🥀 Preeti Jain 🥀
🥀 Preeti Jain 🥀 Sep 21, 2022

..❥ ~ श्री गणेश की मूर्ति के विषय में ~ ★ सार गर्भित वर्णन ★ 🎊 🎊 💠 🎊🎊 🎯 श्री गणेश की मूर्ति एक फुट से अधिक बड़ी (ऊंची) नहीं होना चाहिए. 🎯 एक व्यक्ति के द्वारा सहजता से उठाकर लाई जा सके, ऐसी मूर्ति हो. 🎯 सिंहासन पर बैठी हुई, लोड पर टिकी हुई प्रतिमा सर्वोत्तम है. 🎯 साँप, गरुड, मछली आदि पर आरूढ़ अथवा युद्ध करती हुई या चित्र विचित्र आकार प्रकार की प्रतिमा बिलकुल ना रखें. 🎯 शिव-पार्वती की गोद में बैठे हुए गणेश जी कदापि ना लें. क्येंकि शिव-पार्वती की पूजा लिंग स्वरूप में ही किये जाने का विधान है. शास्त्रों में शिव-पार्वती की मूर्ति बनाना और उसे विसर्जित करना निषिद्ध है. 🎯 श्री गणेश की मूर्ति की आँखों पर पट्टी बाँधकर घर पर न लाएं. 🎯 श्री गणेश की जब तक ... विधिवत् प्राण प्रतिष्ठा नहीं होती, तब तक देवत्व नहीं आता. अत: विधिवत् प्राण प्रतिष्ठा करें. 🎯 परिवार में अथवा रिश्तेदारी में मृत्यु शोक होने पर या सूतक में पड़ोसी या मित्रों द्वारा पूजा, नैवेद्य आदि कार्य करायें. विसर्जन की शीघ्रता ना करें. 🎯 श्री गणेश की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद घर में वाद-विवाद, झगड़ा, मद्यपान, मांसाहार आदि ना करें. 🎯 श्री गणेशजी को ताजी सब्जी रोटी का प्रसाद भी नैवेद्य के रूप में चलता है, केवल उसमें खट्टा, तीखा, मिर्च-मसाले आदि न हों. 🎯 ★ दही+शक्कर+भात ... ★ यह सर्वोत्तम नैवेद्य है. 🎯 विसर्जन के जलूस में झांज-मंजीरा भजन आदि गाकर प्रभु को शाँति पूर्वक विदा करें. डी.जे. पर जोर जोर से अश्लील नाच, गाने, होहल्ला करके विकृत हाव-भाव के साथ श्री गणेश की बिदाई न करें. 🎯 यदि ऊपर वर्णित बातों पर अमल करना संभव न हो, तो ... श्री गणेश की स्थापना कर उस मूर्ति का अपमान न करें. ⛳⛳ 🚩 ⛳⛳ ~ अंत में ~ जो लोग 10 दिनों तक गणेश की झाँकी के सामने रहते हैं, अगर वो नहीं सुधर सकते, तो आप और हम भीड़ में धक्के खाकर 2-4 सेकिंड का दर्शन कर कितना सुधर जायेंगे ?? कितने अंधेरे में हैं हम लोग. ◆ इस अंधेरे में ◆ क्षणिक प्रकाश ढूँढने की अपेक्षा, घर में रखी हुई गणेश मूर्ति के सामने एक घंटे तक शाँत बैठें. अपना आत्मनिरीक्षण करें, अच्छा व्यवहार करें.. घर पर ही श्री गणेश आप पर कृपा बरसायेंगे. श्री गणेश जी एक ही हैं. उनकी अलग-अलग कंपनियाँ नहीं होती. अपनी सोच अलग हो सकती है. एकाग्र चित्त हों ~ शाँति प्राप्त करें. 🔺👣 ⛳ 👣🔺 🎈 ●/ /▌ / \ प्रेषक ~ शिव शुक्ल ~ 'शिशु' ● ════════❥ ❥ ❥

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कामेंट्स

Saumya sharma Sep 21, 2022
ओम् गं गणपतये नमः🙏 गणेश जी की कृपा से आपको"संसार में सबसे बड़ा खजाना-बुद्धि, सबसे बड़ा हथियार- धैर्य, सबसे बढिया दवा- खुशी, सबसे बड़ा धन-मान सम्मान" प्राप्त हो🙏 इसी कामना के साथ शुभ रात्रि विश्राम प्यारी बहना जी ☺🌹🙏आने वाली सुबह आपके लिए ढेरों खुशियाँ लेकर आये 🙏🌹☺

Saumya sharma Sep 21, 2022
very beautiful post my lovely sister g👌👌👌👏👏👏 🙏🌹☺

Kanta Sep 21, 2022
jai shree radhe krishna 🌹🌹🌹 good night dear sister Ji sweet dreams 🌹🍧🍫👈

Kanta Sep 21, 2022
Om shanti Ji 🌹 Shiv Baba bless you 🌹

Brajesh Sharma Sep 21, 2022
श्री राधा रमण लाल की जय

Brajesh Sharma Sep 21, 2022
श्री बांके बिहारी लाल की जय

Brajesh Sharma Sep 21, 2022
मोर मुकुट बंसी वाले की जय

Brajesh Sharma Sep 21, 2022
खुश रहें मस्त रहें स्वस्थ रहें

RAJESH RAJESH Sep 22, 2022
OM NAMO BHAGVATE VASUDEVAY NAMAH SHUBH PRABHAT VANDAN MERI BEHENA JI 🙏VISNU BHAGVAN KI KRUPA AAP PER OR AAP KE PARIVAR PER SADA BANI RAHE AAP KA DIN SHUBH OR MANGAL MAY HO AAP OR AAP KA PARIVAR HAMESA KHUS RAHE SWATH RAHE SUKHI RAHE MERI BEHENA OM SHANTI 🙏

B M Kumar Sep 22, 2022
Ram Ram GRKB Jai Ganesh GRKB Jai Shree Hari Om GRKB

Vineeta Tripathi Sep 22, 2022
Om namo bhagwate vasudevay namah 🙏🙏 Good morning 🌹🌹

रिटायर्ड बेचारा करे तो क्या करे * ------------------------------------- *1. रिटायर व्यक्ति अगर देर तक सोया रहे तो....* *बीवी :* अब उठ भी जा इये ! आपके जैसा भी कोई सोता है क्या ? रिटायर हो गये तो इसका मतलब यह नहीं कि सोते ही रहियेगा....! 😐😐😐😐😐 *2. रिटायर व्यक्ति अगर जल्दी उठ जाये तो....* *बीवी:* आपको तो बुढापे में नींद पड़ती नहीं, एक दिन भी किसी को चैन से सोने नही देते हो, 5:30 बजे उठ कर बड़ बड़ करने लगते हो। अब तो आफिस भी नहीं जाना है, चुपचाप सो जाइये और सबको सोने दीजिए.....! 😢😢😢 *३. रिटायर व्यक्ति अगर घर पर ही रहे तो....* *बीवी:* सबेरा होते ही मोबाइल लेकर बैठ जाते हो और चाय पर चाय के लिए चिल्लाते रहते हो, कुछ काम अपने से भी कर लिया कीजिए । सब लोगों को कुछ न कुछ काम रहता है, कौन दिनभर पचास बार चाय बना कर देता रहे। यह नहीं होता है कि जल्दी से उठकर नहा धोकर नाश्ता पानी कर लें, अब इनके लिए सब लोग बैठे रहें....! 😢😢😢 *4. रिटायर व्यक्ति अगर घर से देर तक बाहर रहे तो....* *बीवी :* कहाँ थे आप आज पूरा दिन ? अब नौकरी भी नही है, कभी मुँह से भगवान का नाम भी ले लिया कीजिए...! 😢😢😢 *5. रिटायर व्यक्ति अगर पूजा करे तो...* *बीवी :* ये घन्टी बजाते रहने से कुछ नहीं होने वाला। अगर ऐसा होता तो इस दुनिया के रईसों में टाटा या बिल गेट्स का नाम नहीं होता, बल्कि किसी पुजारी का नाम होता...! 😢😢😢 *6. अगर रिटायर व्यक्ति खाली समय में पैसा कमाने के लिए कुछ काम करे तो...* *बीवी :* हर वक़्त काम, काम काम, आपके पास अब नौकरी भी नही सिर्फ काम का नाटक उसी से सात फेरे ले लेने चाहिए थे। हम क्या यहाँ पर बंधुआ मजदूर हैं जो सारा दिन काम करें और शाम को आपका इंतज़ार करें...? 😢😢😢 *7. रिटायर व्यक्ति अगर पत्नी को घुमाने के लिए ले जाए तो...* *बीवी :* देखिये, सक्सेना जी अपनी बीबी को हर महीने घुमाने ले जाते हैं और वो भी स्विट्ज़रलैंड और दार्जिलिंग जैसी जगहों पर, आपकी तरह "हरिद्वार" नहाने नहीं जाते....! 😢😢😢 *8. रिटायर व्यक्ति अगर अपनी जिंदगी भर की बचत से नैनीताल, मसूरी, गोवा, माउन्ट आबू, ऊटी जैसी जगहों पर घुमाने ले भी जाए तो....!* *बीवी :* अपना घर ही सबसे अच्छा, बेकार ही पैसे लुटाते फिरते है। इधर उधर बंजारों की तरह घूमते फिरो। क्या रखा है घूमने में ? इतने पैसे से अगर घर पर ही रहते तो पूरे 2 साल के लिए कपड़े खरीद सकते थे...! *9.रिटायर व्यक्ति पुराने गानों का शौक़ीन हो तो... !* *बीवी:* बुढ़ापे में गाने भाते हैं, कोई भजन या राम के नाम ही ले लिया करो.....! *10.रिटायर व्यक्ति अगर मन बहलाने के लिए फोन करे तो....!* *बीवी :* दिन भर फोन पर लगे रहते हो, हम तो नहीं करते किसी को.....फोन! *11. रिटायर व्यक्ति बन ठन कर घर में रहे तो....!* *बीवी :* बुढ़ापे में क्या सिंगार करते हो, घर में बहुएें क्या कहेंगी...! *वाह रे! रिटायर आदमी* बेचारा रिटायर्ड आदमी 🙏🙏आप ही बताइए

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Gopal Jalan Jul 30, 2022

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Ramesh Agrawal Jul 30, 2022

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*जीवन की खोज-वास्तविक या परछाई* ~~~~~~~~~~~~~ *एक रानी नहाकर अपने महल की छत पर* *बाल सुखाने के लिए गई। उसके गले में एक हीरों का हार था,* *जिसे उतार कर वहीं आले पर रख दिया और बाल संवारने लगी।* *इतने में एक कौवा आया।* *उसने देखा कि कोई चमकीली चीज है, तो उसे लेकर उड़ गया।* *एक पेड़ पर बैठ कर उसे खाने की कोशिश की, पर खा न सका।* *कठोर हीरों पर मारते-मारते चोंच दुखने लगी।* *अंतत: हार को उसी पेड़ पर लटकता छोड़ कर वह उड़ गया।* *जब रानी के बाल सूख गए तो उसका ध्यान अपने हार पर गया,* *पर वह तो वहां था ही नहीं।* *इधर-उधर ढूंढा, परन्तु हार गायब।* *रोती-धोती वह राजा के पास पहुंची,* *बोली कि हार चोरी हो गई है, उसका पता लगाइए।* *राजा ने कहा, चिंता क्यों करती हो,* *दूसरा बनवा देंगे।* *लेकिन रानी मानी नहीं,* *उसे उसी हार की रट थी।* *कहने लगी,नहीं मुझे तो वही हार चाहिए।* *अब सब ढूंढने लगे, पर किसी को हार मिले ही नहीं।* *राजा ने कोतवाल को कहा,* *मुझ को वह गायब हुआ हार लाकर दो।* *कोतवाल बड़ा परेशान*, *कहां मिलेगा?* *सिपाही*, *प्रजा, कोतवाल-* *सब खोजने में लग गए।* *राजा ने ऐलान किया,* *जो कोई हार लाकर मुझे देगा,* *उसको मैं आधा राज्य पुरस्कार में दे दूंगा।* *अब तो होड़ लग गई प्रजा में।* *सभी लोग हार ढूंढने लगे आधा राज्य पाने के लालच में।* *ढूंढते-* *ढूंढते अचानक वह हार किसी को एक गंदे नाले में दिखा।* *हार तो दिखाई दे रहा था,* *पर उसमें से बदबू आ रही थी।* *पानी काला था। परन्तु एक सिपाही कूदा*।*इधर* *उधर* *बहुत हाथ मारा* *पर कुछ नहीं मिला। पता नहीं कहां गायब हो गया।* *फिर कोतवाल ने देखा,* *तो वह भी कूद गया।* *दो को कूदते देखा तो कुछ उत्साही प्रजाजन भी कूद गए।* *फिर मंत्री कूदा।* *तो इस तरह उस नाले में भीड़ लग गई।* *लोग आते रहे और अपने कपडे़ निकाल-निकाल कर कूदते रहे।* *लेकिन हार मिला किसी को नहीं- कोई भी कूदता,* *तो वह गायब हो जाता।* *जब कुछ नहीं मिलता,* *तो वह निकल कर दूसरी तरफ खड़ा हो जाता*। *सारे* *शरीर पर बदबूदार गंदगी,* *भीगे हुए खडे़ हैं।* *दूसरी ओर दूसरा तमाशा, बडे़-बडे़ जाने-माने ज्ञानी, मंत्री सब में होड़ लगी है, मैं जाऊंगा पहले, नहीं मैं तेरा सुपीरियर हूं, मैं जाऊंगा पहले हार लाने के लिए।* *इतने में राजा को खबर लगी। उसने सोचा, क्यों न मैं ही कूद जाऊं उसमें?* *आधे राज्य से हाथ तो नहीं धोना पडे़गा। तो राजा भी कूद गया।* *इतने में एक संत गुजरे उधर से। उन्होंने देखा तो हंसनेलगे, यह क्या तमाशा है?* *राजा, प्रजा,मंत्री, सिपाही - *सब कीचड़ मे लथपथ,* *क्यों कूद रहे हो इसमें?* *लोगों ने कहा, महाराज! बात यह है कि रानी का हार चोरी हो गई है। वहां नाले में दिखाई दे रहा है। लेकिन जैसे ही लोग कूदते हैं तो वह गायब हो जाता है। किसी के हाथ नहीं आता।* *संत हंसने लगे, भाई! *किसी ने ऊपर भी देखा?* *ऊपर देखो, वह टहनी पर लटका हुआ है। नीचे जो तुम देख रहे हो, वह तो उसकी परछाई है। *इस कहानी का क्या मतलब हुआ?* *जिस चीज की हम को जरूरत है,* *जिस परमात्मा को हम पाना चाहते हैं, जिसके लिए हमारा हृदय व्याकुल होता है -वह सुख शांति और आनन्द रूपी हार क्षणिक सुखों के रूप में परछाई की तरह दिखाई देता है और* *यह महसूस होता है कि इस को हम पूरा कर लेंगे। अगर हमारी यह इच्छा पूरी हो जाएगी तो हमें शांति मिल जाएगी, हम सुखी हो जाएंगे। परन्तु जब हम उसमें कूदते हैं, तो वह सुख और शांति प्राप्त नहीं हो पाती* *इसलिए सभी संत-महात्मा हमें यही संदेश देते हैं कि वह शांति, सुख और आनन्द रूपी हीरों का हार, जिसे हम संसार में परछाई की तरह पाने की कोशिश कर रहे हैं, वह हमारे अंदर ही मिलेगा, बाहर नहीं* 🙏🙏 जाग्रत रहें जाग्रत करें

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*आदमी का लालच😜* ----------------------- *एक ट्रक गेंहू के बोरे भरकर मंडी जा रहा था। जंगल का रास्ता उबड़-खाबड़ होने के कारण एक बोरा खिसक कर रास्ते में गिर गया। कुछ ही देर में कुछ चीटियां आई दस बीस दाने ले गयी, फिर कुछ चूहे आये पाव आधा किलो गेहूं खाये और चले गये। कुछ ही देर में पक्षी आये दो चार मुट्ठी दाने चुगे और उड़ गये। कुछ गायें और बकरियां आयी पांच दस किलो गेहूं खाकर चली गयीं। आख़री में एक आदमी आया और वह पूरा बोरा ही उठाकर ले गया। गौर करने वाली बात ये है कि दूसरे प्राणी पेट के लिए जीते हैं, लेकिन मनुष्य कभी न खत्म होने वाली इच्छाओं के लिए जीता है। इसीलिए आदमी के पास सब कुछ होते हुए भी वह सबसे ज्यादा दुखी है। इसलिए जरूरत पुरी हो जाने के बाद इच्छाओं को रोकें, अन्यथा यह बढ़ती ही जायेगी, और आपके दुखों का कारण बनेगी।* *🙏।।सुप्रभात।।🙏 ओम शांति*

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Shuchi Singhal Jul 29, 2022

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