Preeti Jain
Preeti Jain Nov 22, 2021

गर्मियों की छुट्टियों में 15 दिन के लिए मायके जाने के लिए पत्नी ज्योति और दोनों बच्चों को रेलवे स्टेशन छोड़ने गया तो मैडमजी ने सख्त हिदायत दी। माँजी-बाबूजी का ठीक से ध्यान रखना और समय-समय पर उन्हें दवाई और खाना खाने को कहियेगा। हाँ.. हाँ..ठीक है..जाओ तुम आराम से, 15 दिन क्या एक महीने बाद आना, माँ-बाबूजी और मैं मज़े से रहेंगे..और रही उनके ख्याल की बात तो... मैं भी आखिर बेटा हूँ उनका, (मैंने भी बड़ी अकड़ में कहा) ज्योति मुस्कुराते हुए ट्रैन में बैठ गई, कुछ देर में ही ट्रेन चल दी.. उन्हें छोड़कर घर लौटते वक्त सुबह के 08.10 ही हुए थे तो सोचा बाहर से ही कचोरी-समोसा ले चलूं ताकि माँ को नाश्ता ना बनाना पडे। घर पहुंचा तो माँ ने कहा... ° तुझे नहीं पता क्या..? हमने तला-गला खाना पिछले आठ महीनों से बंद कर दिया है.. वैसे तुझे पता भी कैसे होगा, तू कौन सा घर में रहता है। आखिरकार दोनों ने फिर दूध ब्रेड का ही नाश्ता कर लिया..!! नाश्ते के बाद मैंने दवाई का डिब्बा उनके सामने रख दिया और दवा लेने को कहा तो माँ बोली। ° हमें क्या पता कौन सी दवा लेनी है रोज तो बहू निकालकर ही देती है। मैंने ज्योति को फोन लगाकर दवाई पूछी हें निकालकर खिलाई। इसी तरह ज्योति के जाने के बाद मुझे उसे अनगिनत बार फोन लगाना पड़ा, कौन सी चीज कहाँ रखी है, माँ-बाबूजी को क्या पसन्द है क्या नहीं, कब कौन सी दवाई देनी है, रोज माँ-बाबूजी को बहू-बच्चों से दिन में 2 या 3 बार बात करवाना, गिन-गिन कर दिन काट रहे थे दोनों, सच कहूँ तो माँ-बाबूजी के चेहरे मुरझा गए थे, जैसे उनके बुढ़ापे की लाठी किसी ने छीन ली हो। बात-बात पर झुंझलाना और चिढ़-चिढ़ापन बढ़ गया था उनका, मैं खुद अपने आप को बेबस महसूस करने लगा, मुझसे उन दोनों का अकेलापन देखा नहीं जा रहा था। आखिरकार अपनी सारी अकड़ और एक बेटा होने के अहम को ताक पर रखकर एक सप्ताह बाद ही ज्योति को फोन करके बुलाना पड़ा। और जब ज्योति और बच्चे वापस घर आये तो दोनों के चेहरे की मुस्कुराहट और खुशी देखने लायक थी, जैसे पतझड़ के बाद किसी सूख चुके वृक्ष की शाख पर हरी पत्तियां खिल चुकी हो। और ऐसा हो भी क्यों नही... आखिर उनके परिवार को अपने कर्मों से रोशन करने वाली उनकी ज्योति जो आ गई थी। मुझे भी इन दिनों में एक बात बखूबी समझ आ गई थी और वो यह कि...!! वृद्ध माता-पिता के बुढ़ापे में असली सहारा एक अच्छी बहू ही होती है... ना कि बेटा आपको ये कहानी कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में बताये और शेयर करना ना भूलें !🙏🙏🌹🌹

गर्मियों की छुट्टियों में 15 दिन के लिए मायके जाने के लिए पत्नी ज्योति और दोनों बच्चों को रेलवे स्टेशन छोड़ने गया तो 
मैडमजी ने सख्त हिदायत दी।
माँजी-बाबूजी का ठीक से ध्यान रखना और समय-समय पर उन्हें दवाई और खाना खाने को कहियेगा।
हाँ.. हाँ..ठीक है..जाओ तुम आराम से, 15 दिन क्या एक महीने बाद आना, माँ-बाबूजी और मैं मज़े से रहेंगे..और रही उनके ख्याल की बात तो...
मैं भी आखिर बेटा हूँ उनका,
(मैंने भी बड़ी अकड़ में कहा)
ज्योति मुस्कुराते हुए ट्रैन में बैठ गई, 
कुछ देर में ही ट्रेन चल दी..
उन्हें छोड़कर घर लौटते वक्त सुबह के 08.10 ही हुए थे तो सोचा बाहर से ही कचोरी-समोसा ले चलूं ताकि माँ को नाश्ता ना बनाना पडे।
घर पहुंचा तो माँ ने कहा...
° तुझे नहीं पता क्या..? हमने तला-गला खाना पिछले आठ महीनों से बंद कर दिया है.. 
वैसे तुझे पता भी कैसे होगा, तू कौन सा घर में रहता है।
आखिरकार दोनों ने फिर दूध ब्रेड का ही नाश्ता कर लिया..!! 
नाश्ते के बाद मैंने दवाई का डिब्बा उनके सामने रख दिया और दवा लेने को कहा तो माँ बोली।
° हमें क्या पता कौन सी दवा लेनी है 
रोज तो बहू निकालकर ही देती है।
मैंने ज्योति को फोन लगाकर दवाई पूछी हें निकालकर खिलाई।

इसी तरह ज्योति के जाने के बाद मुझे उसे अनगिनत बार फोन लगाना पड़ा, 
कौन सी चीज कहाँ रखी है,
माँ-बाबूजी को क्या पसन्द है क्या नहीं,
कब कौन सी दवाई देनी है,
रोज माँ-बाबूजी को बहू-बच्चों से दिन में 2 या 3 बार बात करवाना,
गिन-गिन कर दिन काट रहे थे दोनों,
सच कहूँ तो माँ-बाबूजी के चेहरे मुरझा गए थे, जैसे उनके बुढ़ापे की लाठी किसी ने छीन ली हो।
बात-बात पर झुंझलाना और चिढ़-चिढ़ापन बढ़ गया था उनका, 
मैं खुद अपने आप को बेबस महसूस करने लगा,
मुझसे उन दोनों का अकेलापन देखा नहीं जा रहा था।
आखिरकार अपनी सारी अकड़ और एक बेटा होने के अहम को ताक पर रखकर एक सप्ताह बाद ही ज्योति को फोन करके बुलाना पड़ा।
और जब ज्योति और बच्चे वापस घर आये तो दोनों के चेहरे की मुस्कुराहट और खुशी देखने लायक थी, जैसे पतझड़ के बाद किसी सूख चुके वृक्ष की शाख पर हरी पत्तियां खिल चुकी हो। 
और ऐसा हो भी क्यों नही...
आखिर उनके परिवार को अपने कर्मों से रोशन करने वाली उनकी ज्योति जो आ गई थी।
मुझे भी इन दिनों में एक बात बखूबी समझ आ गई थी और वो यह कि...!!
वृद्ध माता-पिता के बुढ़ापे में असली सहारा एक अच्छी बहू ही होती है... ना कि बेटा

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कामेंट्स

R.K.SONI (Ganesh Mandir) Nov 23, 2021
Ram Ram ji🙏 Radhe Radhe Ji🙏 V. Nice Post Ji👌👌🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌲🌲🌈🌈

R.K.SONI (Ganesh Mandir) Nov 23, 2021
Ram Ram ji🙏 Radhe Radhe Ji🙏 V. Nice Post Ji👌👌🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌲🌲🌈🌈

Anilkumar Marathe Nov 23, 2021
जय श्री कृष्ण नमस्कार खुशियोकी सदाबहार आदरणीय प्यारी प्यारी प्रीती जी !! 👍 आप कैसे हो प्रीती जी ??? 👍plz .. अपनी तबीयत का ध्यान रखना जी... आपके बीना मन्दिर सुना सुना लगता है ... plz .. लौट आइये ...👍👍 🌹पल पल सुनहरे फूल खिले, कभी ना हो कांटों का सामना, जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे हरपल आपके चेहरे पर मुस्कान रहे और हर ऐक गम से आप अनजान रहें, कामयाबी के शिखर पर नाम हो आपका और हर पल खुशियो की बौछार हो !! 👍बजरंगबली जी आप के सभी सपने पूरे करे इशी शुभकामनाओ के साथ सुप्रभात वदंन जी !!

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Nov 23, 2021
Good Morning My Sister ji 🙏🙏 Jay Shree Ram 🙏🙏🌹🌹💐💐🌹 Jay Veer Hanuman 🙏🙏🌹🌹🌹 Jay Bhajanvali 🙏🙏🌹🌹 Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹.

Preeti Jain Nov 23, 2021
@sanju229 🍁🙏🍁 Ram Ram ji Jai shree veer hanuman ji ka kirpa said aap aur aap ke femli pe bana rahe aap ka har pal subh aur magal mey ho shubh sandhya ji 🙏 om shanti 💐 jai jinendra aap ka aane wala har pal Khushi bhara Ho ji🍮🍮🍁🙏💐💐

Preeti Jain Nov 23, 2021
@anilkumarmarathe g my bilkul theek hun ji how are you 💐 aap ke comment lajawab hote Hain ji thank you so much ji 🙏🍮😊💐🙏👌👍

Anup Kumar Sinha Nov 23, 2021
जय श्री राम 🙏🙏 शुभ संध्या वंदन, बहना । रामभक्त हनुमानजी आपके सभी विघ्नों को दूर कर आपके जीवन को खुशियों से भर दें 🙏🥀

Ansouya Mundram 🍁 Nov 23, 2021
जय सिया राम 🌹🙏🌹 शुभ संद्या प्यारी बहना जी 🌷🙏🌷🙏 आप का हर पल मंगलमय हो जी 🌷🙏🌷🙏 प्रभु श्री राम जी और हनुमान जी की कृपा आप और आपके परिवार पर हमेशा बना रहे जी मेरी प्यारी बहना जी 🙏 जय बजरंगबली हनुमान 🙏 संकट मोचन हनुमान जी आपको सपरिवार सभी संकटों को दूर करें प्यारी बहना जी🙏🕉♥️🙏♥️🍎🍎☕☕🌹🌹 जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम 🌹🙏🙏🏻

Runa Sinha Nov 23, 2021
🌿💖Jai Shri Ram 💖🌿 🌿🍭Jai Bajrangbali 🍭🌿 ☘️💖Good evening bahan🙏💖☘️

Satish Chaturvedi Nov 23, 2021
🌹🙏 जय माता दी 🙏🌹 जय श्री राम 🙏🌹🙏 जय श्री हनुमान 🙏🌹 श्री राम जी और श्री हनुमान जी की कृपा आप और आपके परिवार के सदा बनी रहे 🌹🙏 श्री गणेश जी आपके सभी विघ्नों को दूर कर खुशियों से भर दें 🌹🌹 शुभसंधा बन्धन बहिन जी🌹🌹🙏 जय जिनेन्द्र जी 🙏🌹

shivam patel Nov 24, 2021
भाव भीहोर कर दिया आप की कहानी

Sushil choubey Nov 24, 2021
💐👌👌👍राधे राधे जी 💐💐बेहतरीन पोस्ट जी 💐💐ईश्वर आपके हर दिन को होली हर रात्रि को दीवाली बनाए 💐💐शुभ रात्रि जी 💐💐

Mamta Chauhan Jan 20, 2022

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Sudha Mishra Jan 20, 2022

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Kanta Kamra Jan 20, 2022

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Archana Singh Jan 20, 2022

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Runa Sinha Jan 20, 2022

+181 प्रतिक्रिया 63 कॉमेंट्स • 40 शेयर
Babbu Bhai Jan 20, 2022

+32 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 78 शेयर
rαnjít chαvdα Jan 20, 2022

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