
Rama Devi Sahu
4 days ago
*॥ श्रीराधाजी कुल-वन्दना ॥* *॥१॥ श्रीवृषभानुजी वंदना।।* वन्देहं श्रीवृषभानुं तं, श्रीकीर्तिदा-पतिमादरात्। श्रीराधा-पितरं श्रीमन्तं, श्रीभानु-वंश-शिरोमणिम्॥ यस्यांगणे स्वयं प्रेम, श्रीराधा-रूपेण खेलति। तं श्रीवृषभानुपुरेशम वन्दे, श्रीकरुणा-वरुणालयम्॥ अर्थ: *मैं आदरपूर्वक उन श्रीवृषभानु जी की वंदना करता हूँ जो श्रीकीर्तिदा के पति हैं, श्रीराधा के पिता हैं, और भानु-वंश के शिरोमणि हैं। जिनके आँगन में स्वयं प्रेम "श्रीराधा"के रूप में खेलता है, उन करुणा के सागर,वृषभानुपुर के अधिपति को मैं प्रणाम करता हूँ।* *॥२॥ श्रीकीर्तिदाजी वंदना।।* वन्देहं श्रीकीर्तिदां देवीं, येन श्रीराधा प्रसूयते। यस्या दर्शनकाङ्क्षी च, तरसन्ति सुरादयः॥ श्रीवात्सल्यामृत-वर्षिणीं तां, श्रीकरुणा-प्रेम-रूपिणीम्। श्रीवृषभानु-प्रिय-पत्नीं तां, श्रीराधा-मातरमाश्रये॥ अर्थ: *मैं उन श्रीकीर्तिदा देवी की वंदना करता हूँ जिन्होंने श्रीराधा जैसी पुत्री को जन्म दिया, और जिनकी पुत्री श्रीराधा के दर्शन के लिए ब्रह्मा आदि देवता भी तरसते हैं। जो वात्सल्य रूपी अमृत की वर्षा करने वाली हैं, करुणा और प्रेम की साक्षात् मूर्ति हैं, जो श्रीवृषभानु की प्रिय पत्नी हैं, उन श्रीराधाजी की माँकीर्तिदा जी का मैं आश्रय लेता हूँ।* *॥३॥ श्रीदामा जी वंदना।।* श्रीकीर्तिदा-गर्भ-संभूतं, श्रीराधा-प्रिय-अग्रजम्। श्रीकृष्ण-प्राणप्रियं सख्यं, श्रीदामानं नमाम्यहम्॥ अर्थ: *जो माता श्रीकीर्तिदा के गर्भ से प्रकट हुए हैं, जो श्रीराधा के प्यारे बड़े भाई हैं, और जो भगवान श्रीकृष्ण के प्राणों से भी अधिक प्रिय एवं उनके परम मित्र हैं, मैं उन श्रीदामा जी को बार-बार प्रणाम करता हूँ।* *॥४॥ श्रीराधाजी वंदना।।* श्रीकीर्तिदा-द्वितीयापत्यां, श्रीराधां नौम्यहं सदा। श्रीकृष्णप्राणप्रियां देवीं, श्रीरसिकानां च जीवनम्॥ यस्याः संकीर्तनेनैव, पावनं भुवनत्रयम्। तामनन्तगुणां वन्दे, श्रीराधिकां प्रेमसागराम्॥ अर्थ: *मैं श्रीकीर्तिदा माँ की दूसरी सन्तति, श्रीकृष्ण की प्राणप्रिया और रसिकों के जीवन-स्वरूपा श्रीराधा की सदा वंदना करता हूँ। जिनके नाम के संकीर्तन मात्र से तीनों लोक पवित्र हो जाते हैं, उन अनंत गुणों वाली, प्रेम के सागर स्वरूपा श्रीराधिका की मैं वंदना करता हूँ।* *॥५॥ श्रीमंजुश्यामा जी वंदना।।* वन्दे श्रीमंजुश्यामां देवीं, श्रीकीर्तिदा-अन्त्य-सन्ततिम्। श्रीराधा-प्राण-प्रियां भगिनीं, श्रीकृष्ण-छायां चिन्मयीम्॥ अर्थ: *मैं देवी श्रीमंजुश्यामा जी की वंदना करता हूँ, जो माता श्रीकीर्तिदा की अंतिम सन्तति हैं, जो श्रीराधा की प्राणों से प्यारी छोटी बहन हैं, और जो श्रीकृष्ण की चिन्मयी छाया-स्वरूपा हैं।*

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Rama Devi Sahu
Aug 21, 2026
*"भोजन,भजन,खजाना, यारी* *ये सब परदे के अधिकारी"* *बहुत गहरी लोक-नीति की बात है ये सार अर्थ:-* *खाना, पूजा, धन और दोस्ती - इन 4 चीजों को हमेशा पर्दे में, गुप्त रखना चाहिए।* ज्यादा दिखावा करोगे तो ये 4 ही सबसे पहले नष्ट होते हैं। आइए एक-एक करके समझें: *1. भोजन - परदे का अधिकारी क्यों?* जिस थाली को 10 लोग घूरें, उसमें बरकत नहीं रहती। नजर लग जाती है। भूखे को दिखाकर खाओगे तो पाप लगता है। रिश्तेदार/पड़ोसी में ईर्ष्या पैदा होती है - "ये रोज क्या-क्या खाते हैं" *शास्त्र "एकान्ते भोजनं श्रेष्ठम्"* - अकेले -ढककर खाना श्रेष्ठ है। *2. भजन - परदे का अधिकारी क्यों?* पूजा दिखावे के लिए करोगे तो वो "भजन" नहीं "नाटक" बन जाता है। भगवान और आपके बीच की बात है। 4 लोगों को बताने से भक्ति का फल आधा हो जाता है। *"जापै माला छापै तिलक, साधु न कहिये कोय"* *सार*: सच्चा भजन बंद कमरे में आंसुओं वाला होता है, स्टेज वाला नहीं। *3. खजाना- परदे का अधिकारी क्यों?* धन दिखाया तो चोर, टैक्स, रिश्तेदार, महाजन सब आ जाएंगे। *"धन की तीन गति - दान, भोग, नाश"*। तीसरी गति से बचाने के लिए पर्दा जरूरी। पैसा जितना छुपा रहेगा, उतना सुरक्षित रहेगा और बढ़ेगा भी। *4. यारी- परदे का अधिकारी क्यों?* दोस्ती का ढिंढोरा पीटोगे तो नजर लग जाती है। दोस्त की बुराई, राज, कमजोरी बाहर आई तो यारी टूटती है। सच्चा मित्र वो है जिसका नाम भी आप सबको न बताएं। यारी का अभिप्राय पति पत्नी के निजी रिश्ते से भी है जिससे शृष्टि निर्माण भी होता है l *इन 4 को "परदे" में रखने की वजह- 1 शब्द: "नजर"* लोक मान्यता + नीति दोनों कहते हैं कि *भोजन पर नजर- बरकत जाती है* *भजन पर नजर- अहंकार आता है* *खजाने पर नजर- शत्रु बढ़ते हैं* *यारी पर नजर- दरार आती है* *आज के समय में मतलब:* 1- *भोजन* -हर खाने की फोटो Social Media पर मत डालो 2- *भजन* - मंदिर गए तो सेल्फी नहीं, प्रार्थना करो 3- *खजाना* - सैलरी, सेविंग, प्रॉपर्टी सबको मत बताओ 4- *यारी* - दोस्त की इज्जत करो, उसकी चुगली मत करो *निष्कर्ष*- जो चीज जितनी गुप्त, उतनी पवित्र और सुरक्षित। जो चीज जितनी दिखावटी, उतनी जल्दी नष्ट। इसीलिए बुजुर्ग कहते थे - कि "ए चार चीजें छुपाकर रखो बेटा"।

Rama Devi Sahu
Aug 21, 2026
*मैं और मेरे कृष्णा* 🦚🌸✨ *जय श्री राधे कृष्णा* 💛🙏 फूलों से सजे कान्हा की मुस्कान और बांसुरी... दिल को सुकून दे जाती है 😌 *मेरे पास कुछ हो या ना हो पर* *एक खजाना हमेशा रहता है,* *जो मैं हर दिन आप लोगो के* *साथ बाँटता हूँ और वह है* *राधे कृष्ण का नाम।* दुनिया की सबसे बड़ी दौलत है प्रभु का नाम। राधा-कृष्ण का नाम लेते ही सारे दुख दूर हो जाते हैं 🌼 *|| राधे राधे ||*

Rama Devi Sahu
Aug 21, 2026
*सफलता तो व्यक्ति की परछाई है। वह तभी तक पीछा करती है जब आप निरंतर रोशनी की तरफ अग्रसर है।* 🌲🌴🌳🌲🌴🌳🌲🌴🌳 May your day be filled with good thoughts, kindly people and happy moments. 🔯💐शुभ शुक्रवार💐🔯 🌹🪷जय मां महालक्ष्मी🪷🌹 🥀नमस्तेस्तु महामाये श्री पीठे सुर पूजिते , 🥀शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तुते। 👏आप और आपके पूरे परिवार पर मां लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहे 🌹 *आपका दिन शुभ और मंगलमय हो* *🚩जय माता दी* 🚩 🙏🌻🌺🌹🕉️🚩🕉️🌹🌺🌻जय श्री राधे कृष्ण 🙏🙏 आप को शुभ रात्रि वंदन 🌹🌹

Saumya Sharma
Aug 21, 2026
बहुत ही सुन्दर पोस्ट 👌👌👌 वृषभानु दुलारी और पूरे परिवार के बहुत ही सुन्दर दर्शन 👌 👌👌 और बहुत ही सुंदर लेख 👌👌👌

Saumya Sharma
Aug 21, 2026
जय माता दी 🙏 माता रानी जी की कृपा आप सपरिवार पर सदैव ही बनी रहे 🙏🌹☺️ आप सदैव स्वस्थ और खुशहाल रहें मेरी प्यारी दी 🙏🌹☺️

Saumya Sharma
Aug 21, 2026
जय श्री राधे कृष्ण दीदी 🙏🌹☺️