Kailash Chandra Vyas
Kailash Chandra Vyas Oct 16, 2021

सुंदरकांड में एक प्रसंग अवश्य पढ़ें - मैं न होता तो क्या होता ? “अशोक वाटिका" में जिस समय रावण क्रोध में भरकर, तलवार लेकर, सीता माँ को मारने के लिए दौड़ पड़ा, तब हनुमान जी को लगा, कि इसकी तलवार छीन कर, इसका सर काट लेना चाहिये! किन्तु, अगले ही क्षण, उन्होंने देखा "मंदोदरी" ने रावण का हाथ पकड़ लिया, यह देखकर वे गदगद हो गये! वे सोचने लगे, यदि मैं आगे बड़ता तो मुझे भ्रम हो जाता कि यदि मै न होता, तो सीता जी को कौन बचाता? बहुधा हमको ऐसा ही भ्रम हो जाता है, मैं न होता, तो क्या होता ? परन्तु ये क्या हुआ? सीताजी को बचाने का कार्य प्रभु ने रावण की पत्नी को ही सौंप दिया! तब हनुमान जी समझ गये, कि प्रभु जिससे जो कार्य लेना चाहते हैं, वह उसी से लेते हैं! आगे चलकर जब "त्रिजटा" ने कहा कि "लंका में बंदर आया हुआ है, और वह लंका जलायेगा!" तो हनुमान जी बड़ी चिंता मे पड़ गये, कि प्रभु ने तो लंका जलाने के लिए कहा ही नहीं है, और त्रिजटा कह रही है कि उन्होंने स्वप्न में देखा है, एक वानर ने लंका जलाई है! अब उन्हें क्या करना चाहिए? जो प्रभु इच्छा! जब रावण के सैनिक तलवार लेकर हनुमान जी को मारने के लिये दौड़े, तो हनुमान ने अपने को बचाने के लिए तनिक भी चेष्टा नहीं की, और जब "विभीषण" ने आकर कहा कि दूत को मारना अनीति है, तो हनुमान जी समझ गये कि मुझे बचाने के लिये प्रभु ने यह उपाय कर दिया है! आश्चर्य की पराकाष्ठा तो तब हुई, जब रावण ने कहा कि बंदर को मारा नहीं जायेगा, पर पूंछ मे कपड़ा लपेट कर, घी डालकर, आग लगाई जाये, तो हनुमान जी सोचने लगे कि लंका वाली त्रिजटा की बात सच थी, वरना लंका को जलाने के लिए मै कहां से घी, तेल, कपड़ा लाता, और कहां आग ढूंढता? पर वह प्रबन्ध भी आपने रावण से करा दिया! जब आप रावण से भी अपना काम करा लेते हैं, तो मुझसे करा लेने में आश्चर्य की क्या बात है ! इसलिये सदैव याद रखें,कि संसार में जो हो रहा है, वह सब ईश्वरीय विधान है! हम और आप तो केवल निमित्त मात्र हैं! इसीलिये कभी भी ये भ्रम न पालें कि... मै न होता तो क्या होता ? जय श्री राम

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कामेंट्स

Sudha Mishra Oct 16, 2021
jai shri krishna ji🙏🌹 Good morning bhai ji have a nice weekend 🙏🌹om namo bhagwate vasudevay 🙏🌹 very nice post bhai ji 🙏🌹

Ansouya Mundram 🍁 Oct 16, 2021
जय सिया राम 🌹🙏🌹 जी बहुत सही जी🙏🙏 जय बजरंगबली हनुमान 🙏

kamala Maheshwari Oct 16, 2021
एकादशी की हार्दिक शुभकामनाए जी 💠♦️💠 जयश्री रामजी जय हनुमान जी कीशनिदेवकी बाकैविहारी की कान्हाकीकृपादृष्टिसदैव बनीरहे जय श्री कृष्णाजी🚩♦️🚩♦️🚩♦️🚩♦️🚩

Arti Kesarwani Oct 16, 2021
Ji Radhe Radhe aap Khush rahiye ji kaha h aap Navratri to Chali gai ji🙏🏻🙏🏻🌹🌹🤗🥰

Kailash Chandra Vyas Oct 16, 2021
आपका सहयोग अकल्पनीय है। शुभ रात्रि वंदन कमलाजी।आप आनंदित रहें।

Kailash Chandra Vyas Oct 16, 2021
@ansouyamundram2 आपका पूरा मे सेज नही आया। लगता हे आधे से कुछ काट लिया गया मा.म ने। शुभ रात्रि वंदन अनुसूयाजी।आपके विचार सत्य रेखा पर है।

Kailash Chandra Vyas Oct 16, 2021
@seemavalluvar1 जे सुमरही एक बारा, नर उतरही भव सिंधु अपारा। आपका हर पल मंगलमय हो। शुभ रात्रि वंदन सीमाजी।

ILA SINHA Oct 16, 2021
🌺🌹 Jai Shree Radhe Krishna🌹🌺 🌺🌷Good night 🌷🌺

Kailash Chandra Vyas Oct 16, 2021
@radhasharma शुभ संध्या वंदन राधा जी। आपका हर पल मंगलमय हो।आप अपना धर्म वहन करने में पूर्ण चुस्त है।यह महत्व पूर्ण बात है।जय संतोषी माता ।

Kailash Chandra Vyas Oct 16, 2021
@artikesarwani नव रात्रि मे मै गया था। आपकी मुझे जानकारी नही ।आप कहाँ गये थे।शुभ संध्या वंदन जी।

Arti Kesarwani Oct 16, 2021
@kcvyas Ji kaha gaye the aap ham to ghar per hi the ji aap ko aana chahiye tha mere ghar par 🤗🙏🏻🙏🏻🌹🌹🥰

Runa Sinha Oct 16, 2021
Jai Shri Radhe Krishna🙏 Good night 🙏

Kailash Chandra Vyas Oct 16, 2021
रुनाजी, कली में इतनी खुशबू नही होती हैं जितनी फुल खिलने पर होती है। यही गति विचारों कि होती है।प्रकट होने पर प्रभाव पूर्ण हो जाते है।अतः विचोरों को अभिव्यक्ति दो।ये आपके.व्यक्तित्व को निखारेगे। शुभ रात्रि।जय श्री कृष्ण राधे राधे।

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Manoj Aggarwal Dec 7, 2021

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Kanta Kamra Dec 7, 2021

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Manoj Aggarwal Dec 7, 2021

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Manoj Aggarwal Dec 7, 2021

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Davinder Rana Dec 7, 2021

दिसम्बर- श्रीरामचरितमानस बार बार प्रभु चहइ उठावा । प्रेम मगन तेहि उठब न भावा ।। प्रभु कर पंकज कपि कें सीसा । सुमिरि सो दशा मगन गौरीसा ।। ( सुंदरकांड 32/1) राम राम बंधुओं, हनुमान जी सीताजी का पता लगाकर लौट आए हैं । जामवंत जी ने हनुमान जी के सब कार्य को राम जी से बता दिया है । राम जी हनुमान जी से कहते हैं कि मैं तुमसे उऋण नहीं हो सकता हूँ । हनुमान राम जी के चरणों में गिर पड़ते हैं । राम जी उन्हें उठाना चाहते हैं परंतु प्रेम में डूबे हुए हनुमान जी को चरण छोड़कर उठना नहीं भाता है। राम जी का हाथ हनुमान जी के सिर पर है इस स्थिति को देखकर शिव जी प्रेम मग्न हो जाते हैं । मित्रों! हनुमान जी की तरह चाहे कुछ भी हो जाए राम चरण हमें आपको भी नहीं छोड़ना है , राम चरणों में मगन रहना है । राम चरणों में लगे रहना है अतएव जय जय राम , जय जय राम राणा जी खेड़ांवाली🚩 🚩🚩🚩

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Manoj Aggarwal Dec 7, 2021

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