Archana Singh
Archana Singh Dec 5, 2021

Jai Shree radhe Krishna subh ratri vandan ji 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼

Jai Shree radhe Krishna subh ratri vandan ji 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼🌹🌼

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कामेंट्स

रोशन शर्मा Dec 5, 2021
जय श्री राधे कृष्णा मेरी प्यारी दीदी शुभ रात्रि वंदन🙏🌹

Ragni Dhiwer Dec 5, 2021
🥀शुभ रात्रि स्नेह वंदन जी प्यारी बहन 🙏 आपका हर पल सुंदर एवं मंगलमय हो 🥀 राधे राधे 🥀🙏🥀

Sudha Mishra Dec 5, 2021
Jai Shri Radhey Krishna ji 🙏🌹 Shubh ratri vandan Meri pyari Bahna ji 🌹 Kanha ji ki kripa sda aap par aapke pariwar pr bani rahe 🌹 Aapka hr pl Shubh v mangalmay ho pyari Bahna ji 🙏🙏🌹

Som Dutt Sharma Dec 5, 2021
Sri Radhey 🙏 Radhey g very very sweet good night ji sweet dreams and take care ji thanks 🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

🌷Amar gaur🌷 Dec 5, 2021
🙏🏻🌹 श्री सुर्य नारायण भगवान कि जय 🌹🙏🙏🏻🌹sweet good night ji 🌷 🌹 जय श्री राम जी जय बजरंग बली जी🙏🌹 🙏🌹 🙏🌷जय श्री महाकाल जी जय श्री कृष्णा श्री राधे राधे जी भगवान भोले नाथ की कृपा आप ओर आप के परिवार पर सदा बनी रहे जी 🌷🌷आप सदा ही मुस्कुराते रहो जी ..🌷💐🌹आप का हर पल शुभ मंगलमय हो जी 🌷🌹💐🙏🙏आप सदा खुश रहो जी ...🌹🌹🌹🌹🌹🌹💐💐🌷🌷

santoshi thakur Dec 5, 2021
Radhe Radhe krishna sister 🙏 good night sweet dreams sister 🙏 aapka aane wala kal mangalmay ho God bless you and your family always be happy 🙏🌹

Archana Singh Dec 5, 2021
@apoorvashet 🙏🌹जय श्री राधे श्याम 🌹🙏शुभ रात्रि वंदन मेरी प्यारी बहना जी🙏🌹 आपकी रात्रि शुभ,सुंदर व सुखद हो कान्हा जी की कृपा आपके परिवार पर सदैव बनी रहे🙏🌹🌹🙏

Archana Singh Dec 5, 2021
@santoshi 🙏🌹जय श्री राधे श्याम 🌹🙏शुभ रात्रि वंदन मेरी प्यारी बहना जी🙏🌹 आपकी रात्रि शुभ,सुंदर व सुखद हो कान्हा जी की कृपा आपके परिवार पर सदैव बनी रहे🙏🌹🌹🙏

Archana Singh Dec 5, 2021
@सुधामिश्रा 🙏🌹जय श्री राधे श्याम 🌹🙏शुभ रात्रि वंदन मेरी प्यारी बहना जी🙏🌹 आपकी रात्रि शुभ,सुंदर व सुखद हो कान्हा जी की कृपा आपके परिवार पर सदैव बनी रहे🙏🌹🌹🙏

Archana Singh Dec 5, 2021
@ragni 🙏🌹जय श्री राधे श्याम 🌹🙏शुभ रात्रि वंदन मेरी प्यारी बहना जी🙏🌹 आपकी रात्रि शुभ,सुंदर व सुखद हो कान्हा जी की कृपा आपके परिवार पर सदैव बनी रहे🙏🌹🌹🙏

Ranveer Soni Dec 5, 2021
🌹🌹जय श्री कृष्णा🌹🌹

Saumya sharma Dec 5, 2021
ॐ घृणिः सूर्याय नमः🙏शुभ रात्रि विश्राम प्यारी बहना जी ☺🙏सूरज हर शाम को ढल ही जाता है, पतझड़ वसंत में बदल ही जाता है, मेरे मन मुसीबत में हिम्मत मत हारना, समय कैसा भी हो बदल ही जाता है 🌹आपका आने वाला कल आपके आज से बेहतर हो🙏 खुश रहें, हँसते मुस्कुराते रहें 😊

Ravi Kumar Taneja Dec 5, 2021
ऊँ नमो नमः शिवाय 🕉🔱🙏🌿🙏🔱🕉

H.R.Garg Dec 6, 2021
🙏🌹Jai shree Radhe Krishna ji 🌹🙏

Kamala Sevakoti Dec 6, 2021
jai shree Radhey Krishna Good night ji 🙏🌷🙏🌷🙏🌷🙏🌷

k s Dec 6, 2021
⛳🙏🕉️🙏🥀🌹ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमो नमः राम-रामजी प्यारी बहना जी राम राम शुभ रात्रि वंदन जी जय श्री श्याम जी की राधे राधे जी 🙏🌹🕉️🌹💐⛳⛳⛳

Archana Singh Jan 21, 2022

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Neha Sharma Jan 21, 2022

🙇*जय श्री राधेकृष्णा*🙏*शुभ रात्रि नमन*🙇 li.▭▬▭▬▭▬--।।ॐ।।▭▬▭▬▭▬▭.li *🌺🤗 सखियों के श्याम 🤗🌺 □ कौन बुझावे इन प्रानन की प्यास....□* ~~~~~□-pøšț-० ४ -□~~~~~ li.▭▬▭▬▭▬--।।ॐ।।▭▬▭▬▭▬▭.li *🙏🌹Զเधे* *Զเधे*... *Զเधे* *Զเधे*🌹🙏 . *.....🌹 जय श्री राधेकृष्णा 🌹.....* 👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣 कौन बुझावे इन प्राननकी प्यास 'सखियों! मुझे जल पिला दो ! तृषासे कंठ सूखा जा रहा है।' चार-पाँच सखियाँ घाटपर जल भरने आयी थीं, घड़े धोकर रख दिये और सब मिलकर बातें करने लगीं। बातें भी क्या! व्रजमें कृष्ण-चर्चाके अतिरिक्त और चर्चा ही क्या होगी? तभी श्यामसुन्दरने आकर जल पिलानेका अनुरोध किया। सुनकर-देखकर सबके प्राण हरे हो गये। 'यमुनामें अथाह जल है कान्ह जू! पीलो न।'-एक सखी बोली। 'जल तो है सखी! किंतु मेरे पास पात्र जो नहीं! हाथसे लेकर जल पीऊँगा तो सारा जल झूठा हो जायेगा, इसीसे तुम्हारा निहोरा करता हूँ। अपने घड़ेसे जल पिला दोगी तो यश मानूँगा।' 'यशसे क्या बननेवाला है श्यामसुंदर! कामके बदले काम कर दो, तो कोई बात बने !' 'अच्छा सखी! बता कौन-सा कार्य कर दूँ तुम्हारा ? मेरा मुख प्याससे सूख रहा है।' 'तुम हमारे घड़े उठवा दो और जब तक हम घर न जाय, तब तक तुम यहीं हमारे पास रहो।' 'यह क्या कहती हो! मैं तुम्हारे समीप बैठा रहूँगा तो मेरी गायें कौन फेरेगा? वे इधर-उधर भाग गयीं तो साँझको मैया मारेगी मुझे।' 'तो फिर तुम जल अपने आप पी लो। हम जाकर तुम्हारी मैयासे कह देंगी कि कन्हैयाने जमना झूठी कर दी है। अब वह जल नारायणकी सेवापूजाके योग्य नहीं रहा।' 'अच्छी बात है सखियों! जो तुम कहोगी वही करूँगा; लाओ जल पिलाओ।' 'नंदा! तेरा घड़ा छोटा है, इससे अच्छी धार बँधेगी।'-सुमतिने नंदासे घड़ा लेकर श्यामकी अंजलीमें जल ढालना आरम्भ किया और अन्य सखियाँ अपनी छूटी हुई चर्चाका सुत्र पुनः थामने लगीं। 'क्या कह रही थी वसुधा! तू?'– इन्दूलेखा जीजीने पूछा। । 'कल मेरे बाबाके पास कोई साधु-महात्मा आये थे। वे बाबासे कहने लगे–यहाँ नंदग्राममें परात्पर-ब्रह्मने अवतार लिया है, मैं दर्शनके लिये आया हूँ। वे किसके घरमें अवतीर्ण हुए हैं, कृपा करके मुझे दर्शन करा दो।'वसुधाकी बात सुन सखियाँ मुस्कराने लगीं। 'अच्छा ! फिर तेरे बाबाने क्या उत्तर दिया?' - .... बाबा बेचारे समझे ही नहीं। बोले- क्या कहते हैं महाराज; कैसा परात्पर-ब्रह्म ! हम तो नहीं जानते वह कौन है कैसा है?' साधु घिघियाके बोले-'अरे भैया! भगवान् नारायणने अवतार लिया है। मुझे भुलाओ मत, दर्शन करा दो।' बाबा तो बेचारे अचकचाकर अपने चारों ओर देखने लगे और हाथ जोड़ कर बोले-'नहीं महाराज! हमको नहीं मालूम । यदि नारायणदेव पधारे होते, तो हम सब उनकी पूजा करनेको दौड़ पड़ते !' 'साक्षात नहीं भैया! बालक रूप धारण किया है उन्होंने।'-साधु बोले। 'अब बालक तो महाराज! व्रजकी गली-गलीमें दौड़ते फिरें, न जाने कौनसे नारायणदेव हैं। उनका कुछ अता-पता और चिन्ह बतायें तो कहूँ।' 'सुन भैया! नीलकमल-सा साँवला रंग है, कमलसे कोमल और विशाल नेत्र हैं, धुंघराले केश हैं, छातीमें श्रीवत्सको चिन्ह है, बड़ी मनमोहिनी छवि है देखनेसे तृप्ति न हो ऐसा मनमोहन रूप होगा।' 'ऐसा तो हमारा कन्हैया है महाराज!' बाबा बोले-'पर वह तो महाऊधमी है; नंदरायके बुढ़ापेका पूत है। पर मनुष्यकी कौन कहे, पशु-पक्षी भी उसे घेरे रहते हैं।' 'बस-बस भैया! मैं उनके ही दर्शन चाहता हूँ ! कहाँ होंगे इस समय वे आनंद-घन?' 'जमुना किनारे चले जाओ महाराज; वहीं कहीं गायें चराता होगा!' 'अच्छा वसुधा ! क्या नाम बताया साधु बाबाने?' 'इनसे ही पूछ लो न!'-सुमतिने जल पिलाते हुए कहा। एकाएक श्यामसुंदरको हँसी आ गयी, मुखमें भरा सारा जल फुहारके 4 'परात्पर-ब्रह्म।' 'यह क्या होता है सखी?'-एकने पूछा। मन धावत मग छोर रूपमें घड़ेके भीतर और समीप खड़ी सखियोंपर पड़ा। नंदा खीजकर बोली-'यह क्या किया तुमने? मैयाने नारायणकी पूजाके लिये जल मँगाया था, तुमने घड़ा जूठाकर दिया। मैया मारेगी मुझे !' कन्हाई खड़े हो गये–'मैं क्या करूँ सखी! तुम्हारे परात्पर-पुरुषकी व्याख्या पची नहीं, सो उछलकर बाहर आ गयी।' सब खिलखिलाकर हँस पड़ी। 'लो सखियों! तुम्हारे घड़े उठवा दूँ। मेरी गैया भाग गयी होंगी तो सब सखा पंचायती मार लगायेंगे और नंदा घड़ा झूठा करनेके अपराधमें साँझको मैयासे पिटवायेगी, सो अलग। मुँह क्या देख रही है मेरा! घर जाकर दूसरा घड़ा भरकर ले जा! नारायण बेचारे झूठे घड़ेके पानीसे नहाकर खिसिया जायेंगे।' 'श्याम ! तुमने तो हम सबको जूठा कर दिया। देखो न, तुम्हारे छोटेसे मुखसे कितना सारा पानी निकला कि हम सबकी सब भीग गयीं।' किंतु उनकी बात सुननेसे पूर्व ही श्यामसुंदर वंशीवटकी ओर भाग छूटे पटकेके छोर और घुघराली अलकें वायुके वेगसे लहरा रही हैं। बंसी फेंटमें खोस ली है और दाहिने हाथमें लकुट लिये दौड़े जा रहे हैं। सखियां खड़ी अपलक निहार रही हैं।- 👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣 🍁💦🙏Զเधे👣Զเधे🙏🏻💦🍁 जो लोग ठाकुर जी से प्रेम करते हैं.....🌸🌺 प्रेम से लिखें श्री राधे राधे..🍂🌺🍂 *जय-जय श्री राधेकृष्णा 🌺🙇

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rαnjít chαvdα Jan 21, 2022

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gajrajg Jan 21, 2022

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Runa Sinha Jan 19, 2022

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Archana Singh Jan 19, 2022

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rαnjít chαvdα Jan 19, 2022

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. " प्रार्थना " "प्रार्थना ईश्वर के प्रति अंतर आत्मा से निकली हुई पुकार है, इस पुकार में बनावटीपन नहीं होता है।हृदय की गहराई से निकली हुई पुकार कभी भी निष्फल नहीं होती क्योकि इसमें गहन आस्था और प्रबल विश्वास होता है, और इसका परिणाम हमेशा सकारात्मक होता है।" "हमारे प्राचीन ग्रंथो में भक्तो के द्वारा की गयी अंतरात्मा की पुकार और ईश्वर द्वारा उस पुकार के प्रत्युतर के कई उदाहरण है।" "जब ये पुकार द्रोपदी, मीरा, प्रहलाद, आदि के श्रद्धा, आस्था व विश्वास से भरे हृदय से निकली तो भगवान ने उनकी सहायता की।" "जब व्यक्ति मन और वाणी को एक करके विश्वास के साथ किसी सकारात्मक मनोकामना के लिए प्रार्थना करता है तो ईश्वर उस पवित्र ह्रदय से निकली हुई प्रार्थना को स्वीकार करता है।प्रार्थना के माध्यम से व्यक्ति पर ईश्वरीय प्रेम और कृपा की वृष्टि होती है, यह कृपा वृष्टि व्यक्ति को कष्टों से छुटकारा दिलाती है और सही मार्गदर्शन प्रदान करती है।" "प्रार्थना व्यक्ति के मन को नियंत्रित करती है, उसके चित्त की शुद्धि करती है, चेतना परिष्कृत और विकसित होती है।प्रार्थना देवत्व की अनुभूति का श्रेष्ठ माध्यम है।" "सच्ची श्रद्धा तथा विश्वास से युक्त प्रार्थना करने से ह्रदय में शान्ति की धारा प्रवाहित होती है तथा आत्मा में आनंद की वृष्टि होती है।व्यक्ति की शुभ और कल्याणकारी कामना अवश्य पूर्ण होती है।" "अंतःकरण को मलीन बनाने वाली कुत्सित भावनाओ तथा स्वार्थ एवं संकीर्णताओं से छुटकारा मिलता है।शरीर स्वस्थ तथा परिपुष्ट, मन सूक्ष्म तथा उन्नत और आत्मा पवित्र तथा निर्मल हो जाती है।दुःख के स्थान पर सुख का आनंद प्राप्त होता है।" "प्रार्थना व्यक्ति में यह भाव उत्पन्न करती है कि वह समस्या का सामना करने के लिए अकेला नहीं है बल्कि उसके साथ दिव्य शक्ति भी है।भिन्न-भिन्न धर्म के अनुयायी भिन्न-भिन्न तरीकों से प्रार्थना करते हैं परन्तु सभी धर्मो में प्रार्थना का एक ही लक्ष्य है ईश्वर से निकटता, उसका सानिध्य, उसकी कृपा दृष्टि और उसका मार्गदर्शन प्राप्त करना।" "प्रार्थना करने के लिए किसी निश्चित औपचारिकता की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना के लिए कुछ समय तक शांत होकर बैठे, अपने मन को ईश्वरीय सत्ता पर केन्द्रित कीजिये।ईश्वर से सरल और स्वाभाविक तरीके से बात करिए क्योंकि उससे बात करने के लिए औपचारिक शब्दों की आवश्यकता नहीं है।" "प्रार्थना करते समय आश्वस्त होइए कि ईश्वर आपके साथ है और वह आपकी सहायता कर रहा है।वह आपकी ओर दिव्य शक्ति प्रवाहित कर रहा है, शुभाशीष दे रहा है तथा आपकी कल्याणकारी प्रार्थना को स्वीकार कर रहा है।प्रार्थना से दिन की शुरुआत करने से व्यक्ति के मन में उत्साह, उल्लास व आत्मविश्वास भर जाता है..!! ~~~०~~~ "जय जय श्री राधे" " कुमार रौनक कश्यप " *************************************************

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