
Rama Devi Sahu
2 days ago
माखन चुराने वाला ब्रज का कन्हैया, पुरी में दारुब्रह्म जगन्नाथ बनके आया। रूप अलग है पर भाव एक है, दोनों से ही मेरा हर पल महकता है। 🌸✨ द्वारकाधीश की लीला और नीलांचल के नाथ की करुणा में कोई भेद नहीं। दोनों ही रूप एक ही परम चेतना के हैं। जय जगन्नाथ! जय श्री कृष्णा! 🙏🌹

Comments (3)

सविता
Aug 23, 2026
RADHE RADHE 🙏🌹

Dilip
Aug 23, 2026
जय श्री राधे कृष्णा जी 🌺🙏

Dilip
Aug 23, 2026
जय श्री राधे कृष्णा जी 🌺🙏