🥀 Preeti Jain 🥀
🥀 Preeti Jain 🥀 Sep 23, 2022

🔰!! असली_शिक्षा !!🔰 🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰 एक बड़ी सी चमचमाती कार आकर बाजार में रूकी। कार में बैठी महिला ने मोबाईल पर बातें करते हुए ही अपनी बच्ची से कुछ तेज स्वर में कहा- "जा, उस बुढ़िया से पूछ सब्जी कैसे दी है?" कार से उतर कर सब्जी के ठेले पर पहुंच कर उस बच्ची ने एक सब्जी पर हाथ रखकर से प्रश्न किया- "अरे बुढ़िया, यह सब्जी किस भाव दी है?" सब्जी बेचने वाली उस बुढ़िया ने एक बार सामने खड़ी बच्ची के आकार-प्रकार और आचरण का निरीक्षण कर सहजता व संयम से कहा- "40 ₹ किलो, बेबी जी!" सब्जी लेकर उस बच्ची ने सौ ₹ का नोट उस सब्जी वाली बुढ़िया की ओर फेंक कर दिया और आकर कार पर बैठ गयी। कार चलने लगी तभी अचानक किसी ने कार के शीशे पर दस्तक दी। कार चला रही उस महिला ने देखा कि एक छोटी सी बच्ची अपने हाथ में 60 ₹ लिए कार का शीशा खोल देने का संकेत कर रही थी। महिला ने शीशा नीचे किया तो उस बच्ची ने औरत को कुछ ₹ देते हुए कहा- "आंटी जी, यह आपके सब्जी के बचे 60 ₹ हैं। आपकी बेटी इन्हें लेना भूल गई।" कार में बैठी वह औरत बच्ची के व्यवहार से काफी प्रभावित हुई। उसने मुस्कुराते हुए कहा- " इन्हें तुम रख लो!" उस बच्ची ने बड़ी ही मीठी वाणी में सभ्यता से कहा- "नहीं आंटी जी, हमारे जितने पैसे बनते थे हमने ले लिए हैं। हम इसे नहीं रख सकते। मैं आपकी आभारी हूं, आप हमारी दुकान पर आए और आशा करती हूं कि सब्जी आपको अच्छी लगेगी, जिससे आप हमारें ही दुकान पर हमेशा आएं।" कहकर उस लड़की ने हाथ जोड़े और अपनी दुकान लौट गयी। कार में बैठी महिला उस लड़की से बहुत प्रभावित हुई और कार से उतर कर फिर सब्जी की दुकान पर पहुंची तो उसने पाया कि सब्जी वाली अपनी बच्ची को पूछताछ कर रही थु कि तुमने तमीज से बात की ना, कोई शिकायत का मौका तो नहीं दिया ना मैडम को? बच्ची ने कहा- "हाँ माँ मुझे आपकी सिखाई हर बात याद है कि कभी किसी बड़े का अपमान मत करो; उनसे सभ्यता से बात करो; उनकी कद्र करो क्योंकि बड़े-बुजर्ग आदरणीय ही होते हैं। मुझे आपकी सारी बात याद है और मैं सदैव इन बातों का स्मरण रखती हूं मां।" कुछ पल ठहर कर बच्ची ने फिर कहा- "अच्छा माँ, अब मैं स्कूल चलती हूं। शाम में स्कूल से छुट्टी होते ही, दुकान पर आ जाऊंगी।"कहकर बच्ची चली गई। कार वाली महिला शर्म से पानी-पानी हो गई। वह सोचने लगी कि एक सब्जी वाली अपनी बेटी को इंसानियत और बड़ों से बात करने के शिष्टाचार का पाठ सिखा रही थी और वह महिला अपनी बेटी के मन में छोटा-बड़ा, ऊंच-नीच का बीज बो रही थी! वास्तविक शिक्षा वह नहीं होती जो हममें ज्ञान का प्रसार करती है अपितु वास्तविक शिक्षा वह होती है जो हमारे अंतश में सामाजिकता, संवेदना, सहृदयता और सहानुभूति का संचार करती है। हम सम्मान बोएंगे तो सम्मान ही पाएंगे, यही सृष्टि का नियम है। सबसे अच्छा वही कहलाता है जो आसमान पर भी रह कर भी ज़मीन से भी जुड़ा रहता है।अपने बच्चों को बस इंसानियत, भाईचारे, सभ्यता, आचरण, वाणी में मिठास, सब की इज्जत करने की सीख दीजिए क्योंकि अब यही पढ़ाई है जो आने वाले समय में बहुत ही बहुत ही मुश्किल से दिखाई देगी।ऐसी शिक्षा को हमें संरक्षित रखना है जिसमें मानवता और सहृदयता दोनों ही हों। #जय_श्री_राम #जय_श्री_सियाराम #जय_वीर_हनुमान

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कामेंट्स

B M Kumar Sep 23, 2022
Jai Shree Krishna Radhe Radhe GRKB Good Night G

राधे राधे Sep 23, 2022
जय श्री राधे कृष्णा जी हरिओम नमो भगवते वासुदेवाय नमो नमः जी शुभ मधुर रात्रि वंदन जी बहनजी आदिशक्ति मां दुर्गा जी मां भगवती जी की असीम कृपा आशीर्वाद आपके घर परिवार मे सदैव ही बना रहे जी आप के घर परिवार मे सदैव ही सुख सौभाग्य समृद्धि धन यश वैभव खुशियां बनी रहे जी बहनजी माता रानी जी के चरणों मे यही विनती यही प्रार्थना करते है जी आप सपरिवार सकुशल रहे आप सपरिवार स्वस्थ रहे खुश रहे हंसते मुस्कुराते रहे जी आप के घर परिवार मे हर पल आनंद मंगलबनारहेजी आप का घर आंगन खुशियों से भरा रहे जी बहनजी आप सभी को जी जय श्री राधे कृष्णा जी 🙏🏻🌹🙏

🥀 Preeti Jain 🥀 Sep 23, 2022
@kpgupta4 Jay Shri 🌹👌👌👌Krishna Radhe Radhe ji 🌺🙏 Shri 🌺Radhe Rani ka Aseem 🌺kripa aap aur🌺 aap ke family pe bana r🌺ahe aap ka har pal 🌺shub aur mangalmay ho shubh🌺 ratri 🌹ji jai jinendra om shanti ji 🌹aane wala har ek pal bahut 🚩 sari khushi lekar aaye ji 🌹🌹🌺🙏🙏🍨

Reena Singh Sep 23, 2022
Jai Shree radhe krishna ji🌹🙏 good night vandan pyari bahan ji thakur ji ki kripa aap sapariwar par sda bani rahe aap ka har pal shubh mangalmay ho🌹🙏🌹

🌷JK🌷 Sep 23, 2022
🌹🌹Radhe Radhe🌹🌹 Good night ji 🌹🙏🌹

S.R.Pareek Rajasthan Sep 23, 2022
🥀सुमधूर शुभ रात्री स्नैह नमन 🥀आपका हर पल मंगलमय हो,शुभ हो,खूबसूरत हो जी 🪴मेरी प्यारी बहिना जी राम राम जीईईई🙏🙏🌹🪴🌿💞🌌🌌🍦🍺👈👈

S.R.Pareek Rajasthan Sep 23, 2022
अति सुन्दर प्रस्तुती जी मेरी बहिन जी सदा खुश रहें जी जय श्री कृष्णा जी जय जैनेन्द्र जीईईईईईई,🙏🙏🙏🌹🌹🪴🪴🌿🌿💞💞🌌🌌🍦🍦🍺🍺👈👈👈🌌🌌🌌🌌

S.R.Pareek Rajasthan Sep 23, 2022
@संध्या thanks very beautifull reply ji Good night sweet dreams my dearest sweet sweet sister shreeeejiiiiii kese ho bahina shree jiiii radhe radheji🙏🙏🙏🌹🪴🪴🌿🌿💞💞🍦🍺🍺👈👈🌌🌌🌌🌌🌌🌌🌌🌌🌌🌌🌌

RAJESH RAJESH Sep 24, 2022
JAI SHREE RAM JAI SHREE HANUMAN SHUBH PRABHAT VANDAN MERI BEHENA JI 🙏PAVAN PUTRA HANUMAN JI MAHARAJ OR SURYA PUTRA SHANI DEV KI KRUPA DRASTI AAP PER OR AAP KE PARIVAR PER SADA BANI RAHE AAP KA DIN SHUBH OR MANGAL MAY HO AAP OR AAP KA PARIVAR HAMESA KHUS RAHE SWATH RAHE SUKHI RAHE MERI BEHENA OM SHANTI 🙏

रिटायर्ड बेचारा करे तो क्या करे * ------------------------------------- *1. रिटायर व्यक्ति अगर देर तक सोया रहे तो....* *बीवी :* अब उठ भी जा इये ! आपके जैसा भी कोई सोता है क्या ? रिटायर हो गये तो इसका मतलब यह नहीं कि सोते ही रहियेगा....! 😐😐😐😐😐 *2. रिटायर व्यक्ति अगर जल्दी उठ जाये तो....* *बीवी:* आपको तो बुढापे में नींद पड़ती नहीं, एक दिन भी किसी को चैन से सोने नही देते हो, 5:30 बजे उठ कर बड़ बड़ करने लगते हो। अब तो आफिस भी नहीं जाना है, चुपचाप सो जाइये और सबको सोने दीजिए.....! 😢😢😢 *३. रिटायर व्यक्ति अगर घर पर ही रहे तो....* *बीवी:* सबेरा होते ही मोबाइल लेकर बैठ जाते हो और चाय पर चाय के लिए चिल्लाते रहते हो, कुछ काम अपने से भी कर लिया कीजिए । सब लोगों को कुछ न कुछ काम रहता है, कौन दिनभर पचास बार चाय बना कर देता रहे। यह नहीं होता है कि जल्दी से उठकर नहा धोकर नाश्ता पानी कर लें, अब इनके लिए सब लोग बैठे रहें....! 😢😢😢 *4. रिटायर व्यक्ति अगर घर से देर तक बाहर रहे तो....* *बीवी :* कहाँ थे आप आज पूरा दिन ? अब नौकरी भी नही है, कभी मुँह से भगवान का नाम भी ले लिया कीजिए...! 😢😢😢 *5. रिटायर व्यक्ति अगर पूजा करे तो...* *बीवी :* ये घन्टी बजाते रहने से कुछ नहीं होने वाला। अगर ऐसा होता तो इस दुनिया के रईसों में टाटा या बिल गेट्स का नाम नहीं होता, बल्कि किसी पुजारी का नाम होता...! 😢😢😢 *6. अगर रिटायर व्यक्ति खाली समय में पैसा कमाने के लिए कुछ काम करे तो...* *बीवी :* हर वक़्त काम, काम काम, आपके पास अब नौकरी भी नही सिर्फ काम का नाटक उसी से सात फेरे ले लेने चाहिए थे। हम क्या यहाँ पर बंधुआ मजदूर हैं जो सारा दिन काम करें और शाम को आपका इंतज़ार करें...? 😢😢😢 *7. रिटायर व्यक्ति अगर पत्नी को घुमाने के लिए ले जाए तो...* *बीवी :* देखिये, सक्सेना जी अपनी बीबी को हर महीने घुमाने ले जाते हैं और वो भी स्विट्ज़रलैंड और दार्जिलिंग जैसी जगहों पर, आपकी तरह "हरिद्वार" नहाने नहीं जाते....! 😢😢😢 *8. रिटायर व्यक्ति अगर अपनी जिंदगी भर की बचत से नैनीताल, मसूरी, गोवा, माउन्ट आबू, ऊटी जैसी जगहों पर घुमाने ले भी जाए तो....!* *बीवी :* अपना घर ही सबसे अच्छा, बेकार ही पैसे लुटाते फिरते है। इधर उधर बंजारों की तरह घूमते फिरो। क्या रखा है घूमने में ? इतने पैसे से अगर घर पर ही रहते तो पूरे 2 साल के लिए कपड़े खरीद सकते थे...! *9.रिटायर व्यक्ति पुराने गानों का शौक़ीन हो तो... !* *बीवी:* बुढ़ापे में गाने भाते हैं, कोई भजन या राम के नाम ही ले लिया करो.....! *10.रिटायर व्यक्ति अगर मन बहलाने के लिए फोन करे तो....!* *बीवी :* दिन भर फोन पर लगे रहते हो, हम तो नहीं करते किसी को.....फोन! *11. रिटायर व्यक्ति बन ठन कर घर में रहे तो....!* *बीवी :* बुढ़ापे में क्या सिंगार करते हो, घर में बहुएें क्या कहेंगी...! *वाह रे! रिटायर आदमी* बेचारा रिटायर्ड आदमी 🙏🙏आप ही बताइए

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Gopal Jalan Jul 30, 2022

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Ramesh Agrawal Jul 30, 2022

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*जीवन की खोज-वास्तविक या परछाई* ~~~~~~~~~~~~~ *एक रानी नहाकर अपने महल की छत पर* *बाल सुखाने के लिए गई। उसके गले में एक हीरों का हार था,* *जिसे उतार कर वहीं आले पर रख दिया और बाल संवारने लगी।* *इतने में एक कौवा आया।* *उसने देखा कि कोई चमकीली चीज है, तो उसे लेकर उड़ गया।* *एक पेड़ पर बैठ कर उसे खाने की कोशिश की, पर खा न सका।* *कठोर हीरों पर मारते-मारते चोंच दुखने लगी।* *अंतत: हार को उसी पेड़ पर लटकता छोड़ कर वह उड़ गया।* *जब रानी के बाल सूख गए तो उसका ध्यान अपने हार पर गया,* *पर वह तो वहां था ही नहीं।* *इधर-उधर ढूंढा, परन्तु हार गायब।* *रोती-धोती वह राजा के पास पहुंची,* *बोली कि हार चोरी हो गई है, उसका पता लगाइए।* *राजा ने कहा, चिंता क्यों करती हो,* *दूसरा बनवा देंगे।* *लेकिन रानी मानी नहीं,* *उसे उसी हार की रट थी।* *कहने लगी,नहीं मुझे तो वही हार चाहिए।* *अब सब ढूंढने लगे, पर किसी को हार मिले ही नहीं।* *राजा ने कोतवाल को कहा,* *मुझ को वह गायब हुआ हार लाकर दो।* *कोतवाल बड़ा परेशान*, *कहां मिलेगा?* *सिपाही*, *प्रजा, कोतवाल-* *सब खोजने में लग गए।* *राजा ने ऐलान किया,* *जो कोई हार लाकर मुझे देगा,* *उसको मैं आधा राज्य पुरस्कार में दे दूंगा।* *अब तो होड़ लग गई प्रजा में।* *सभी लोग हार ढूंढने लगे आधा राज्य पाने के लालच में।* *ढूंढते-* *ढूंढते अचानक वह हार किसी को एक गंदे नाले में दिखा।* *हार तो दिखाई दे रहा था,* *पर उसमें से बदबू आ रही थी।* *पानी काला था। परन्तु एक सिपाही कूदा*।*इधर* *उधर* *बहुत हाथ मारा* *पर कुछ नहीं मिला। पता नहीं कहां गायब हो गया।* *फिर कोतवाल ने देखा,* *तो वह भी कूद गया।* *दो को कूदते देखा तो कुछ उत्साही प्रजाजन भी कूद गए।* *फिर मंत्री कूदा।* *तो इस तरह उस नाले में भीड़ लग गई।* *लोग आते रहे और अपने कपडे़ निकाल-निकाल कर कूदते रहे।* *लेकिन हार मिला किसी को नहीं- कोई भी कूदता,* *तो वह गायब हो जाता।* *जब कुछ नहीं मिलता,* *तो वह निकल कर दूसरी तरफ खड़ा हो जाता*। *सारे* *शरीर पर बदबूदार गंदगी,* *भीगे हुए खडे़ हैं।* *दूसरी ओर दूसरा तमाशा, बडे़-बडे़ जाने-माने ज्ञानी, मंत्री सब में होड़ लगी है, मैं जाऊंगा पहले, नहीं मैं तेरा सुपीरियर हूं, मैं जाऊंगा पहले हार लाने के लिए।* *इतने में राजा को खबर लगी। उसने सोचा, क्यों न मैं ही कूद जाऊं उसमें?* *आधे राज्य से हाथ तो नहीं धोना पडे़गा। तो राजा भी कूद गया।* *इतने में एक संत गुजरे उधर से। उन्होंने देखा तो हंसनेलगे, यह क्या तमाशा है?* *राजा, प्रजा,मंत्री, सिपाही - *सब कीचड़ मे लथपथ,* *क्यों कूद रहे हो इसमें?* *लोगों ने कहा, महाराज! बात यह है कि रानी का हार चोरी हो गई है। वहां नाले में दिखाई दे रहा है। लेकिन जैसे ही लोग कूदते हैं तो वह गायब हो जाता है। किसी के हाथ नहीं आता।* *संत हंसने लगे, भाई! *किसी ने ऊपर भी देखा?* *ऊपर देखो, वह टहनी पर लटका हुआ है। नीचे जो तुम देख रहे हो, वह तो उसकी परछाई है। *इस कहानी का क्या मतलब हुआ?* *जिस चीज की हम को जरूरत है,* *जिस परमात्मा को हम पाना चाहते हैं, जिसके लिए हमारा हृदय व्याकुल होता है -वह सुख शांति और आनन्द रूपी हार क्षणिक सुखों के रूप में परछाई की तरह दिखाई देता है और* *यह महसूस होता है कि इस को हम पूरा कर लेंगे। अगर हमारी यह इच्छा पूरी हो जाएगी तो हमें शांति मिल जाएगी, हम सुखी हो जाएंगे। परन्तु जब हम उसमें कूदते हैं, तो वह सुख और शांति प्राप्त नहीं हो पाती* *इसलिए सभी संत-महात्मा हमें यही संदेश देते हैं कि वह शांति, सुख और आनन्द रूपी हीरों का हार, जिसे हम संसार में परछाई की तरह पाने की कोशिश कर रहे हैं, वह हमारे अंदर ही मिलेगा, बाहर नहीं* 🙏🙏 जाग्रत रहें जाग्रत करें

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*आदमी का लालच😜* ----------------------- *एक ट्रक गेंहू के बोरे भरकर मंडी जा रहा था। जंगल का रास्ता उबड़-खाबड़ होने के कारण एक बोरा खिसक कर रास्ते में गिर गया। कुछ ही देर में कुछ चीटियां आई दस बीस दाने ले गयी, फिर कुछ चूहे आये पाव आधा किलो गेहूं खाये और चले गये। कुछ ही देर में पक्षी आये दो चार मुट्ठी दाने चुगे और उड़ गये। कुछ गायें और बकरियां आयी पांच दस किलो गेहूं खाकर चली गयीं। आख़री में एक आदमी आया और वह पूरा बोरा ही उठाकर ले गया। गौर करने वाली बात ये है कि दूसरे प्राणी पेट के लिए जीते हैं, लेकिन मनुष्य कभी न खत्म होने वाली इच्छाओं के लिए जीता है। इसीलिए आदमी के पास सब कुछ होते हुए भी वह सबसे ज्यादा दुखी है। इसलिए जरूरत पुरी हो जाने के बाद इच्छाओं को रोकें, अन्यथा यह बढ़ती ही जायेगी, और आपके दुखों का कारण बनेगी।* *🙏।।सुप्रभात।।🙏 ओम शांति*

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Shuchi Singhal Jul 29, 2022

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