🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷 🇮🇳🕉 *卐 सत्यराम सा 卐* 🕉🇮🇳 🌹🙏 *ॐ नमो नारायण* 🙏🌹 🌿🌷🌻 *शुभ~दिवस* 🌻🌷🌿 ==================== *साभार स्वर/संगीत ~ @Giriraj Balodia* 🌷 *दादू अमृतवाणी* 🌷 *दुःख का साथी केवल राम है....* *सुख का साथी जगत सब, दुःख का नांहीं कोय ।* *दुःख का साथी सांइयां, दादू सतगुरु होय ॥* *दुःख का साथी केवल राम है....* *ये सज्जन दुर्जन भये, अंत काल की बार ।* *दादू इनमें को नहीं, विपत्ति बटावण हार ।।* *दुःख का साथी केवल राम है....* *दादू आप स्वार्थ सब सगे, प्राण स्नेही नांहिं ।* *प्राण स्नेही राम है, कै साधु कलि मांहिं ।।* *दुःख का साथी केवल राम है....* *संगी सज्जन आपणां साथी सिरजनहार ।* *दादू दूजा को नहीं, इहिं कलि इहिं संसार ।।* *दुःख का साथी केवल राम है....* https://youtu.be/nvJRuJ5Zg3Q https://youtu.be/nvJRuJ5Zg3Q

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🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷 🕉🇮🇳 *卐 सत्यराम सा 卐* 🕉🇮🇳 🌹🙏 *ॐ नमो नारायण* 🙏🌹 🌿🌷🌻 *शुभ~दिवस* 🌻🌷🌿 🇮🇳🦚🇮🇳.🇮🇳🦚🇮🇳.🇮🇳🦚🇮🇳 *स्वर, संगीत ~* 🙏 *संत श्री @रामभजनदास जी महाराज* 🙏 🕉🌻🕉🌻🕉🌻🕉🌻🕉 . *मन माया रातो भूले ।* *मेरी मेरी कर कर बौरे,* *कहा मुग्ध नर फूले ॥टेक॥* *माया कारण मूल गँवावै,* *समझ देख मन मेरा ।* *अंत काल जब आइ पहूँचा,* *कोई नहीं तब तेरा ॥१॥* *मेरी मेरी कर नर जाणै,* *मन मेरी कर रहिया ।* *तब यहु मेरी काम न आवै,* *प्राण पुरुष जब गहिया ॥२॥* *राव रंक सब राजा राणा,* *सबहिन को बोरावै ।* *छत्रपति भूपति तिन के संग,* *चलती बेर न आवै ॥३॥* *चेत विचार जान जिय अपने,* *माया संग न जाई ।* *दादू हरि भज समझ सयाना,* *रहो राम ल्यौ लाई ॥४॥* . *दादू जी जय जय दयालु जय जय* *दादूराम भज मन दयालु जय जय* *तू ही दादूराम है तू ही सत्यराम है* *तेरे ही चरणों में मेरा सच्चा मुक्ति धाम है* *तू ही दादूराम है तू ही सत्यराम है* *तेरे ही चरणों में मेरा सच्चा मुक्ति धाम है* *राम गुण गाये जा दयाल गुण गायेजा* *दादू जी के चरणों में चित को लगाए जा* *(#श्रीदादूवाणी ~ पद. २२३)* https://youtu.be/LajHL15jfgs https://youtu.be/LajHL15jfgs

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🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷 🕉🇮🇳 *卐 सत्यराम सा 卐* 🕉🇮🇳 🌹🙏 *ॐ नमो नारायण* 🙏🌹 🌿🌷🌻 *शुभ~दिवस* 🌻🌷🌿 🇮🇳🦚🇮🇳.🇮🇳🦚🇮🇳.🇮🇳🦚🇮🇳 *साभार ऑडियो ~ @Kamini Agarwal* . *सर्प डसै सु नहीं कछु तालक,* *विछु लगै सु भलौ करि मांनौ ।* *सिंह हु खाइ तौ नाहिं कछू डर,* *जौ गज मारत तौ नहिं हांनौ ॥* *आगि जरौ, जल बुड़ी मरौ,* *गिरि जाइ गिरौ, कछु भै मति आंनौ ।* *सुन्दर और भले सब ही दुख,* *दुर्जन संग भलौ जिनि जांनौ ॥५॥* *दुष्ट संग जिन देइ विधाता : किसी को साँप डँस ले, कोई चिन्ता की बात नहीं । किसी को बिच्छू काट ले, उससे भी भला होगा - ऐसा मान लो ।* *सिंह खा डाले, उसका भी कोई भय नहीं । हाथी अपने पैरों से कुचल दे, तो भी कोई हानि नहीं ।* *कोई अग्नि में जल जाय, या जल में डूब मरे, पहाड़ से गिर पड़े तो भी कोई भय नहीं मानना चाहिये ।* *श्री सुन्दरदास जी कहते हैं - परमात्मा भले ही अन्य कोई भी बड़े से बड़ा संकट(दुःख) हमको दे, उसे हम सहन कर लेंगे, परन्तु किसी दुष्ट का संग हमें कभी न मिले - इसी में हमारा हित है ॥५॥* *(सवैया ग्रंथ ~ दुष्ट को अंग.१०/५)* https://youtu.be/yPZH_ryqysA https://youtu.be/yPZH_ryqysA

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🌷🙏🇮🇳 *#daduji* 🇮🇳🙏🌷 🕉🇮🇳 *卐 सत्यराम सा 卐* 🕉🇮🇳 🌹🙏 *ॐ नमो नारायण* 🙏🌹 🌿🌷🌻 *शुभ~दिवस* 🌻🌷🌿 🇮🇳🦚🇮🇳.🇮🇳🦚🇮🇳.🇮🇳🦚🇮🇳 *साभार ऑडियो ~ @Kamini Agarwal* . *ज्यौं नर पोषत है निज देह हि,* *अन्न बिनाश करै तिंहि वारा ।* *ज्यौं अहि और मनुष्य ही काटत,* *वाहि कछू नहिं होइ अहारा ॥* *ज्यौं पुनि पावक जारि सबै कछु,* *आपुहु नाश भयौ निरधारा ।* *त्यौं यह सुन्दर दुष्ट सुभाव हि,* *जानि तजौ किन तीन प्रकारा ॥४॥* *इस दुष्ट के स्वभाव से परिचित होने के लिये पहले तीन बातें जान लेनी चाहिये; जैसे ..* *१. मनुष्य अपने देह के पालन -पोषण के लिये दूसरे का हित नष्ट करता है ।* *२. जैसे साँप किसी को काटता है तो उससे उस(सर्प) को कोई खाद्य नहीं मिल जाता है कि उसका पेट भर जाय । और..* *३. जैसे अग्नि - किसी का घर जला कर, अन्त में निराश्रय होकर स्वयं भी बुझ जाती है ।* *श्री सुन्दरदास जी कहते हैं - दुष्ट के स्वभाव की ये तीन बातें जानकर भी किसने इन तीन बातों को छोड़ दिया है ॥४॥* *(सवैया ग्रंथ ~ दुष्ट को अंग.१०/४)* https://youtu.be/z98VUQ3SZ_M https://youtu.be/z98VUQ3SZ_M

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