Virendra Singh yadav
Virendra Singh yadav Sep 21, 2021

Jay Siyaram Jay Sankat Mochan Hanuman 🌹🌹🙏🙏🌹🌹🙏

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कामेंट्स

Ragni Dhiwer Sep 21, 2021
🥀सुप्रभात स्नेह वंदन जी 🌼 आपके जीवन का हर एक पल खुशियों से भरा रहे🥀 राधे राधे 🥀🙏🥀

Ramesh agrawal Oct 27, 2021

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Seemma Valluvar Oct 25, 2021

एक दिन कॉलेज में प्रोफेसर ने विद्यर्थियों से पूछा कि इस संसार में जो कुछ भी है उसे भगवान ने ही बनाया है न? सभी ने कहा, “हां भगवान ने ही बनाया है।“ प्रोफेसर ने कहा कि इसका मतलब ये हुआ कि बुराई भी भगवान की बनाई चीज़ ही है। प्रोफेसर ने इतना कहा तो एक विद्यार्थी उठ खड़ा हुआ और उसने कहा कि इतनी जल्दी इस निष्कर्ष पर मत पहुंचिए सर। प्रोफेसर ने कहा, क्यों? अभी तो सबने कहा है कि सबकुछ भगवान का ही बनाया हुआ है फिर तुम ऐसा क्यों कह रहे हो? विद्यार्थी ने कहा कि सर, मैं आपसे छोटे-छोटे दो सवाल पूछूंगा। फिर उसके बाद आपकी बात भी मान लूंगा। प्रोफेसर ने कहा, "तुम संजय सिन्हा की तरह सवाल पर सवाल करते हो। खैर पूछो।" विद्यार्थी ने पूछा , "सर क्या दुनिया में ठंड का कोई वजूद है?" प्रोफेसर ने कहा, बिल्कुल है। सौ फीसदी है। हम ठंड को महसूस करते हैं। विद्यार्थी ने कहा, "नहीं सर, ठंड कुछ है ही नहीं। ये असल में गर्मी की अनुपस्थिति का अहसास भर है। जहां गर्मी नहीं होती, वहां हम ठंड को महसूस करते हैं।" प्रोफेसर चुप रहे। विद्यार्थी ने फिर पूछा, "सर क्या अंधेरे का कोई अस्तित्व है?" प्रोफेसर ने कहा, "बिल्कुल है। रात को अंधेरा होता है।" विद्यार्थी ने कहा, "नहीं सर। अंधेरा कुछ होता ही नहीं। ये तो जहां रोशनी नहीं होती वहां अंधेरा होता है। प्रोफेसर ने कहा, "तुम अपनी बात आगे बढ़ाओ।" विद्यार्थी ने फिर कहा, "सर आप हमें सिर्फ लाइट एंड हीट (प्रकाश और ताप) ही पढ़ाते हैं। आप हमें कभी डार्क एंड कोल्ड (अंधेरा और ठंड) नहीं पढ़ाते। फिजिक्स में ऐसा कोई विषय ही नहीं। सर, ठीक इसी तरह ईश्वर ने सिर्फ अच्छा-अच्छा बनाया है। अब जहां अच्छा नहीं होता, वहां हमें बुराई नज़र आती है। पर बुराई को ईश्वर ने नहीं बनाया। ये सिर्फ अच्छाई की अनुपस्थिति भर है।" दरअसल दुनिया में कहीं बुराई है ही नहीं। ये सिर्फ प्यार, विश्वास और ईश्वर में हमारी आस्था की कमी का नाम है। ज़िंदगी में जब और जहां मौका मिले अच्छाई बांटिए। अच्छाई बढ़ेगी तो बुराई होगी ही नहीं। जय श्री राम 🙏🌺🌺🌺🌺🚩

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Babbu Bhai Oct 26, 2021

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Babbu Bhai Oct 26, 2021

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Anju Mishra Oct 26, 2021

🙏राम लक्ष्मण जानकी जय बोलो हनुमान की🙏 🙏🌹जय श्री राम 🌹🙏 प्रभु भोग का फल हैं। 👉एक सेठजी बड़े कंजूस थे। एक दिन दुकान पर बेटे को बैठा दिया और बोले कि बिना पैसा लिए किसी को कुछ मत देना, मैं अभी आया। अकस्मात एक संत आये जो अलग-अलग जगह से एक समय की भोजन सामग्री लेते थे। लड़के से कहा: बेटा जरा नमक दे दो। लड़के ने सन्त को डिब्बा खोल कर एक चम्मच नमक दिया। सेठजी आये तो देखा कि एक डिब्बा खुला पड़ा था। सेठजी ने कहा: क्या बेचा बेटा? बेटा बोला: एक सन्त, जो तालाब के किनारे रहते हैं, उनको एक चम्मच नमक दिया था। सेठ का माथा ठनका और बोला: अरे मूर्ख! इसमें तो जहरीला पदार्थ है। अब सेठजी भाग कर संतजी के पास गए, सन्तजी भगवान् के भोग लगाकर थाली लिए भोजन करने बैठे ही थे कि.. सेठजी दूर से ही बोले: महाराज जी रुकिए, आप जो नमक लाये थे, वो जहरीला पदार्थ था, आप भोजन नहीं करें। संतजी बोले: भाई हम तो प्रसाद लेंगे ही, क्योंकि भोग लगा दिया है और भोग लगा भोजन छोड़ नहीं सकते। हाँ, अगर भोग नहीं लगता तो भोजन नही करते और कहते-कहते भोजन शुरू कर दिया। सेठजी के होश उड़ गए, वो तो बैठ गए वहीं पर। रात हो गई, सेठजी वहीं सो गए कि कहीं संतजी की तबियत बिगड़ गई तो कम से कम बैद्यजी को दिखा देंगे तो बदनामी से बचेंगे। सोचते सोचते उन्हें नींद आ गई। सुबह जल्दी ही सन्त उठ गए और नदी में स्नान करके स्वस्थ दशा में आ रहे हैं। सेठजी ने कहा: महाराज तबियत तो ठीक है। सन्त बोले: भगवान की कृपा है! इतना कह कर मन्दिर खोला तो देखते हैं कि भगवान् के श्री विग्रह के दो भाग हो गए हैं और शरीर काला पड़ गया है। अब तो सेठजी सारा मामला समझ गए कि अटल विश्वास से भगवान ने भोजन का ज़हर भोग के रूप में स्वयं ने ग्रहण कर लिया और भक्त को प्रसाद का ग्रहण कराया। सेठजी ने घर आकर बेटे को घर दुकान सम्भला दी और स्वयं भक्ति करने सन्त शरण में चले गए! इसलिए रोज ही भगवान् को निवेदन करके भोजन का भोग लगा करके ही भोजन करें, भोजन अमृत बन जाता है। अत: आज से ही यह नियम लें कि भोजन बिना भोग लगाएं नहीं करेंगे।

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dhruvwadhwani Oct 25, 2021

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Ramesh Soni Oct 26, 2021

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PRABHAT KUMAR Oct 26, 2021

🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 🔔🔔🔔 *#जय_श्री_राम_जय_जय_महावीर_हनुमान* 🔔🔔🔔 🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 *सभी आदरणीय साथियों को रात्रि कालीन वंदन* 🙏 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#श्री_बजरंग_बाण_का_पाठ* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#दोहा* *निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान।* *तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#चौपाई* *जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥* *जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥* *जैसे कूदि सिंधु महिपारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥* *आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुरलोका॥* *जाय बिभीषन को सुख दीन्हा। सीता निरखि परमपद लीन्हा॥* *बाग उजारि सिंधु महँ बोरा। अति आतुर जमकातर तोरा॥* *अक्षय कुमार मारि संहारा। लूम लपेटि लंक को जारा॥* *लाह समान लंक जरि गई। जय जय धुनि सुरपुर नभ भई॥* *अब बिलंब केहि कारन स्वामी। कृपा करहु उर अंतरयामी॥* *जय जय लखन प्रान के दाता। आतुर ह्वै दुख करहु निपाता॥* *जै हनुमान जयति बल-सागर। सुर-समूह-समरथ भट-नागर॥* *ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले। बैरिहि मारु बज्र की कीले॥* *ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीसा। ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर सीसा॥* *जय अंजनि कुमार बलवंता। शंकरसुवन बीर हनुमंता॥* *बदन कराल काल-कुल-घालक। राम सहाय सदा प्रतिपालक॥* *भूत, प्रेत, पिसाच निसाचर। अगिन बेताल काल मारी मर॥* *इन्हें मारु, तोहि सपथ राम की। राखु नाथ मरजाद नाम की॥* *सत्य होहु हरि सपथ पाइ कै। राम दूत धरु मारु धाइ कै॥* *जय जय जय हनुमंत अगाधा। दुख पावत जन केहि अपराधा॥* *पूजा जप तप नेम अचारा। नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥* *बन उपबन मग गिरि गृह माहीं। तुम्हरे बल हौं डरपत नाहीं॥* *जनकसुता हरि दास कहावौ। ताकी सपथ बिलंब न लावौ॥* *जै जै जै धुनि होत अकासा। सुमिरत होय दुसह दुख नासा॥* *चरन पकरि, कर जोरि मनावौं। यहि औसर अब केहि गोहरावौं॥* *उठु, उठु, चलु, तोहि राम दुहाई। पायँ परौं, कर जोरि मनाई॥* *ॐ चं चं चं चं चपल चलंता। ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता॥* *ॐ हं हं हाँक देत कपि चंचल। ॐ सं सं सहमि पराने खल-दल॥* *अपने जन को तुरत उबारौ। सुमिरत होय आनंद हमारौ॥* *यह बजरंग-बाण जेहि मारै। ताहि कहौ फिरि कवन उबारै॥* *पाठ करै बजरंग-बाण की। हनुमत रक्षा करै प्रान की॥* *यह बजरंग बाण जो जापैं। तासों भूत-प्रेत सब कापैं॥* *धूप देय जो जपै हमेसा। ताके तन नहिं रहै कलेसा॥* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#दोहा* *उर प्रतीति दृढ़, सरन ह्वै, पाठ करै धरि ध्यान।* *बाधा सब हर, करैं सब काम सफल हनुमान* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#नोट : उक्त जानकारी सोशल मीडिया से प्राप्त किया गया है।* 📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰 *( इस आलेख में दी गई जानकारियाँ धार्मिक आस्था और लौकिक मान्यताओं पर आधारित है जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। )* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩

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