Beena kuntal
Beena kuntal Sep 12, 2021

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कामेंट्स

GOVIND CHOUHAN Sep 12, 2021
Jai Shree Radhe Shyam Jiii 🌺🙏 Good Morning Jiii 🙏🙏 Vvvery Beautiful Bhajan Jiii 👏👏

R.K.SONI (Ganesh Mandir Sep 12, 2021
सुप्रभात वंदन जी💐 ॐ सूर्य देवाय जी आप व आपके परिवार के जीवन को प्रकाशमय रखे।👌💐🙏

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Ram Oct 17, 2021

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mahesh chand sharma Oct 17, 2021

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Singh N Oct 17, 2021

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shree Shukla Oct 17, 2021

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Seemma Valluvar Oct 17, 2021

।। श्रीमत्कुंजबिहारिणे नमः।। 🚩ठकुरानी का अमृत वरदान🙏 🙏🌹 राधा रानी की जय 🌹🙏 किशोरी जू अपनी सभी सखियों के यहाँ बारी-बारी खेलने जाती थी। तुंगविधा ने अपने गाँव मैं गुड्डे-गुड़िया का विवाह कराया। राधा रानी और ललिता जू अपने अपने गुड्डा और गुड़िया को लेकर डवारा गाँव, जो कि तुंगविधा जी का गाँव है, वहाँ पहुँची। कीरत मैया भी लाडली जू के संग गयी। : किशोरी जू ने बारात के लिये मिट्टी के पकवान बनाये और फिर सब विवाह की रस्मे कराने लगी। इतने मैं वहाँ दुर्वासा ऋषि आ पहुँचे, इनके संग इनके दस हजार शिष्यों की मण्डली भी साथ चलती थी। छोटी-छोटी ब्रजगोपीयो को खेलता देख बाबा बोले: लाली, हमें बरसाने को मार्ग बताओगी। : ललिता जू बोली बाबा जी बरसाने जायके काह करेगो, दुर्वाषा जी बोले हमें बृषभानू जी के यहां जानो है। हमारो पूरो शिष्य परिकर हमारे संग है, भूख लगी है बहुत जोर की.. ललिता जू घबरा गयी, सीधी कीरत मैया के पास पहुँची! मैया, ओ मैया.. एक बाबा जी आयो है, अपने दस हजार शिष्यन के संग.. और बरसाने को मार्ग पूछ रह्यो है, बाबा सौ मिलनो है.. सबकू भोजन करनो है। कीरत मैया समझ गयी की ये जरूर दुर्वासा ऋषि है, आज तो यह निश्चित श्राप दे देंगे, क्योंकि मैं यहाँ हूँ और बाबा भी बरसाने ते बाहर हैं..!! : मैया बोली मोये दिखाय के ला कौन सो बाबा जी है। मैया नोवारी चोवारी पर पहुँची, जहाँ किशोरी जू सब सखियों के संग मिलके खेल रही थी। मैया ने देखा कि लाडली जू दुर्वासा ऋषि से बात कर रही हैं। बाबा तुम्हे हमारे बाबा सौ मिलनो है का..!! बेटी तू बृषभानू जी की पुत्री है क्या.. हाँ बाबा, मैं बृषभानू जू की बेटी राधा हूँ। : दुर्वासा किशोरी जू के दर्शन कर जड़ हो गये लाडली जू ने हिलाया बाबा सो गयो का हमारे बाबा सौ का काम है आपकू.. : दुर्वाषा जी बोले बेटी मोये और मेरे शिष्यों को भूख लगी है, राजा बृषभानू ही हमें भोजन करा सकते हैं। अच्छो इतनी सी बात है, बाबा तू नहाय के आ प्रसाद तैयार मिलेगो, बाबा नहाने चले गये कीरत मैया ओट से निकली, अरी.. राधा तेने जे का व्यथा बोय दयी। लाली ई तो बडो क्रोधी बाबा जी है, नेक-नेक बात पे क्रोधित हे जाय और श्राप दे दे, अब तू इतने लोगन कू भोजन कैसे तैयार करेगी..!! : किशोरी जू सब सखियों से बोली चलो री सब माटी इकट्टी करो ओर माटी गुलाय के मोये दो, सब सखियाँ मिट्टी गलाने लगी। किशोरी जू ने मिट्टी की पूडी, मिट्टी की सब्जी, मिट्टी की मिठाई तैयार कर दी। दुर्वासा आये मिट्टी की वस्तु देख बड़े ही क्रोधित हुऐ। : अरी छोरी, तू हमसे मजाक कर रही है, ये क्या मिट्टी की सामग्री बनाई है.. प्रिया जी बोली बाबाजी काहे कु हल्ला कर रह्यो हो काह खवोगे ईमरती ....ले मिट्टी की ईमारती रख दी औऱ जैसे ही दुर्वासा जी ने मिट्टी की ईमरती मुँह में रखी..... दुनिया का स्वाद भूल गये औऱ काह ख़वोगे...रसगुल्ला ले आह हा उस मिट्टी के रसगुल्ले के रस के आगे सब दुनिया के सब रस फ़िके बाबा औऱ सब शिष्यो ने जीवन मे ऐसा भोजन किया औऱ आशिर्वाद दिया....किशोरी जी को.... जो वृषभानु नंदनी की रसोई पायेगा वो त्रिलोक विजयी हो जायेगा... यशोदा मैंया को जब यह पता चला तो मैंया ने ठाकुर जी के लिए किशोरी जु के हाथों से रसोई बनवाईं तो महाराज ये ठाकुर जी तो बल भी हमारी किशोरीजु का लिए फ़िरते है औऱ नाम अपना करते हैं🙏 श्री राधा श्री राधा श्री राधा

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Jayshree Shah Oct 17, 2021

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