितमानस 🚩🚩🚩🚩🚩 ——- श्रीराम स्वभाव ——- अति कृपाल रघुनायक सदा दीन पर नेह । ता सन आइ कीन्ह छलु मूरख अवगुन गेह ।। (अरण्यकांड, दो. 1) राम राम बंधुओं, एकबार चित्रकूट में सीता जी के चरणों में इंद्र पुत्र जयंत ने राम जी के बल की थाह पाने के लिए कौआ का रूप धारण कर अपने चोंच से प्रहार किया । शिव जी कहते हैं राम जी परम कृपालु व दीनों से सदा ही प्रेम करने वाले हैं उनसे उस मूर्ख , अवगुणों की खान जयंत ने छल किया । मित्रों, जीव के अंदर छल कपट भरा पड़ा है वह सबसे छल करता है । वह जीव से ही नहीं जगदीश से भी छल करने से नहीं चूकता है ।जबकि जगदीश अर्थात् राम जी तो सदैव दया करने वाले हैं । हमारी तो तभी सुधर सकती है जब राम जी सहित सबसे प्रेम करें ।अस्तु प्रेम करें अतएव श्रीराम जय राम जय जय राम राणा जी खेड़ांवाली 🚩🚩🚩

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Davinder Rana Jan 24, 2022

श्रीरामचरितमानस 🚩🚩🚩🚩🚩 —- - श्रीराम प्रभाव —— जेहिं बलि बाँधि सहसभुज मारा । सोइ अवतरेउ हरन महि भारा ।। तासु बिरोध न कीजिअ नाथा । काल करम जिव जाकें हाथा ।। ( लंकाकांड 3/4-5) राम राम बंधुओं, राम जी ने सागर पर सेतु बांध दिया है यह सुनकर रावण विकल होकर अपने महल जाता है। मंदोदरी उसके पैर पकड़कर समझाते हुए कहती हैं कि जिसने राजा बलि को बाँधा व सहस्त्रबाहु को मारा , वे ही भगवान धरती का भार समाप्त करने के लिए अवतार लिए हैं ।हे नाथ ! काल , कर्म व जीव जिसके अधीन हो उससे आप विरोध न कीजिए । मित्रों, जगदीश विरोध नहीं प्रेम के तत्व हैं । अतएव राम जी से प्रेम करें , राम काज व राम कृति से प्रेम करें , तभी कल्याण होगा । अस्तु श्रीराम जय राम जय जय राम राणा जी खेड़ांवाली🚩 🚩🚩🚩

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