Rameshannd Guruji
Rameshannd Guruji Jun 22, 2022

🌹🌻🌞 सुप्रभातं🌞🌻🌹 🌹🙏 जय श्री हरि विष्णु 🌹🙏 *सुविचार.✍️...* *धैर्य* 👏 .. *परिवार के साथ धैर्य* *प्यार कहलाता है,* *औरों के साथ धैर्य* *सम्मान कहलाता है,* *स्वयं के साथ धैर्य* *आत्मविश्वास कहलाता है,* *और* *भगवान के साथ धैर्य* *आस्था कहलाती है!* *प्यार,सम्मान,आत्मविश्वास और आस्था के साथ दिन शुभ और मंगलमय हो*. 💐 🌹🙏रमेशानंद गुरुजी

🌹🌻🌞 सुप्रभातं🌞🌻🌹
🌹🙏 जय श्री हरि विष्णु 🌹🙏
*सुविचार.✍️...*
   *धैर्य*
👏 .. 

*परिवार के साथ धैर्य*
                 *प्यार कहलाता है,*
*औरों के साथ धैर्य*  
                *सम्मान कहलाता है,*
*स्वयं के साथ धैर्य* 
       *आत्मविश्वास कहलाता है,*
                 *और*
*भगवान के साथ धैर्य* 
                 *आस्था कहलाती है!*

*प्यार,सम्मान,आत्मविश्वास और आस्था के साथ दिन शुभ और मंगलमय हो*.                                                        💐
🌹🙏रमेशानंद गुरुजी

+8 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 5 शेयर

कामेंट्स

Dhirubhai Jun 23, 2022
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय प्रभुजी

+12 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 28 शेयर
Rameshannd Guruji Jul 2, 2022

🌹🌻🌞 सुप्रभातं 🌞 🌻🌹 🌹🙏ॐ श्री सूर्य देवायः नमः 🌹🙏 *सुविचार.✍️...* *भविष्य* सामर्थ्यं च न पश्यामि , भविष्यस्य निवर्तते। परिहार्तुं न शक्या हि, कालेन विहिता गतिः।।25 न संरम्भान्न चारम्भान्न, वै स्थास्यसि पौरुषे। लेखा हि काललिखिता:, सर्वथा दुरति क्रमा:।।27 भविष्य को पलट देने की शक्ति किसी मे नही है काल (समय) ने जिस गति (घटनाक्रम) का जब जहां और जैसा विधान किया है वह वैसे ही घटित होगी उसका परिहार (उसे बदलना या उससे बच पाना) असंभव है भावी(भाग्य के अनुसार आगे आने वाला समय)इतना प्रबल होता है कि यदि किसी मनुष्य को अपने भविष्य में घटने वाले घटनाक्रम का ज्ञान हो भी जाये तथा भविष्य के ज्ञान के अनुसार वह अपना कर्तव्य सुनिश्चित कर ले तो भी वह परिस्थितियों के बसीभूत हो अपनी संरम्भ (उत्तेजना ) और आरम्भ (कार्योद्योग) तथा पौरुष में स्थिरबुद्धि नही रह सकता है तथा काल के लिखे को रोकने पलटने और परिहार करने में समर्थ नही हो सकता है यथा कंश को देवर्षि नारद के द्वारा देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और श्रीकृष्ण जी के द्वारा उसकी मृत्यु की सम्पूर्ण जानकारी दे दी गई थी तथा कंश ने उसके परिहार के पूरे प्रयास किये किन्तु परिस्थितियों के बसीभूत हो भविष्य का ज्ञान होने के बाद भी नियत समय और नियत स्थान पर स्वयं ही श्रीकृष्ण को बुलाकर अपनी ही मृत्यु सुनिश्चित कर ली। अतः निवेदन है कि तथा कथित भविष्य वक्ताओं के फेर में न पड़े काल का क्रम अपने अनुसार चलेगा आप उससे बच नही सकते है हर स्थिति में ईश्वर का स्मरण कर सदाचार और कर्तव्य पालन करते हुए धर्मानुसार आचरण करे श्रीहरिवंशपुराण भविष्य पर्व, अध्याय-2 श्लोक-25,27 🌹🙏रमेशानंद गुरुजी

+15 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 19 शेयर

+9 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 8 शेयर
Gulab Singh Jul 2, 2022

+12 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 22 शेयर
ANITA THAKUR Jul 2, 2022

+166 प्रतिक्रिया 28 कॉमेंट्स • 28 शेयर
R S RAJPUT Jul 2, 2022

+148 प्रतिक्रिया 22 कॉमेंट्स • 50 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB