Rani
Rani Oct 27, 2021

🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺 🌺🌿🙏om gang ganpatye nmo namah 🙏🌿🌺 🌺🌿🌺🌿🙏suprbhat vandan ji🙏🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺🌿🌺

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कामेंट्स

Rani Oct 27, 2021
@घनश्यामबंसल om shree ganeshay namah 🙏🌹 subh sandhya vandan bhai ji🌹🌿shree vighnaharta ganesh ji ki kripa sadaiv aap ke pure pariwar pr bni rhe 🌹🌿aap ka har pal subh magalmay ho 🌺🌿aap hamesa khush rhe swasth rhe 🌺🌿🙏

Rani Oct 27, 2021
@subhashthakur1 om shree ganeshay namah 🙏🌹 subh sandhya vandan bhai ji🌹🌿shree vighnaharta ganesh ji ki kripa sadaiv aap ke pure pariwar pr bni rhe 🌹🌿aap ka har pal subh magalmay ho 🌺🌿aap hamesa khush rhe swasth rhe 🌺🌿🙏

Rani Oct 27, 2021
@apoorvashet om shree ganeshay namah 🙏🌹 subh sandhya vandan bahana ji🌹🌿shree vighnaharta ganesh ji ki kripa sadaiv aap ke pure pariwar pr bni rhe 🌹🌿aap ka har pal subh magalmay ho 🌺🌿aap hamesa khush rhe swasth rhe 🌺🌿🙏

Rani Oct 27, 2021
@santoshyadav43 om shree ganeshay namah 🙏🌹 subh sandhya vandan bhai ji🌹🌿shree vighnaharta ganesh ji ki kripa sadaiv aap ke pure pariwar pr bni rhe 🌹🌿aap ka har pal subh magalmay ho 🌺🌿aap hamesa khush rhe swasth rhe 🌺🌿🙏

Ramesh Soni Oct 27, 2021
Jay Shri Ram Jay Shri Ram 🚩🌹Jay Bajrangbali ki Jay 🌹Har Har Mahadev Om Namah Shivay🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🙏🙏🌹🌹

Rani Oct 27, 2021
@rameshsoni33 om shree ganeshay namah 🙏🌹 subh sandhya vandan bhai ji🌹🌿shree vighnaharta ganesh ji ki kripa sadaiv aap ke pure pariwar pr bni rhe 🌹🌿aap ka har pal subh magalmay ho 🌺🌿aap hamesa khush rhe swasth rhe 🌺🌿🙏

Anup Kumar Sinha Oct 27, 2021
जय श्री गणेश 🙏🏻🙏🏻 शुभ संध्या वंंदन, बहना । गौरीनंदन भगवान गणेश की कृपा से आपके सभी कार्य निर्विघ्न सम्पन्न हों ।आपका हर दिन, हर पल शुभ हो 🙏🏻🍁

🔹🌼🇮🇳हरि प्रिय पाठक🇮🇳🌼🔹 Oct 27, 2021
❇️🍁।।श्री गणेशाय नमः🍁❇️ 💮शुभ संध्या वंदन💮 🥀🏵️स्प्रेम राम राम जी🏵️🥀 :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: 🌿भारतभूमि कई सिद्ध आत्माओं की जन्मभूमि रही है. इसे ऋषि मुनियों की कर्म भूमि होने का सौभाग्य प्राप्त रहा है. ऐसे ही एक महान संत हुए बाबा नीब करौरी महाराज जी, जिनकी दिव्यता के मुरीद भारतभूमि से लेकर पूरे विश्व के जनमानस रहे. एप्पल कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स और फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग, बाबा नीब करौरी महाराज को अपनी आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बताते हुए आए हैं. नीब करौरी महाराज जी को उनके भक्त महाराज जी के नाम से संबोधित करते हैं. महाराज जी का जन्म सन 1900 में अकबरपुर गांव, फ़िरोज़ाबाद ज़िला, उत्तरप्रदेश के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था. उनके पिताजी का नाम दुर्गा प्रसाद शर्मा था.परिवार वालों ने महाराज जी का नाम लक्ष्मण दास शर्मा रखा था. ग्यारह वर्ष की आयु में बालक लक्ष्मण दास का विवाह करा दिया गया. लेकिन उनका मन गृहस्थ जीवन में नहीं लगा और उन्होंने गृह त्याग दिया. कुछ वक़्त साधु की तरह भटकने के बाद, पिता दुर्गा प्रसाद शर्मा की विनती पर लक्ष्मण दास घर लौट आए और सांसारिक जीवन जीने लगे. मगर नियति में आध्यात्मिक संसार और जीवन लिखा था. सन 1958 में महाराज जी ने सांसारिक जीवन त्याग दिया.उन्होंने पूरे उत्तर भारत की यात्रा की। यहां एक रोचक प्रसंग मिलता है. जब महाराज जी अपने गांव से उत्तर भारत की यात्रा पर निकले तो टिकट कलेक्टर ने उन्हें फर्रुखाबाद जनपद के गांव नीब करौरी के निकट ट्रेन से उतार दिया. महाराज जी के पास ट्रेन का टिकट नहीं था। महाराज जी उतर गए. मगर फिर ट्रेन नहीं चल सकी. यात्रियों ने टीसी से कहा कि यह एक महान संत हैं और इनकी आज्ञा के बिना अब यह ट्रेन नहीं चलने वाली. टीसी ने तब महाराज जी से क्षमा याचना की और ट्रेन को चलने की आज्ञा देने की विनती की. इस पर महाराज जी ने दो शर्त रखी. पहली यह कि नीब करौरी को एक रेलवे स्टेशन घोषित किया जाए.और आगे से साधु महात्माओं से अच्छी तरह से पेश आया जाए. रेलवे अधिकारियों ने दोनों शर्त मान ली और फिर ट्रेन चल पड़ी. अपनी यात्राओं के दौरान महाराज जी अलग अलग स्थानों पर रुकते. उनके अलग अलग नाम रखे गए. भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार उनको पुकारता.महाराज जी प्रभु श्री राम और हनुमान जी की भक्ति करते थे. अपने भक्तो को हनुमान चालीसा पढ़ने की सलाह देते थे.गुजरात में तपस्या करने के बाद महाराज जी ने अपने दो आश्रम स्थापित किए. फर्रुखाबाद और कैंची में.यह दोनों आश्रम विदेशियों के आकर्षण का केंद्र बने.हिप्पी आंदोलन के दौरान जो विदेशी भारत भूमि अाए, वह महाराज जी के संपर्क में आने पर उनके अनन्य भक्त बन गए.राम दास, कृष्ण दास उनके विदेशी भक्तो के नाम थे, जिनका नामकरण महाराज जी ने स्वयं किया. महाराज जी ने सन 1964 में कैंची, उत्तराखंड में अपने आध्यात्मिक धाम की स्थापना की. अपने जीवन के अंतिम दस वर्ष महाराज जी कैंची धाम में रहे.कैंची धाम विश्व विख्यात स्थल है. यहां हर वर्ष 15 जून को विशाल भंडारा होता है, जहां एक दिन में तक़रीबन एक साल से अधिक लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं. महाराज जी की कुछ बहुत साफ़, सीधी, सटीक बातें थीं. सभी से प्रेम करो, ईश्वर का स्मरण करो, भूखों को भोजन कराओ, सभी के साथ सेवा भाव रखो. 11 सितंबर 1973 को वृंदावन के एक अस्पताल में महाराज जी ने अपने भौतिक शरीर का त्याग कर दिया. वृंदावन में ही उनका समाधि स्थल है. आज महाराज जी के करोड़ों भक्त पूरी दुनिया में सेवा और प्रेम का संदेश दे रहे हैं. यही सच्ची प्रार्थना है. 🕉️🌱जय बाबा निम करौरी🌱🕉️ 🌺बाबा जी का आशीर्वाद आप एवं आप के परिवार पर सदा बनी रहे जी🌺 🌼‼️🙏‼️🌼

Krishna🌹🌹 Oct 27, 2021
ॐ गं गणपतय नमः 🌹🌹🙏🙏 जय श्री राधे राधे जी 🌹🌹प्रभु आपको सदा खुश रखें जी🌷🌷🙏🙏

H.R.Garg Oct 27, 2021
🙏🌹om ganeshay namh shubh ratri vandan ji 🌹🙏

Saumya sharma Oct 27, 2021
जय श्री राम प्यारी बहना जी 🙏शुभ संध्या वंदन 🙏🌹🙏

Anil Oct 27, 2021
good night 🌺🙏🙏🙏🌺

shyam gupat Oct 27, 2021
🙏🙏 शुभ रात्रि जी 🔥🙏🙏

Babulal Oct 27, 2021
jay shree ganesh ji ki kripa aap par bani rahe ji shubh ratri vandan ji

Brajesh Sharma Oct 27, 2021
जय विघ्नहर्ता श्री गणेश जी ॐ नमःशिवाय जय श्री राम जी.. जय जय सियाराम

MADAN LAL Oct 27, 2021
🙏🌹 Jai Shree Ganesh Namah..🙏🌹

Mohan Shukla Oct 28, 2021
ओम गन गन गन गणपतए नमः

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my mandir Dec 5, 2021

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