Nupur Bala Sharma
Nupur Bala Sharma Sep 19, 2021

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कामेंट्स

R.K.SONI (Ganesh Mandir Sep 19, 2021
ॐ नमो नारायणा जी🙏अनन्त चुर्तदशीं व गणेश विसर्जन की आपको हार्दिक शुभकामनाए👌💐💐🙏

🌷JK🌷 Sep 19, 2021
🌷Jai Sri Ganesh🌷 Good morning ji🙏

Sharmila singh Sep 19, 2021
ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः अनंत चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनाएं शुभ रविवार

R.K.SONI (Ganesh Mandir Sep 19, 2021
ॐ नमो नारायणा जी🙏अनन्त चुर्तदशीं व गणेश विसर्जन की आपको हार्दिक शुभकामनाए👌💐💐🙏

Kashmir Singh Chauhan Oct 22, 2021
प्रिय दोसत नूपूरबाला जी आप ने महिलाओं को रसोई-घर में तवा को उपयोग करने सांभ-संभाल कर कैसे रख़ना चाहिऐ सभी बातें बहुत अछे ढंग से बताई हैं, इस का दुरउपयोग करने पर होने वाले नुकसान के बारे में भी बहुत अछे ढंग से इसVedioमें समझाया है, इस सबंध में इतनी उत्तम जानकारी देने के लिऐ धन्यवाद जी आप का हार्दिक- धनयावाद करता हूँ जी !

sanjay Awasthi Oct 26, 2021

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sanjay Awasthi Oct 26, 2021

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sanjay Awasthi Oct 26, 2021

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sanjay Awasthi Oct 25, 2021

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sanjay Awasthi Oct 25, 2021

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Gopal Jalan Oct 25, 2021

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sanjay Awasthi Oct 25, 2021

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Saroj Kumari singh Oct 25, 2021

*_भारतीय संस्कृति के संस्मरण सुमन_* *कस्तूरी कुण्डल बसे, मृग ढूँढे बन माँहि !!* एक बार भगवान दुविधा में पड़ गए। लोगों की बढ़ती साधना वृत्ति से वह प्रसन्न तो थे पर इससे उन्हें व्यावहारिक मुश्किलें आ रही थीं। कोई भी मनुष्य जब मुसीबत में पड़ता,तो भगवान के पास भागा-भागा आता और उन्हें अपनी परेशानियां बताता। उनसे कुछ न कुछ मांगने लगता। भगवान इससे दुखी हो गए थे। अंतत: उन्होंने इस समस्या के निराकरण के लिए देवताओं की बैठक बुलाई और बोले- देवताओं !! मैं मनुष्य की रचना करके कष्ट में पड़ गया हूं। कोई न कोई मनुष्य हर समय शिकायत ही करता रहता है, जिससे न तो मैं कहीं शांति पूर्वक रह सकता हूं,न ही तपस्या कर सकता हूं। आप लोग मुझे कृपया ऐसा स्थान बताएं जहां मनुष्य नाम का प्राणी कदापि न पहुंच सके। प्रभू के विचारों का आदर करते हुए देवताओं ने अपने-अपने विचार प्रकट किए। गणेश जी बोले- आप हिमालय पर्वत की चोटी पर चले जाएं। भगवान ने कहा- यह स्थान तो मनुष्य की पहुंच में है। उसे वहां पहुंचने में अधिक समय नहीं लगेगा। इंद्रदेव ने सलाह दी कि वह किसी महासागर में चले जाएं।" वरुण देव बोले आप अंतरिक्ष में चले जाइए। भगवान ने कहा- एक दिन मनुष्य वहां भी अवश्य पहुंच जाएगा। भगवान निराश होने लगे थे। वह मन ही मन सोचने लगे- क्या मेरे लिए कोई भी ऐसा गुप्त स्थान नहीं है, जहां मैं शांतिपूर्वक रह सकूं ? अंत में सूर्य देव बोले- प्रभू !! आप ऐसा करें कि मनुष्य के हृदय में बैठ जाएं। मनुष्य अनेक स्थान पर आपको ढूंढने में सदा उलझा रहेगा। पर वह यहाँ आपको कदापि न तलाश करेगा। ईश्वर को सूर्य देव की बात पसंद आ गई। उन्होंने ऐसा ही किया। वह मनुष्य के हृदय में जाकर बैठ गए। उस दिन से मनुष्य अपना दुख व्यक्त करने के लिए ईश्वर को ऊपर, नीचे, दाएं,बाएं,आकाश, पाताल में ढूंढ रहा है पर वह मिल नहीं रहे। मनुष्य अपने भीतर बैठे हुए ईश्वर को नहीं देख पा रहा है। *_प्रस्तुति - गौरवशाली गुरुकुल* चलिये थोड़ा हवाईजहाज की सैर कर लें🙏🙏 .

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sanjay Awasthi Oct 25, 2021

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sanjay Awasthi Oct 24, 2021

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