jonny Reddy
jonny Reddy Dec 3, 2021

Amazing friends

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर
Sarita Choudhary Jan 25, 2022

+16 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 5 शेयर
ramesh kumar Jan 25, 2022

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 3 शेयर
Babbu Bhai Jan 25, 2022

+8 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Anita Jangra Jan 25, 2022

+19 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 5 शेयर
Rama Devi Sahu Jan 25, 2022

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर

शिवजी का पंचमुख पूजन निराकार ब्रह्म शिवजी के प्रथम साकार पंचतत्व के पंच देवता सूर्य , गणपति , नारायण , महाशकित ओर रुद्र की पूजा शिवलिंग पर की जाती है। उच्च उपासना के साधक बड़े विद्वान ऋषिमुनियो ओर शंकराचार्य परम्परा के साधक सालमे आनेवाले महाशिवरात्र ओर श्रावण मास के अवसर पर तंत्र बीज मुद्रा सह पूजन करते है । आम लोगो केलिए यही पूजा वैदिक पूजा पद्धति से यहा प्रस्तुत कर रहे । इस दिव्य पूजन से शिवजी की प्रसन्नता प्राप्त होती है । पूजा विधान :- देहशुद्धि , प्राणायाम , आचमन , संकल्प 1 गुरु और गणपति का ध्यान और पूजा 2 शिवपूजा , आह्वाहन , अभिषेक :- जल , गाय का दुग्ध , दही , घी , मधु , शर्करा ओर संभव हो तो गंगाजल सह अभिषेक ओर षोडशोपचार पूजा 3 प्रथममुख पूजा शिवलिग की पूर्व दिशा ( ॐ तत्पुरुषाय नमः ) रुद्र के सूर्य स्वरूप की पूजा केशर चनद का तिलक बिलपत्र 11 रक्त कुसुम ( लाल कलर का पुष्प ) घी गुड़ मिश्रित रोटी ( पूरण पोली ) घी का दिया दशांग धूप आरती ॐ तत्पुरुषाय विद्महे । महादेवाय धीमहि । तन्नो रुद्र प्रचोदयात ।। ( ये 10 गायत्री पाठ ) 4 द्वितीयमुख ( पश्चिम दिशा ) ॐ सद्योजाताय नमः रुद्र के महागणपति ( ब्रह्मा ) स्वरूप की पूजा रक्त चंदन का तिलक ( चन्दनमे अष्टगंध भी मिला सकते ) 11 बिल्व पत्र जासूद का पुष्प ( किसी भी लाल कलर का पुष्प ) गूगल का धूप घी का दिया चूरमा लड्डू प्रसाद आरती ॐ सद्योजाताय विद्महे । महादेवाय धीमहि । तन्नो रुद्र प्रचोदयात ।। ( 10 गायत्री पाठ ) 5 तृतीय मुख पूजा ( शिवलिंग की उत्तर दिशा ) ॐ वामदेवाय नमः रुद्र के नारायण स्वरूप की पूजा हल्दी चंदन का तिलक 11 बिल्व पत्र कनेर या अन्य पिले कलर के पुष्प सुखड का धूप घी का दिया बेसन का पाक प्रसाद आरती ॐ वामदेवाय विदमहे । महादेवाय धीमहि । तन्नो रुद्र प्रचोदयात ।। ( 10 गायत्री ) 6 चतुर्थ मुख ( दक्षिण दिशा ) ॐ अघोरेश्वराय नमः रुद्र का अघोर स्वरूप जिनके हाथों की हथेली पर भगवती बिराजमान है कि पूजा भस्म का तिलक 11 बिल्व पत्र धतूरा का पष्प ( कोई भी सफेद या निल पुष्प भी ले सकते ) घी का दिया अगर का धूप ( दशांग धूप भी कर सकते ) सुखड़ी प्रसाद आरती ॐ अघोरेश्वराय विद्महे । महादेवाय धीमहि । तन्नो रुद्र प्रचोदयात ।। ( 10 गायत्री ) 7 पंचम मुख ( शिवलिंग के ऊपर का मुख ) ॐ ईशानाय नमः रुद्र के महादेब स्वरूप का पूजन श्वेत चंदन या स्वेत भस्म का तिलक 11 बिल्व पत्र सफेद पुष्प घी का दिया अष्टगंध धूप ( नवरत्न मिश्र धूप भी मिलता है ) गाय के दुग्ध चावल की क्षीर प्रसाद आरती ॐ ईशानाय विद्महे । महादेवाय धीमहि । तन्नो रुद्र प्रचोदयात ।। ( 10 गायत्री ) आरती करें क्षमापना ॐ ह्रीं नमः शिवाय ( एक माला जाप ) दंडवत प्रणाम

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 1 शेयर

+5 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Rama Devi Sahu Jan 25, 2022

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
DK PANCHAL Jan 25, 2022

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Sharmila singh Jan 25, 2022

+2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB