RAKESH SHARMA
RAKESH SHARMA Oct 19, 2021

OM VAKRA TUND MAHAKAY SURYE KOTI SAMPRABH NIRVIGHANM KURU M DEV SERV KARYESHU SARVADA JAI GANESH SABHI SAMMANIYE MITRA BANDHUO KO HARDIK SHUBHKAMANA SE MANGALMAY SUPRABHATAM VANDAN AVM NAMAN 🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🚩🚩🕉️🕉️🕉️💥💥💥💥💥🕉️🕉️🌲🌲🌲🇮🇳🇮🇳🌹🌹

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कामेंट्स

🏝️kavita sharma🏝️ Oct 20, 2021
!! ॐ श्री गणेशाय नमः !! ✍️✍️शुभ प्रभात✍️✍️ 🔰🔰शुभ बुधवार 🔰🔰 ⚜️⚜️20/10/2021⚜️⚜️ ⚜️⚜️🌟🌟🌟🌟⚜️⚜️ श्री गणेशजी की कृपा से आप और आपके परिवार की हर मनोकामना पूर्ण हो आपका दिन शुभ रहे!! ⚜️⚜️🌟🌟🌟🌟🌟⚜️⚜️

🏝️kavita sharma🏝️ Oct 20, 2021
⚜️⚜️🌟🌟🌟🌟⚜️⚜️ ★★★20 अक्टूबर★★★ ☘︎☘︎☘︎शुभ बुधवार☘︎☘︎☘︎ ⚜️🌟🌟✍️🌟🌟⚜️ आदिकवि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि जयन्ती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ!! ⚜️⚜️🌟🌟🌟🌟🌟⚜️⚜️

💥Radha Sharma💥 Oct 20, 2021
जय श्री गणेश जी good morning ji and have a nice day.. 🙏🌷🙏

💥Radha Sharma💥 Oct 20, 2021
Jai shri radhe krishna ji🙏 Always be happy ji and God bless you... शुभ दिन जी 🌷🌷🙏

Brajesh Sharma Oct 20, 2021
ॐ वक्रतुंड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देवः सर्व कार्येषु सर्वदा . ॐ गं गणपतये नमो नमः ॐ श्सिद्धिविनायकाय नमो नमः ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव

Renu Singh Oct 20, 2021
Jai Shree Ganesh Ji 🙏 Shubh Prabhat Vandan Bhai Ji Ganesh Bhagwan ki kripa Aap aur Aàpke Pariwar Pr Sadaiv Bni rhe Aàpka Din Shubh Avam Mangalmay ho 🌸🙏

Renu Singh Oct 20, 2021
Sharad Poornima Avam Balmiki Jayanti ki Hardik Shubh Kamnayein Bhai ji 🙏🌹🙏

Seemma Valluvar Oct 20, 2021
श्री गणेशाय नमः 🙏🌺🌺🌺🌺🌺🚩, शरद पूर्णिमा और वाल्मीकि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं भाईजी, भगवान गणपति बप्पा की कृपा सदा आप पर बना रहे, जय श्री गणेश 🙏🌺🌺🌺🌺🚩

🇮🇳🇮🇳GEETA DEVI 🇮🇳🇮🇳 Oct 20, 2021
V. BEAUTIFUL POST... 👌👌👌👏👏 🏵🙏OM SHREE GANESHAY NAMAH JI 🙏🏵 GOOD MORNING JEE🔔🔔🎉 🌷🌷🙏GOD BLESS U AND UR ALL FAMILY ALWAYS BE HAPPY AND HEALTHY LONG LIFE 🙏🌷🌷 HAVE A GREAT DAY ALWAYS KEEP SMILING JI 😇😇✴️🍹🍹✴️😇😇 💐💐🏵🙏🏵💐💐 💐🏵🏵🏵🏵🏵🏵💐

Runa Sinha Oct 20, 2021
Jai Shri Ganesh🌹🙏🌹 Good afternoon. Gauri nandan Bhagwan Ganesh aap ke jeevan ko khushion se bhar dein,bhai🙏

Archana Singh Oct 20, 2021
🙏🌹सुख, समृद्धि की मंगल कामनाओं के साथ आपको सपरिवार शरद पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं🙏🌹🌹 आपका हर पल शुभ व मंगलमय हो🙏🌹 🌹🙏

Anup Kumar Sinha Oct 20, 2021
श्री गणेशाय नमः 🙏🏻🙏🏻 शुभ संध्या वंंदन ,भाई जी ।भगवान गणेश की असीम कृपा आप सपरिवार पर बनी रहे ।आपको वाल्मीकि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🏻🌹

kamala Maheshwari Oct 20, 2021
जयश्री मां लक्ष्मी जयगणेशायनम 🚩💥🚩 जयश्री बाकैविहरीकी कान्हा जी की कृपादृष्टि सदैव आपके उपर बनी रहे जय श्री कृष्णा जी 💠🙏💠🙏💠🙏💠🙏💠🙏💠🙏💠

kamala Maheshwari Oct 20, 2021
जयश्री मां लक्ष्मी जयगणेशायनम 🚩💥🚩 जयश्री बाकैविहरीकी कान्हा जी की कृपादृष्टि सदैव आपके उपर बनी रहे जय श्री कृष्णा जी 💠🙏💠🙏💠🙏💠🙏💠🙏💠🙏💠

Runa Sinha Oct 20, 2021
Jai Shri Radhe Radhe🙏🙏 Good night 🌺🙏🌺

Anup Kumar Sinha Oct 20, 2021
जय श्री राधे कृष्ण🙏🏻🙏🏻 शुभ रात्रि वंंदन, भाई जी । कान्हा जी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे।आपका हर पल शुभ हो 🙏🏻🍁

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X7skr🇮🇳 Dec 1, 2021

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Sanjeev Adhoya Dec 1, 2021

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🙏💐जय श्री महाकाल की💐🙏 🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻 शुभ संध्या वंदन शिव खोड़ी की गुफाएं। 〰️〰️🌼🌼🌼〰️〰️ शिव खोड़ी शिवालिक पर्वत शृंखला में एक प्राकृतिक गुफा है, जिसमें प्रकृति-निर्मित शिव-लिंग विद्यमान है। शिव खोड़ी तीर्थ स्थल पर महाशिवरात्रि के दिन बहुत बड़ा मेला आयोजित होता है जिसमें हजारों की संख्या में लोग दूर-दूर से यहां आकर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं और आयोजित इस मेले में शामिल होते हैं। शिव खोड़ी की यात्रा बारह महीने चलती है। अति प्राचीन मंदिरों के कई अवशेष अब भी इस क्षेत्र में बिखरे पड़े हैं। शिव खोड़ी शिवभक्तों के लिए एक महान तीर्थ स्थल है। शिव खोड़ी शिव तीर्थ का कोई प्रामाणिक इतिहास आज तक उपलब्ध नहीं हो पाया है। लोक श्रुतियों में कहा गया है कि स्यालकोट (वर्तमान में यह स्थान पाकिस्तान में है) के राजा सालवाहन ने शिव खोड़ी में शिवलिंग के दर्शन किए थे और इस क्षेत्र में कई मंदिर भी निर्माण करवाए थे, जो बाद में सालवाहन मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुए। इस गुफा में दो कक्ष हैं। बाहरी कक्ष कुछ बड़ा है, लेकिन भीतरी कक्ष छोटा है। बाहर वाले कक्ष से भीतरी कक्ष में जाने का रास्ता कुछ तंग और कम ऊंचाई वाला है जहां से झुक कर गुजरना पड़ता है। आगे चलकर यह रास्ता दो हिस्सों में बंट जाता है, जिसमें से एक के विषय में ऐसा विश्वास है कि यह कश्मीर जाता है। यह रास्ता अब बंद कर दिया गया है। दूसरा मार्ग गुफा की ओर जाता है, जहां स्वयंभू शिव की मूर्ति है। गुफा की छत पर सर्पाकृति चित्रकला है, जहां से दूध युक्त जल शिवलिंग पर टपकता रहता है। इस गुफा में दो कक्ष हैं। बाहरी कक्ष कुछ बड़ा है, लेकिन भीतरी कक्ष छोटा है। बाहर वाले कक्ष से भीतरी कक्ष में जाने का रास्ता कुछ तंग और कम ऊंचाई वाला है जहां से झुक कर गुजरना पड़ता है। आगे चलकर यह रास्ता दो हिस्सों में बंट जाता है, जिसमें से एक के विषय में ऐसा विश्वास है कि यह कश्मीर जाता है। यह रास्ता अब बंद कर दिया गया है। दूसरा मार्ग गुफा की ओर जाता है, जहां स्वयंभू शिव की मूर्ति है। गुफा की छत पर सर्पाकृति चित्रकला है, जहां से दूध युक्त जल शिवलिंग पर टपकता रहता है। यह स्थान रियासी-राजोरी सड़कमार्ग पर है, जो पौनी गांव से दस मील की दूरी पर स्थित है। शिवालिक पर्वत शृंखलाओं में अनेक गुफाएं हैं। ये गुफाएं प्राकृतिक हैं। कई गुफाओं के भीतर अनेक देवी-देवताओं के नाम की प्रतिमाएं अथवा पिंडियां हैं। उनमें कई प्रतिमाएं अथवा पिंडियां प्राकृतिक भी हैं। देव पिंडियों से संबंधित होने के कारण ये गुफाएं भी पवित्र मानी जाती हैं। डुग्गर प्रांत की पवित्र गुफाओं में शिव खोड़ी का नाम अत्यंत प्रसिद्ध है। यह गुफा तहसील रियासी के अंतर्गत पौनी भारख क्षेत्र के रणसू स्थान के नजदीक स्थित है। जम्मू से रणसू नामक स्थान लगभग एक सौ किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए जम्मू से बस मिल जाती है। यहां के लोग कटरा, रियासी, अखनूर, कालाकोट से भी बस द्वारा रणसू पहुंचते रहते हैं। रणसू से शिव खोड़ी छह किलोमीटर दूरी पर है। यह एक छोटा-सा पर्वतीय आंचलिक गांव है। इस गांव की आबादी तीन सौ के करीब है। यहां कई जलकुंड भी हैं। यात्री जलकुंडों में स्नान के बाद देव स्थान की ओर आगे बढ़ते हैं। देव स्थान तक सड़क बनाने की परियोजना चल रही है। रणसू से दो किलोमीटर सड़क मार्ग तैयार है। यात्री सड़क को छोड़ कर आगे पर्वतीय पगडंडी की ओर बढ़ते हैं। पर्वतीय यात्रा तो बड़ी ही हृदयाकर्षक होती है। यहां का मार्ग समृद्ध प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर है। सहजगति से बहते जलस्त्रोत, छायादार वृक्ष, बहुरंगी पक्षी समूह पर्यटक यात्रियों का मन बरबस अपनी ओर खींच लेते हैं। चार किलोमीटर टेढ़ी-मेढ़ी पर्वतीय पगडंडी पर चलते हुए यात्री गुफा के बाहरी भाग में पहुंचते हैं। गुफा का बाह्‌य भाग बड़ा ही विस्तृत है। इस भाग में हजारों यात्री एक साथ खड़े हो सकते हैं। बाह्‌य भाग के बाद गुफा का भीतरी भाग आरंभ होता है। यह बड़ा ही संकीर्ण है। यात्री सरक-सरक कर आगे बढ़ते जाते हैं। कई स्थानों पर घुटनों के बल भी चलना पड़ता है। गुफा के भीतर भी गुफाएं हैं, इसलिए पथ प्रदर्शक के बिना गुफा के भीतर प्रवेश करना उचित नहीं है। गुफा के भीतर दिन के समय भी अंधकार रहता है। अत: यात्री अपने साथ टॉर्च या मोमबत्ती जलाकर ले जाते हैं। गुफा के भीतर एक स्थान पर सीढ़ियां भी चढ़नी पड़ती हैं, तदुपरांत थोड़ी सी चढ़ाई के बाद शिवलिंग के दर्शन होते हैं। शिवलिंग गुफा की प्राचीर के साथ ही बना है। यह प्राकृतिक लिंग है। इसकी ऊंचाई लगभग एक मीटर है। शिवलिंग के आसपास गुफा की छत से पानी टपकता रहता है। यह पानी दुधिया रंग का है। उस दुधिया पानी के जम जाने से गुफा के भीतर तथा बाहर सर्पाकार कई छोटी-मोटी रेखाएं बनी हुई हैं, जो बड़ी ही विलक्षण किंतु बेहद आकर्षक लगती हैं। गुफा की छत पर एक स्थान पर गाय के स्तन जैसे बने हैं, जिनसे दुधिया पानी टपक कर शिवलिंग पर गिरता है। शिवलिंग के आगे एक और भी गुफा है। यह गुफा बड़ी लंबी है। इसके मार्ग में कई अवरोधक हैं। लोक श्रुति है कि यह गुफा अमरनाथ स्वामी तक जाती है। 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️

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Mendeep Sharma Dec 1, 2021

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